MP CPCT 07 Aug 2021 Question Paper Hindi Typing Shift 2 – Text
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Computer Proficiency Certification Test
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Question Paper Name : INSCRIPT 07th August 2021 Shift 2
Subject Name : Inscript
Creation Date : 2021-08-07 18:07:11
Duration : 25
Calculator : None
Magnifying Glass Required? : No
Ruler Required? : No
Eraser Required? : No
Scratch Pad Required? : No
Rough Sketch/Notepad Required? : No
Protractor Required? : No
Show Watermark on Console? : No
Highlighter : No
Auto Save on Console? : Yes
Mock
Group Number : 1
Group Id : 2549892771
Group Maximum Duration : 10
Group Minimum Duration : 10
Show Attended Group? : No
Edit Attended Group? : No
Break time : 1
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Mandatory Break time : Yes
Group Marks : 0
Is this Group for Examiner? : No
Hindi Mock
Section Id : 2549894287
Section Number : 1
Section type : Typing Test
Mandatory or Optional : Mandatory
Number of Questions : 1
Number of Questions to be attempted : 1
Section Marks : 0
Enable Mark as Answered Mark for Review and Clear Response : Yes
Sub-Section Number : 1
Sub-Section Id : 2549894328
Question Shuffling Allowed : No
Question Number : 1 Question Id : 25498940717 Question Type : TYPING TEST
Form CPCTHINMOINS2
एक बार की बात है, अकबर और बीरबल शिकार पर जा रहे थे। अभी कु छ समय हुआ था कि उन्हें एक हिरण दिखा। जल्दबाजी में तीर निकलते हुए
अकबर अपने हाथ पर घाव लगा बैठा। अब हालात कु छ ऐसे थे कि अकबर बहुत दर्द में था और गुस्से में भी।
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Actual
Group Number : 2
Group Id : 2549892772
Group Maximum Duration : 15
Group Minimum Duration : 15
Show Attended Group? : No
Edit Attended Group? : No
Break time : 0
Group Marks : 0
Is this Group for Examiner? : No
Hindi Typing Test
Section Id : 2549894288
Section Number : 1
Section type : Typing Test
Mandatory or Optional : Mandatory
Number of Questions : 1
Number of Questions to be attempted : 1
Section Marks : 0
Enable Mark as Answered Mark for Review and Clear Response : Yes
Sub-Section Number : 1
Sub-Section Id : 2549894329
Question Shuffling Allowed : No
Question Number : 2 Question Id : 25498940718 Question Type : TYPING TEST
Form CPCTHINTYINS2
जिस दिन इंसान ने चांद पर कदम रखा था ठीक उसी दिन से एक विशेष विचारधारा के लोगों ने यह भ्रम फै लाया कि इंसान कभी चांद पर गया ही
पै है पै
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नहीं। कु छ लोग कह रहे थे कि चांद जाने में अमेरिकी सरकार इतना पैसा क्यों खर्च कर रही है जबकि इस पैसे से अनेक गरीब लोगों को शिक्षा
स्वास्थ्य जैसी मूलभूत चीजें दी जा सकती हैं। हो सकता है कि मनुष्य को चांद पर भेजने में अमेरिका की कई सारे निजी हित शामिल हो इनसे कोई
इंकार नहीं करता। लेकिन मनुष्य के चांद पर जाने से जो लाभ मानव जाति को हुआ है वह अतुलनीय है और उससे के वल अमेरिका को ही नहीं पूरी
मानव जाति को लाभ हुआ है। ५० वर्ष पहले आब आपोलो मिशन चांद पर गया तब उसने ऐसी गहरी तकनीकों का आविष्कार किया जिन से मानव
जीवन मानव जीवन को बहुत गहरा लाभ पहुंचा है। जैसे जब अपोलो को किया जाता था तब इंजीनियरों के सामने वाइब्रेशन की समस्या आई। जिस
समय अपोलो को लांच किया जाता तब बहुत ही भयंकर वाइब्रेशन का इंजीनियरों को सामना करना होता। इसके लिए तकनीक का अविष्कार किया
गया और आज ये ही तकनीक गगनचुंबी बिल्डिंग में भूकं प रोकने के लिए उपयोग होती है। अगर अपोलो मिशन के लिए तकनीक का अविष्कार ना
हुआ होता तो आज इतनी भव्य तथा गगनचुंबी इमारतें बनाना संभव नहीं हो पाता और भूकं प से भी कई लोग जान गंवा चुके होते, रे लवे लाइन और
रे लवे के भारी यातायात सहन करने वाले पुल भी इतनी मजबूती के साथ कभी ना बन पाते। नासा के जो चांद पर जा रहे थे उनके स्वास्थ्य की जांच
करने के लिए मेडिकल बनाए गए थे। जो आज हर एक अस्पताल में इस्तेमाल होते हैं और इंसान के दिल, सांस और खून के स्तर का लाइव टेलीकास्ट
उपलब्ध कराते हैं। जरा सोचिए यह तकनीक मरीजों के लिए कितनी लाभप्रद है जो अपोलो मिशन के दौरान खोजी गईं थीं। जिस समय अपोलो चांद
पर उतरा था अंतरिक्ष यात्रियों को विकिरण रोधी चादर से ढका गया था जिसे रे डियंट बैरियर इंसुलेशन कहा जाता है। इसका उपयोग आज कहीं पर
आग लग जाने पर लोगों को सुरक्षित निकालने में किया जाता है। फायरफाइटर्स भी इस का उपयोग करते हैं। परिधान खास फाइबर से तैयार किए
गए थे जिनमें आग नहीं लगती थी। इन्हीं परिधानों का उपयोग आज सेना फायरफाइटर्स और विभिन्न संगठनों के लोग आपात स्थिति में या देश की
रक्षा में करते हैं। अपोलो मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों के लिए खासतौर पर हेयरिं ग गैजेट बनाए गए थे जो उन्हें सुनने में मदद करते थे। आज यही गैजेट
हमारे वह दिव्यांग भाई बहनों प्रयोग करते हैं जो सुन नहीं करते या जिनकी सुनने की क्षमता की सुनने काफी कम होती है। सोचिए अगर यह सब ना
होता तो कितने लोग अपने जीवन से ज्यादा हाथ गंवा चुके होते हैं या फिर उसका अनंद नहीं उठा पाते। प्रकृ ति हमें खोजी बने रहने के लिये प्रेरित
करती हैं और हमें अलोचकों की चिन्ता किये बिना यह करते रहना चाहिए।