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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 12th
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Book : Bhartiya Itihaas ke kuch vishay - III Ncert Solutions | Chapter - 13 Social Science History
Class : 12th
Subject : History
Chapter : 13
Chapter Name : महा मा ग
ाँधी और रा य आ दं ोलन - स
वनय अ
व ा और उ
ससे आगे
Q1 महा मा ग
ांधी न
े आम ल
ोग के स
ाथ कैसे प
हचान ब
नाई?
Answer. म
हा मा गांधी ने न न ल खत तर क स
ेआ
म लोग क प
हचान करने क म
ांग क -
→ वह आम लोग क भाषा बोलते थे।
→ उ ह ने वह पोशाक पहनी थी जो आम या गर ब लोग पहनते थे।
→ उ ह ने जा त यव था का वरोध कया।
→ उ ह ने चरखे पर काम कया।
→ वह शौचालय क सफाई करते थे।
Page : 374 , Block Name : Short Answer
Q2 महा मा ग
ांधी क
ो कसान वारा कैसे म
ाना ज
ाता थ
ा?
Answer. ग ांधीजी को कसान ने माना था य क उ ह ने उनके लए काम करना शु कर दया थ ा। ग
ाँधीजी ख
ेड़ा
के कसान स ेउ नक फसल क वफलता क े बाद कर क छ
ू ट क े लए रा य से म
ाँग करने म श ा मल हो गए। बाद
म जब उ ह ने ब ीएचयू म अपना उ घाटन भ ाषण दया, तो उ ह ने उ न कसान को चन ु ा िज ह ने ब हुसं यक
भारतीय आ बाद का गठन कया। ग ांधीजी को अपने उपदे श को यवहार म लाने के अवसर के स ाथ तत ु कया
गया थ ा। दसंबर 1916 म ल खनऊ म आ योिजत व ा षक क
ां ेस म ,उ
ह बहार क े चप
ं ारण क े एक कसान स े
संपक कया गया, िज ह ने उ ह टश इं डगो लांटस वारा कसान के क ठोर उपचार के बारे म ब ताया।
Page : 374 , Block Name : Short Answer
Q3 नमक कानन
ू सघ
ं षक
ाए
क मह वपण
ू मु दा य ब
न ग
या?
Answer. न न ल खत क ारण स े नमक कानन
ू सघं षकाए
क मह वपण ू मु दा बन ग
या -
→ हर भारतीय घर म नमक एक बु नयाद घटक है , नमक अप रहाय है , फर भी लोग को घरे लू उपयोग के लए
भी नमक बनाने से मना कया गया है , उ ह इसे उ च मू य पर दक ु ान से खर दने के लए मजबरू कया जाता है ।
→ नमक पर रा य का एका धकार था।
यह क
ानन
ू बहुत अलोक य था फर भी गांधीजी को टश श
ासन क े खलाफ ए क यापक असंतोष जट
ु ाने क
उ मीद थी।
Page : 374 , Block Name : Short Answer
Q4 रा य आद
ं ोलन के अ
ययन क
े लए स
माचार प ए
क मह वपण
ू ोत य ह
?
Answer. स माचार प न े रा य आ दं ोलन क
े अ ययन क
े लए एक म
ह वपणू ोत का क
ाम कया य क इसने
महा मा ग
ांधी क
े आद
ं ोलन प र न
ज़र रखी और उनक ग त व धय क रपोट क और यह भी त न ध व कया
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Book : Bhartiya Itihaas ke kuch vishay - III Ncert Solutions | Chapter - 13 Social Science History
कआ म भारतीय उ नके बारे म
या स
ोचते ह
। अ
ख़बार क
े खात को हालां क अ
जेय क
े प म
नह ं देखा जाना
चा हए। वे उ
न लोग वारा का शत कए गए थे िजनके प ास अ पनी राजनी तक राय और द ु नया क
े वचार थे।
Page : 374 , Block Name : Short Answer
Q5 चरखे को रा वाद के तीक क
े प म
य च
नु ाग
या?
Answer. म हा मा गांधी आधु नक यग ु के खलाफ थ े िजसम म शीन ने म
ानव और व था पत मक क ोगल
ु ाम
बनाया। उ
ह ने च रखे को ए क ऐ
से मानव समाज क े तीक के प म देखा, ज
ोम शीन औ
र ौ यो गक का
म हमामंडन न ह ं करे गा। चरखा, इ
सके अलावा, ग
र ब क ो परू क आ
य दान क र सकता है और उ
हआ
म नभर
बना स
कता है ।
Page : 374 , Block Name : Short Answer
Q6 असहयोग आ
द
ं ोलन कस तरह वरोध क
ाए
क प था?
Answer. अ सहयोग आद ं ोलन न न ल खत त र क से वरोध क ाए क प था:
→ रौलट स या ह क सफलता से सि न हत, गांधीजी ने टश शासन के साथ "असहयोग" के अ भयान के लए
कहा। औप नवे शक शासन को समा त करने क इ छा रखने वाले भारतीय को कूल , कॉलेज और कानन ू
अदालत म जाने से रोकने, कर का भग ु तान न करने क े लए कहा गया था। य द लोग इसका अन स
ु रण करते ह तो
यह टश सरकार के काय को बा धत करे गा।
→ छा ने सरकार वारा संचा लत कूल और कॉलेज म जाना बंद कर दया। वक ल ने अदालत म जाने से
इनकार कर दया। मजदरू वग कई शहर म हड़ताल पर चले गए।
→ कुमाऊं म कसान ने औप नवे शक अ धका रय के लए भार उठाने से इनकार कर दया।
असहयोग आ द
ं ोलन के प रणाम व प टश राज 1857 क े व ोह के ब
ाद प
हल बार अ
पनी न
ींव स े हल ग या
था।
Page : 375 , Block Name : Long Answer
Q7 गोलमेज स
मेलन म
स
व
ं ाद अ
नणायक य थे?
Answer. ग ोलमेज स मेलन का आयोजन टश स रकार वारा लद ं नम कया गया था। पहल ब ठ
ै कन वंबर
1930 म आ योिजत क गई थी, ले कन भारत म प वू - यात राजनी तक नेता के बना, इस कार इ से यथता म
बदल दया गया। वायसराय क े स ाथ कई लब ं ी बठ ै कह ु , इ सके प
रणाम व प " गांधी- इर वन स मझौता" ह ु आ,
िजसक श त के अनस ु ार स वनय अव ा आ द ं ोलन क ोब दं क र दया जाएगा, सभी कै दय क ो रहा क र दया
जाएगा औ र तट क े कनारे न मक नमाण क अनम ु त द
ज
ाएगी। इ
स स
मझौते क
आ
लोचना क
टरपं थी
रा वाद न े क
थी। गांधीजी वायसराय स े भारतीय क े लए राजनी तक वतं ता क े लए तब धता ा त करने
म असमथ थ े; वह उस स भ ं ा वत अ त ं क ओर क े वल बातचीत का आ वासन ा त क र सकता था। 1931 के उ राध
म लद
ं नम ए क द स
ू रा गोलमेज स मेलन आ योिजत कया गया। य हाँ, ग
ांधीजी ने क
ां ेस क ा त न ध व कया।
हालाँ क, उनका दावा ह ै क उनक पाट ने प रू े भारत का त न ध व कया को त ीन पा टय स े चन
ु ौती आ ई-
मिु लम ल ग, स ं ेस, डॉ बी आ
रअ बेडकर, िज ह ने तक दया क गांधीजी और कां ेस वा तव म सबसे नचल
जा तय का त न ध व न ह ं क रते ह। इस कार, गोलमेज स मेलन अ नणायक थ े, इ
स लए गांधीजी भारत लौट
आए और स वनय अ व ाक ो फर स ेश
ु कया।
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Book : Bhartiya Itihaas ke kuch vishay - III Ncert Solutions | Chapter - 13 Social Science History
Page : 375 , Block Name : Long Answer
Q8 कस त
रह से म
हा मा गांधी न
े रा य आद
ं ोलन के व प को ब
दल दया?
Answer. ज नवर 1915 म ए म के गांधी भ ारत लौट आ ए। महा मा ग ांधी न े 1893 म जो भारत छ ोड़ा थ ा, वह
1915 क तल ु ना म
अ लग थ ा, ज ब वह वापस लौट आ ए। य हां के ल
ोग राजनी तक प स ेक ह ं अ धक स य हो
गए। भ ारतीय रा य क ां ेस क अ बअ धकांश मख ु शहर औ रक ब म श ाखाएँ थीं। व ष 1917 म ग ांधीजी
कसान क े लए ल ड़ने के लए बहार के चप ं ारण गए। व ह कसान क ोअ पनी प संद क फ सल क ख ेती क रने क
वतं ता और साथ ह कायकाल क सरु ा ा त करने के लए च पं ारण गए थे। 1918 म, ग ांधीजी दो अ भयान
म पहले अ हमदाबाद कपड़ा मल म औ र दस ू रे खेड़ा म शा मल थे। ग ांधीजी न े बाद म खलाफत क े साथ अ सहयोग
कया। इ न आ दं ोलन न े नि चत प से ल ोक य क ारवाई म व ृ ध क , ज ोऔ प नवे शक भ ारत म प रू त रह से
अभत प
ू ूव थ
ी। 1922 त
क , ग
ां धीजी न
े भ
ारतीय र
ा वाद क
ो ब
दल दया , ि
जससे उ
ह ने फ
रवर 1916 क
े अ
पने
बीएचयू भाषण म कए ग ए वादे कोभ न ु ाया। अ गला न मक स या ह थ ा जो फर स े एक सफल क दम था। फर
अग त 1942 म भ ारत छ ोड़ो अ भयान आया जो व ा तव म ए क जन आद ं ोलन था। जब म हा मा गांधी राजनी त म
शा मल हुए, तो य ह केवल एक सघ ं ष था। व ा तव म क ां ेस क ब ठै क भी क े वल भारतीय त क ह स ी मत थीं।
उ ह ने अ पने यास क े मा यम स ेग
र ब कसान , क ार गर , म हलाओं औ र अ य लोग क ो व भ न कार क
प ृ ठभू म औ र वतं ता सं ाम म एक साथ ल ाया।
Page : 375 , Block Name : Long Answer
Q9 नजी प और आ मकथाएँ हम कसी यि त क
े बारे म या बताती ह
? ये ोत आ धका रक खात से कैसे
भ न ह?
Answer. नजी प औ र आ मकथाएँ स च ू ना क े मह वपण ू ोत ह जो ह म व भ न मु द के बारे म कसी यि त
क धारणा म गहर अ त ं ि ट दान करते ह । नजी प हम उनके नजी वचार क एक झ लक देते ह। प म ह म
लोग को उनके ोध और द द, उनके नराशा औ र चंता, उनक आशाओं और नराशाओं क ो य त क रते हुए द े ख
सकते ह। आ मकथाएँ हम उस अ तीत का ल ेखा- जोखा द े ती हज ो अ सर म ानवीय व तार से स मृ ध ह ोता ह
ै ।
कई बार प यि तय को लखे ज ाते ह और इ स लए यि तगत ह ोते ह
, ल े कन वे जनता क े लए भी होते ह।
अ र क भ ाषा अ सर इस ज ाग कता स ेआ कार ल ेती है क एक दन व े का शत हो स कते ह। नजी प औ र
आ मकथाएं स रकार ख ात से कई मायन म भ न होती ह , जसै े सरकार अ धका रय वारा आ मतौर पर
आ धका रक खात क ो बनाए रखा जाता है। ये खाते कुछ मानदं ड या त र क के अनस ु ार लखे ज ाते ह, िज ह
सरकार वीकार क रती ह ै । सरकार रकॉड म उ न ववरण प र ज ोर दया जाता ह ै या आमतौर पर य त कया
जाता है जो सरकार क े वचार क े वपर त ह ।
Page : 375 , Block Name : Long Answer
Q10 द
ांडी म
ाच म
ाग क
े ब
ारे म जान। गजु रात क
े मान च प र इस या ा के म
ाग को द
शाए औ
र माग क
े साथ
गज
ु रने व
ाले मख
ु श हर औ रग ांव क
ो चि नत क रते ह
।
Answer. द
ांडी म
ाच स
ाबरमती आ म से शु ह
ु आ और द
ांडी म स
मा त ह
ु आ।
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Page : 375 , Block Name : Map Work
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