aglasem.com
Home Schools Admission Career Mock Test PDF Docs Playground
ClassChoose class
StateSelect state

NCERT Solutions for Class 12 Political Science (स्वतंत्र भारत में राजनीति) Chapter 2 एक दल के प्रभुत्व का दौर

Get here NCERT Solutions for Class 12 Political Science (स्वतंत्र भारत में राजनीति) Chapter 2 एक दल के प्रभुत्व का दौर. More Detail
NCERT Solutions for Class 12  Political Science (स्वतंत्र भारत में राजनीति) Chapter 2 एक दल के प्रभुत्व का दौर - Page 1 of 5

About NCERT Solutions for Class 12 Political Science (स्वतंत्र भारत में राजनीति) Chapter 2 एक दल के प्रभुत्व का दौर

NCERT Solutions for Class 12 Political Science (स्वतंत्र भारत में राजनीति) Chapter 2 एक दल के प्रभुत्व का दौर is available here for free download. Published by NCERT for Class 12, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (5 pages). Candidates preparing for Class 12 can use NCERT Solutions for Class 12 Political Science (स्वतंत्र भारत में राजनीति) Chapter 2 एक दल के प्रभुत्व का दौर to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download NCERT Solutions for Class 12 Political Science (स्वतंत्र भारत में राजनीति) Chapter 2 एक दल के प्रभुत्व का दौर?

Open this page and click the Download button to save NCERT Solutions for Class 12 Political Science (स्वतंत्र भारत में राजनीति) Chapter 2 एक दल के प्रभुत्व का दौर as a PDF. It is completely free on AglaSem Docs.

Is NCERT Solutions for Class 12 Political Science (स्वतंत्र भारत में राजनीति) Chapter 2 एक दल के प्रभुत्व का दौर free to download?

Yes. NCERT Solutions for Class 12 Political Science (स्वतंत्र भारत में राजनीति) Chapter 2 एक दल के प्रभुत्व का दौर can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does NCERT Solutions for Class 12 Political Science (स्वतंत्र भारत में राजनीति) Chapter 2 एक दल के प्रभुत्व का दौर have?

NCERT Solutions for Class 12 Political Science (स्वतंत्र भारत में राजनीति) Chapter 2 एक दल के प्रभुत्व का दौर contains 5 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 12 study material?

You can find more Class 12 question papers, sample papers, syllabus, and answer keys on AglaSem Docs.

NCERT Solutions for Class 12 Political Science (स्वतंत्र भारत में राजनीति) Chapter 2 एक दल के प्रभुत्व का दौर – Text

Read the full text of this solution below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.

📄 View text version (5 pages)

Page 1

NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 12th

aglase .co

Page 2

Book : Swatantra Bharat Mein Rajniti-II Ncert Solutions | Chapter - 2 Social Science Political Science

Class : 12th

Subject : Political science

Chapter : 2

Chapter Name : एक दल के भु व का दौर

Q1 र त थान को भरने के लए सह वक प चन
ु ।

(अ) 1952 के पहले आम चन
ु ाव म लोकसभा के साथ ………… के चन
ु ाव शा मल थे।

(ब) पहले चन
ु ाव म दस
ू र सबसे बड़ी लोकसभा सीट जीतने वाल पाट ………… थी।

(स) वतं पाट क वचारधारा के नदशक स धांत म से एक………… था।

Answer.

(अ) रा यसभा

(ब) भारतीय क यु न ट पाट

(स) रा य नयं ण से मु त अथ यव था

Page : 44 , Block Name : नावल

Q2 एकल पाट के भु व के बारे म चार कथन नीचे दए गए ह। उनम से येक को सह या गलत के प म
चि नत कर।

(अ) एकल पाट का भु व मजबत
ू वैकि पक राजनी तक दल क अनप
ु ि थ त म न हत है ।

(ब) एकल पाट कमजोर जनमत के कारण होती है ।

(स) एकल पाट का भु व दे श के औप नवे शक अतीत से जड़
ु ा हुआ है

(द) एकल पाट भु व कसी दे श म लोकतां क आदश के अभाव को दशाता है ।

Answer.

(अ) सह

Page 1 of 4

Page 3

Book : Swatantra Bharat Mein Rajniti-II Ncert Solutions | Chapter - 2 Social Science Political Science

(ब) गलत

(स) सह

(द) गलत

Page : 44 , Block Name : नावल

Q3 य द भारतीय जनसंघ या भारतीय क यु न ट पाट ने पहले चन
ु ाव के बाद सरकार बनाई होती, तो सरकार क
नी त कस कार अलग होती? दोन प के लए तीन अंतर न द ट कर।

Answer. अगर भारतीय जनसंघ ने पहले चन ु ाव के बाद सरकार बनाई होती तो यह कां ेस पाट से अलग होती।
भारतीय जनसंघ एक दे श, एक सं कृ त, एक रा के वचार पर यान क त करता और यह मानता क भारतीय
सं कृ त और परं पराओं के आधार पर दे श आधु नक, ग तशील और मजबत ू बन सकता है । हालां क यह भारत
जैसे दे श, जहाँ अलग-अलग सं कृ त, व भ न भाषाए और व भ न पर पराए है , म संभव नह ं हो सकता है । पाट
अं ेजी को हंद के साथ बदलने के लए आंदोलन म सबसे आगे थी य क भारत क आ धका रक भाषा ने
धा मक और सां कृ तक अ पसं यक को रयायत दे ने का भी वरोध कया था, जो इन सीमा त समह ू के
पछड़ेपन के कारण इतना बड़ा वचार नह ं है ।

जब क भारत क क यु न ट पाट िजसने नाज़ी जमनी के खलाफ यु ध म टश का समथन कया था। आज़ाद
ने पाट म अलग आवाज़ उठाई। वतं ता के तरु ं त बाद, पाट ने सोचा क ’1947’ म स ा का ह तांतरण सह
वतं ता नह ं थी और तेलग
ं ाना म हंसक व ोह को ो सा हत कया। इस लए एक पाट िजसने हंसक व ोह को
ो सा हत कया, वह आजाद के बाद रा क दे खभाल नह ं कर सकती।

Page : 44, Block Name : नावल

Q4 कस मायने म कां ेस एक वैचा रक गठबंधन था? कां ेस के भीतर मौजद
ू व भ न वचारधाराओं का उ लेख
कर।

Answer. कां ेस 1885 के दशक म, जो पहले नए श त, यावसा यक और वा णि यक वग के लए एक दबाव
समह ू था, अब बीसवीं सद म एक जन आंदोलन के प म वक सत हुई। इस कार कां ेस अं ेजी बोलने, उ च
जा त, उ च म यम वग और शहर अ भजात वग के भु व वाल पाट के प म शु हुई। ले कन हर स वनय
अव ा आंदोलन के साथ इसका सामािजक आधार यापक हो गया। इसने व भ न समह ू को एक साथ लाया।
धीरे -धीरे इसका नेत ृ व भी एक ामीण अ भ व यास वाले कृ ष आधा रत नेताओं के लए उ च जा त और उ च
वग के पेशव े र से परे व ता रत हुआ। कई अलग-अलग समह ू ने अपनी पहचान कां ेस के भीतर मला ल । बहुत
बार वे कां ेस के भीतर मौजद ू नह ं थे और अलग-अलग व वास रखने वाले समह
ू और यि तय के प म मौजद ू

Page 2 of 4

Page 4

Book : Swatantra Bharat Mein Rajniti-II Ncert Solutions | Chapter - 2 Social Science Political Science

थे। इस अथ म कां ेस एक वैचा रक गठबंधन भी था। इसम ां तकार और शां तवाद , ढ़वाद और क टरपंथी,
अ तवाद और उदारवाद और क के दाएं, बाएं और अ य सभी कारो को शा मल कया गया।

Page : 44 , Block Name : नावल

Q5 या भारतीय राजनी त के लोकतां क च र पर एकल पाट भु व णाल का तकूल भाव पड़ा?

Answer. एकल पाट का भु व हमेशा के लए नकारा मक पहलू नह ं है । पछले सभी मामल म लोग क पसंद है
और एकल पाट का भु व केवल इस लए है य क लोग इसे चन ु ते ह। भारत एकमा ऐसा दे श नह ं है िजसने एक
पाट के भु व का अनभु व कया है । य द हम द ु नया भर म दे ख, तो हम एकल पाट के भु व के कई अ य
उदाहरण मलते ह। ले कन अ य सभी मामल म एकल पाट को लोकतं से समझौता करके सु नि चत कया
गया था। ले कन भारत म जब हम भारतीय रा य कां ेस के भु व को दे खते ह तो हम भारतीय रा य
आंदोलन म और भारतीय वतं ता क या म कां ेस पाट के यास को प ट प से दे खते ह। इस लए
एकल पाट णाल जो कसी भी कार के लोकतं को नक ु सान नह ं पहुंचाती है , नकारा मक नह ं है ।

Page : 44 , Block Name : नावल

Q6 समाजवाद पाट और क यु न ट पाट के बीच और भारतीय जनसंघ और वत पाट के बीच तीन अंतर
बताए।

Answer. समाजवाद लोकतां क समाजवाद क वचारधारा म व वास करते थे जो उ ह कां ेस के साथ-साथ
क यु न ट से भी अलग करता था। उ ह ने पजंू ीप तय और जमींदार के प म और कसान क अनदे खी के लए
कां ेस क आलोचना क । ले कन समाजवा दय को तब द ु वधा का सामना करना पड़ा जब ’1955 'म कां ेस ने
अपने ल य को समाज का समाजवाद व प घो षत कया। इस कार समाजवा दय के लए खद ु को कां ेस के
लए एक भावी वक प के प म तत ु करना मिु कल हो गया। दस
ू र ओर, भारतीय क यु न ट पाट ने स म
बो शे वक ां त से ेरणा ल और दे श को भा वत करने वाल सम याओं के समाधान के प म समाजवाद क
वकालत क । वतं ता ने पाट म कई आवाज उठा । क यु न ट अपनी ि थ त के लए लोक य समथन उ प न
करने म वफल रहे और सश बल वारा कुचल दया गया।

भारतीय जनसंघ जो ’1951’ म बना था, उसके वंश का पता रा य वयंसेवक संघ और हंद ू महासभा से लगाया
जा सकता है । जनसंघ वचारधारा और काय म के मामले म अ य राजनी तक दल से अलग था। इसने एक दे श,
एक सं कृ त और एक रा के वचार पर जोर दया और माना क भारतीय सं कृ त और परं पराओं के आधार पर
दे श मजबत
ू हो सकता है । पाट ने अख ड भारत म भारत और पा क तान के पन
ु मलन का आ वान कया। हंद
को भारत क आ धका रक भाषा के प म अं ेजी के साथ बदलने के लए पाट आंदोलन म सबसे आगे थी। वतं
पाट चाहती थी क सरकार अथ यव था को नयं त करने म कम से कम शा मल हो। ये मानते थे क सम ृ ध
यि तगत वतं ता के मा यम से ह आ सकती है । यह अथ यव था, क कृत योजना, रा यकरण और
सावज नक े म रा य के ह त ेप क वकास रणनी त के लए मह वपण ू था। ये इसके बजाय एक मु त नजी

Page 3 of 4

Page 5

Book : Swatantra Bharat Mein Rajniti-II Ncert Solutions | Chapter - 2 Social Science Political Science

े के व तार के प धर थे। वतं पाट कृ ष म भू म क हदबंद के खलाफ थी, और सहकार खेती तथा रा य
यापार का वरोध कया।

Page : 44 , Block Name : नावल

Q7 एकल पाट के वच व के तहत मैि सको और भारत के बीच मु य अंतर के प म आप या पेश करगे?

Answer. रा य ां तकार पाट और बाद म नाम बदलकर सं थागत ां तकार पाट के प म मेि सको म
लगभग छह दशक तक स ा म रह । इसने मैि सकन ां त क वरासत का त न ध व कया। मल ू प से
पीआरआई राजनी तक और सै य नेताओं, म और कसान संगठन और कई राजनी तक दल स हत व भ न
हत का म ण था। समय-समय पर, PRI के सं थापक लट ु ारो ए लयास कॉलस इस संगठन और इस तरह
सरकार पर क जा करने म स म रहे । चनु ाव नय मत अंतराल पर होते थे और PRI हर बार जीता। स ा प को
अ धक वैधता दे ने के लए ह अ य दल के नाम मौजद
ू थे, चनु ावी कानन
ू को इस तरह से संचा लत कया गया था
क पीआरआई हर बार जीते। ले कन अगर हम भारत म इस मामले को दे ख तो पाट का वच व अनु चत साधन के
कारण नह ं था, यह भारतीय रा य कां ेस क लोक यता के कारण था। यह मेि सको और भारत म एकल पाट
के वच व के बीच का मख ु अंतर था।

Page : 44 , Block Name : नावल

Page 4 of 4

Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 12
TypeSolution
Pages5
Languagehindi
Updated11 Aug 2026