MP CPCT 16 Oct 2021 Question Paper Hindi Typing Shift 2 – Text
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Computer Proficiency Certification Test
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Question Paper Name : REMINGTON GAIL 16th October 2021 Shift 2
Subject Name : Remington GAIL
Creation Date : 2021-10-16 17:39:32
Duration : 25
Calculator : None
Magnifying Glass Required? : No
Ruler Required? : No
Eraser Required? : No
Scratch Pad Required? : No
Rough Sketch/Notepad Required? : No
Protractor Required? : No
Show Watermark on Console? : No
Highlighter : No
Auto Save on Console? ( SA type of questions will be
Yes
always auto saved ) :
Mock
Group Number : 1
Group Id : 2549892934
Group Maximum Duration : 10
Group Minimum Duration : 10
Show Attended Group? : No
Edit Attended Group? : No
Break time : 1
Mandatory Break time : Yes
Group Marks : 0
Is this Group for Examiner? : No
Hindi Mock
Section Id : 2549894574
Section Number : 1
Section type : Typing Test
https://g01.tcsion.com/CAE/viewHtmlPDFAction.action 1/4
Page 2
10/25/21, 11:39 AM https://g01.tcsion.com/CAE/viewHtmlPDFAction.action
Mandatory or Optional : Mandatory
Number of Questions : 1
Number of Questions to be attempted : 1
Section Marks : 0
Yes
Sub-Section Number : 1
Sub-Section Id : 2549894615
Question Shuffling Allowed : No
Question Number : 1 Question Id : 25498941836 Question Type : TYPING TEST
एक बार की बात है, अकबर और बीरबल शिकार पर जा रहे थे। अभी कु छ समय हुआ था कि उन्हें एक हिरण
दिखा। जल्दबाजी में तीर निकलते हुए अकबर अपने हाथ पर घाव लगा बैठा। अब हालात कु छ ऐसे थे कि
अकबर बहुत दर्द में था और गुस्से में भी।
Actual
Group Number : 2
Group Id : 2549892935
Group Maximum Duration : 15
Group Minimum Duration : 15
Show Attended Group? : No
Edit Attended Group? : No
Break time : 0
Group Marks : 0
Is this Group for Examiner? : No
Hindi Typing Test
Section Id : 2549894575
Section Number : 1
Section type : Typing Test
Mandatory or Optional : Mandatory
Number of Questions : 1
https://g01.tcsion.com/CAE/viewHtmlPDFAction.action 2/4
Page 3
Number of Questions to be attempted : 1
Section Marks : 0
Yes
Sub-Section Number : 1
Sub-Section Id : 2549894616
Question Shuffling Allowed : No
Question Number : 2 Question Id : 25498941837 Question Type : TYPING TEST
जापान के एक छोटे से राज्य पर समीपवर्ती एक विशाल राज्य ने हमला कर दिया। अस्त्रशस्त्रों से सुसज्जित
विशाल सेना देखकर जापान का सेनापति हिम्मत हार बैठा। उसने राजा से कहा कि हमारी साधनहीन छोटीसी
सैन्य शक्ति इसका सामना कदाचित ही कर पायेगी। नाहक सैनिकों को खत्म करने के बजाय संघर्ष न करना
ही ठीक है। पर राजा बिना प्रयास के हार मानने के पक्ष में नहीं था, उसे अचानक याद आया कि राज्य में एक
फकीर है शायद वही कु छ समाधान बता सके यही सोचकर राजा स्वयं फकीर से मिलने चल निकला। फकीर ने
बिना विलम्ब किये उत्तर दिया कि सबसे पहले तो सेनापति को पद से हटा दीजिये, क्योंकि जिसने रण से पहले
ही हार की आशंका बता दी वह भला क्या जीत पायेगा जो स्वयं निराशावादी है वह अपने अधीनस्थ सैनिकों में
उत्साह उमंग का संचार नहीं कर सके गा। राजा ने समर्थन करते हुए कहा कि बात तो ठीक है, लेकिन अब
उसका स्थान कौन सम्भालेगा। यदि उसे हटा भी दिया जाता है तो इतने कम समय में दू सरा सेनापति कहां
मिलेगा उसी सेनापति से काम चलाने के अतिरिक्त कोई विकल्प दिखाई नहीं देता। इस पर फकीर ने उन्मुक्त
हंसी हंसते हुए कही कि - आप चिन्ता नहीं करें , सेनापति का स्थान मैं सम्भालूंगा। राजा विस्मित हो गया लेकिन
इसके अतिरिक्त और कोई चारा भी तो नहीं था। दू सरे दिन सेना ने कू च कर दिया, बीच राह में फकीर ने सामने
के मन्दिर की ओर इशारा करते हुए कहा - रण से पूर्व इस मन्दिर के देवता से पूछ लेते हैं कि जीत होगी या हार।
यदि देवता जीत के लिए कह देते हैं तो फिर किसी का डर नहीं। दुश्मन की सेना कितनी ही विकट क्यों न हो
जीत निश्चित ही हमारी होगी। यदि नहीं तो फिर चलने से कोई लाभ नहीं। यह कहते हुए फकीर ने झोली से एक
चमकता हुआ सिक्का निकाला और बताया कि अगर यह सिक्का चित्त गिरता है तो जीत हमारी ही होगी, यदि
पट गिरे गा तो हम वापिस लौट जायेंगे। सिक्का चित्त गिरा था - जीत सुनिश्चित थी फकीर ने सबको उत्साहित
करते हुए कहा, अब डरने की कोई बात नहीं, देवता का आश्वासन हमें मिल गया है। दोनों पक्षों के भयंकर संघर्ष
के बाद जीत जापान के पक्ष में हुई। संघर्ष के बाद सैनिकों ने मन्दिर के पास पहुंचकर कही कि देवता को
धन्यवाद दे दें जिसने हमें जिताया, फकीर ने कहा देवता को धन्यवाद देने की आवश्यकता नहीं बल्कि अपने
आपको धन्यवाद दो। तुम स्वयं ही अपनी जीत के आधार हो। जीत का देवता से कोई सम्बन्ध नहीं। यह कहते
हुए फकीर ने सिक्का पुन: झोली से निकालकर सैनिकों के हाथ पर रख दिया। सैनिकों के आश्चर्य का ठिकाना
नहीं रहा जब उन्होंने देखा कि सिक्के के दोनों और चित्त के निशान थे। यह और कु छ नहीं सैनिकों के सोये
आत्मविश्वास को जगाने की एक मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया भर थी जो अन्तत: जीत का कारण बनी। संसार की
महत्वपूर्ण सफलताओं का इतिहास आत्मविश्वास की गौरव गाथा से भरा हुआ है। उत्कर्ष व्यक्ति का करना हो,
समाज का अथवा राष्ट्र का, सर्वप्रथम आवश्यकता है अपने अन्दर सोये आत्मविश्वास रूपी देवता को जगाया
जाये। अनुदान वरदान सहज ही बरसते चले आयेंगे।
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