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झारखण्ड शैक्षिक अनुसन्धान एवं प्रक्षशिण पररषद्, रााँची
वाक्षषिक परीिा 2023-24
आदशिप्रश्नपत्रम्
संस्कृतम्
(बहुक्षवकल्पीयााः प्रश्नााः)
किा – अष्टमी क्षवषय: - संस्कृतम्
समय: - 60 क्षनमेषा: पूणाांकााः – 50
सामान्य क्षनदेशा: -
अक्षस्मन् प्रश्नपत्रे 50 प्रश्नााः। (इस प्रश्न-पत्र में 50 प्रश्न हैं।)
सवे प्रश्नााः अक्षनवायाि:। (सभी प्रश्न अक्षनवायि हैं।)
प्रत्येक प्रश्नाथां एकोsङ्को क्षनधािररताः। (प्रत्येक प्रश्न के क्षिए एक अंक क्षनधािररत है।)
प्रत्येक प्रश्नस्य चत्वारो क्षवकल्पााः। उक्षचतक्षवकल्पं क्षचनुत। (प्रत्येक प्रश्न के चार क्षवकल्प क्षदए
गए हैं। उक्षचत क्षवकल्प का चयन करें ।)
अनुक्षचतोत्तराथां कोsक्षप नकारात्मकाङ्को नाक्षस्त। (गित उत्तर के क्षिए कोई नकारात्मक
अंक नहीं है।)
अपक्षितावबोधनम्
अधोक्षिक्षखतं गद्ांशं पक्षित्वा प्रदत्तान् प्रश्नान् क्षवकल्पेभ्य: उत्तरं क्षचनुत-
■. अधुिनके औद्योिगके यग ु े प्रदूषणस्य समस्या िदनं प्रिििदनं वधि िे एव कुत्रािप स्वच्छः वायुः न प्राप्यिे, न
स्वच्छजलं लभ्यिे न च स्वच्छािन खाद्यपदार्ाि िन प्राप्यन्िे । ऄद्यत्वे यन्त्रालयानां यानानां च धम ू ेन
सम्पणू ि वायुमण्डलं दूिषिं सञ्जािम्। दूिषिः वायुः एव श्वासेन रृदये प्रिवशिि । ऄिः िविवधाः श्वासरोगाः,
रृदयरोगाः, धमि रोगाः नेत्ररोगाः च जनान् पीडयिन्ि। वायप्र ु दष
ू णस्य प्रमुखिमं कारणम् औद्योिगकिवकासः
ऄिस्ि। वि ृ ाणां िवनाशं कृत्वा जनाः औद्योिगकिेत्राणां िवकास िु कुवि िन्ि िकन्िु िे प्रकृििदेवीमिप
सम्पीडयिन्ि । िवज्ञानस्य प्रगत्या िनत्यं नि ू नयन्त्राणामिप अिवष्कारः भविि । ऄिः ऄस्मािभः सवव ः
िमिलत्वा प्रदूषणसमस्यायाः समाधानं किि व्यम्।
1.अधुिनके औद्योिगके युगे कस्य समस्या िदनं-प्रिििदनं वधि िे ?
(क) िवज्ञानस्य
(ख) प्रदषू णस्य
(ग) परीिाया:
(घ) जनसंख्याया:
2.कस्य प्रगत्या: िनत्यं नि
ू नयन्त्राणामिप अिवष्कारः भविि ?
(क) प्रदूषणस्य
(ख) जनसंख्याया:
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(ग) परीिाया:
(घ) िवज्ञानस्य
3. दूिषिः वायुः कर्ं रृदये प्रिवशिि ?
(क) कणेन
(ख) रृदयेन
(ग) श्वासेन
(घ) नेत्रेण
4.‘दुःखीकुवि िन्ि’ ऄस्य पदस्य ऄनुच्छे दे कः पयाि यः ?
(क) प्राप्यन्िे
(ख) क्रीडिन्ि
(ग) कुवि िन्ि
(घ) सम्पीडयिन्ि
5.िविवधा: रोगा: कान् पीडयिन्ि?
(क) यानािन
(ख) जनान्
(ग) िवज्ञानम्
(घ) पुस्िकािन
6.सम्पण ू ि वायुमण्डलं केन दूिषिं जािम् ?
(क) वायन ु ा
(ख) ऄिननना
(ग) जलेन
(घ) धम ू ेन
7.‘प्राप्यन्िे’ आिि िक्रयायाः किि पृ दं िकम्?
(क) स्वच्छजलम्
(ख) खाद्यपदार्ाि िन
(ग) प्रकृििदे वीम्
(घ) वायुम्
8.‘मिलनम्’ ऄस्य िकं िवपयि यपदं प्रयुक्तम् ?
(क) स्वच्छम्
(ख) ऄमिलनम्
(ग) ऄस्वच्छम्
(घ) पिवत्रम्
9. ‘ऄस्मािभ:’ ऄस्य मल
ू शब्दं िचनिु -
(क) ऄहम्
(ख) ऄस्मद्
(ग) युष्मद्
(घ) ऄदस्
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10. ‘वि
ृ ाणां’ पदे िकं वचनम् ?
(क) एकवचनम्
(ख) ििवचनम्
(ग) बहु वचनम्
(घ) सत्यवचनम्
पक्षितावबोधनम्
अधोक्षिक्षखतं गद्ांशं पद्ं नाट्यांशं वा पक्षित्वा प्रदत्तान् प्रश्नान् क्षवकल्पेभ्य: उत्तरं क्षचनुत-
गद्ांश:
एकदा ऄचि कः मिन्दरसम्मुखे िवद्यमाने सरोवरे स्नानं कृत्वा मिन्दरं प्रिि गच्छिि िदा मागे
एकेन लघुस्र्ाणुना िस्य पादे अघािः प्राप्तः । यदा ऄचि कः िं खिनत्वा ऄपसाररिवान् िदा ित्र
िेन एकः कनककलशः दृष्टः । कलशे ऄनेकाः स्वणि मुद्ाः असन्। सः ऄिचन्ियि् यि् आदं धनं
मम नािस्ि, ऄिः आदं न ग्रहणीयम् । सः गहृ ं गत्वा िां वािाां स्वभायाि म् ऄकर्यि् । िस्य भायाि
ऄिप ऄिीव सत्यव्रिा असीि्। िया ईक्तम् परधनं न ग्रहणीयम् ।
प्रश्ना:
11. ऄचि क: कुत्र स्नानम् ऄकरोि् ?
(क) सरोवरे
(ख) कूपे
(ग) नद्याम्
(घ) वषाि जले
12. स्वणि मुद्ाः कुत्र असन् ?
(क) स्र्ाल्याम्
(ख) चषके
(ग) कलशे
(घ) सरोवरे
13. ऄचि कस्य भायाि कीदृशी असीि् ?
(क) कठोरा
(ख) िस्ननधा
(ग) मुनधा
(घ) सत्यव्रिा
14. ‘गच्छक्षत’ पदे क: लकार: ?
(क) लङ्गलकार:
(ख) लोट्लकार:
(ग) लट्लकार:
(घ) लटृ ् लकार:
15.’क्षवमुख’े ऄस्य िकं िवलोमपदम् ऄत्र प्रयुक्तम्?
(क) अमुखे
(ख) षण्मुखे
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(ग) दुमि ुखे
(घ) सम्मुखे
पद्म्
शरक्षद न वषिक्षत गजिक्षत
वषिक्षत वषािसु क्षनाःस्वनो मेघाः ।
नीचो वदक्षत न कुरुते
न वदक्षत सुजनाः करोत्येव ।।
16. क: केवलं वदिि , न करोिि ?
(क) नीच:
(ख) मध्यम:
(ग) ईत्तम:
(घ) सुजन:
17. कस्यां ऋिौ मेघ: वषि िि ?
(क) ग्रीष्मिौ
(ख) वषाि ऋिौ
(ग) वसन्ििौ
(घ) शरद् ऋिौ
18. ‘जिधर:’ ऄस्य िकं पयाि यपदम् ऄत्र प्रयुक्तम्?
(क) शरिद
(ख) वषाि सु
(ग) नीच:
(घ) मे घ:
19. ‘दजु िन:’ ऄस्य िवलोमपदं िचनुि-
(क) गुञ्जन:
(ख) सखीजन:
(ग) सुजन:
(घ) सुधीजन:
20. ‘करोक्षत’ ऄस्य मल
ू धािुं िलखि-
(क) कर्
(ख) कृ
(ग) क्री
(घ) क्रीड्
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नाट्यांश:
धनेश्वर: - कर्ं न ! मम पुत्रस्य िववाहः िु करणीयः एव ,परन्िु िववाहे ऄहम् एकमिप रुप्यकं
व्ययं न कररष्यािम ।
पन्ना – मम पत्र ु ी ऄिीवसशु ीला सुन्दरी गहृ कायि दिा सुिशिििा चािस्ि । ऄहं िनजपििः
पण ू ि प्रयासं कररष्यािम ।
धनेश्वराः - सम्यगिस्ि । ऄहं कन्यां दृष्ट्वा िनश्चयं कररष्यािम । (िकिञ्चििनानन्िरं धनेश्वरः
कन्यायाः गहृ ं गच्छिि ।
पन्ना रामवि ृ श्च िस्य सत्कारं कुरुिः।)
धनेश्वराः - कन्या िु सुन्दरी ऄिस्ि । मम पुत्रानुरूपा चािस्ि । िववाहः ऄिग्रममासस्य
षड्िवंशिदनाङ्के भिवष्यिि । मम प्रििष्ठानुसारम् अयोजनं भवेि् ।
प्रश्ना:
21. कस्या: पुत्री ऄिीवसुशीला सुन्दरी गहृ कायि दिा सुिशिििा चािस्ि ?
(क) रामवि ृ स्य
(ख) धनेश्वरस्य
(ग) अदशि स्य
(घ) पन्नाया:
22. धनेश्वरस्य सत्कारं कौ कुरुि:?
(क) पन्ना
(ख) रामवि ृ :
(ग) पन्ना रामवि ृ :च
(घ) न कोऽिप
23. क: कन्यायाः गहृ ं गच्छिि ?
(क) धनेश्वरः
(ख) पन्ना
(ग) स्मिृ ि:
(घ) अदशि :
24.’ अक्षशक्षिता’ आत्यस्य िकं िवलोमपदम् ऄत्र प्रयुक्तम्?
(क) सत्कारम्
(ख) प्रििष्ठा
(ग) सुिशिििा
(घ) ऄनन्िरम्
25. ‘कररष्याक्षम’ पदे क: लकार: ?
(क) लट्लकार:
(ख) लटृ ् लकार:
(ग) लोट्लकार:
(घ) लङ्गलकार:
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क्षनदेश: प्रत्ययं संयोज्य क्षवयोज्य वा क्षिखत-
26. दृश्+क्तत्वा= ?
(क) दृश्क्क्तत्वा
(ख) दिशि क्तत्वा
(ग) दृष्ट्वा
(घ) दृश्क्ट्वा
27. ‘श्रोतुम्’ आत्यिस्मन् क: प्रत्यय: ?
(क) िुमुन्
(ख) क्तत्वा
(ग) िव्यि्
(घ) ल्यप्
28. िवहस्य = िव+ हस् +------।
(क) क्तत्वा
(ख) िुमुन्
(ग) क्तत्वा
(घ) ल्यप्
क्षनदेश:- अधोक्षिक्षखतानां पदानां पयाियपदम् क्षवकल्पेभ्य: क्षचनुत -
29. ‘गङ्गा’ ऄस्य पयाि यपदम् िकम् ?
(क) शिद्ु:
(ख) कािलन्दी
(ग) भागीरर्ी
(घ) िविस्िा
30. ‘पाक्षण:’ शब्दस्य ऄर्ां िचनुि-
(क) हस्ि:
(ख) पादम्
(ग) जलम्
(घ) लवणम्
31.’ तूष्णीम् ‘ ऄस्य समानार्ि कपदं िकम् ?
(क) ईष्णम्
(ख) मौनम्
(ग) त्वमेव
(घ) ऄधुना
क्षनदेश: - अधोक्षिक्षखतानां पदानां क्षविोमपदम् क्षवकल्पेभ्य: क्षचनुत –
32. ‘उन्नक्षत:’ ऄस्य िवलोमपदम् िकम् ?
(क) सम्पित्त:
(ख) िवकृिि:
(ग) ऄवनिि:
(घ) सङ्गिि:
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33. ‘ गुरु:’ ऄस्य िवपयि यपदं िकम् ?
(क) लघु:
(ख) वहृ ि्
(ग) िवशाल:
(घ) महान्
34. ‘ नगरम्’ पदस्य िवलोमपदम् िकम् ?
(क) जनपद:
(ख) ग्रामम्
(ग) मागि म्
(घ) िेत्रम्
प्रश्नक्षनमािणम-् रे खाङ्क्षकतपदम् आधत्ृ य प्रश्नवाचकशब्दं क्षचनुत-
35. श्रीकृष्ण: ईपदे शम् ऄयच्छि्।
(क) िकम्
(ख) का
(ग) कस्य
(घ) क:
36. सावरकरस्य जीवनचररिं पठनीयम्।
(क) िकम्
(ख) का
(ग) कस्य
(घ) क:
37. रात्रौ जागरणं भविि।
(क) िकम्
(ख) कदा
(ग) कस्य
(घ) क:
क्षनदेश: - क्षभन्नपदं क्षचनुत-
38. पत्रािण, फलािन, पुष्पािण, िमत्रािण।
(क) पत्रािण
(ख) फलािन
(ग) पष्ु पािण
(घ) िमत्रािण
39. छात्र:, िशिक:, सेवक:, लेिखका।
(क) लेिखका
(ख) िशिक:
(ग) छात्र:
(घ) सेवक:
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40. व्याघ्र:, भल्लकू :,गज:, कपोि:, िसंह:।
(क) गज
(ख) कपोि:
(ग) व्याघ्र:
(घ) भल्लक ू :
क्षनदेश: - सक्षन्धं क्षवच्छे दं वा कुरुत-
41. िवद्यार्ी =------+---------
(क) िवद्या + ऄर्ी
(ख) िवद् + यार्ी
(ग) िव + द्यार्ी
(घ) िवद्यार् + र्ी
42. नदी+ इश:= ----------।
(क) निदश:
(ख) नदीश:
(ग) निीश:
(घ) नद्यीश:
43. लघु+ ईिमि : =---------।
(क) लघुिमि :
(ख) लघ्विमि :
(ग) लघ्यिू मि :
(घ) लघिू मि :
44. रामायणम्=----------+-------।
(क) राम + ऄयनम्
(ख) रामा + ऄयणम्
(ग) रामाय + णम्
(घ) राम: + ऄयणम्
क्षनदेश: - अधोक्षिक्षखतवाक्येषु अव्ययपदं क्षवकल्पेभ्य: क्षचनुत-
45. िपबिन्ि नद्य: स्वयमे व नाम्भ:।
(क) एव
(ख) ऄम्भ:
(ग) नद्य:
(घ) िपबिन्ि
46. ऄलसस्य कुि: िवद्या ऄिवद्यस्य कुि: धनम् ।
(क) ऄिवद्यस्य
(ख) ऄलसस्य
(ग) कुि:
(घ) धनम्
47. ऄहं भवि: िवरुद्धं कदािप न गच्छािम।
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(क) भवि:
(ख) ऄिप
(ग) िवरुद्धं
(घ) गच्छािम
क्षनदेश:- श्लोकांशष े ु ररक्तस्थानाक्षन क्षवकल्पेभ्य: पूरयत-
48. षडदोषा: परु ु षेणेह हािव्या भिू ििमच्छिा। ---------- िन्द्ा भयं क्रोध: अलस्यं
दीघि सत्र
ू िा ।।
(क) िनद्ा
(ख) कन्दरा
(ग) मान्दरम्
(घ) भद्ा
49. ----------- सिां िवभि ू य:।
(क) पदाय
(ख) परोपकाराय
(ग) धनाय
(घ) रुप्यकाय
50. --------- िपो नािस्ि, न संिोषाि् परं सुखम्।
(क) बलिुल्यं
(ख) शिक्तिुल्यं
(ग) शािन्ििुल्यं
(घ) िनद्ािुल्यं
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वाक्षषिक परीिा 2023-24
आदशिप्रश्नपत्रम्
संस्कृतम्
(बहुक्षवकल्पीयााः प्रश्नााः)
किा – अष्टमी क्षवषय: - संस्कृतम्
उत्तराक्षण
1. (ख) प्रदष ू णस्य 30. (क) हस्त:
2. (घ) क्षवज्ञानस्य 31. (ख) मौनम्
3. (ग) श्वासेन 32. (ग) अवनक्षत:
4. (घ) सम्पीडयक्षन्त 33. (क) िघु:
5. (ख) जनान् 34. (ख) ग्रामम्
6. (घ) धूमन े 35. (घ) क:
7. (ख) खाद्पदाथािक्षन 36. (ग) कस्य
8. (क) स्वच्छम् 37. (ख) कदा
9. (ख) अस्मद् 38. (घ) क्षमत्राक्षण
10. (ग) बहुवचनम् 39. (क) िेक्षखका
11. (क) सरोवरे 40. (ख) कपोत:
12. (ग) किशे 41. (क) क्षवद्ा + अथी
13. (घ) सत्यव्रता 42. (ख) नदीश:
14. (ग) िट्िकार: 43. (घ) िघूक्षमि:
15. (घ) सम्मुखे 44. (क) राम + अयणम्
16. (क) नीच: 45. (क) एव
17. (ख) वषाि ऋतौ 46. (ग) कुत:
18. (घ) मेघ: 47. (ख) अक्षप
19. (ग) सुजन: 48. (क) क्षनद्रा
20. (ख) कृ 49. (ख) परोपकाराय
21. (घ) पन्नाया: 50. (ग) शाक्षन्ततुल्यं
22. (ग) पन्ना रामवृि: च
23. (क) धनेश्वराः
24. (ग) सुक्षशक्षिता
25. (ख) िृट्िकार:
26. (ग) दृष्ट् वा
27. (क) तुमुन्
28. (घ) ल्यप्
29. (ग) भागीरथी
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