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NCERT Solutions for Class 12 Geography (मानव भूगोल के मूल सिद्धान्त) Chapter 5 द्वितीयक क्रियाएँ

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NCERT Solutions for Class 12 Geography (मानव भूगोल के मूल सिद्धान्त) Chapter 5 द्वितीयक क्रियाएँ - Page 1 of 5

About NCERT Solutions for Class 12 Geography (मानव भूगोल के मूल सिद्धान्त) Chapter 5 द्वितीयक क्रियाएँ

NCERT Solutions for Class 12 Geography (मानव भूगोल के मूल सिद्धान्त) Chapter 5 द्वितीयक क्रियाएँ is available here for free download. Published by NCERT for Class 12, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (5 pages). Candidates preparing for Class 12 can use NCERT Solutions for Class 12 Geography (मानव भूगोल के मूल सिद्धान्त) Chapter 5 द्वितीयक क्रियाएँ to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 12th

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Book : Manav Bhugol ke Mool Siddhant Ncert Solutions | Chapter - 6 Social Science Geography

Class : 12th
Subject : Geography
Chapter : 6
Chapter Name : ​ वतीयक ​ याएँ

Q1 ​नीचे ​ दए ग
​ एच
​ ार ​ वक प ​म स
​ ेस
​ ह ​उ र ​चु नए -

(​क) ​ न न ल खत म ​ स ​ ेक
​ ौन ​सा ​कथन ​गलत ​है?
(​अ) स​ ते ज ​ ल ​प रवहन ​ने ह ​ ु गल ​के प​ ास ज ​ ट
ू ​ मल उ​ योग ​को स ​ ु वधाजनक ​बनाया ​है।
(​ब) ​चीनी, ​सतू ी व
​ ​ औ र व
​ न प त त
​ ल
े ​ उ योग ​ व छं द ​ उ योग ​ह।
(​स) ​जल-​ व यत ु ​और ​पे ो लयम क ​ ा ​ वकास ​उ योग ​के ​ लए ​एक ​ थानीय ​कारक ​के ​ प म ​ क
​ ोयला ​ऊजा क
​ े
मह व क ​ ोब​ हुत ​हद ​तक ​कम ​कर ​ दया।
(​द) ​भारत ​के ​बदं रगाह ​शहर ​ने ​उ योग क ​ ो ​आक षत ​ कया ह ​ ै।

(​ख) ​ न न म ​ स
​ े ​ कस ​ कार क
​ अ
​ थ यव था ​म ​उ पादन क
​ े ​कारक ​ यि तगत ​ प ​से ​होते ​ह?
(​अ) प ​ ज
ंू ीवाद
(​ब) ​ म त
(​स) ​समाजवाद
(​द) ​कोई ​नह ं

(​ग) ​ न न ल खत ​म ​से ​कौन स
​ ा ​उ योग अ
​ य ​उ योग क
​ े ​ लए ​क चे म
​ ाल क
​ ा ​उ पादन क
​ रता ह
​ ै?
(​अ) क​ ु ट र ​उ योग
(​ब) ​लघु ​उ योग
(​स) ​बु नयाद उ ​ योग
(​द) ​ व छं द ​उ योग

(​घ) ​ न न ल खत म ​ ​से क
​ ौन स
​ ा ​जोड़ा स
​ ह ​ पस ​ े ​मेल ​खाता ह
​ ै?
(​अ) ​ वचा लत व ​ ाहन उ ​ योग ​लॉस ​एंिज स
(​ब) ​पोत ​ नमाण ​उ योग ल
​ स ु ाका
(​स) ​ वमान ​ नमाण उ ​ योग ​ लोरस
(​द) ​लौह ​और इ
​ पात ​उ योग ​ प सबग

Answer.
(​क)-(​ब) ​चीनी, ​सत ू ीव​ ​और ​वन प त त
​ ल
े उ ​ योग ​ व छं द ​उ योग ​ह।
(​ख)-(​अ) ​पज ंू ीवाद
(​ग)​-​(स
​ )ब​ ु नयाद उ ​ योग
(​घ)-(​द) ल​ ौह ​और ​इ पात ​उ योग ​ प सबग

Q2 ​ न न ल खत ​के ब
​ ारे म
​ 30 ​श द ​म ​एक स
​ ं तन
​ ोट ​ लख -

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Book : Manav Bhugol ke Mool Siddhant Ncert Solutions | Chapter - 6 Social Science Geography

(​क) उ​ च ​ ोधो गक ​उ योग
(​ख) ​ व नमाण
(​ग) ​ व छं द ​उ योग

Answer.
(​क) उ
​ च ​ ौ यो गक उ ​ योग ​ व नमाण ग ​ त व धय क ​ ​नवीनतम ​पीढ़ ह ​ ै। इ
​ सम ​एक उ ​ नत व ​ ै ा नक औ ​ र
इंजी नय रंग च ​ र क​ े उ
​ पाद ​के ​ नमाण ​के ​ लए ग ​ हन ​अनस ु ध
ं ान ​और ​ वकास ​ यास ​के आ ​ वेदन श ​ ा मल ​ह। यं
मानव, क​ ं यटू र आ
​ धा रत ​ डजाइन औ
​ र ​ व नमाण , ध
​ ात ु ​ पघलाने औ
​ र श
​ ोधन ​ याओं क
​ े ​ इले ॉ नक ​ नयं ण
और ​नए ​रासाय नक ​और ​दवा ​उ पाद ​का ​ नरं तर ​ वकास उ ​ चत ​ कनीक उ ​ योग क ​ े ​उदाहरण ​ह। ब ​ ड़े प​ म
ै ाने ​पर
वशाल भवन संरचनाओं, ​कारखान औ ​ रभ ​ ड
ं ारण ​ े क ​ े ​बजाय स ​ ाफ़ ज
​ गह, ​कम, ​आधु नक, ​फैल ​हुई,
कायालय-​सय ं ं -​ योगशाला ​क ​इमारत उ ​ चत ​ कनीक ​औ यो गक ​प र य क ​ ो ​ चि नत क ​ रती ह ​ ।

(​ख) ​ व नमाण ए ​ कऐ ​ सी ​ या ​है ​िजसम ​ थानीय ​या द ​ रू क​ े ​बाजार म ​ ​क चे ​माल क ​ े ​उ च ​म ू य क ​ े ​तय
ै ार ​माल
म ​प रवतन ​शा मल ​है। य ​ ह ​मशीनर क ​ े ​साथ य ​ ा ​आ दम त ​ र क ​से ​ कया ज ​ ास​ कता ​है। ​ व नमाण म ​ ह ​ तश पस ​ े
लेकर ल ​ ौह ​और ​इ पात ढ ​ लाई त ​ क ​का प ​ रू ा ​उ पादन ​शा मल ​है ​और ​ लाि टक ​के ​ खलौन ​को त ​ ोड़कर ​नाजक ु
कं यट ू र घ
​ टक य
​ ा अ
​ त
ं र ​ वाहन क
​ ो ​ इक ठा ​ क रना ​ श ा मल ह
​ ै । इन ​ याओं म
​ स
​ े ​ ये क ​ म , स
​ ामा य
वशेषताएं श ​ ि तक ​ े ​अनु योग, ​समान ​उ पाद क ​ ा ​बड़े ​पम ै ाने ​पर उ ​ पादन ​और ​मानक व ​ तओ ु ंक ​ े ​उ पादन ​के ​ लए
कारखाने म ​ ​ वशेष ​ म ​ह। ​ व नमाण ​आधु नक श ​ ि तऔ ​ रम ​ शीनर क ​ े स
​ ाथ ​ कया ज​ ा ​सकता ​है य ​ ा ​यह ​अभी भ ​ ी
बहुत ​आ दम ह ​ ोस ​ कता ​है।

(​ग) ​ व छं द ​उ योग ​ व भ न ​ कार ​के ​ थान म ​ ि​ थत ह ​ ोस ​ कते ​ह। व ​ े ​ कसी ​ व श ट ​क चे ​माल, ​वजन ​कम
करने य ​ ाअ
​ यथा ​पर ​ नभर ​नह ं ​ह। व ​ े ​काफ ह​ द ​तक ​घटक भ ​ ाग ​पर ​ नभर क ​ रते ह​ ​जो क
​ ह ं ​भी ​ ा त ​ कए ज​ ा
सकते ​ह। ​वे क
​ मम​ ा ा ​म ​उ पादन ​करते ​ह औ ​ रए ​ क ​छोटे ​ म ब ​ लक ​ ो ​भी र​ ोजगार ​देते ​ह। ​ये आ
​ मतौर प ​ र ​ दषू ण
फैलाने ​वाले ​उ योग ​नह ं ​ह। उ
​ नके ​ थान ​का ​मह वपण ू ​ क ारक स
​ ड़क ​ न े टवक ​ वारा स
​ ल
ु भता ​ है ।

Q3 ​ न न ल खत ​के ब
​ ारे म
​ 30 ​श द ​म ​एक स
​ ं तन
​ ोट ​ लख -

(​क) ​ ाथ मक औ​ र ​ वतीयक ​ग त व धय क ​ े ​बीच अ
​ तं र -
(​ख) ​आधु नक औ ​ यो गक ​ग त व धय ​के ​ मख ु ​ झान ​पर ​ वशेष ​ प स
​ ेद
​ ु नया क​ े ​ वक सत द ​ ेश क
​ े उ​ योग क ​ े
स दभ ​म च ​ चा ​कर।
(​ग) ​ प ट क
​ र ​ क ​कई ​देश ​म उ
​ च ​तकनीक ​वाले ​उ योग ​ मख ु म
​ हानगर य ​क क ​ े ​प रधीय ​ े ​म ह ​ ​ य
वक सत ​हो र​ हे ​ह?
(​घ) ​अ का ​म ​अपार ​ ाकृ तक स ​ स
ं ाधन ह
​ औ
​ र ​ फर भ ​ ी ​यह औ
​ यो गक ​ प स ​ ेस
​ बसे ​ पछड़ा ​महा वीप ह ​ ै। ​ प ट
करे ।

Answer.
(​क)
आधार ाथ मक ग
​ त व धयाँ वतीयक ​ग त व धयाँ

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Book : Manav Bhugol ke Mool Siddhant Ncert Solutions | Chapter - 6 Social Science Geography

अथ ाथ मक ग ​ त व धयाँ ​वे ग ​ त व धयाँ वे ग​ त व धयाँ ​जो ​क चे ​माल ​को
हज​ ो ​सीधे प
​ यावरण ​पर ​ नभर ​ह उपयोगी ​उ पाद ​म ​प रव तत क ​ रके
य कव ​ ेप
​ ृ वी ​के ​सस
ं ाधन ​जस ै े मू य ज ​ ोड़ती ह
​ , ​उ ह ​ वतीयक
भू म, ​जल, व ​ न प त, ​ नमाण स ​ ाम ी ग त व धय म ​ श ​ ा मल ​ कया ज
​ ाता
और ख ​ नज ​का ​उपयोग क ​ रते ह​ । है ।

संबध
ं ाथ मक ग ​ त व धयाँ, ​ वतीयक वतीयक ​ग त व धयाँ, ​ ाथ मक
ग त व धय औ ​ रउ
​ नके त​ य
ै ार ​माल ​क ग त व धय क ​ े उ
​ पाद क​ ो ​क चे
माँग क
​ े ​ लए ​क चे ​माल ​क ​आपू त माल क
​ े ​ प ​म ​मांगती ​ह ​और ​उ ह
करती ह ​ । उपभो ताओं ​के ​ प म ​ अ
​ पना त​ य
ै ार
माल ब​ ेचती ​ह।

वातावरण क
​ ​प रि थ तयाँ ाथ मक प ​ रि थ तय ​म ​जलवायु जलवायु ​सबं ध
ं ी ​ि थ तयाँ ​ वतीयक
प रि थ तयाँ म
​ ह वपण
ू ​भू मका ग त व धय म ​ म ​ ह वपण
ू ​भू मका
नभाती ह
​ । नह ं ​ नभाती ह​ ।

जीवन ​ तर लोग क​ ा ​जीवन ​ तर ​सामा य ​ प स
​ े लोग ​का ​जीवन ​ तर ​सामा य ​ प स
​ े
कम ह
​ ै। ऊंचा ह
​ ै।

उदाहरण शकार, स​ भा, द
​ े हाती ग
​ त व धयाँ, व नमाण, ​ सं करण औ
​ र ​ नमाण
मछल प​ कड़ना, व ​ ा नक , क
​ ृ ष, ख
​ नन उ योग
और उ
​ खनन।

(​ख) ​आधु नक औ ​ यो गक ​ग त व धय ​के ​ वक सत ​देश ​के उ ​ योग म ​ ​ मख ु ​ झान ​इस ​ कार ​ह -
➔ त या औ ​ र ​बद ं ल ​ प ू ​कं यट ू र ​ नयं ण ​ णाल व ​ ाल ​ वचा लत फ ​ ै ि याँ, ​जहाँ ​मशीन ​को '​सोचने' क ​ े
लए ​ वक सत ​ कया ग ​ या ​है, प
​ रू ​द ु नया ​म फ ​ ैल ह ​ ुई ह​ ।
➔ अनस ु ध ं ान औ ​ र ​ वकास र​ णनी त ​के ​मा यम ​से ​तकनीक ​नवाचार ग ​ णु व ा ​ नयं ण ​के ​ लए आ ​ धु नक
व नमाण, ​अप श ट ​और ​अ मता ​को न ​ टक ​ रने औ ​ र ​ दष ू ण ​का ​मक ु ाबला ​करने ​का ए ​ क ​मह वपण ू
पहलू ब ​ नग ​ या ह ​ ै।
➔ आधु नक ​ व नमाण ए ​ कज ​ टल ​मशीन ​ ौ यो गक ​ वारा स ​ मझा ज ​ ा ​सकता ह ​ ै-अ
​ य धक ​ यास ​और
कम ल ​ ागत, ​और क ​ म ​लागत ​के स ​ ाथ ​अ धक उ ​ पादन ​के ​ लए ​ म ​का ​ व श ट करण ​और ​ वभाजन;
वशाल ​पज ंू ी; ब​ ड़े स ​ गं ठन औ ​ र ​कायकार ​नौकरशाह ।
➔ माल क ​ े ​उ पादन क ​ े ब ​ ड़े ​पम ै ाने क
​ ो ​ ा त ​करने क ​ े ​ लए उ ​ पादन क ​ ​कुशल ​ वशेष ता।
➔ एक आ ​ धु नक ​उ योग ​म ​काम क ​ ोछ ​ ोटे क
​ ाय ​म ​ वभािजत ​ कया ग ​ या ह ​ ै। य
​ े ​काय त​ ब ​ यि तगत ​ मक
को ​स पे ​जाते ह ​ ,ज ​ ो ​बार-​बार ​इस ​पर क ​ ाम ​करते ​ह। इ ​ स ​तरह, क​ ायकता उ ​ स ​ वशेष ​काय ​म ​ वशेष ता ​का
नमाण क ​ रता ह ​ ै। क ​ म ​ यास ​के ​साथ अ ​ धक ​सामान / ​उ पाद ​के उ ​ पादन ​म क ​ ाय ​ वभाजन भ ​ ी ​ भावी
है ।

(​ग) ​उ च ​ ौ यो गक ​उ योग ​ व नमाण ग ​ त व धय क ​ न ​ वीनतम प ​ ीढ़ ह​ ै। इ
​ सम ​गहन अ ​ नसु धं ान औ
​ र ​ वकास
यास ​के अ ​ नु योग ​शा मल ह ​ , ​जो ए
​ क ​उ नत व​ ै ा नक ​और ​इंजी नय रंग ​च र ​के उ ​ पाद क ​ े ​ नमाण क ​ े ​ लए
अ णी ​ह। यं ​मानव, क ​ ं यट
ू र ​आधा रत ​ डजाइन औ ​ र ​ व नमाण, ध ​ ातु ​ पघलाने ​और श ​ ोधन ​ याओं क ​ े
इले ॉ नक ​ नयं ण औ ​ र ​नए ​रासाय नक ​और ​दवा ​उ पाद क ​ ा ​ नरं तर ​ वकास उ ​ च ​तकनीक उ ​ योग क ​ े ​उदाहरण
ह। ​कई द​ ेश म​ उ​ चत​ कनीक ​वाले ​उ योग ​ मख ु म ​ हानगर य ​क ​के ​प रधीय ​ े ​म ह ​ ​ वक सत ​हो ​रहे ह ​
इसके कारण है -

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Book : Manav Bhugol ke Mool Siddhant Ncert Solutions | Chapter - 6 Social Science Geography

➔ य य प ​उ च त ​ कनीक व ​ ाले प ​ ौध क ​ े ​ लए ​बड़े ​ े क ​ ​आव यकता न ​ हंह ​ ोती ह ​ ै , ​ले कन ​इसके ​ लए
सफेदपोश ​ मक क ​ ​उपि थ त ​क ​आव यकता ह ​ ोती ह​ ैज ​ ो ​आमतौर ​पर म ​ हानगर म ​ आ ​ सानी स ​ े
उपल ध ​होते ह ​ ।
➔ सभी न ​ ाग रक स ​ ु वधाएं (​प रवहन, ​आईसीट ​सु वधाएं, श ​ ै णक ​सं थान) ​ मक क ​ े ​साथ-​साथ ​उ पादन
के ​ लए श ​ हर ​के ​ थान क ​ े ​पास ​उपल ध ​ह।
➔ ये ​R&D​ स ​ ह ​ नमाण ​कंप नयां ह ​ ​और ​हाल ह ​ ​म ​त वीर म ​ ​आ ​रह ह ​ , ​इस ​ कार व ​ े ​मु य ​शहर ​म भ ​ ूम
का ​अ ध हण ​करने म ​ स ​ मन ​ ह ं ​ह, ​ले कन म ​ हानगर य क ​ क
​ े ​प रधीय ​ े ​से क ​ ाम ​करना ​पड़ता ह ​ ै।
➔ कसी ​उ योग क ​ े ​उ चत स ​ च ं ालन ​के ​ लए ​ बजल ​क ​आपू त ​एक ​मह वपण ू ​ इ नप ट
ु ​ है । ​ शहर ​ े म
​
बजल ​क आ ​ पू त ​ ामीण ​ े क ​ ​तल ु ना ​म ​बहुत ​बेहतर ह ​ ै।
➔ शी ​और क ​ ु शल ​प रवहन ​और स ​ च ं ार स ​ ु वधाएं प ​ रवहन औ ​ र ​ बंधन ​क ल ​ ागत क ​ ो ​कम ​करती ​ह।
इस लए, अ ​ छे प ​ रवहन ​और स ​ च ं ार ​सु वधाओं ​वाले ​ े ​म उ ​ योग आ ​ क षत ​होते ​ह। उ ​ दाहरण क ​ े ​ लए,
पि चमी ​यरू ोप ​और ​पव ू ​ उ र अ
​ मे रका ​ म ब
​ ड़ी ​ सं या ​ म उ
​ योग ​ ह ।
➔ महानगर य ​ े ​के ​क य ​ े क ​ े ब ​ ाहर ​माल क ​ े ​ लए ​कर ​लाभ औ ​ र ​ वेश ​कानन ू ब ​ ेहतर ह ​ ।य
​ हप ​ रधीय
े म ​ ​ था पत क ​ रने ​के ​ लए ​बेहतर ​ यापा रक ​समझ र​ खता ह ​ ै।
➔ इस त ​ रह क ​ े उ​ योग म ​ ब ​ ड़ी ​सं या म ​ ल ​ ोग क ​ े ​साथ, ​महानगर य ​ े क ​ भ ​ ीड़ क ​ ो ​प रधीय ​ े म ​
उ योग ​ था पत ​करके ​बेहतर ​तर के स ​ े ​ बं धत ​ कया ​जा ​सकता ह ​ ै।

(​घ) ​अ क ​महा वीप म ​ अ ​ पार ​ ाकृ तक ​सस ं ाधन ह ​ । ​महा वीप क ​ ईउ ​ णक टबंधीय व ​ षावन ​के स ​ ाथ ध ​ य ​है।
महा वीप क ​ े ​पठार ​ े म ​ क ​ ईख ​ नज अ ​ य क ज ​ स ै ेप ​ े ो लयम, ​ ाकृ तक ग ​ स ै , ​लौह अ ​ य क, क ​ ोयला, ​यरू े नयम
तांबा, ब
​ ॉ साइट, ​सोना, ​ह रा, ​कोबा ट ​आ द प ​ ाए ​जाते ह ​ ।ए ​ कअ ​ नम ु ान ​ क े अ
​ न स
ु ार , द
​ ु नया क
​ स
​ भ ं ा वत ​जल ऊ ​ जा
का 40% ​अ का म ​ ​मौजद ू ​है। संसाधन स ​ प ं न ​होने ​के ब ​ ावजद ू ,अ ​ क ​महा वीप ​ न न क ​ ारण ​से आ ​ थक औ ​ र
औ यो गक ​ प ​से स ​ बसे ​ पछड़ा ​ े ​है -
➔ ाकृ तक ​घटनाएं - ​महा वीप ​का उ ​ र ​आधा ​ ह सा ​मु यतः ए ​ क ​रे ग तान ह ​ ै, ज​ बकइ ​ सके ​म य औ ​ र
द णी ​ े म ​ ​सवाना ​मद ै ान औ​ र ​बहुत घ ​ ने ​उ णक टबंधीय ​वषावन श ​ ा मल ​ह। अ ​ धोसंरचना ​ नवेश ​और
रखरखाव ब ​ हुत ​महं गा ह ​ ो ​सकता ​है, ​ वशेष ​ प ​से ​अ का म ​ ​ ामीण औ ​ रक ​ मआ ​ बाद व ​ ाले द ​ ेश म ​ ।
➔ उप नवेशवाद - य ​ रू ोपीय औ ​ प नवे शक श ​ ि तय ​ वारा अ ​ का ​म औ ​ प नवे शक ​शासन क ​ ा ​म ु य उ ​ दे य
कम ल ​ ागत प ​ र ​अ क ​महा वीप ​म ​ ाकृ तक ​धन क ​ ाद ​ ोहन ​करना ​था। ​उप नवेशवाद ​के ​ भाव
मनोवै ा नक ह ​ औ ​ रए ​ क ​ वदे शी ​शि त ​ वारा व ​ च व ​ने ह ​ नता ​और ​पराधीनता ​क ए ​ क ​ थायी ​भावना
पैदा क​ ​है ज ​ ो ​ वकास औ ​ र ​नवाचार ​म ​बाधा ड ​ ालती ह ​ ै।
➔ कुशल ​मानव स ​ स ं ाधन - ​ श त ​और क ​ ु शल ​मानव ​सस ं ाधन आ ​ थक ​ वकास औ ​ रम ​ ानव ​ वकास म ​ ​तज े ी
लाने क ​ े ​ लए ए ​ क ​मह वपण ू क​ ारक है । ​ ाकृ तक ​सस ं ाधन ​ बंधन ​म क ​ ौशल ​और ​सं थागत ​ वकास ​के
खराब ​ तर ​के ​प रणाम व प ​बड़े ​पम ै ाने ​पर ​ व ीय ​नक ु सान ह
​ ु आ ​ ह ै ।
➔ आ दवासी ​ वभािजत स ​ माज - प ​ रं परागत ​ प ​से, ​अ क स ​ माज ​और य ​ हां त ​ क ​ क ​रा य ​म व ​ शं ावल ,
गो , ​जनजा त औ ​ रअ ​ त ं तः ज​ ातीय, स ​ ां कृ तक ​और भ ​ ाषाई ​ वशेषताओं ​वाले ​समह ू ​का ​एक स ​ मह ू ​के
आधार ​पर ​एक ​ व तत ृ ​ णाल ​के ​मा यम ​से क ​ ाय ​ कया ज ​ ाता ह ​ ै। इ ​ स ​ कार, र​ ाजनी तक ह ​ े रफेर औ ​ र
मौ लक ​सामािजक ​वा त वकता ​को ​कम क ​ रके ​आक ं ने ​क ​गंज ु ाइश ह
​ ै । ए
​ कता ​ क ा अ
​ भाव ​ सद
ं े ह , ​ व वास
क ​कमी ​और अ ​ त ं तः ​ टाचार प ​ दै ाक ​ रता ह ​ ै।
➔ जलवायु ​क ​ि थ त - ​वष ​क ​वषा क ​ े ​साथ ​उ णक टबंधीय ​जलवाय,ु ​अ य धक ग ​ म ​मौसम औ ​ रउ ​ च
आ ता ​क ि​ थ त ​ व नमाण ​उ योग क ​ े ​महा वीप ​म ​ था पत ह ​ ोने क ​ े ​ लए ​ तकूल ​है।

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Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 12
TypeSolution
Pages5
Languagehindi
Updated30 Apr 2026