MP CPCT 16 Oct 2021 Question Paper Hindi Typing Shift 1 – Text
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Computer Proficiency Certification Test
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Question Paper Name : REMINGTON GAIL 16th October 2021 Shift 1
Subject Name : Remington GAIL
Creation Date : 2021-10-16 13:15:25
Duration : 25
Calculator : None
Magnifying Glass Required? : No
Ruler Required? : No
Eraser Required? : No
Scratch Pad Required? : No
Rough Sketch/Notepad Required? : No
Protractor Required? : No
Show Watermark on Console? : No
Highlighter : No
Auto Save on Console? ( SA type of questions will be
Yes
always auto saved ) :
Mock
Group Number : 1
Group Id : 2549892928
Group Maximum Duration : 10
Group Minimum Duration : 10
Show Attended Group? : No
Edit Attended Group? : No
Break time : 1
Mandatory Break time : Yes
Group Marks : 0
Is this Group for Examiner? : No
Hindi Mock
Section Id : 2549894568
Section Number : 1
Section type : Typing Test
https://g01.tcsion.com/CAE/viewHtmlPDFAction.action 1/4
Page 2
10/25/21, 11:37 AM https://g01.tcsion.com/CAE/viewHtmlPDFAction.action
Mandatory or Optional : Mandatory
Number of Questions : 1
Number of Questions to be attempted : 1
Section Marks : 0
Yes
Sub-Section Number : 1
Sub-Section Id : 2549894609
Question Shuffling Allowed : No
Question Number : 1 Question Id : 25498941822 Question Type : TYPING TEST
एक बार की बात है, अकबर और बीरबल शिकार पर जा रहे थे। अभी कु छ समय हुआ था कि उन्हें एक हिरण
दिखा। जल्दबाजी में तीर निकलते हुए अकबर अपने हाथ पर घाव लगा बैठा। अब हालात कु छ ऐसे थे कि
अकबर बहुत दर्द में था और गुस्से में भी।
Actual
Group Number : 2
Group Id : 2549892929
Group Maximum Duration : 15
Group Minimum Duration : 15
Show Attended Group? : No
Edit Attended Group? : No
Break time : 0
Group Marks : 0
Is this Group for Examiner? : No
Hindi Typing Test
Section Id : 2549894569
Section Number : 1
Section type : Typing Test
Mandatory or Optional : Mandatory
Number of Questions : 1
https://g01.tcsion.com/CAE/viewHtmlPDFAction.action 2/4
Page 3
Number of Questions to be attempted : 1
Section Marks : 0
Yes
Sub-Section Number : 1
Sub-Section Id : 2549894610
Question Shuffling Allowed : No
Question Number : 2 Question Id : 25498941823 Question Type : TYPING TEST
जीवन का हर क्षण उज्ज्वल भविष्य की सम्भावना लेकर आता है। हर पल एक महान परिवर्तन का समय हो
सकता है। मनुष्य यह निश्चयपूर्वक नहीं कह सकता कि जिस वक्त, जिस क्षण और जिस पल को यों ही व्यर्थ में
खो रहा है वह ही क्षण उसके भाग्योदय का वक्त नहीं है। क्या पता जिस क्षण को हम व्यर्थ समझकर बरबाद कर
रहे हैं वह ही हमारे लिये अपनी झोली में सुन्दर सौभाग्य की सफलता लाया हो। सबके जीवन में एक
परिवर्तनकारी वक्त आया करता है। किन्तु मनुष्य उसके आगमन से अनभिज्ञ रहा करता है। इसलिये ज्ञानवान
मनुष्य को हर क्षण बहूमूल्य समझकर उसे व्यर्थ नहीं जाने देता। कोई भी क्षण व्यर्थ न जाने देने से निश्चय ही वह
क्षण हाथ से छू टकर नहीं जा सकता जो जीवन में वांछित परिवर्तन का संदेशवाहक होगा। प्रकार हर क्षण को
सौभाग्य का पथ प्रशस्त करने वाला समझकर महत्त्वाकांक्षी कर्मवारी जीवन के एक छोटे से भी क्षण की उपेक्षा
नहीं करता और निश्चय ही सौभाग्य का अधिकारी बनता है। कोई भी दीर्घसूत्री व्यक्ति संसार में आज तक सफल
होते देखा, सुना नहीं गया है। जीवन में उन्नति करने और सफलता पाने वाले व्यक्तियों की जीवनगाथा का
निरीक्षण करने पर निश्चय ही उनके उन गुणों में समय के पालन एवं सदुपयोग को प्रमुख स्थान मिलेगा जो
जीवन की उन्नति के लिए अपेक्षित होते हैं। समय संसार की सबसे मूल्यवान सम्पदा है। महापुरूषों ने समय को
सारी विभूतियों का कारणभूत हेतु माना है। समय का सदुपयोग करने वाले व्यक्ति कभी भी निर्धन अथवा दु:खी
नहीं रह सकते। कहने को कहा जा सकता है कि श्रम से ही सम्पत्ति की उपलब्धि होती है किन्तु श्रम का अर्थ भी
वक्त का सदुपयोग ही है। असमय का श्रम पारिश्रमिक से अधिक थकान लाया करता है। मनुष्य कितना ही
परिश्रमी क्यों न हो यदि वह अपने परिश्रम के साथ ठीक समय का सामंजस्य नहीं करे गा तो निश्चय ही इसका
श्रम या ता निष्फल चला जायेगा अथवा अपेक्षित फल न ला सके गा। किसान परिश्रमी है, किन्तु यदि वह अपने
श्रम को समय पर काम में नहीं लाता तो वह अपने परिश्रम का पूरा लाभ नहीं उठा सकता। वक्त पर न जोत कर
असमय पर जोता हुआ खेत अपनी उर्वरता को प्रकट नहीं कर पाता। असमय बोया हुआ बीज बेकार चला जाता
है। वक्त पर न काटी गई फसल नष्ट हो जाती है। संसार में प्रत्येक काम के लिये निश्चित वक्त पर न किया हुआ
काम कितना भी परिश्रम करने पर भी सफल नहीं होता। प्रकृ ति का प्रत्येक कार्य एक निश्चित वक्त पर होता है।
वक्त पर ग्रीष्म तपता है, वक्त पर पानी बरसता है, वक्त पर ही शीत आता है। वक्त पर ही शिशिर होता और
वक्त पर ही बसन्त आकर वनस्पतियों को फू लों से सजा देता है। प्रकृ ति के इस ऋतु-क्रम में जरा-सा भी व्यवधान
आ जाने से न जाने कितने प्रकार के रोगों का प्रकोप हो जाता है चांद-सूरज, गृह-नक्षत्र सब समय पर ही उदय
अस्त होते एवं अपनी परिधि में परिभ्रमण किया करते हैं। इनकी सामयिकता में जरा-सा व्यवधान आने से सृष्टि
में अनेक उपद्रव उत्पन्न हो जाते हैं और प्रलय के दृश्य दीखने लगते हैं, समय पालन ईश्वरीय नियमों में सबसे
महत्त्वपूर्ण एवं प्रमुख नियम है।
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