Page 1
DU MPhil PhD in Hindi
Topic:‐ HINDI MPHIL
1) ‘ए क ऐ स ी स्थ ापना िजसे िवशे ष कर आ े प से मु क ्त स्त र पर मािणत करने हे त ु स्त ु त कया ग य ा ह ो ’ य ह प रभाषा कसके सं द भ म द ी ग ई
है –[Question ID = 4172]
1. शोध [Option ID = 16685]
2. शोध‐ बंध [Option ID = 16686]
3. समी ा [Option ID = 16687]
4. आलोचना [Option ID = 16688]
2) भाषा वै ािनक श ो ध क कतनी मु ख प ितयाँ म ा न ी जाती ह –[Question ID = 4173]
1. दस [Option ID = 16689]
2. सात [Option ID = 16690]
3. चार [Option ID = 16691]
4. दो [Option ID = 16692]
3) हदी अनु स ं ध ान क ा िवस्त ा र एवं िवकास क ा ल कसे म ा न ा जाता है?[Question ID = 4174]
1. 1911 से 1935 [Option ID = 16693]
2. 1937 से 1947 [Option ID = 16694]
3. 1808 से 1905 [Option ID = 16695]
4. 1950 से 1990 [Option ID = 16696]
4) अनु स ं ध ान क ा धान‐ योजन कसे म ा न ा जाता है –[Question ID = 4175]
1. ान‐िवस्तार [Option ID = 16697]
2. भाव का िवस्तार [Option ID = 16698]
3. त व‐दश न [Option ID = 16699]
4. रहस्यो ाटन [Option ID = 16700]
5) श ो ध‐सं र चना के घ ट क क ा अं ग न ह है –[Question ID = 4176]
1. सूचना के ोत [Option ID = 16701]
2. अध्य यन क कृित [Option ID = 16702]
3. अध्य यन का उ ेश्य [Option ID = 16703]
4. पुनपाठ [Option ID = 16704]
6) े ष ्ठ िनदश न (Sampling) क ा अिनवाय ल ण न ह है?[Question ID = 4177]
1. सम ितिनिधत्व [Option ID = 16705]
2. िनष्प ता [Option ID = 16706]
3. कल्पना [Option ID = 16707]
4. पयाप्त आकार [Option ID = 16708]
7) सामान्य त: श ो ध क कतनी प ितयां म ा न ी ग ई ह –[Question ID = 4178]
1. सात [Option ID = 16709]
2. दस [Option ID = 16710]
3. ग्यारह [Option ID = 16711]
4. बारह [Option ID = 16712]
8) श ो ध के स्व प के सं द भ म श ो ध के मु ख कार के क स भे द क ो स्व ीकारा ग य ा है ‐[Question ID = 4179]
1. िवषयगत [Option ID = 16713]
2. दृि गत [Option ID = 16714]
3. िवषयगत और दृि गत [Option ID = 16715]
4. उपयुक्त म से कोई नह [Option ID = 16716]
9) श ो ध‐ े म ‘अनु स ं ध ा’ क ा मू ल अथ है ‐[Question ID = 4180]
1. ल य ि थर करना [Option ID = 16717]
2. संधान करना [Option ID = 16718]
3. िवश्लेषण करना [Option ID = 16719]
4. टूटे‐िबखरे सू को जोड़ना [Option ID = 16720]
10) श ो ध के अं त ग त उपकल्प ना क ा मु ख कार क ौ न स ा है?[Question ID = 4181]
1. सावभौिमक [Option ID = 16721]
2. अि तत्वात्मक [Option ID = 16722]
3. सरल उपकल्पना [Option ID = 16723]
4. ज टल उपकल्पना [Option ID = 16724]
11) दु खम के अनु स ार श ो ध ‐ या म सामािजक तथ्य क िवशे ष ता है ‐[Question ID = 4182]
1. सावभौिमकता [Option ID = 16725]
2. रचनात्मकता [Option ID = 16726]
3. ि भािषकता [Option ID = 16727]
Page 2
4. ब भािषकता [Option ID = 16728]
12) “कबीर ( ं थ ावली) क ा पाठ” न ा म क श ो ध‐ बं ध क स कार के अनु स ं ध ान क ा प रचायक ह ‐[Question ID = 4183]
1. भाषाशास् ीय अनुसधं ान [Option ID = 16729]
2. पाठानुसध
ं ान [Option ID = 16730]
3. काव्यशास् ीय अनुसध ं ान [Option ID = 16731]
4. स दयशास् ीय अनुसध ं ान [Option ID = 16732]
13) श ो ध काय के स म य ‘ ामािणकता के स्व प क ो दयं ग म करने के िलए सव थम अ मािणकता के स्व प औ र उससे सं ब आयाम क ो
स म झ न ा ब त आवश्य क है ’ य ह क थ न है ‐[Question ID = 4184]
1. सत्य [Option ID = 16733]
2. असत्य [Option ID = 16734]
3. आंिशक सत्य [Option ID = 16735]
4. आंिशक असत्य [Option ID = 16736]
14) श ो ध‐ े क मू ल स ा म ी, स ा म ी से सं ब ं ि धत श ो ध‐ ं थ त थ ा समालोचना‐ ं थ, श ो ध‐दृ ि से सं ब ं ि धत सै ां ि तक अथवा शास् ी य ंथ श ो ध ‐
या म कसके िनधा रक त व माने जाते ह ‐[Question ID = 4185]
1. शोध िवषय [Option ID = 16737]
2. शोध े [Option ID = 16738]
3. परेखा [Option ID = 16739]
4. प रकल्पना [Option ID = 16740]
15) श ो ध के ‘अं त व त त व’ कतने माने ग ए ह ‐[Question ID = 4186]
1. पाँच [Option ID = 16741]
2. छह [Option ID = 16742]
3. सात [Option ID = 16743]
4. आठ [Option ID = 16744]
16) श ो ध के त व क ज ब िववे च ना क जाती है त ो आधारभू त त व कसे म ा न ा जाता है ‐[Question ID = 4187]
1. िवषय‐ े [Option ID = 16745]
2. शोध‐दृि [Option ID = 16746]
3. त वान्वेषण [Option ID = 16747]
4. उपयुक्त समस्त [Option ID = 16748]
17) य ह प ित अपे ाकृ त अिधक गं भ ीर म ा न ी जाती है, इसे श ो ध क दाश िनक चे त ना भ ी क ह ा जाता है, यहाँ िनष्क ष क ो तक सं ग त पम स्त ु त
करना होता है‐[Question ID = 4188]
1. सव ण प ित [Option ID = 16749]
2. आलोचनात्मक प ित [Option ID = 16750]
3. समस्यामूलक प ित [Option ID = 16751]
4. भाषा वै ािनक, शैली वै ािनक प ित [Option ID = 16752]
18) सामान्य से िवशे ष, सू म से थू ल , स म ि से ि , तत्व से सत्य क ओ र उन्म ु ख प ित म दाश िनक चतन के िलए क ौ न स ी प ित सव था
उपयु क ्त है[Question ID = 4189]
1. आगमन प ित [Option ID = 16753]
2. िनगमन प ित [Option ID = 16754]
3. आलोचनात्मक प ित [Option ID = 16755]
4. श्नावली प ित [Option ID = 16756]
19) श ो ध‐ िविध श ो ध‐काय क ा तकनीक प है ज ो श ो ध क ितभा से जु ड़ कर श ो ध क ा अ तव त त व ब न जाता है वास्त व म श ो ध‐ िविध क ो ई
बाहरी य ा िवजातीय तत्व न ह है व र न व ह व ष के श ो ध अनु भ व औ र म ा न क श ो ध बं ध के भीतर से ह ी िवकिसत आ है कै स ा क थ न है ‐
[Question ID = 4190]
1. िववा दत कथन
[Option ID = 16757]
2. िन ववा दत कथन
[Option ID = 16758]
3. सं दग्ध कथन
[Option ID = 16759]
4. काल्पिनक कथन
[Option ID = 16760]
20) “वै स े भ ी श ो ध िवषय के िनधा रण म श ो ध क ा े िजतना सु ि नधा रत होगा त थ ा श ो ध दृ ि िजतनी स्प ष्ट औ र सु ि नधा रत होगी, श ो ध
िवषय उ त न ा ह ी सु स ्प ष्ट औ र सु ा होगा ” य ह क थ न श ो ध के क स प क ो उ ा टत करता है ‐[Question ID = 4191]
1. शोध‐प रकल्पना को [Option ID = 16761]
2. शोध स्थापना को [Option ID = 16762]
3. शोध‐ या को [Option ID = 16763]
4. शोध‐दृि को [Option ID = 16764]
21) ''य ह ए क या भ ी है औ र काय भ ी इसके भ ी त्य े क काय य ा ि न म ि त के स म ा न द ो कारण ह िनिम कारण औ र उपादान कारण ..... श ो ध
क ा िनिम कारण है शोधक औ र श ो ध क ा उपादान कारण है श ो ध िवषय ” य ह क थ न कसके बारे म है ‐
[Question ID = 4192]
Page 3
1. शोध
[Option ID = 16765]
2. शोधक
[Option ID = 16766]
3. शोध‐िवषय
[Option ID = 16767]
4. कोई नह
[Option ID = 16768]
22) ‘यस्त कै ण ानु स ं ध ते स धम वे द नै त र: ’ इ स क थ न क ा उल्ल े ख क स ं थ म िमलता है ‐[Question ID = 4193]
1. ऋग्वेद [Option ID = 16769]
2. कुमारसंभवम [Option ID = 16770]
3. मनुस्मृित [Option ID = 16771]
4. ना शास् [Option ID = 16772]
23) ‘अनु स ं ध ान िवषय क ा अनवरत चतन, तत्स ं ब ं ध ी स ा म ी क ा अन्व े ष ण त थ ा िनरी ण‐परी ण, तथ्य क छानबीन औ र उपयोगी तथ्य क ा
सं क लन, सं क िलत तथ्य क ा वग करण‐िवश्ल े ष ण, उनके आ ध ा र पर त व (िनष्क ष , िस ां त ) क तक सं ग त स्थ ापना एवं शोध बं ध के प म इ न
समस्त यत्न क ा सु ष ्ठ ु शै ल ी म िववे च न होता है ” – य ह क थ न क स िव ान् क पु स त ् क से िलया ग य ा है ‐[Question ID = 4194]
1. डॉ नगेन् [Option ID = 16773]
2. डॉ बैजनाथ सहल [Option ID = 16774]
3. डॉ सािव ी िसन्हा [Option ID = 16775]
4. डॉ उदयभानु सह [Option ID = 16776]
24) अनु स ं ध ान के स्व प के िवषय म मु ख प से य ह श्न उठाया जाता है क ‘अनु स ं ध ान ि व ा न है, क ल ा है य ा शास् ?’ आ प क्य ा मानते ह ?
[Question ID = 4195]
1. िव ान [Option ID = 16777]
2. कला [Option ID = 16778]
3. शास् [Option ID = 16779]
4. िव ान और कला दोन [Option ID = 16780]
25) सामािजक अनु स ं ध ान के कार म क ौ न स ा कार मान्य न ह ह ?[Question ID = 4196]
1. अन्वेषणात्मक सामािजक अनुसध ं ान [Option ID = 16781]
2. वणनात्मक सामािजक अनुसध ं ान [Option ID = 16782]
3. परी णात्मक सामािजक अनुसध ं ान [Option ID = 16783]
4. ध्वन्यात्मक सामािजक अनुसधं ान [Option ID = 16784]
26) हदी सािहत्य क ा थ म इितहास – “इस्त ्व ा र द ल ा िलते र त्य ु र एन्द ु ई ऐन्द ु स त
् ा न ी” क स भाषा म िलखा ग य ा थ ा ‐[Question ID = 4197]
1. जमन [Option ID = 16785]
2. च [Option ID = 16786]
3. अँ ेज़ी [Option ID = 16787]
4. संसक
् ृत [Option ID = 16788]
27) रीितकालीन क ि व भू ष ण क रचना न ह है ‐[Question ID = 4198]
1. भाषा भूषण [Option ID = 16789]
2. िशवराज भूषण [Option ID = 16790]
3. िशवा बावनी [Option ID = 16791]
4. छ साल दशक [Option ID = 16792]
28) ‘ठे ठ हदी क ा ठ ा ठ’ पु स त
् क के रचनाकार ह ‐[Question ID = 4199]
1. रांगेय राघव [Option ID = 16793]
2. अयोध्या सह उपाध्याय ह रऔध [Option ID = 16794]
3. चं धर शमा गुलेरी [Option ID = 16795]
4. महावीर साद ि वेदी [Option ID = 16796]
29) ‘उदं त मात ण्ड ’ समाचार प के सं प ादक थे ‐[Question ID = 4200]
1. पंिडत जुगल कशोर [Option ID = 16797]
2. राजा ल मण सह [Option ID = 16798]
3. राजा राममोहनराय [Option ID = 16799]
4. मे चंद [Option ID = 16800]
30) भारतीय काव्य शास् म न ा ट क के क न त व क ो मान्य त ा द ी ग ई है ‐[Question ID = 4201]
1. कथावस्त ु, संवाद, अिभनेयता [Option ID = 16801]
2. च र िच ण, उ ेश्यपू त, संवाद [Option ID = 16802]
3. देशकाल, रसिनष्पि , गेयता [Option ID = 16803]
4. वस्त ु, नेता, रस [Option ID = 16804]
31) ए क उपमे य के िलए जहाँ अने क उपमान स्त ु त क ए जाते ह , व ह क ौ न स ा अलं क ार होता है ‐[Question ID = 4202]
1. मालोपमा [Option ID = 16805]
2. पूण पमा [Option ID = 16806]
3. उपमा [Option ID = 16807]
4. लुप्तोपमा [Option ID = 16808]
Page 4
32) चं धर शमा गु ल े र ी ने क स पा क ो हदी सािहत्य क ा अमर पा ब न ा दया ‐[Question ID = 4203]
1. गजेन् सह [Option ID = 16809]
2. लहना सह [Option ID = 16810]
3. बच्चू सह [Option ID = 16811]
4. िग रराज सह [Option ID = 16812]
33) भि काल क ो बौ धम क दे न कहने वाले इितहास‐िवद् क ा न ा म है ‐[Question ID = 4204]
1. धीर वमा [Option ID = 16813]
2. जॉच ि यसन [Option ID = 16814]
3. डॉ नगेन् [Option ID = 16815]
4. हजारी साद ि वेदी [Option ID = 16816]
34) ‘जु ग ु प ्स ा’ क स र स क ा स्थ ा य ी भ ा व है ‐[Question ID = 4205]
1. वीभत्स [Option ID = 16817]
2. भयानक [Option ID = 16818]
3. अ भुत [Option ID = 16819]
4. रौ [Option ID = 16820]
35) ‘ए क भारतीय आत्म ा’ – हदी के क स क ि व क ो क ह ा ग य ा है ‐[Question ID = 4206]
1. मैिथलीशरण गुपत
् [Option ID = 16821]
2. सोहनलाल ि वेदी [Option ID = 16822]
3. माखनलाल चतुवदी [Option ID = 16823]
4. रामधारी सह दनकर [Option ID = 16824]
36) ‘र ा ग‐दरबारी’ क स ि व ध ा क रचना है ‐[Question ID = 4207]
1. किवता [Option ID = 16825]
2. आत्मकथा [Option ID = 16826]
3. नाटक [Option ID = 16827]
4. उपन्यास [Option ID = 16828]
37) ‘अ ण य ह मधु म य दे श हमारा’ – क स रचना क ा ग ी त है ‐[Question ID = 4208]
1. स्कन्दगुप्त [Option ID = 16829]
2. व ु स्वािमनी [Option ID = 16830]
3. अजातश ु [Option ID = 16831]
4. चं गुप्त [Option ID = 16832]
38) राजभाषा‐आ य ो ग के थ म अध्य थे ‐[Question ID = 4209]
1. बाल गंगाधर खेर [Option ID = 16833]
2. गोिवन्द वल्लभ पंत [Option ID = 16834]
3. पु षोत्तम दास टं ड न [Option ID = 16835]
4. महात्मा गांधी [Option ID = 16836]
39) महाकिव सू र दास क ा जन्म स्थ ल है ‐[Question ID = 4210]
1. वृंदावन [Option ID = 16837]
2. सीही [Option ID = 16838]
3. काशी [Option ID = 16839]
4. भरतपुर [Option ID = 16840]
40) ‘बु न ी ई रस्स ी’ क स क ि व क ा काव्य ‐ सं ह है ‐[Question ID = 4211]
1. भवानी साद िम [Option ID = 16841]
2. नागाजुन [Option ID = 16842]
3. ि लोचन [Option ID = 16843]
4. धूिमल [Option ID = 16844]
41) “ल ो ग ह लािग किवत्त बनावत, म ो ह त ो मोरे किवत्त बनावत’ – क स क ि व ने क ह ा है ‐[Question ID = 4212]
1. रसखान [Option ID = 16845]
2. ठाकुर [Option ID = 16846]
3. घनानंद [Option ID = 16847]
4. आलम [Option ID = 16848]
42) ‘न य ी किवता’ पि का के सं स ्थ ापक सं प ादक थे ‐[Question ID = 4213]
1. ीकांत वमा [Option ID = 16849]
2. जगदीश गुपत
् [Option ID = 16850]
3. अ य
े [Option ID = 16851]
4. धमवीर भारती [Option ID = 16852]
43) सं ि वधान क आ ठ व अनु स ू च ी म अ ब कु ल कतनी भाषा क ो शािमल कया ग य ा है ‐[Question ID = 4214]
1. 22 [Option ID = 16853]
2. 21 [Option ID = 16854]
3. 18 [Option ID = 16855]
4. 24 [Option ID = 16856]
44) तु ल सीदास िवरिचत ‘ि व न य‐पि का’ क भाषा है ‐[Question ID = 4215]
Page 5
1. अवधी [Option ID = 16857]
2. भोजपुरी [Option ID = 16858]
3. जभाषा [Option ID = 16859]
4. सधुक्कड़ी भाषा [Option ID = 16860]
45) िबहारी के दोह पर क स रचना क ा अत्य ि ध क भाव है ‐[Question ID = 4216]
1. आया सप्तशती [Option ID = 16861]
2. गाथा सप्तशती [Option ID = 16862]
3. शृग
ं ार सप्तशती [Option ID = 16863]
4. नीित सप्तशती [Option ID = 16864]
46) 'य ह े म क ो पं थ कराल म ह ा तरवा र क ध ा र पै ध ा व न ो है ' ‐ इ न पं ि य के रचियता ह ‐[Question ID = 4217]
1. घनानंद [Option ID = 16865]
2. ठाकुर [Option ID = 16866]
3. आलम [Option ID = 16867]
4. बोधा [Option ID = 16868]
47) हदी म ‘िशकार‐सािहत्य ’ के रचनाकार माने जाते ह ‐[Question ID = 4218]
1. वृंदावनलाल वमा [Option ID = 16869]
2. ीराम शमा [Option ID = 16870]
3. नरेश मेहता [Option ID = 16871]
4. धूिमल [Option ID = 16872]
48) स द ल ि म ारा िलिखत रचना क ा न ा म है ‐[Question ID = 4219]
1. नािसकेतोपाख्यान [Option ID = 16873]
2. सुखसागर [Option ID = 16874]
3. म े सागर [Option ID = 16875]
4. मे योिगनी [Option ID = 16876]
49) न ा ट क म भू त य ा भिवष्य क घ ट न ा क सू च ना दे न े वाले क ो क ह ा जाता है‐[Question ID = 4220]
1. सू धार [Option ID = 16877]
2. उ ोषक [Option ID = 16878]
3. िवषकम्भ क [Option ID = 16879]
4. िवदूषक [Option ID = 16880]
50) क ि व िबहारीलाल क किवता क ो ‘शक्क र क र ो ट ी’ कसने क ह ा ‐[Question ID = 4221]
1. लाला भगवानदीन [Option ID = 16881]
2. जगन्नाथदास रत्नाकर [Option ID = 16882]
3. प सह शमा [Option ID = 16883]
4. िवश्वनाथ साद िम [Option ID = 16884]