NCERT Solutions for Class 12 Political Science (स्वतंत्र भारत में राजनीति) Chapter 8 भारतीय राजनीति नए बदलाव – Text
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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 12th
aglase .co
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Class : 12th
Subject : Political science
Chapter : 9
Chapter Name : भारतीय राजनी त : नए बदलाव
Q1 न न ल खत को मलाएं-
(अ) सवानम
ु त क राजनी त 1. शाहबानो मामला
(ब) जा त आधा रत दल 2. OBC का उदय
(स) पसनल लॉ और ल गक याय 3. गठबंधन सरकार
(द) े ीय दल क बढ़ती ताकत 4. आ थक नी तय पर समझौता
Answer.
(अ) सवानम
ु त क राजनी त 3. गठबंधन सरकार
(ब) जा त आधा रत दल 2. OBC का उदय
(स) पसनल लॉ और ल गक याय 1. शाहबानो मामला
(द) े ीय दल क बढ़ती ताकत 4. आ थक नी तय पर समझौता
Page : 193 , Block Name : नावल
Q2 1989 के बाद क अव ध म भारतीय राजनी त के मु य मु दे बताएं। इन मु द से राजनी तक दल के आपसी
जड़
ु ाव के या प सामने आए?
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Book : Swatantra Bharat Mein Rajniti-II Ncert Solutions | Chapter - 9 Social Science Political Science
Answer. इस अव ध का सबसे मह वपण ू वकास 1989 म हुए चन ु ाव म कां ेस पाट क हार थी। 1984 म
लोकसभा म 415 सीट के साथ जीतने वाल पाट इस चन ु ाव म केवल 197 पर समट गई थी। इसके तरु ं त बाद
1991 म हुए म याव ध चन ु ाव म कां ेस ने अपने दशन म सध ु ार कया और स ा म वापस आ गई। ले कन
1989 के चन ु ाव को कां ेस णाल के अंत के प म दे खा गया। दस ू रा वकास रा य राजनी त म मंडल मु दे का
उदय था। 1990 म नई रा य मोचा सरकार ने मंडल आयोग क एक सफा रश को लागू करने के बाद कहा क
क सरकार क नौक रय म अ य पछड़ा वग को आर ण दया जाना चा हए। तीसरा, व भ न सरकार वारा
अपनाई गई आ थक नी त ने मौ लक प से अलग मोड़ ले लया। इसे संरचना मक समायोजन काय म या नए
आ थक सध ु ार क शु आत के प म जाना जाता है । चौथा, कई घटनाओं ने दसंबर 1992 म अयो या म
ववा दत ढांचे को व त कर दया। अं तम, मई 1991 म राजीव गांधी क ह या के कारण कां ेस पाट का नेत ृ व
बदल गया। उनक ह या ल टे से जड़ ु ी एक ीलंकाई त मल वारा क गयी थी, जब वह त मलनाडु म चन ु ाव
चार के दौरे पर थे।
Q3 “गठबंधन क राजनी त के नए यग
ु म, राजनी तक दल वचारधारा को आधार मानकर गठजोड़ नह ं करते ह।”
इस बयान का समथन या वरोध करने के लए आप या तक दगे?
Answer. 1989 के चन ु ाव म कां ेस पाट क हार हुई ले कन कसी भी पाट के लए बहुमत नह ं था। हालां क
कां ेस पाट लोकसभा म सबसे बड़ी पाट थी, ले कन उसके पास प ट बहुमत नह ं था और इस लए, उसने वप
म बैठने का फैसला कया। गठबंधन क राजनी त के इस नए यग ु म पा टयां वचारधारा के आधार पर नह ं बदल
रह ह, बि क वे इस लए बदल य क वे सरकार बनाना चाहती थीं और कां ेस पाट के यग ु को समा त करना
चाहती थीं। वचारधारा कसी समय के लए मह वपण ू भी है य क 1989 के बाद क पा टय म इं दरा हटाओ क
केवल एक वचारधारा है िजसका अथ है क वे कां ेस पाट के भु व वाल सरकार को दे श के क से हटाना चाहते
थे। कां ेस पाट का वच व हटाना अ य दल के लए बहुत मह वपण ू है ।
Q4 आपातकाल के बाद क राजनी त म भाजपा एक मह वपण
ू ताकत के प म उभर । इस दौर म पाट के वकास
का पता लगाए।
Answer. जनता पाट के पतन और उसके टूटने के बाद, जनसंघ के समथक ने 1980 म भारतीय जनता पाट
(भाजपा) का गठन कया। शु म, भाजपा ने जनसंघ क तल ु ना म यापक राजनी तक मंच अपनाया। इसने
गांधीवाद समाजवाद को अपनी वचारधारा के प म अपनाया। ले कन 1980 और 1984 म हुए चन ु ाव म इसे
यादा सफलता नह ं मल । 1986 के बाद, पाट ने हंद ू रा वाद त व और उसक वचारधारा पर जोर दे ना शु
कया। भाजपा ने हंद ु व क राजनी त को आगे बढ़ाया और हंदओ ु ं को जट
ु ाने क रणनी त अपनाई। 1986 के
आसपास के दो घटना म भाजपा क हंद ु व पाट के प म क य राजनी त को बदल गए। पहला, 1985 म शाह
बानो मामला था। दस
ू रा, फरवर 1986 म फ़ैज़ाबाद िजला अदालत का आदे श था। अदालत ने आदे श दया क
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बाबर मि जद प रसर को खोल दया जाए ता क हंद ू उस थल पर ाथना कर सक, िजसे वे मं दर प म मानते
है ।
Q5 कां ेस के भु व म गरावट के बावजद
ू कां ेस पाट दे श क राजनी त को भा वत करती है । या आप
सहमत ह? कारण बताओ।
Answer. 1989 के बाद कां ेस के भु व म गरावट के बावजद ू , हम प ट प से बाद के दौर म कां ेस पाट के
मह व को दे ख सकते ह। 2004 के चन ु ाव म, कां ेस पाट ने भी बड़े पैमाने पर गठबंधन म वेश कया। NDA क
हार हुई और कां ेस के नेत ृ व म एक नई गठबंधन सरकार बनी, िजसे संयु त ग तशील गठबंधन स ा म आई।
इस सरकार को वाम मोचा दल का समथन ा त था। 2004 के चन ु ाव म कां ेस पाट का आं शक पन ु धार भी
दे खा गया। 1991 के बाद पहल बार इनक सीट बढ़ । हालां क, 2004 के चन ु ाव म, कां ेस और उसके सहयो गय
तथा भाजपा और उसके सहयो गय वारा मतदान कए गए वोट के बीच एक नग य अंतर था। इस कार स र
के दशक से अब तक पाट णाल लगभग नाटक य प से बदल गई थी।
Q6 कई लोग सोचते ह क सफल लोकतं के लए दो पाट णाल क आव यकता होती है । पछले बीस वष के
भारत के अनभ
ु व के आधार पर, भारत क वतमान बहु दल य णाल के या फायदे ह, इस पर एक नबंध लख।
Answer. संयु त रा य अमे रका जैसे दे श म दो पाट है , ले कन भारत म हमारे पास बहु दल य णाल ह जो
भारत म एक सफल कदम था। बहु दल य णाल भारत जैसे दे श के लए फायदे मद ं है य क हमारे पास बहुत बड़ी
आबाद है और यहां तक क य द लोग दो पाट स टम म चयन नह ं करना चाहते ह, तो उनके पास अ य वक प
भी ह। भारत म कई पा टयां ह, कोई भी एक पाट बना सकता है िजसम कोई वशेष वशेष ता क ज रत नह ं है ।
इस लए भारत क धम नरपे ता व भ न रा य म मौजद ू सैकड़ दल के मा यम से दखाई दे ती है । हम दे खते ह
क कई दल का कई रा य म वच व है , ले कन वे क म हावी नह ं ह। इस लए एक सफल लोकतं के लए दो
पाट णाल क आव यकता नह ं है । बहु दल य णाल वाला दे श भी सफल हो सकता है जैसे हम भारत म दे ख
सकते ह।
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