MP CPCT 08 Aug 2021 Question Paper Hindi Typing Shift 1 – Text
Read the full text of this question paper below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.
📄 View text version (4 pages)
Page 1
Computer Proficiency Certification Test
Notations :
1.Options shown in green color and with icon are correct.
2.Options shown in red color and with icon are incorrect.
Question Paper Name : INSCRIPT 08th August 2021 Shift 1
Subject Name : Inscript
Creation Date : 2021-08-08 15:08:11
Duration : 25
Calculator : None
Magnifying Glass Required? : No
Ruler Required? : No
Eraser Required? : No
Scratch Pad Required? : No
Rough Sketch/Notepad Required? : No
Protractor Required? : No
Show Watermark on Console? : No
Highlighter : No
Auto Save on Console? : Yes
Mock
Group Number : 1
Group Id : 2549892779
Group Maximum Duration : 10
Group Minimum Duration : 10
Show Attended Group? : No
Edit Attended Group? : No
Break time : 1
Page 2
Mandatory Break time : Yes
Group Marks : 0
Is this Group for Examiner? : No
Hindi Mock
Section Id : 2549894295
Section Number : 1
Section type : Typing Test
Mandatory or Optional : Mandatory
Number of Questions : 1
Number of Questions to be attempted : 1
Section Marks : 0
Enable Mark as Answered Mark for Review and Clear Response : Yes
Sub-Section Number : 1
Sub-Section Id : 2549894336
Question Shuffling Allowed : No
Question Number : 1 Question Id : 25498940725 Question Type : TYPING TEST
Key Value
Form CPCTHINMOINS3
एक बार की बात है, अकबर और बीरबल शिकार पर जा रहे थे। अभी कु छ समय हुआ था कि उन्हें एक हिरण दिखा। जल्दबाजी में तीर निकलते हुए
अकबर अपने हाथ पर घाव लगा बैठा। अब हालात कु छ ऐसे थे कि अकबर बहुत दर्द में था और गुस्से में भी।
Page 3
Actual
Group Number : 2
Group Id : 2549892780
Group Maximum Duration : 15
Group Minimum Duration : 15
Show Attended Group? : No
Edit Attended Group? : No
Break time : 0
Group Marks : 0
Is this Group for Examiner? : No
Hindi Typing Test
Section Id : 2549894296
Section Number : 1
Section type : Typing Test
Mandatory or Optional : Mandatory
Number of Questions : 1
Number of Questions to be attempted : 1
Section Marks : 0
Enable Mark as Answered Mark for Review and Clear Response : Yes
Sub-Section Number : 1
Sub-Section Id : 2549894337
Question Shuffling Allowed : No
Question Number : 2 Question Id : 25498940726 Question Type : TYPING TEST
Key Value
Form CPCTHINTYINS3
काफी साल पुरानी बात है, एक छोटे से कस्बे में रहने वाले एक किसान पर दुर्भाग्यवश साहूकार का काफी कर्जा हो गया। साहूकार जो कि उम्रदराज
औ औ मौ
Page 4
और बदसूरत भी था, किसान की खूबसूरत बेटी पर बुरी नजर रखता था और मौके का फायदा उठाते हुए उसने किसान के सामने प्रस्ताव रखा कि
यदि वह अपनी बेटी की शादी उससे करने को तैयार हो तो वह उनका कर्ज माफ पर सकता है। साहूकार की इस चाल से किसान और उसकी बेटी
बहुत दुखी और परे शान थे। साहूकार ने उन्हें बताया कि वह एक खाली बैग में एक काला पत्थर और एक सफे द पत्थर डाल देगा। किसान की बेटी को
आँख बंद करके बैग में एक पत्थर निकालना होगा। अगर वह काला पत्थर उठा लेती, तो वह साहूकार की पत्नी बन जाती और उसके पिता का कर्ज
माफ हो जाता। अगर वह सफे द पत्थर उठा लेती है तो उसे उससे शादी करने की जरूरत नहीं है और उसके पिता का कर्ज भी माफ कर दिया
जाएगा। लेकिन अगर उसने कोई भी पत्थर उठाने से इनकार कर दिया, तो उसके पिता को जेल में डाल दिया जाएगा। जाहिर है कि बेटी के पास
साहूकार का प्रस्ताव स्वीकार करने के अलावा कोई रास्ता न था। उस वक्त वे सब बगीचे में एक छोटे छोटे पत्थरों वाले रास्ते पर घूम रहे थे। साहूकार
रास्ते से दो छोटे छोटे पत्थर उठाने के लिए झुकता है, जैसे ही उसने उनहें उठाया, तो किसान की तेज तर्रार बेटी ने देखा कि उसने रास्ते से के वल
काले रं ग के ही दो छोटे पत्थर उठाए हैं और उन्हें बैग में डाल दिया है। फिर उसने किसान की बेटी को बैग से अपना पत्थर चुनने के लिए कहा।
किसान की बेटी बैग में से पत्थर निकालने के लिए झुकी और जैसे ही उसने एक पत्थर निकाला तो उसने अचानक से अपना संतुलन खराब हो जाने
का बहाना किया और बिना देखे ही उस पत्थर को रास्ते के अन्य पत्थरों के बीच हाथ से गिर जाने दिया जहां व अन्य पत्थरों के बीच खो गया। ऐसा
करते ही किसान की बेटी अचानक से बोली कि और यह तो मेरे से तो गलती हो गई कि लेकिन खैर कोई बात नहीं, अभी बैग में दू सरा पत्थर तो रखा
ही हुआ उसे देख लेते हैं तो पता चल जाएगा कि जो पत्थर गिरा है वह किस रं ग का था। चूंकि बैग में शेष बचा हुआ पत्थर निश्चित रूप से काला ही होना
था इसलिए यह माना गया खि किसान की बेटी ने सफे द पत्थर का चुनाव किया था क्योंकि साहूकार बैग में दोनों काले पत्थर डालने की अपनी
बेईमानी तो स्वीकार कर नहीं सकता था। इस प्रकार किसान की बेटी अपनी बुध्दिमानी से एक असंभव से लगने वाले कार्य को भी अपने पक्ष में करने
में कामयाव हुई, और बेईमान साहूकार की बेईमानी का उत्तर उसकी ही भाषा में उसको भली प्रकार मिल गया। यह कहानी समस्या के पहलुओं पर
गौर करके तार्कि क सोच के आधार पर संभावनाओं पर विचार करके समयोचित निर्णय लेने के महत्व को बताती है। यह मूल रूप से एक प्रसिध्द
लेखक एडवर्ड डी बोनो द्वारा लिखी गई है।