MP CPCT 01 Jan 2022 Question Paper Hindi Typing Shift 2 – Text
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Computer Proficiency Certification Test
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Question Paper Name : REMINGTON GAIL 1st January 2022 Shift 2
Subject Name : Remington GAIL
Creation Date : 2022-01-01 20:01:34
Duration : 25
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Mock
Group Number : 1
Group Id : 2549893263
Group Maximum Duration : 10
Group Minimum Duration : 10
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Show Attended Group? : No
Edit Attended Group? : No
Break time : 1
Mandatory Break time : Yes
Group Marks : 0
Is this Group for Examiner? : No
Hindi Mock
Section Id : 2549895223
Section Number : 1
Section type : Typing Test
Mandatory or Optional : Mandatory
Number of Questions : 1
Number of Questions to be attempted : 1
Section Marks : 0
Display Number Panel : Yes
Enable Mark as Answered Mark for Review and Clear Response : Yes
Sub-Section Number : 1
Sub-Section Id : 2549895264
Question Shuffling Allowed : No
Question Number : 1 Question Id : 25498943689 Question Type : TYPING TEST Display Question Number : Yes
एक बार की बात है, अकबर और बीरबल शिकार पर जा रहे थे। अभी कु छ समय हुआ था कि उन्हें एक हिरण दिखा। जल्दबाजी में तीर निकलते हुए
अकबर अपने हाथ पर घाव लगा बैठा। अब हालात कु छ ऐसे थे कि अकबर बहुत दर्द में था और गुस्से में भी।
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Actual
Group Number : 2
Group Id : 2549893264
Group Maximum Duration : 15
Group Minimum Duration : 15
Show Attended Group? : No
Edit Attended Group? : No
Break time : 0
Group Marks : 0
Is this Group for Examiner? : No
Hindi Typing Test
Section Id : 2549895224
Section Number : 1
Section type : Typing Test
Mandatory or Optional : Mandatory
Number of Questions : 1
Number of Questions to be attempted : 1
Section Marks : 0
Display Number Panel : Yes
Enable Mark as Answered Mark for Review and Clear Response : Yes
Sub-Section Number : 1
Sub-Section Id : 2549895265
Question Shuffling Allowed : No
Question Number : 2 Question Id : 25498943690 Question Type : TYPING TEST Display Question Number : Yes
हम सालों से यह जानते रहे है कि बृहस्पति के चन्द्रमा यूरोपा में ठोस जमी हुयी सतह के नीचे द्रव जल का महासागर है। यूरोपा की लगभग पूरी सतह
ठोस बर्फ से बनी हुयी है। हम यह भी जानते हैं कि इस सतह पर हजारो दरारें है जो पृथ्वी पर पानी पर तैरती बर्फ की परतों पर की दरारों की तरह ही
हैं औ है
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हैं। यूरोपा पर बृहस्पति और अन्य चंद्रमाओं के गुरूत्वीय खिंचाव के कारण उसका आंतरिक भाग गर्म होता है। लेकिन एक प्रश्न जो मानव मन को
मथता रहा है, वह यूरोपा की बर्फ की सतह की मोटाई को लेकर है। यह बर्फ की सतह कु छ किलोमीटर मोटी होने या वह एक पतली परत मात्र होने के
समर्थन में प्रमाण मौजूद हैं, जो रहस्य को गहरा करते हैं। यूरोपा की सतह का अध्ययन करते खगोलविज्ञानियों के अनुसार यह बर्फ की परत
साधारणत: बहुत मोटी है और इस सतह के नीचे द्रव जल की झीलें होनी चाहिए। गैलीलीयो अंतरिक्ष यान ने बृहस्पति की कई सालों तक परिक्रमा की
थी जिससे पता चला कि यूरोपा की अधिकतर सतह सपाट और व्यवस्थित है जो कि एक बर्फ की मोटी सतह से अपेक्षित है। लेकिन कु छ छोटे भाग
अव्यवस्थित हैं और यह क्षेत्र सतह के नीचे के द्रव जल की वजह से है। भूभाग के नीचे का यह जल विशालकाय झीलों के रूप में है जो बर्फ की सतह से
ढंका है, इन झीलों का आकार उत्तरी अमरीका की विशालकाय झीलों के समान है। यूरोपा पर भूमीगत झींलों की संरचनाएं हैं। सामान्यत: यूरोपी की
सतह पर बर्फ की परत मोटी है जोकि यूरोपा की सतह के दिखायी देने वाले स्वरूप के अनुरूप है। लेकिन कु छ विशेष क्षेत्रों में बर्फ सतह के नीचे बर्फ
पिघल कर द्रव जल में परिवर्तित हो गयी है। इस झील पर बर्फ की सतह पतली है और लगभग 3 किमी मोटी है। इससे इन विशेष क्षेत्रों की अव्यवस्थित
दशा के कारणों का पता चलता है। लेकिन यह इतना महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि हम जानते हैं कि पृथ्वी पर जीवन के विकास के लिये सबसे
महत्वपूर्ण कारक द्रव जल की उपस्थिति है। और हम जानते हैं कि यूरोपा पर द्रव जल की झीले हैं। लेकिन यह द्रव जल बर्फ की ठोस परत के नीचे है।
सतह पर सूर्य प्रकाश जीवन के लिये आवश्यक रसायनों के निर्माण में मदद करता है लेकिन बर्फ की सतह के नीचे इन विशेष क्षेत्रों में जहां पर बर्फ की
परत पतली है, यह रसायन सतह के नीचे द्रव जल तक पहुंच सकते हैं। इन झीलों से ये रसायन और भी नीचे पानी के महासागर तक पहुंच सकते हैं।
मनोरं जक तथ्य है कि इस उपग्रह का मैकु ला थेरा नाम क्षेत्र यह दर्शाता है कि इसमें झील अपने निर्माण के दौर में ही है। यह वर्तमान में जारी प्रक्रिया
है। इसका अर्थ यह है कि वर्तमान में, आज भी जीवन के लिये आवश्यक रासायनिक प्रक्रियायें जारी है। यूरोपा की सतह के नीचे के जल को यह
वर्तमान में भी रसायन प्रदान हो रहे हैं। ध्यान दें कि इसका अर्थ यह नही हैं कि यूरोपा में जीवन है लेकिन यहां पर जीवन की संभावनायें पहले से कहीं
ज्यादा हैं।