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NCERT Solutions for Class 12 Psychology (मनोविज्ञान) Chapter 3 जीवन की चुनौतियाँ का सामना

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NCERT Solutions for Class 12 Psychology (मनोविज्ञान) Chapter 3 जीवन की चुनौतियाँ का सामना - Page 1 of 6

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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 12th

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Book : Manovigyan Ncert Solutions | Chapter - 3 Psychology

Class : 12th
Subject : Psychology
Chapter : 3
Chapter Name : जीवन क चन ु ौ तयाँ का सामना

Q1 दबाव के सं यय क या या क िजए। दै नक जीवन से उदाहरण द िजए।

Answer. दबाव के अं ेजी भाषा के श द ' े स'(stress) क यु प लै टन श द 'ि टस'(strictus) िजसका
अथ है तंग या संक ण तथा ि ं गर(stringer) जो यापद है , िजसका अथ है कसना, से हुई है । यह मल ू श द
अनेक यि तय वारा दबाव अव था म व णत मांसपे शय तथा वसन क कसावट तथा संकुचन क आंत रक
भावनाओं को त बं बत करता है । तीक दबाव खराब या वनाशकार नह ं होता। दबाव के उ र को जो आपके
लए लाभकार है तथा चोट के न पादन तर क उपल ध छोटे संकट के बंधन के लए यि त के सव म गण ु
म से एक है , को के लए यू े स (eustress) पद का उपयोग कया जाता है । दबाव क यह अवरो त अ भ यि त
ह हमारे शर र के जीण होने का कारण होती है । अतः दबाव का वणन कसी जीव वारा उ द पक घटना के त क
जाने वाल अनु या के त प के प म कया जा सकता है उसक सा याव था म यवधान उ प न करता है
तथा उसके सामना करने क मता से कह ं अ धक होता है । उदाहरणाथ, एक लड़का अपनी अं तम पर ा, जो
कल सवेरे होने वाल है के लए अ ययन कर रहा है । उसने रात म 1:00 बजे तक पढ़ाई क फर वह अपना यान
एका करने म असमथ रहा ातः 6:00 बजे का अलाम लगाया और सोने का यास करने लगा। चक ु वह बेहद
तनाव त है । अतः वह ब तर पर करवट बदलते रह जाता है । उसके मन म इस कार के वचार क धते ह क वह
अपनी पसंद के वषय म उतने अंक पाने म असमथ हो गया है । िजतने क उस वषय को आगे चन ु ने के लए
आव यक ह। वह अपने आपको म के साथ मौज म ती करने तथा पर ा के लए परू तैयार न करने के लए
दोषी ठहराता है । ातः काल म भार सर लए उठता है , ना ता भी नह ं कर पाता और कसी तरह पर ा के समय
तक कूल पहुंचता है । वह न प खोलता है तो उसका दय जोर से धड़क रहा होता है , हाथ पसीने से गीले होते ह
और उसे लगता है क उसका मन पण ू तया खाल हो गया है । सोमवार क य त सब ु ह को जवाब सड़क पार कर रहे
तो कुछ दे र के लए दबाव का अनभ ु व कर सकते ह। इ ह ं सभी चनु ौ तयां, सम याएं तथा क ठन प रि थ तयां हम
दबाव का अनभ ु व कराती ह।

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Q2 दबाव के ल ण तथा ोत का वणन क िजए।

Answer. हर यि त क दबाव के त अनु या उसके यि त व पालन पोषण तथा जीवन के अनभ ु व के आधार
पर भ न- भ न होती है । येक यि त के दबाव अनु या के भ न- भ न त प हो सकते ह। इस लए
चेतावनी दे ने वाले संगीत तथा उनक ती ता भी अलग अलग होती है । हम म से कुछ यि त अपनी दबाव
अनु या को पहचानते ह तथा अपने ल ण क गंभीरता तथा कृ त के आधार पर अथवा नेपाल म प रवतन के
आधार पर सम या क गहनता का आकलन कर लेते ह। जैसे यान क त न कर पाना, म ृ त ास, गलत नणय,
वसंग त, अ नय मत उपि थ त तथा समय पालन, आ मस मान म कमी, दब ु ल द घका लक योजना हो सकती
ह। दबाव के ल ण शार रक संवेगा मक तथा यवहारा मक होते ह। कोई भी ल ण दबाव क बलता को ा पत
कर सकता है , िजसका य द नराकरण न कया जाए तो उसके गंभीर प रणाम हो सकते ह।
मु यतः तीन कार के दबाव, अथात भौ तक एवं पयावरण, मनोवै ा नक तथा सामािजक बताए गए ह। भौ तक
दबाव मांगे ह, िजसके कारण हमार शार रक दशा म प रवतन उ प न हो जाता है । मनो ा नक दबाव िजनम हम
अपने मन म उ प न करते ह। यह दबाव अनभ ु व करने वाले यि त के लए व श ट होते ह दबाव के आंत रक

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Book : Manovigyan Ncert Solutions | Chapter - 3 Psychology

ोत होते ह। का सामािजक कार बा य ज नत होते ह तथा दस ू रे लोग के साथ हमार अंतः याओं के कारण
उ प न होते ह।
उन घटनाओं तथा दशाओं का सार बहुत व तत ृ है जो दबाव को उ प न करती है । इनम से सबसे मह वपण ू
जीवन म घटने वाल यह मख ु दबाव पणू घटनाएं ह, जै
स े - कसी यजन क म य
ृ ु या यि तगत चोट, खीज़
उ प न करने वाल दै नक जीवन क परे शा नयां, जो बहुत आव ृ के साथ घ टत होती है तथा अ भघातक घटनाएं
जो हमारे जीवन को भा वत करती है ।

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Q3 जी.ए.एस. मॉडल का वणन क िजए तथा इस मॉडल क ासं गकता को एक उदाहरण क सहायता से प ट
क िजए।

Answer. जनरल एडे टे शन सं ोम (सामा य अनक ु ू लन संर ण), के तत
ु कता से ये थे उ ह ने दबाव के सतत
प से द घका लक बने रहने का असर शार रक प से या होता है , पर अ ययन कया। उ ह ने व भ न ने दबाव
कारक जैसे- पशओ ु ं को उ च तापमान, ए स-रे तथा इंसु लन क सई ु लगाकर योगशाला म लंबे समय तक रखा
गया। उ ह ने व भ न चोट तथा बीमार से त रो गय का अ पताल म जाकर े ण भी कया। से ये ने सभी
सामान त प वाल शार रक अनु याएँ पाई। से ये ने इस त प को सामा य अनक ु ू लन संर ण या
जी.ए.एस का नाम दया। जी.ए.एस के अंतगत तीन चरण होते ह- सचेत त या( अलाम रए शन), तरोध(
रे स टस) तथा प र ाि त(ए सहौसशन)।

1. सचेत त या चरण- कसी हा नकारक उ द पक या दबावकारक क उपि थ त के कारण
ए नल-पीयषू -कोट स तं का स यण हो जाता है । यह उन अंतः ाव को छोड़ने के लए े रत करता है । िजसम
दबाव अनु या होती है । तब यि त संघष या के लए तैयार हो जाता है ।

2. तरोध चरण- य द दबाव द घका लक होता है तो तरोध चरण ारं भ होता है परानकु ं पी तं का तं , शर र के
संसाधन का अ धक सावधानी पण ू उपयोग करने को उ धत करता है । जीव खतरे का सामना करने के लए
मकु ाबला करने का यास करता है ।

3. प र ांती चरण- एक ह दबावकारक अ य दबावकारक के सम द घका लक उ भाषण से शर र के संसाधन
न का सत हो जाते ह, िजसके कारण प र ाि त का तत
ृ ीय चरण आता है ।सचेत त या तथा तरोध चरण म
कायरत शर र या मक तं अ भावी हो जाते ह तथा दबाव-स ब ध रोग , जैसे- उ च र तचाप क संभावना बढ़
जाती है ।

शैल मॉडल क आलोचना इस लए क गई है क उसम दबाव के मनोवै ा नक कारक क बहुत सी मत भू मका
बताई गई है । शोधकताओं के अनस
ु ार घटनाओं का मनोवै ा नक मू यांकन दबाव के नधारण के लए अ यंत
मह वपणू है । यि त दबाव के त या अनु या करे गा, यह बहुत सीमा तक उसके य ण, यि त व तथा
जै वक संरचना से भा वत होता है ।

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Q4 दबाव का सामना करने के व भ न उपाय क गणना क िजए।

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Book : Manovigyan Ncert Solutions | Chapter - 3 Psychology

Answer. सामना करना दबाव के त एक ग या मक ि थ त व श ट त या है । यह दबाव पण ू ि थ तय या
घटनाओं के त कुछ नि चत मत ू अनु याओं का समु चय होता है , िजसका उ दे य सम या का समाधान
करना तथा दबाव को कम करना होता है । जैसे य द हम कसी यातायात जाम म फंसे होते ह, तो हमे ोध आ रहा
होता है य क हम व वास करते ह क यातायात को शी ता से चलते रहना ह चा हए। दबाव का बंधन करने के
लए हमारे लए यह आव यक है क हम अपने सोचने के तर के का पन ु ः मू यांकन कर तथा दबाव का सामना
करने क यिु तय या कौशल को सीख। यि त दबावपण ू ि थ तय का सामना करने क यिु तय के उपयोग म
यि तगत भ नताएँ द शत करते ह िजनम लंबे समय तक संग त पाई जाती है । इनके अंतगत कट तथा
अ कट दो कार क याएं सि म लत है । एंडलर तथा पारकर वारा व णत दबाव का सामना करने क तीन
यिु तयाँ या कौशल न न ल खत ह-

1. कृ य-अ भ व य त यिु त- दबावपण
ू ि थ त के संबध
ं म सच
ू नाएं एक त करना, उनके त या- या
वैकि पक याएं हो सकती ह तथा उनके संभा वत प रणाम या हो सकते ह- यह सब इसके अंतगत आता है ।

2. संवेग-अ भ व य त यिु त- इसके अंतगत मन मे आशा बनाए रखने के यास तथा अपने संवेग पर नयं ण
सि म लत हो सकते; कंु ठा तथा ोध क भावनाओं को अ भ यि त करना या फर यह नणय करना क
प रि थ त को बदलने के लए कुछ भी नह कया जा सकता है , भी इसके अंतगत सि म लत हो सकते ह।

3. प रहार-अ भ व य त यिु त- इसके अंतगत ि थ त क गंभीरता को नकारना या कम समझना सि म लत होते
ह; इसम दबावपणू वचार का सचेतन दमन तथा उनके थान पर आ मा-र त वचार का त थापन भी
सि म लत होता है ।

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Q5 मनोवै ा नक काय पर दबाव के भाव क या या क िजए।

Answer. दबाव का सामना करने का संक पना नधारण एक ग या मक त या के प म संकि पत कया
जाता है , ना क कसी वशेष के प म। कसी दबाव पण ू काय के संपादन म जो आंत रक और बा य मांगे होती ह,
उन पर वजय पाने के लए उ ह कम अथवा सहन करने के लए नरं तर प रव तत होते रहने वाले सं ाना मक
तथा यवहारा मक यास से ह दबाव का सामना करना संद भत होता है । लोजारस और फोकमैन ने सामना करने
क यह अनु या दो कार क बताई है , सम या क त तथा संवेग क त। सम या क त यिु तयां सम या पर
ह हमला करती ह, ऐसा वे उन यवहार वारा करती ह सच ू ना एक त करने, घटनाओं को प रव तत करने, तथा
व वास और तब धता को प रव तत करने के लए होते ह। वे यि त के जाग कता म व ृ ध करती है , ान के
तर को बढ़ाती है , तथा दबाव का सामना करने के सं ाना मक एवं यवहारा मक वक प म व ृ ध करती है ।
उदाहरणाथ,"मने काय करने के लए एक योजना का नमाण कया तथा उसका या वयन कया"। संवेग क त
यिु तयां मख ु तया मनोवै ा नक प रवतन लाने हे तु उपयोग क जाती है , िजससे घटना म प रवतन लाने का
अ पतम यास करते हुए उसके कारण उ प न होने वाले संवेगा मक वघटन के भाव को सी मत कया जा
सके। उदाहरणाथ,"मने कुछ काय इस लए कए क मेरे भीतर से वह नकल जाए"। य य प जब यि त के सम
दबावपणू ि थ त उ प न होती है सम या क त तथा संवेग क त दोन ह सामना करने क यिु तय का उपयोग
आव यक होता है मगर शोध द शत करते ह क यि त थम कार क यिु तय का अपे ाकृत अ धक बार
उपयोग करते ह।

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Book : Manovigyan Ncert Solutions | Chapter - 3 Psychology

Q6 जीवन क चन
ु ौ तय का सामना करने के लए जीवन कौशल कैसे उपयोगी हो सकते ह, वणन क िजए।

Answer. जीवन कौशल, अनु कुल तथा सकारा मक यवहार क वे यो यताएं ह जो यि तय को दै नक जीवन
क मांग और चन ु ौ तय से भावी तर के से नपटने के लए स म बनाती है । दबाव का सामना करने क हमार
यो यता इस बात पर नभर करती है क हम दै नक जीवन क मांग के त संतल ु न करने तथा उनके संबध ं म
यवहार करने के लए कतने तैयार ह तथा अपने जीवन म सा याव था बनाए रखने के लए कतने तैयार ह। यह
जीवन कौशल सीखे जा सकते ह तथा उनम सध ु ार भी कया जा सकता है । आ हता, समय बंधन, स ववेक
चंतन, संबध ं म सध ु ार, वयं क दे ख भाल क े साथ-साथ ऐसी और असहायक आदत , जैसे- पण ू तावाद होना,
वलंबन या टालना इ या द से मिु त, कुछ ऐसे जीवन कौशल ह िजनसे जीवन क चन ु ौ तय का सामना करने म
मदद मलेगी। आ हता एक ऐसा कौशल या यवहार जो हमार भावनाओं, आव यकताओं, इ छाओं तथा वचार
सु प ट तथा व वासपण ू सं ेषण म सहायक होता है । दस ू रा कौशल समय बंधन है , अपना समय अतीत करते ह
वह आपके जीवन क गण ु व ा को नधा रत करता है । समय का बंधन तथा यायोिजत करना सीखने से, दबाव
मु त होने म सहायता मल सकती है । तीसरा कौशल होता है स ववेक चंतन, इसम दबाव संबध ं ी अनेक सम याएं
वकृत चंतन के प रणाम व प उ प न होती ह। आपके चंतन और अनभ ु व करने के तर क म घ न ट संबध ं
होता है । चौथा कौशल है संबध ं म सध ु ार, सं ेषण सु ढ़ और थाई संबध ं क कंु जी है । इसके अंतगत तीन
अ याव यक कौशल न हत ह- सन ु ना क द स
ू रा यि त या कह रहा है , अ भ य त करना क आप कैसा सोचते
ह और महसस ू करते ह तथा दस ू र क भावनाओं और मत को वीकार ना चाहे वे वयं आपके अपने से भ न हो।

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Q7 उन कारक का ववेचन क िजए जो सकारा मक वा य तथा कुशल ेम क ओर ले जाते ह।

Answer. सकारा मक वा य के वकास को को सक ु र या सस
ु ा य बनाते ह। पण
ू शार रक, मान सक,
सामािजक तथा आ याि मक कुशल- ेम क अव था ह वा य है , ना क केवल रोग अथवा अश तता का
आभाव। सकारा मक वा य के अंतगत न न ल खत न म तयाँ आती ह-" व थ शर र; उ च गण ु व ा वाले
यि तगत संबधं , जीवन म उ दे य का बोध, आ मस मान, जीवन के कृ तय म वीणता, दबाव, अ भघात एवं
प रवतन के त ि थ त थापन"। वशेष प से जो कारक दबाव के तरोधक का काय करते ह सकारा मक
वा य को सकु र बनाते ह, वह है आहार, यायाम, सकारा मक अ भव ृ ,सकारा मक चंतन तथा सामािजक
अवलंब।

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Q8 तर क तं को दबाव कैसे भा वत करता है ?

Answer. दबाव के कारण तर क तं क काय णाल दब ु ल हो जाती है िजसके कारण बीमार उ प न हो सकती
है । तर ा तं शर र के भीतर तथा बाहर से होने वाले हमल से शर र क र ा करता है । मन तां क तर ा
व ान(psychoneuroimmunology) मन, मि त क और तर क तं के बीच संबध ं पर यान क त करता
है । यह तर क तं पर दबाव के भाव का अ ययन करता है । तर ा तं म वेत र त को शकाएं या वेताणु
बा य त व ( एंट जन), जैसे वायरस को पहचान कर न ट करता है । इनके वारा रोग तकारको( एंट बॉडीज) का
नमाण होता है । तर क तं म ह ट -को शकाएँ, बी-को शकाएँ तथा ाकृ तक प से न ट करने वाल
को शकाओं स हत कई कार के वेताणु होते ह। ट -को शकाएँ हमला करने वाल को न ट करती ह तथा
ट -सहायक को शकाएँ तर ा मक याओं म व ृ ध करती ह। दबाव के कारण ाकृ तक प से न ट करने वाल

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Book : Manovigyan Ncert Solutions | Chapter - 3 Psychology

को शकाओं क को शका वषा तता भा वत हो सकती है , जो मख
ु सं मण तथा कसर से र ा म अ य धक
मह वपण
ू होती है ।

Page : 20 , Block Name : समी ा मक न

Q9 कसी ऐसी जीवन घटना का उदाहरण द िजए जो दबावपण
ू हो सकती है । उन त य पर काश डा लए िजनके
कारण वह घटना अनभ
ु व करने वाले यि त के लए भ न- भ न मा ा म दवाब उ प न कर सकती है ।

Answer. छा वयं कर।

Page : 20 , Block Name : समी ा मक न

Q10 दबाव का सामना करने वाल यिु तय क अपनी जानकार के आधार पर आप अपने म को दै नक जीवन
म दबाव का प रहार करने के लए या सझ
ु ाव दगे?

Answer. म उ ह सलाह दँ गू ा क वे अपने सोचने के तर के का मू यांकन करे तथा ोध और ज द बाज़ी म फैसला
लेने के बजाए सकारा मक प को दे खे और उसके बाद ह कसी नणय तक पहुँचे। अपने अंदर वो कौशल
वक सत कर िजसके वारा हम दबाव से मु त होकर अपने फैसले के सके।वे अपने लए बेहतर समय सारणी
बनाये तथा उसपे वचार करे क सम याओं का समाधान कैसे कया जा सकता है । अपनी एका ता को सम याओं
को सल ु झाने म लगाये न क उससे परे शान होने म। बंधन के बेहतर तकनीक सोचे और उसका काया वयन कर।

Page : 20 , Block Name : समी ा मक न

Q11 उन पयावरणीय कारक का वणन क िजए जो (अ) हमारे ऊपर सकारा मक भाव तथा (ब) नकारा मक
भाव डालते ह।

Answer. भौ तक दबाव वह मांगे ह, िजसके कारण हमार शार रक दशा म प रवतन उ प न हो जाता है । हम
मानव, तनाव का अनभ ु व करते ह जब हम शाद प ु से अ धक प र म करते ह, पौि टक भोजन क कमी आ जाती
है , कोई चोट लग जाती है इं दरा क कमी हो जाती है । पयावरणीय दबाव हमारे प रवेश क वैसी दशाएं ह जो ाय:
अप रहाय होती ह। जैसे वायु दष ू ण, भीड़, शोर, ी म काल क गम , शीतकाल क सद , इ या द। एक अ य
कार के पयावरणीय ाकृ तक दबाव तथा वपाती घटनाएं ह, जैसे- आग, भक ू ं प, बाढ़ इ या द।

Page : 20 , Block Name : समी ा मक न

Q12 हम जानते ह क कुछ जीवन शैल के कारक दवाब उ प न कर सकते ह तथा कसर एवं दय रोग जैसी
बीमा रय को भी ज म दे सकते ह फर भी हम अपने यवहार म प रवतन य नह ं ला पाते? या या क िजए।

Answer. छा वयं कर।

Page : 20 , Block Name : समी ा मक न

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Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 12
TypeSolution
Pages6
Languagehindi
Updated30 Apr 2026