Page 1
UP BOARD
QUESTION Class
10
PAPER
Download PDF
Page 3
खण्ड - 'अ'
फहुविकल्ऩीम ( िस्तुननष्ठ ) प्रश्न
1 'आचामय याभचन्द्र शुक्र' ककस मुग के रेखक हैं ? [1]
(A) शक्
ु र मग
ु
(B) द्वििेदी मुग
(C) शुक्रोत्तय मुग
(D) बायतेन्द्द ु मग
ु
2. 'गफन' की विधा है [1]
(A) नाटक
(B) एकाॊकी
(C) उऩन्द्मास
(D) कहानी
3. 'कॊकार' के रेखक हैं [1]
(A) भुॊशी प्रेभचन्द्द
(B) जमशॊकय प्रसाद.
(C) ननयारा
(D) याभचन्द्र शुक्र
4. 'करभ का ससऩाही' कृनत है [1]
(A) धभयिीय बायती की
(B) अऻेम की
(C) जैनेन्द्र की
(D) अभत
ृ याम की
Page 4
5. 'शुक्र मुग ' की सभमािधध है [1]
(A) 1900 ई० से 1918 तक
(B) 1919 ई० से 1938 तक /
(C) 1936 ई० से 1943 तक
(D) 1850 ई० से 1900 तक
6. 'साकेत' यचना है [1]
(A) भहादे िी िभाय की
(B) सुसभत्रा नन्द्दन ऩन्द्त की
(C) जमशॊकय प्रसाद की
(D) भैधथरीशयण गप्ु त की
7. भहादे िी िभाय किनमत्री हैं [1]
(A) प्रगनतिाद मुग की
(B) द्वििेदी मुग की
(C) छामािाद मग
ु की
(D) प्रमोगिाद मुग की
8. 'गॊगारहयी' यचना है [1]
(A) ऩद्भाकय की
(B) बफहायी की
(C) बूषण की
(D) भनतयाभ की
Page 5
9. आधुननक कार की सभम सीभा है [1]
(A) 1919 ई० से 1938 ई० तक
(B) 1936 ई० से 1943 ई० तक
(C) 1918 ई० से 1950 ई० तक
(D) 1843 ई० से अफ तक
10. भहादे िी िभाय की यचना नहीॊ है । [1]
(A) नीहाय
(B) साॊध्मगीत
(C) मुगान्द्त
(D) दीऩसशखा
11. हास्म यस का स्थामी बाि है [1]
(A) यनत
(B) हास
(C) ननिेद
(D) विस्भम
12. 'ऩीऩय ऩात सरयस भन डोरा ।' [1]
उऩमक्
ुय त ऩॊक्क्त भें अरॊकाय है ।
(A) रूऩक
(B) उऩभा
(C) उत्प्प्रेऺा
(D) अनुप्रास
Page 6
13. 'सोयठा' छन्द्द भें चयण होते हैं [1]
(A) चाय
(B) दो
(C) तीन
(D) एक
14. 'उऩदे श' शब्द भें प्रमुक्त उऩसगय है [1]
(A) उ
(B) अ
(C) उऩ
(D) अन
15. 'प्रत्प्मम' के बेद हैं [1]
(A) चाय
(B) ऩाॉच
(C) तीन
(D) दो
16. 'हानन-राब' भें सभास है । [1]
(A) द्िन्द्द्ि
(B) कभयधायम
(C) द्विगु
(D) फहुव्रीहह
Page 7
17. भछरी का ऩमायमिाची है [1]
(A) द्विज
(B) भीन
(C) यसना
(D) भूढ़
18. 'मद्मवऩ' भें कौन-सी सक्न्द्ध है ? [1]
(A) अमाहद सक्न्द्ध
(B) दीघय सक्न्द्ध
(C) मण ् सक्न्द्ध,
(D) िद्
ृ धध सक्न्द्ध
19. 'भधु' शब्द का द्वितीमा विबक्क्त , फहुिचन रूऩ है [1]
(A) भधुने
(B) भधुना
(C) भधुनी
(D) भधनू न
20. 'ऩठे ताभ ्' धातु का िचन एिॊ ऩुरुष है [1]
(A) प्रथभ ऩरु
ु ष, फहुिचन
(B) प्रथभ ऩुरुष, द्वििचन
(C) प्रथभ ऩरु
ु ष, एकिचन
(D) भध्मभ ऩुरुष, द्वििचन
खण्ड - 'फ'
िणयनात्प्भक प्रश्न
Page 8
1. ननम्नसरखखत गद्माॊश ऩय आधारयत हदमे गमे प्रश्नों के उत्तय दीक्जए : [3x2=6]
आज हभ इसी ननभयर , शुद्ध, शीतर औय स्िस्थ अभत
ृ की तराश भें हैं औय हभायी
इच्छा, असबराषा औय प्रमत्प्न मह है कक िह इन सबी अरग-अरग फहती हुई नहदमों भें
अबी बी उसी तयह फहता यहे औय इनको िह अभय तत्प्ि दे ता यहे , जो जभाने के हजायों
थऩेडों को फयदाश्त कयता हुआ बी आज हभाये अक्स्तत्प्ि को कामभ यखे हुए है औय
यखेगा । https://www.upboardonline.com
(i) उऩमक्
ुय त गद्माॊश का सॊदबय सरखखए ।
(ii) गद्माॊश के ये खाॊककत अॊश का बाि स्ऩष्ट कीक्जए ।
(iii) रेखक के अनस
ु ाय हभाया अक्स्तत्प्ि ककस कायण से आज बी कामभ है ?
अथिा
मह कोई फात नहीॊ है कक एक ही स्िबाि औय रुधच के रोगों भें ही सभत्रता हो सकती है ।
सभाज भें विसबन्द्नता दे खकय रोग एक-दस
ू ये की ओय आकवषयत होते हैं । जो गुण हभभें
नहीॊ हैं , हभ चाहते हैं कक कोई ऐसा सभत्र सभरे , क्जसभें िे गुण हों । धचन्द्ताशीर भनुष्म
प्रपुक्ल्रत धचत्त का साथ ढूॉढ़ता है , ननफयर फरी का, धीय उत्प्साही का ।
(i) उऩमक्
ुय त गद्माॊश का सॊदबय सरखखए ।
(ii) ये खाॊककत अॊश की व्माख्मा कीक्जए ।
(iii) व्मक्क्त एक-दस
ू ये की ओय क्मा दे खकय आकवषयत होते हैं ?
2. हदए गए ऩद्माॊश ऩय आधारयत प्रश्नों के उत्तय दीक्जए : [3x2=6]
ननयगुन कौन दे स कौ फासी ?
भधक
ु य कहह सभझ
ु ाइ सौंह दे ,
फूझनत साॉच न हाॉसी ।
को है जनक, कौन है जननी,
कौन नारय को दासी ?
कैसे फयन, बेष है कैसो,
ककहहॊ यस भैं असबराषी ?
Page 9
ऩािैगो ऩुनन ककमौ आऩनौ,
जौ ये कयै गौ गाॉसी ।
सुनत भौन है यह्मौ फाियौ,
सयू सफै भनत नासी ।।
(i) उऩमक्
ुय त ऩद्माॊश का सॊदबय सरखखए ।
(ii) ये खाॊककत अॊश की व्माख्मा कीक्जए ।
(iii) 'भधक
ु य' शब्द का क्मा अथय है ?
अथिा
अतुरनीम क्जसके प्रताऩ का
साऺी है प्रत्प्मऺ हदिाकय ।
घूभ-घूभ कय दे ख चुका है ,
क्जनकी ननभयर कीनतय ननशाकय ।।
दे ख चुके हैं क्जनका िैबि,
मे नब के अनन्द्त तायागण ।
अगखणत फाय सुन चुका है नब ,
क्जनका विजम घोष यण-गजयन ।।
(i) उऩमक्
ुय त ऩद्माॊश का सॊदबय सरखखए ।
(ii) ये खाॊककत अॊश की व्माख्मा कीक्जए ।
(iii) उऩमक्
ुय त ऩद्माॊश भें ककसकी भहहभा का िणयन ककमा गमा है ?
3. हदए गए सॊस्कृत गद्माॊश भें से ककसी एक का सॊदबय सहहत हहन्द्दी भें अनुिाद
कीक्जए। [2+3=5]
एषा नगयी बायतीम सॊस्कृते् सॊस्कृत बाषामाश्च केन्द्रस्थरभ ् अक्स्त। इत एि
सॊस्कृतिाङ्भमस्म सॊस्कृतेश्च आरोक् सियत्र प्रसत
ृ ्। भुगरमुियाज् दायासशकोह् अत्रागत्प्म
बायतीम दशयन - शास्त्राणाभ ् अध्ममनभ ् अकयोत ्। स तेषाॊ ऻानेन तथा प्रबावित् बित ् ,
मत ् तेन उऩननषदाभ ् अनुिाद् ऩायसी बाषामाॊ कारयत्।
Page 10
अथिा
अस्भाकॊ सॊस्कृनत् सदा गनतशीरा ितयते। भानि जीिनॊ सॊस्कतुयभ ् एषा मथासभमॊ निाॊ
निाॊ विचायधायाॊ स्िीकयोनत , निाॊ शक्क्त च प्राप्नोनत। अत्र दयु ाग्रह् नाक्स्त , मत ्
मक्ु क्तमक्
ु तॊ कल्माणकारय च तदत्र सहषं गहृ ीतॊ बिनत। एतस्मा् गनतशीरतामा् यहस्मॊ
भानिजीिनस्म शाश्ितभल्
ू मेषु ननहहतभ ् , तद् मथा सत्प्मस्म प्रनतष्ठा , सियबत
ू ेषु सभबाि्
विचाये षु औदामयभ ्, आचाये दृढता चेनत । https://www.upboardonline.com
4. हदए गए सॊस्कृत ऩद्माॊश भें से ककसी एक का सॊदबय सहहत हहन्द्दी भें अनुिाद
कीक्जए। [2+3=5]
उत्तयॊ मत ् सभुरस्म हहभारे श्चैि दक्षऺणभ ् ।
िषं तद् बायतॊ नाभ बायती मत्र सन्द्तक्न्द्त् ।।
अथिा
ककॊ नु हहत्प्िा वप्रमो बिनत ककन्द्नु हहत्प्िा न शोचनत ।
ककॊ नु हहत्प्िाथयिान ् बिनत ककन्द्नु हहत्प्िा सुखी बिेत ् ।।
5. अऩने ऩहठत खण्डकाव्म के आधाय ऩय ननम्नसरखखत प्रश्नों भें से ककसी एक का उत्तय
दीक्जए : [1x3=3]
(क) (i) 'भुक्क्तदत
ू ' खण्डकाव्म के आधाय ऩय गाॉधी जी का चरयत्र-धचत्रण कीक्जए ।
(ii) 'भुक्क्तदत
ू ' खण्डकाव्म के ऩञ्चभ सगय का कथानक अऩने शब्दों भें सरखखए ।
(ख) (i) 'ज्मोनत जिाहय' खण्डकाव्म के नामक का चरयत्र धचत्रण कीक्जए ।
(ii) 'ज्मोनत जिाहय' खण्डकाव्म की कथािस्तु सॊऺेऩ भें सरखखए ।
(ग) (i) ‘भेिाड भुकुट' खण्डकाव्म के नामक का चरयत्राॊकन कीक्जए ।
(ii) ‘भेिाड भक
ु ु ट' के प्रथभ सगय 'अयािरी' का सायाॊश सरखखए ।
(घ) (i) 'अग्रऩूजा' खण्डकाव्म की कथािस्तु सॊऺेऩ भें सरखखए ।
Page 11
(ii) ‘अग्रऩूजा' खण्डकाव्म के आधाय ऩय मुधधक्ष्ठय का चरयत्र-धचत्रण कीक्जए ।
(ङ) (i) 'जम सुबाष' खण्डकाव्म के द्वितीम सगय का कथानक सरखखए ।
(ii) 'जम सब
ु ाष' खण्डकाव्म के नामक के चरयत्र की विशेषताएॉ फताइए ।
(च) (i) 'भातब
ृ ूसभ के सरए' खण्डकाव्म के आधाय ऩय चन्द्रशेखय 'आजाद' का चरयत्र
धचत्रण कीक्जए। https://www.upboardonline.com
(ii) 'भातब
ृ सू भ के सरए' खण्डकाव्म के 'फसरदान' सगय का कथानक सरखखए ।
(छ) (i) 'कणय' खण्डकाव्म के प्रथभ सगय का सायाॊश सरखखए ।
(ii) 'कणय' खण्डकाव्म के आधाय ऩय 'श्रीकृष्ण' का चरयत्र धचत्रण कीक्जए ।
(ज) (i) 'कभयिीय बयत' खण्डकाव्म के आधाय ऩय 'िनगभन सगय ' की कथा सॊऺेऩ भें
सरखखए ।
(ii) 'कभयिीय बयत' खण्डकाव्म के आधाय ऩय कैकेमी का चरयत्र धचत्रण कीक्जए ।
(झ) (i) 'तुभर
ु ' खण्डकाव्म के नामक का चरयत्राॊकन कीक्जए ।
(ii) 'तुभुर' खण्डकाव्म के तत
ृ ीम सगय का कथानक सरखखए ।
6. (क) हदए गए रेखकों भें से ककसी एक का जीिन ऩरयचम सरखते हुए उनकी एक
प्रभख
ु यचना का उल्रेख कीक्जए । [3+2=5]
(i) आचामय याभचन्द्र शुक्र
(ii) जमशॊकय प्रसाद
(iii) डॉ० याजेन्द्र प्रसाद ।
Page 12
(ख) हदए गए कविमों भें से ककसी एक का जीिन ऩरयचम दे ते हुए उनकी एक प्रभुख
यचना का उल्रेख कीक्जए । [3+2=5]
(i) तुरसीदास
(ii) सुबरा कुभायी चौहान
(iii) बफहायी ।
7. अऩनी ऩाठ्मऩुस्तक भें से कण्ठस्थ कोई एक श्रोक सरखखए जो इस प्रश्नऩत्र भें न
आमा हो । [2]
8. ननम्नसरखखत भें से ककन्द्हीॊ दो प्रश्नों के उत्तय सॊस्कृत भें दीक्जए । [2+2=4]
(i) ऻानॊ कुत्र सम्बिनत ?
(ii) बायतीम सॊस्कृते भर
ू ॊ ककभ ् अक्स्त ?
(iii) कुत्र भयणॊ भङ्गरॊ बिनत ?
(iv) चन्द्रशेखय् क् आसीत ् ?
9. ननम्नसरखखत भें से ककसी एक विषम ऩय ननफन्द्ध सरखखए: [1x9=9]
(i) आतॊकिाद : कायण एिॊ ननिायण ।
(ii) िऺ
ृ ायोऩण ।
(iii) भेया वप्रम कवि ।
(iv) नायी सशक्तीकयण ।