MP CPCT 27 Dec 2021 Question Paper Hindi Typing Shift 2 – Text
Read the full text of this question paper below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.
📄 View text version (4 pages)
Page 1
Computer Proficiency Certification Test
Notations :
1.Options shown in green color and with icon are correct.
2.Options shown in red color and with icon are incorrect.
Question Paper Name : PwD REMINGTON GAIL 27th December 2021 Shift 2
Subject Name : PwD Remington Gail
Creation Date : 2021-12-27 23:49:15
Duration : 30
Share Answer Key With Delivery Engine : Yes
Actual Answer Key : Yes
Calculator : None
Magnifying Glass Required? : No
Ruler Required? : No
Eraser Required? : No
Scratch Pad Required? : No
Rough Sketch/Notepad Required? : No
Protractor Required? : No
Show Watermark on Console? : No
Highlighter : No
Auto Save on Console? ( SA type of questions will be always auto saved ) : No
Mock
Group Number : 1
Group Id : 2549893259
Group Maximum Duration : 10
Group Minimum Duration : 10
Show Attended Group? : No
Page 2
Edit Attended Group? : No
Break time : 1
Mandatory Break time : Yes
Group Marks : 0
Is this Group for Examiner? : No
Hindi Mock
Section Id : 2549895219
Section Number : 1
Section type : Typing Test
Mandatory or Optional : Mandatory
Number of Questions : 1
Number of Questions to be attempted : 1
Section Marks : 0
Display Number Panel : Yes
Enable Mark as Answered Mark for Review and Clear Response : Yes
Sub-Section Number : 1
Sub-Section Id : 2549895260
Question Shuffling Allowed : No
Question Number : 1 Question Id : 25498943693 Question Type : TYPING TEST Display Question Number : Yes
एक बार की बात है, अकबर और बीरबल शिकार पर जा रहे थे। अभी कु छ समय हुआ था कि उन्हें एक हिरण दिखा। जल्दबाजी में तीर निकलते हुए
अकबर अपने हाथ पर घाव लगा बैठा। अब हालात कु छ ऐसे थे कि अकबर बहुत दर्द में था और गुस्से में भी।
Page 3
Actual
Group Number : 2
Group Id : 2549893260
Group Maximum Duration : 20
Group Minimum Duration : 20
Show Attended Group? : No
Edit Attended Group? : No
Break time : 0
Group Marks : 0
Is this Group for Examiner? : No
Hindi Typing Test
Section Id : 2549895220
Section Number : 1
Section type : Typing Test
Mandatory or Optional : Mandatory
Number of Questions : 1
Number of Questions to be attempted : 1
Section Marks : 0
Display Number Panel : Yes
Enable Mark as Answered Mark for Review and Clear Response : Yes
Sub-Section Number : 1
Sub-Section Id : 2549895261
Question Shuffling Allowed : No
Question Number : 2 Question Id : 25498943694 Question Type : TYPING TEST Display Question Number : Yes
भारतीय जन संचार संस्थान, पत्रकारिता और जनसंचार के शिक्षण प्रशिक्षण और शोध के लिए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान है। इसकी स्थापना
1967 में भारत और तीसरी दुनिया के अन्य देशों में पत्रकारिता और जनसंचार के लिए क्षमताएं पैदा करने हेतु की गई। संस्थान का मुख्यालय नई
दिल्ली में है और इसके पांच क्षेत्रीय कार्यालय हैं। भारतीय जन संचार संस्थान, ज्ञान आधारित सूचना समाज के निर्माण, मानव विकास, सशक्तिकरण
भौ औ नै प्रौ
Page 4
एवं सहभागी जनतंत्र में योगदान देने, जिसके के न्द्र में अनेकत्व, सार्वभौमिक मूल्य और नैतिकता होगी, के लिए महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी का प्रयोग करते
हुए मीडिया शिक्षा, शोध, विस्तार एवं प्रशिक्षण के भूमंडलीय स्तर निर्धारित करे गा। यह गतिशील शिक्षण एवं कार्य वातावरण तैयार करे गा जो नये
विचारों, रचनात्मकता, शोध का पोषक हो और जो मीडिया और जनसंचार के क्षेत्र में अग्रणियों और प्रवर्तकों को विकसित करे । भारतीय जन संचार
संस्थान की स्थापना 17 अगस्त, 1965 में हुई। प्रारं भ में भारतीय जन संचार संस्थान का आकार बहुत छोटा था जिसमें यूनेस्को के दो परामर्शदाता भी
शामिल थे। प्रारम्भ के कु छ सालों में संस्थान ने मुख्यत: के न्द्रीय सूचना सेवा के अधिकारियों के लिए कोर्स आयोजित किये तथा लघु स्तर पर शोध
अध्ययप किये। वर्ष 1969 में, अफ्रिकी एशियाई देशों के मध्यम स्तर के श्रमजीवी पत्रकारों के लिए, विकासशील देशों के लिए पत्रकारिता में स्नातकोत्तर
डिप्लोमा कोर्स का एक प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया। उसके बाद संस्थान ने के न्द्र/राज्य सरकारों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों
के विभिन्न मीडिया/प्रचार संगठनों में कार्यरत संचार कर्मियों की प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एक सप्ताह से 3 महीने की अवधि के
कई विशेष कोर्स भी शुरू किये। विगत सालों में भारतीय जन संचार संस्थान का विस्तार हुआ है और अब यह नियमित स्नातकोत्तर डिप्लोमा कोर्स का
भी आयोजन करता है। जनसंचार रूचि के प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभरा है और समाज के विकास और सशक्तिकरण में इसका बहुत योगदान है
हालांकि शास्त्र के रूप में यह नया है फिर भी छात्र छात्राओं के लिए यह आकर्षण बन गया है। संचार माध्यमों के विस्तार में सूचना क्रांति ने प्रमुख
भूमिका निभायी है। सूचना प्रौद्योगिकी से उभर रही चुनौती भारतीय जन संचार संस्थान के प्रशिक्षण का अनिवार्य अंग है। संस्थान संचार को विकास
का उत्प्रेरक मानता है और विश्वस्तरीय शिक्षण, प्रशिक्षण और शोध से समाज को लाभ पहुंचाने के लिए लगा हुआ है। यह अत्यंत प्रतियोगी विश्व से
प्राप्त चुनौतियों का सामना करने के लिए शिक्षार्थियों को तैयार कर रहा है। संस्थान के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतियोगी विश्व की चुनौतियों और
विकासशील देश की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। इस अर्थ में भारतीय जन संचार संस्थान देश और विदेश के जनसंचार प्रशिक्षण के न्द्रों
से अलग है। यही विशेषता इस संस्थान के विद्यार्थियों को अलग पहचान और चरित्र प्रदान करती है। भारतीय जन संचार संस्थान को जनसंचार के
शिक्षण, प्रशिक्षण तथा शोध के क्षेत्र में गौरवपूर्ण स्थान प्राप्त है, प्रतिवर्ष मीडिया और व्यावसायिक निकायों में किए जाने वाले मूल्यांकनों से जिसका
आभास होता है। पिछले दो दशकों से भी अधिक समय में संस्थान ने अपनी गतिविधियां विस्तारित की हैं तेजी से विस्तारित होते हुए मीडिया और
संचार क्षुत्र के लिए आवश्यक प्रशिक्षित कर्मियों की मांग पूरी करने के लिए कई विशेष कोर्स शुरू किए है।