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NCERT Solutions for Class 12 Geography (मानव भूगोल के मूल सिद्धान्त) Chapter 7 परिवहन एवं संचार

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NCERT Solutions for Class 12 Geography (मानव भूगोल के मूल सिद्धान्त) Chapter 7 परिवहन एवं संचार - Page 1 of 5

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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 12th

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Page 2

Book : Manav Bhugol ke Mool Siddhant Ncert Solutions | Chapter-8 Social Science Geography

Class : 12th
Subject : Geography
Chapter : 8
Chapter Name : ​प रवहन ए
​ वं ​संचार

Q1 ​नीचे ​ दए ग
​ एच
​ ार ​ वक प ​म स
​ ेस
​ ह ​उ र ​चु नए -

(​क) प​ ारमहा वीपीय ​ टुअट ह ​ ाईवे ​ कन ​के ​बीच च
​ लता ह
​ ै
(​अ) ड ​ ा वन औ
​ र ​मेलबोन
(​ब) ​एडम टन ​और ए ​ ंकोरे ज
(​स) ​वकूवर औ ​ र ​सट ज​ ॉन ​ सट
(​द) ​चगद ू औ
​ र ​ हासा

(​ख) ​ कस ​देश म ​ ​रेलवे ​नेटवक क
​ ाघ
​ न व ​सबसे अ
​ धक ह
​ ै?
(​अ) ​ ाजील
(​ब) ​य.​ू एस.​ए.
(​स) ​कनाडा
(​द) ​ स

(​ग) ​वहृ द ​ ंक म
​ ाग ह
​ ोकर ​गज
ु रता ​है
(​अ) भ​ मू य ​सागर - ​ ह दमहासागर
(​ब) ​उ र ​अटलां टक ​महासागर
(​स) ​द ण ​अटलां टक म ​ हासागर
(​द) ​उ र ​ शांत ​महासागर

(​घ) ​ बग इ​ ंच क​ प
​ ाइपलाइन ​प रवहन ​करती ​है
(​अ) द​ ध
ू
(​ब) ​तरल प ​ े ो लयम ग​ स
ै (LGP)
(​स) ​पानी
(​द) ​पे ो लयम

(​ड़) ​ न न ल खत म ​ स
​ ेक
​ ौन ​सी ए
​ कज
​ ोड़ी ​चन
ै लट
​ नल ​ वारा ​जड़
ु ी ​हुई ​है?
(​अ) ल ​ द
ं न-ब ​ लन
(​ब) ​पे रस - ​लदं न
(​स) ​ब लन - ​पे रस
(​द) ​बा सलोना - ब ​ लन

Answer. (​क)-(​अ) ड ​ ा वन औ​ र ​मेलबोन
(​ख)-(​ब) य ​ .​ू एस.​ए.
(​ग) ​-(​ ​ब) ​उ र अ ​ टलां टक म ​ हासागर
(​घ) ​-(​ ​द) प​ े ो लयम
(​ड़)-(​ब) ​पे रस - ​लद ं न

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Book : Manav Bhugol ke Mool Siddhant Ncert Solutions | Chapter-8 Social Science Geography

Page : 80 , Block Name : अ यास

Q2 ​ न न ल खत ​ न क
​ े उ
​ र ​लगभग 30 श
​ द ​म द
​ ।

(​क) प​ हाड़ी, ​रे ग तानी औ ​ र ​बाढ़ ​ भा वत ​ े ​म स
​ ड़क प
​ रवहन क
​ स
​ म याएं ​ या ह
​ ?
(​ख) ​पारमहा वीपीय रे लमाग ​ या ह ​ ै?
(​ग) ​जल प ​ रवहन क ​ े ​ या ​फायदे ह
​ ?

Answer. (​क) प ​ वतीय, ​रे ग तानी ​और ​बाढ़ ​ भा वत ​ े म ​ ​सड़क ​प रवहन ​क स ​ म याएं ​ह -
➔ पहाड़ी ​ े ​म, स ​ ड़क ​का ​ नमाण ​करना ​मिु कल ​है। इ ​ न ​ े ​म ​सड़क ​का ​ नमाण औ ​ र र​ खरखाव क ​ रना
महं गा ​है। भ
​ कू ं प ​ औ र ​ भ ू खलन क
​ े ​ कारण ​ सड़क ​ त त ​ हो ज
​ ाती ​ ह औ
​ र उ
​ नके र
​ खरखाव क
​ े ​ लए ​भार
खच उ ​ ठाना ​पड़ता ह ​ ै।
➔ रे ग तान म ​ ,ध ​ ल ू ​ म ट ​के ​कारण ​सड़क ​का ​ नमाण म ​ िु कल ह ​ ै।
➔ बाढ़ ​ वण ​ े म ​ ​सड़क ​बरु त ​ रह ​ त त ह ​ ो ​जाती ह​ ​और ​साल-​दर-​साल इ ​ सका ​पनु नमाण ​करना
पड़ता ह ​ ै।

(​ख) ​पारमहा वीपीय रे लवे ​परू े म ​ हा वीप म ​ च​ लते ह ​ ​और ​इसके ​दो ​छोर क ​ ोज​ ोड़ते ​ह। ​उनका ​ नमाण आ ​ थक औ ​ र
राजनी तक क ​ ारण स ​ े ​ व भ न ​ दशाओं ​म ​लब ं े ​समय त ​ क ​चलने क ​ े ​ लए ​ कया ​जाता ह ​ ै । ​एक ​अत ं रमहा वीपीय
रे लमाग क ​ ाए​ कस ​ ं ामक न ​ ेटवक ह ​ ै ​जो ​ व भ न ​महासागर ​या म ​ हा वीपीय ​सीमाओं प ​ र ​ट मनल ​के स ​ ाथ ए
​ क
महा वीपीय ​भू म ​को प ​ ार क ​ रता ​है। इस त ​ रह ​के न ​ ेटवक ​या त
​ ो ​एक ​ह र​ े ल क ​ प ​ ट रय क ​ े ​मा यम ​से ह ​ ोस ​ कते ​ह,
या ए ​ क ​ नरं तर ​माग ​के स ​ ाथ क ​ ई ​रेलवे ​कंप नय ​के ​ वा म व ​या ​ नयं त क ​ र ​सकते ​ह। प ​ ारमहा वीपीय रे लमाग
ने ​महा वीप क ​ े ​अनछुए ​आत ं रक ​ े ​को अ ​ वेषण ​और ​ नपटान क ​ े ​ लए ​खोलने म ​ म ​ दद ​क ह ​ ैज​ ो ​अ यथा ​सभ ं व
नह ं ​होता। ​कई ​मामल म ​ उ ​ ह ने ​अत ं रा य या ी प रवहन और ​माल ​प रवहन न ​ ेटवक ​क र​ ढ़ भ ​ ीब ​ नाई। ​जस ै े
-​ ​ स म​ ​ ांस-​साइबे रयन ​रेलवे

(​ग) ​जल प
​ रवहन क ​ े फ​ ायदे ह ​ -
➔ कम ल ​ ागत - न ​ दयाँ ​एक ​ ाकृ तक ​राजमाग ​ह ​िजसके ​ नमाण ​और र​ खरखाव ​क ​ कसी भ ​ ील
​ ागत क ​
आव यकता न ​ ह ं ​होती ह ​ ै । ​यहां त ​ क​कन ​ हर ​के ​ नमाण ​और र​ खरखाव ​क ल ​ ागत ब​ हुत ​कम ​है य ​ ा ​उनका
उपयोग ​ कया ज ​ ाता ​है, ​न क ​ े वल प ​ रवहन ​उ दे य क ​ े ​ लए, ​बि क ​ संचाई ​के ​ लए भ ​ ी, ​आ द ​इसके
अलावा, ​अत ं दशीय ज ​ ल ​प रवहन ​के ​सच ं ालन ​क ल ​ ागत ब ​ हुत क
​ म ​है। इ​ स ​ कार, ​यह म ​ ाल ​को ए​ क ​ थान
से ​दस
ू रे ​ थान ​ त क ​ ल े ​ ज ाने ​ के ​ लए ​ प रवहन ​ क ा स
​ बसे स
​ ता ​ साधन ह
​ ै ।
➔ बड़ी ​ मता - य ​ ह ​भार ​सामान ज ​ स ै ेक ​ ोयला, ​लकड़ी ​आ द ​का ​अ धक ​मा ा ​म ​वहन ​कर स ​ कता ​है।
➔ लचील स ​ ेवा - ​यह ​रेलवे क ​ ​तल ु ना म ​ ब ​ हुत ​अ धक ल ​ चील ​सेवा ​ दान ​करती ​है ​और इ ​ से ​ यि तगत
आव यकताओं क ​ े अ
​ नस ु ार स ​ मायोिजत ​ कया ज ​ ास ​ कता ​है।
➔ सरु ा - प ​ रवहन क ​ े इ ​ स ​ प ​म द ​ घ ु टनाओं ​ औ र ट
​ ू टने ​के ज ​ ो खम, ​प रवहन क ​ े ​ कसी ​अ य ​ प क ​ ​तल ु ना
म ​ यन ू तम ह ​ ।
➔ बाढ़ औ ​ रब ​ ा रश ​जस ै ी ​ ाकृ तक आ ​ पदाओं ​के ​दौरान, ज ​ ब र​ े ल ​और ​सड़क प ​ रवहन ​बा धत ​होता ह ​ ै , ​तो ​जल
प रवहन क ​ े ​मा यम ​से ​राहत ​काय स ​ च ं ा लत ​ कए ज ​ ास ​ कते ​ह।

Page : 80 , Block Name : अ यास

Q3 ​ न न ल खत ​ न क
​ े उ
​ र ​लगभग 150 श
​ द म
​ द
​ ।

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Book : Manav Bhugol ke Mool Siddhant Ncert Solutions | Chapter-8 Social Science Geography

(​क) क​ थन क ​ ो ​ प ट ​कर – “​एक ​सु बं धत प ​ रवहन ​ णाल ​म ​ व भ न ​ कार ​एक ​दस
ू रे ​के स
​ प
ं रू क ​होती ह
​ ।”
(​ख) ​वायम ु ाग ​के ​घने न
​ ेटवक व​ ाले ​द ु नया क​ े ​ मख
ु ​ े क
​ ौन स​ े ​ह?
(​ग) ​वे क
​ ौन स
​ ेत​ र के ह​ ​िजनके ​ वारा स ​ ाइबर ​ पेस ​मनु य क​ े ​समकाल न आ
​ थक ​और स ​ ामािजक ​ पेस ​का
व तार ​करे गा।

Answer. (​क) प ​ रवहन क ​ े ​ व भ न ​तर के ​ त पध ​नह ं ह ​ ल
​ े कन ​ कृ त म ​ ​परू क ​ह। ​ व श ट ​प रि थ तय ​म
सभी क​ ा ​अपना ​मह व ​है। ​एक अ ​ छ त ​ रह ​से ​ बं धत प ​ रवहन ​ णाल म ​ , ​ व भ न ​ कार ​ न न ल खत ​तर क स ​ े
एक द
​ सू रे क
​ े प
​ रू क ​ह -
➔ जब भ ​ ार म ​ शीनर क ​ ो ​दस ू रे द
​ े श ​से आ ​ यात ​ कया ज ​ ाना ह ​ ै ​तो ​प रवहन ​का क ​ ोई ​अ य ​साधन ​जल
प रवहन ि​ जतना स ​ हायक ​नह ं ​हो ​सकता ​है।
➔ जब त ​ काल ट ​ े ल ाम ​ वदे श म ​ ​ वत रत ​ कए ​जाने ​ह, ​तो ह ​ वाई ​प रवहन ​सबसे उ ​ पयोगी ​है।
➔ जब ह ​ के व ​ जन व ​ ाले ​उ च म ​ ू य ​के ​सामान ​ वत रत ​ कए ​जाने ​ह ​तो ह ​ वाई ​प रवहन ​दस ू र ​क ​तल
ु ना म​
बेहतर ​सा बत ह ​ ोता ह ​ ै।
➔ भार ​माल ​और ​या य क ​ ो ​लब ं ीद
​ रू ​पर ल ​ ेज​ ाने ​के ​ लए ​रेलवे अ ​ धक ​उपयोगी ​है।
➔ सड़क ​प रवहन ​ वार स ​ े ​ वार ​सेवाओं ​और म ​ ाल ​क ​आवाजाह ​और ​कम ​दरू ​पर ल ​ ोग ​के ​ लए उ​ पयोगी ह ​ ै।
वे ​रेलवे, ज ​ लमाग औ ​ र ​वायम ु ाग ​जस ै ेप ​ रवहन ​के अ ​ यस ​ ाधन स ​ ेज
​ ड़ु ने क
​ े ​ प ​म ​भी ​काय क ​ रते ​ह।
➔ य द ​तरल कृत ​पे ो लयम ​या ​अ य त ​ रल ​पदाथ ल ​ े ​जाने ह ​ त ​ ोप
​ ाइपलाइन, ​प रवहन क ​ े ​अ य ​सभी स ​ ाधन
से ​बेहतर ​सा बत ह ​ ोती ह ​ ।

(​ख) ​वायु ​प रवहन, प ​ रवहन क ​ ा ​सबसे ​तज़ े ​साधन ह ​ ै, ल​ े कन य ​ हब ​ हुत म ​ हं गा ह ​ ै । ​तज़े ​होने ​के ​कारण, ​यह ​लब ं ी ​दरू
क ​या ा ​के ​ लए य ​ ा य ​ वारा ​पसंद ​ कया ​जाता ​है। म ​ ू यवान क ​ ाग क ​ ो ​ व व यापी प ​ म ै ाने ​पर त ​ ज े ीस
​ े
थानांत रत ​ कया ज ​ ा ​सकता ​है। य ​ हअ ​ सर द ​ ग ु म​ े म ​ प ​ हुंचने ​का ए ​ कमा ​साधन ह ​ ै। व​ ायु ​प रवहन न ​ े ​द ु नया
म ​एक ​सप ं क ​ ां त ​ला ​द ह ​ ै। प​ हाड़ी ​बफ ​के म ​ द ै ान ​या द ​ ग
ु म र
​ े ग तानी इ
​ लाक़ ​ वारा ​ ब नाए ​ गए ​ वषम
प रि थ तय क ​ ोद ​ रू ​ कया ​गया ह ​ ै । ​वहां प
​ हुंच ​बढ़ ​गई ​है। उ ​ र ​गोलाध ​म, अ ​ तं र-​महा वीपीय ​वायु ​माग क ​ ाए ​ क
अलग प ​ व
ू -​पि चम ब ​ े ट ​है। प​ व ू अ ​ मे रका, प ​ ि चमी ​यरू ोप औ ​ रद ​ णप ​ व ू ​ए शया ​म ​घने न ​ ेटवक ​मौजद ू ह ​ ।द ​ ु नया
के 60 फ​ सद ​वायम ु ाग म ​ ​अकेले ​यए ू सए क ​ ाह ​ य ​ ोगदान ह ​ ै । ​ यय ू ॉक, ल ​ द ं न, प ​ े रस, ​ए टडम, ​ कफट, र​ ोम,
मॉ को, क ​ राची, ​नई ​ द ल , ​मब ंु ई, ब ​ कॉक, ​ संगापरु , ट ​ ो यो, ​सन ै ​ ां स को, ल ​ ॉस ए ​ ंिज स औ ​ र ​ शकागो ऐ ​ से
नोडल ​ वाइंट ह ​ ​जहां ह ​ वाई ​माग ​सभी म ​ हा वीप क ​ े ​ लए ​अ भसरण य ​ ाक ​ त ​ह।

(​ग) ​साइबर पेस ​इले ॉ नक ​क यट ू र कृत अ ​ त ं र क ​ द​ ु नया ह ​ ै । ​यह ​व ड ​वाइड व ​ ेब (www) ज ​ स
ै ेइ​ ंटरनेट
वारा ​शा मल ​ कया ग ​ या ​है। ​यह ​ ेषक ​और ​ रसीवर क ​ े ​भौ तक आ ​ द ं ोलन ​के ​ बना ​कं यट ू र ​ ने ट वक प
​ र ​जानकार
को ​सं े षत ​या ए​ सेस क ​ रने ​के ​ लए ​इले ॉ नक ​ डिजटल ​द ु नया ह ​ ै । ​इसे ​इंटरनेट ​के ​ प म ​ ​भी ​जाना ​जाता ​है।
साइबर पेस ​मनु य क ​ े ​समकाल न ​आ थक ​और स ​ ामािजक ​ थान ​का ​ व तार क ​ रे गा -
➔ ई-​मेल - य ​ हइ ​ ले ॉ न स ​का उ ​ पयोग ​करने ​वाले ​लोग क ​ े ​बीच ​सद ं े श ​का आ ​ दान-​ दान ​करने ​क ए ​ क
वधह ​ ै । ​ वक सत ​द ु नया ​म ​ यापार, ​सरकार ​और ​गरै -​सरकार ​सग ं ठन ​ वारा ई ​ मेल ​को ​ यापक ​ प ​से
वीकार ​ कया ​गया ह ​ ै , ​और य
​ हक ​ ाय थल ​सच ं ार ​म ए​ क '​ई-​ ां त' क ​ े ​ मख ु ​भाग ​म स ​ ेए
​ क ​है।
➔ ई-​कॉमस - य ​ हऑ ​ नलाइन ​खर दने य ​ ा ​बेचने क ​ ा ​लेनदे न ​है। ​इले ॉ नक क ​ ॉमस म ​ ोबाइल ​कॉमस,
इले ॉ नक ​फंड ​ ांसफर, ​स लाई च ​ ेन म ​ नै ेजमट, ​इंटरनेट म ​ ाक टंग, ऑ ​ नलाइन ​ ांजे शन ​ ोसे संग,
इले ॉ नक ​डट े ाइ ​ ंटरचज, ​इ व म ​ न ै ेजमट ​ स टम ​और ऑ ​ टोमेटेड ड ​ ट
े ाक​ ले शन ​ स टम ज ​ स ै ी
तकनीक क ​ ोअ ​ पनी ​ओर ​खींचता ह ​ ै।
➔ ई-​ श ा - ​यह ए ​ कस ​ ीखने ​का ​माहौल ​है ​जो ​ श ण ​और ​सीखने ​क ​ग त व धय ​के ​ लए ​एक म ​ च ं क​ े ​ प
म ​सच
ू ना औ ​ रस ​ चं ार ​ ौ यो ग कय क ​ ा ​उपयोग ​करता ह ​ ै।

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Book : Manav Bhugol ke Mool Siddhant Ncert Solutions | Chapter-8 Social Science Geography

➔ ई-​ शासन - य ​ हस ​ रकार ​सेवाओं ​को ​पहुंचाने, स ​ च ू नाओं क ​ े ​आदान-​ दान, ​सच ं ार ​लेनदे न, ​ व भ न
टड-​अलोन ​ णा लय ​और स ​ रकार-​से-​ ाहक (G2C), ​सरकार-​से-​ यापार (G2B), ​सरकार-​से-​सरकार
(G2G) ​के ​साथ-​साथ ​सप ं ण
ू स ​ रकार ​ढाँचे ​के भ
​ ीतर ​कायालयीन ​ याएँ औ
​ रअ ​ तं ः याओ ​के ​बीच
सेवाओं क
​ े ​ लए स​ चू ना औ
​ र ​ स च
ं ार ​ ौ यो गक क
​ ा अ
​ न ु योग ​ है ​ । ई
​ -​ शासन , स
​ रकार ​सेवाओं म
​
नाग रक क ​ ो ​सह-​सु वधा उ ​ पल ध ​करती ​है।

Page : 80 , Block Name : अ यास

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Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 12
TypeSolution
Pages5
Languagehindi
Updated30 Apr 2026