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NCERT
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CLASS - 12th
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Book : Bhartiya Itihaas ke kuch vishay - I Ncert Solutions | Chapter - 1 Social Science History
Class : 12th
Subject : History
Chapter : 1
Chapter Name : हड़ पा स यता
Q1 हड़ पा स यता के शहर म लोग को उपल ध भोजन साम ी क सच
ू ी बनाइए। इन व तओ
ु ं को उपल ध कराने
वाले समह
ू क पहचान क िजए।
Answer. हड़ पा स यता के शहर म लोग के लए पौध और जानवर के उ पाद क एक व तत ृ ंख
ृ ला उपल ध
थी । उपल ध खा य पदाथ म गेहूं, जौ, दाल, छोले और तल जैसे अनाज शा मल थे। हड़ पावासी मछल भी
खाते थे। हड़ पा थल पर जानवर क ह डयाँ भी मल ं ह , िजनम भेड़, बकर , भस और सअ ू र शा मल ह।
मछ लय और प य क ह डयाँ भी मल ं है । आ कयो-ज़ल ू ो ग स वारा कए गए अ ययन से पता चलता
है क इन जानवर को पालतू बनाया गया था, ले कन यह पता नह ं चला है क हड़ पावासी इन जानवर का
शकार करते थे या कसी अ य शकार समद ु ाय से माँस ा त करते थे।
िजन लोग ने अनाज़ के दान और बीज के आधार पर हड़ पा स यता के लोग के आहार से संबं धत थाओं के
बारे म जानकार द थी, उ ह परु ातन वन प त वद के प म जाना जाता है जो ाचीन पौधे के वशेष थे । और
िजन लोग ने जानवर क ह डय के बारे म जानकार दान क है उ ह आ कयो-ज़ल ू ो ग स या च ड़या
घर-परु ात व वद के प म जाना जाता है ।
पौध से लए गए उ पाद : भोजन जटु ाने वाले समद ु ाय
पशु माँस और मछल : शकार करने वाले समद ु ाय
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Q2 परु ात व वद हड़ पाई समाज म सामािजक-आ थक भ नताओं का पता कस कार लगाते ह? वे कौन सी
भ नताओं पर यान दे ते ह?
Answer. परु ात व वद ने हड़ पाई समाज म कुछ रणनी तय जैसे क शवाधान का अ ययन और वला सता क
खोज के मा यम से सामािजक-आ थक मतभेद का पता लगाया ।
→ शवाधान : हड़ पा थल से मले शवाधान म आमतौर पर मत ृ क को गत म दफनाया गया था। कभी-कभी
शवाधान गत क बनावट एक-दस ू रे से भ न होती थी। कु छ थान पर गत क सतह पर ट क चनाई क गई
थी। कुछ क़ म मद ृ भा ड तथा आभष ू ण मले ह जो संभवतः एक ऐसी मा यता क ओर संकेत करते ह िजसके
अनसु ार इन व तओ ु ं का म ृ योपरांत योग कया जा सकता था। पु ष और म हलाओं, दोन के शवाधान से
आभष ू ण मले ह।
→ " वला सता" क खोज : इस तकनीक का उपयोग कलाकृ तय के अ ययन से सामािजक मतभेद क पहचान
करने के लए कया जाता है , िजसे परु ात व व यापक प से उपयो गतावाद और वला सता के प म वग कृत
करते ह। पहल ेणी म प थर या म ट जैसी सामा य साम य से बने दै नक उपयोग क व तए ु ँ शा मल ह।
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यह माना जाता है क य द व तएु ँ दल
ु भ या महं गी, गैर- थानीय साम ी से या ज टल तकनीक से बनी ह, तो यह
वला सता क ेणी से संबं धत है ।
कलाकृ तय के वतरण से परु ात व वद को जो अंतर दखाई दे ते ह, वे ह - बहुमू य साम य से बनी दल
ु भ व तए
ु ँ
आमतौर पर मोहनजोदाड़ो और हड़ पा जैसी बड़ी बि तय म क त ह और शायद ह कभी छोट बि तय म पाई
गई ।
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यास
Q3 या आप इस त य से सहमत ह क हड़ पा स यता के शहर क जल नकास णाल , नगर-योजना क ओर
संकेत करती है ? अपने उ र के कारण बताइए।
Answer. जल नकास णाल / ने ेज स टम हड़ पा शहर क सबसे व श ट वशेषताओं म से एक थी , िजससे
पता चलता है क उनक नगर-योजना /टाउन ला नंग णाल बहुत मजबत
ू थी।
कारण
→ सड़क तथा ग लय को लगभग एक ‘ ड’ पैटन म बनाया गया था और ये एक दस
ू रे को समकोण पर काटती
थीं।
→ ऐसा तीत होता है क पहले ना लय के साथ ग लय को बनाया गया था और फर उनके अगल-बगल
आवास का नमाण कया गया था।
→ हर घर का ट के प के फश से बना अपना एक नानघर होता था िजसक ना लयाँ द वार के मा यम से सड़क
क ना लय से जड़ु ी हुई थीं। य द घर के गंदे पानी को ग लय क ना लय से जोड़ना था तो येक घर क कम से
कम एक द वार का गल से सटा होना आव यक था।
→ हर आवास गल क ना लय से जोड़ा गया था। मु य नाले गारे म जमाई गई ट से बने थे और इ ह ऐसी ट
से ढँ का गया था िज ह सफाई के लए हटाया जा सके ।
यह प ट प से दशाता है क उ चत जल नकासी णाल के साथ शहर क कतनी अ छ योजना बनाई गई थी
और यह भी पता चलता है क पहले परू ब ती क योजना बनाई गई थी और फर इसे लागू कया गया था।
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Q4 हड़ पा स यता म मनके बनाने के लए यु त पदाथ क सच
ू ी बनाइए। कोई भी एक कार का मनका
बनाने क या का वणन क िजए।
Answer. मनक के नमाण म यु त पदाथ क व वधता उ लेखनीय है ः कान लयन (सद ंु र लाल रं ग का),
जै पर, पफ टक, वा श तथा सेल-खड़ी जैसे प थर; ताँबा, काँसा तथा सोने जैसी धातए ु ँ तथा शंख, फयाॅ स
और प क म ट , सभी का योग मनके बनाने म होता था। कुछ मनके दो या उससे अ धक प थर को आपस
म जोड़कर बनाए जाते थे और कुछ सोने के टोप वाले प थर के होते थे। इनके कई आकार होते थे जैसे च ाकार,
बेलनाकार, गोलाकार, ढोलाकार तथा खं डत। कुछ को उ क णन या च ाकार के मा यम से सजाया गया था और
कुछ पर रे खा- च ा उकेरे गए थे। मनके बनाने क तकनीक म यु त पदाथ के अनस ु ार भ नताएँ थीं। सेल-खड़ी
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जो एक बहुत मलु ायम प थर है , पर आसानी से काय हो जाता था। कुछ मनके सेल-खड़ी चण
ू के लेप को साँचे म
ढाल कर तैयार कए जाते थे। इससे कई व वध आकार के मनके बनाए जा सकते थे।
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यास
Q5 आकृ त 1.30 को दे ख और जो आप दे खते ह उसका वणन कर। शव कैसे रखा गया है ? इसके पास रखी व तए
ु ँ
या ह? या शर र पर कोई कलाकृ तयां ह ? या ये कंकाल के लंग का संकेत दे ते ह?
Answer. आकृ त 1.30 म एक हड़ पाई शवाधान को दखाया गया है । शवाधान म एक कंकाल दफ़न है । शव
को उ र-द ण दशा म रखा गया है । शव के पास कुछ बतन और अ य व तए ु ँ रखी हुई ह जो बताती ह क वे
पन
ु ज म म व वास करते थे। हां, शर र पर एक चड़
ू ी है और यह इं गत करती है क यह एक म हला का कंकाल है ।
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Q6 मोहनजोदाड़ो क कुछ व श टताओं का वणन क िजए।
Answer. मोहनजोदाड़ो क व श टताए ह:
नगर-योजना / टाउन ला नंग :ब ती दो भाग म वभािजत थी , एक छोटा ले कन ऊँचाई पर बनाया गया और
दस ू रा कह ं अ धक बड़ा ले कन नीचे बनाया गया। परु ात व वद ने इ ह मश दग ु और नचला शहर का नाम दया
है । दगु क ऊँचाई का कारण यह था क यहाँ क संरचनाएँ क ची ट के चबत ू रे पर बनी थीं। दग
ु को द वार से घेरा
गया था िजसका अथ है क इसे नचले शहर से अलग कया गया था।मोहनजोदाड़ो का नचला शहर आवासीय
भवन के उदाहरण ततु करता है । इनम से कई एक आँगन पर क त थे िजसके चार ओर कमरे बने थे।
संभवतः आँगन, खाना पकाने और कताई करने जैसी ग त व धय का क था, खास तौर से गम और शु क मौसम
म। यहाँ का एक अ य रोचक पहलू लोग वारा अपनी एकांतता को दया जाने वाला मह व थाः भू म तल पर बनी
द वार म खड़ कयाँ नह ं ह। इसके अ त र त मु य वार से आंत रक भाग अथवा आँगन का सीधा अवलोकन
नह ं होता है । हर घर का ट के प के फश से बना अपना एक नानघर होता था िजसक ना लयाँ द वार के
मा यम से सड़क क ना लय से जड़ ु ी हुई थीं। कुछ घर म दस
ू रे तल या छत पर जाने हे तु बनाई गई सी ढ़य के
अवशेष मले थे। कई आवास म कुएँ थे जो अ धकांशतः एक ऐसे क म बनाए गए थे िजसम बाहर से आया जा
सकता था और िजनका योग संभवतः राहगीर वारा कया जाता था।दग ु पर हम ऐसी संरचनाओं के सा य
मलते ह िजनका योग संभवतः व श ट सावज नक योजन के लए कया जाता था। इनम माल-गोदाम और
वशाल नानागार शा मल है वशाल नानागार आँगन म बना एक आयताकार जलाशय है जो चार ओर से एक
ग लयारे से घरा हुआ है । जलाशय के तल तक जाने के लए इसके उ र और द णी भाग म दो सी ढ़यां बनी
थीं। जलाशय के कनार पर ट को जमाकर तथा िज सम के गारे के योग से इसे जलब ध कया गया था।
संकेत मलता है क इसका योग कसी कार के वशेष आनु ठाा नक नान के लए कया जाता था।
न
े ेज स टम : सड़क तथा ग लय को लगभग एक ‘ ड’ पैटन म बनाया गया था और ये एक दसू रे को समकोण
पर काटती थीं। ऐसा तीत होता है क पहले ना लय के साथ ग लय को बनाया गया था और फर उनके
अगल-बगल आवास का नमाण कया गया था। हर आवास गल क ना लय से जोड़ा गया था। मु य नाले गारे म
जमाई गई ट से बने थे और इ ह ऐसी ट से ढँ का गया था िज ह सफाई के लए हटाया जा सके । सफाई के
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लए कुछ अंतराल पर चै बस के साथ लंबे जल नकासी चैनल दान कए गए थे। न
े ेज स टम बड़े शहर के लए
ह अ वतीय नह ं था, बि क हम इसे छोट बि तय म भी पाते ह।
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Q7 हड़ पा स यता म श प उ पादन के लए आव यक क चे माल क सच
ू ी बनाइए तथा चचा क िजए क ये
कस कार ा त कए जाते ह गे।
Answer. हड़ पा स यता म श प उ पादन के लए आव यक क चे माल म प थर के टुकड़े, परू े सीप, तांबा
अय क आ द थे।
श प के लए आव यक क चे माल व भ न ोत से खर दे जाते थे :
→ म ट जैसी कुछ साम ी थानीय प से उपल ध थी जब क प थर, लकड़ी और धातु जैसे कई पदाथ जलोढ़
मैदान के बाहर से खर दे जाने थे।
→ नागे वर और बालाकोट जैसी जगह से सीप ा त कए जाते थे ।
→ लापीस लाजल ु , एक नीले रं ग का प थर जो शोरतग़ ु ई , अफग़ा न तान से लाया जाता था।
→ कारे लयन लोथल से , य क यह एक नकट ोत था।
→ द ण राज थान और उ र गज ु रात से ट टाइट।
→ राज थान से धात।ु
→ द ण भारत से सोना और राज थान के खेतड़ी े से तांबे को अ भयान भेजकर ख़र दा जाता था ।
हाल ह म हुई परु ाताि वक खोज इं गत करती ह क ताँबा संभवतः अरब ाय वीप के द ण-पि चमी छोर पर
ि थत ओमान से भी लाया जाता था। रासाय नक व लेषण दशाते ह क ओमानी ताँबे तथा हड़ पाई परु ाव तओ
ु ,ं
दोन म नकल अंश मले ह जो दोन के साझा उ भव क ओर संकेत करते ह। तीसर सह डाि द ईसा पव ू
म
दनां कत मेसोपोटा मया के लेख म मगान जो संभवतः ओमान के लए यु त नाम था, नामक े से ताँबे के
आगमन के संकेत मलते ह।
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Q8 चचा क िजए क परु ात व वद कस कार अतीत का पन
ु नमाण करते ह।
Answer. परु ात व वद ने न न ल खत व धय से अतीत का पन
ु नमाण कया :
→ परु ात व व ाचीन बि तय म उ खनन का संचालन करते ह और ारं भक बि तय का पता लगाने के लए
लोग वारा छोड़े गए सा य या ववरण का उपयोग करते ह।
→परु ात व व कलाकृ तय और अवषेशो का पता लगाते ह जैसे क मह ु र, ह डयाँ, श प, संरचनाएँ, आभष
ू ण,
औजार, खलौने, वज़न, म ट के बतन, धातए ु ँ, पौध और जानवर के अवशेष आ द।
→ वे व भ न समह ू जैसे साम ी, उपकरण, आभष ू ण आ द के न कष को वग कृत करते ह।
→ वे उस संदभ के आधार पर कलाकृ तय को अलग करने क को शश करते ह िजसम वे पाई गयी ह और बाद म
ऐसी के आधार पर कलाकृ तय के काय का पता लगाने क भी को शश करते है ।
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→ इन सा य का अ ययन फर आ कयो -बॉटा न स और आ कयो- जल ू ोिज ट जैसे वशेष वारा कया
जाता है ता क काबन-डे टंग जैसी तकनीक के मा यम से उनके अि त व का पता लगाया जा सके।
→ परु ात व वद उपल ध अनाज के अवशेष के मा यम से भी लोग क खेती और खाने क आदत का पता लगाने
क को शश करते ह।
→ वे उस समय के दौरान उपल ध उपकरण के कार के मा यम से लोग के पेशे या कामकाजी पैटन का पता
लगाने क को शश करते ह।
→ श प और मह ु र के मा यम से वे अतीत क धा मक मा यताओं और थाओं का पालन करने क को शश
करते ह।
→ धातओ ु ं का इ तेमाल और लोग वारा पहने गहने लोग क सामािजक-आ थक ि थ त को दशात है ।
→ अं येि ट और क तान से मल चीज, पन
ु ज म आ द म लोग के व वास होने को दशाता ह
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Q9 हड़ पाई समाज म शासक वारा कए जाने वाले संभा वत काय क
चचा क िजए।
Answer. परु ाताि वक अ भलेख उस समय के दौरान शासक या शासक ा धकरण के बारे म कोई त काल उ र
नह ं दे ते ह। मोहनजोदाड़ो म मल एक बड़ी इमारत को परु ात व वद वारा एक महल के प म चि नत कया
गया था, ले कन इसके साथ कोई सबत ू नह ं मला। एक प थर क मू त को "पज ु ार -राजा" के प म माना गया है
य क परु ात व वद मेसोपोटा मया के इ तहास और इसके "पज ु ार -राजाओं" से प र चत थे और संधु े और
मेसोपोटा मया म कई समानताएं पाई गयी थीं। जैसा क हम दे खते ह क हड़ पा स यता के र त- रवाज़ को
अ छ तरह से नह ं समझा गया है और यह जानने के लए भी उ चत साधन नह ं ह क या उन लोग के पास
राजनी तक शि त थी जो धा मक काय करते थे कुछ परु ात व वद का मत है क हड़ पाई समाज म कोई शासक
नह ं था और सभी को समान दजा ा त था। दस ू र को लगता है क कोई एक शासक नह ं था, ले कन कई शासक
थे। कुछ अ य लोग कहते ह क एक ह रा य था य क कलाकृ तय म समानता है , नयोिजत बि तय के लए
सबत ू के तौर पर ट के आकार का मानक कृत अनप ु ात और क चे माल के ोत के पास बि तय क थापना ।
अब तक, अं तम स धांत मा य लगता है , य क यह संभावना कम व वसनीय लगती है क परू ा समद ु ाय
सामू हक प से ऐसे ज टल नणय लेता होगा और लागू करता होगा।
Page : 27 , Block Name : अ
यास
Q10 मान च 1 पर उन थल पर प सल से घेरा बनाइए जहाँ से कृ ष के सा य ा त हुए ह। उन थल के आगे
ाॅस का नशान बनाइए जहाँ श प उ पादन के सा य मले ह। उन थल पर ‘क’ ल खए जहाँ क चा माल
मलता था।
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Book : Bhartiya Itihaas ke kuch vishay - I Ncert Solutions | Chapter - 1 Social Science History
Answer.
कृ ष क साइट : हड़ पा, Banawali , काल बंगा , मोहनजोदाड़ो , धोलावीरा (गज
ु रात)।
श प उ पादन क साइट : च हु ो , नागे वर , बालाकोट ।
क चे माल क साइट : नागे वर , बालाकोट , खेतड़ी ।
Page : 27 , Block Name : मान च काय
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