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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 9th
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Book : Vigyan Ncert Solutions | Chapter - 12 Science
Class : 9th
Subject : व ान
Chapter : 12
Chapter Name : व न
Q1 कसी मा यम म व न वारा उ प न व ोभ आपके कान तक कैसे पहुंचता है ?
Answer. कोई व तु कंपमान होने से वो अपने चार ओर व यमान मा यम के कण को कंपमान कर
दे ती है । ये कण कंपमान व तु से हमारे कान तक वयं ग त कर नह ं सकते।
सबसे पहले कंपमान व तु के संपक म रहने वाले मा यम के कण अपनी संतु लत अव था से व था पत
होते ह। ये अपने समीप के कण पर एक बल लगते ह। िजसके फल व प नकटवत कण अपनी
वरामव था से व था पत हो जाता है । नकटवत कण को व था पत करने के प चात ारि भक कण
अपनी मल ू अव थाओं म वापस लौट आते ह। मा यम म यह या तब तक चलती है जब तक क
व न हमारे कान तक पहुँच नह ं जाता।
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Q1 आपके व यालय क घंट , व न कैसे उ प न करती है ?
Answer. हमारे व यालय क घंट को हथौड़े से मार के कंपमान कया जाता है । कंपन उ प न होने के
कारण घंट के संपक म कण व था पत होता है और नकटवारती कण पर एक बल लगते ह, िजसके
फल व प नकटवत कण व था पत हो जाता है , हवा म व ोभ उ प न होता ह। तरं ग हवा म
आगे-पीछे कंपन करती हुई हमारे कान तक पहुँच जाती है ।
Page : 182 , Block Name : न
Q2 व न तरं ग को यां क तरं ग य कहते ह?
Answer. व न तरं ग नवात से होकर आगे नह ं बाड़ सकती है । उसके गमन के लए वाय,ु जल या दस ू रे
कसी मा यम क ज़ रत होती है । व न उ प न होने के बाद व ोभ तभी आगे बढ़ता है जब मा यम
का कण आगे-पीछे कंपन करता है और फर तरं ग संच रत होता ह।
Page : 182 , Block Name : न
Q3 मान ल गए आप अपने म के साथ चं मा पर गए हुए ह। या आप अपने म वारा उ प न
व न को सन ु पाएंगे?
Answer. नह ं, य क व न तरं ग नवात से होकर आगे नह ं बाड़ सकती है । उसके गमन के लए वाय,ु
जल या दस ू रे कसी मा यम क ज़ रत होती है । चं मा पर वायम
ु ंडल नह ं होने के कारण हमारे म
वारा उ प न व न को सन ु नह ं पाएंगे।
Page : 182 , Block Name : न
Q1 तरं ग का कौन-सा गुण न न ल खत को नधा रत करता ह? (a) बलता, (b) तार व।
Answer.
(a) बलता: बलता व न के लए कान क संवेदनशीलता क माप है जो व न का आयाम ि थर
करती है ।
कसी एकांक े फल से एक सेकंड म गुजरने वाल व न ऊजा को व न क ती ता कहती है ,
िजसे बलता भी कहा जाता है ।
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Book : Vigyan Ncert Solutions | Chapter - 12 Science
(b) तार व: कसी उ सिजत व न क आव ृ ी को मि त क िजस कार अनभ ु व करता है , उसे
तरतवा कहते ह। कसी ोत का कंपन जीती शगरता से होता है , आव ृ ी उतनी अ धक होता है
और उसका तरतवा भी अ धक होता है ।
Page : 186 , Block Name : न
Q2 अनम ु ान लगाइए क न न म से कस व न का तार व अ धक ह? (a) गटार, (b) कार का हॉन।
Answer. (b) कार का हॉन का तार व अ धक है ।
Page : 186 , Block Name : न
Q1 कसी व न तरं ग क तरं गदै य, आव ृ ी, आवत काल तथा आयाम से या अ भ ाय है ?
Answer.
● तरं गदै य: तरं ग वारा एक आवत कल (T) म चल गयी दरू को तरं गदै य कहा जाता है । दस ू रे
श द म दो मागत संपीड़न या वरलन के बीच क दरू को तरं गदै य कहते है । λ च ह से इसे
दशाया जाता है । S.I. मा क है मीटर(m)।
● आव ृ ी: एकांक समय म दोलन क कुल सं या को व न तरं ग क आव ृ ी कहलाते ह। य द त
एकांक समय म गुज़रने वाले संपीडन और वरलन क सं या क गणना कया जाए तो आव ृ ी
ात होती है ।
इसे υ से दशाया जाता ह। S.I. मा क हे ज (Hz) है ।
● आवत काल: कसी मा यम म एक स पण ू दोलन के लए लया गया समय को व न तरं ग का
आवत काल कहा जाता है । या, दो मागत संपीडन या दो मागत वरलन को कसी न द ट
ब द ु से जाने म जो समय लगता है , उसे व न तरं ग का आवत काल कहते ह। इसे T अ र से
न पत करते ह। इसका S.I. मा क सेकंड (s) है ।
● आयाम: कसी मा यम म कण का मल ू ि थ त के दोन तरफ अ धकतम व ोभ को तरं ग का
आयाम कहते है । इसे A से न पत कया जाता ह। इसका S.I. मा क मीटर (m) है ।
Page : 186 , Block Name : न
Q2 कसी व न तरं ग को तरं गदै य तथा आव ृ ी उसके वेग से कस कार संबं धत है ?
Answer.
तरं गदै य (λ)= तरं ग का वेग / (v)आव ृ ी (υ)
Page : 186 , Block Name : न
Q3 कसी दए हुए मा यम म एक व न तरं ग क आव ृ ी 220 Hz तथा वेग 440 m/s है । इस तरं ग क
तरं गदै य क गणना क िजये।
Answer.
तरं ग क आव ृ ी υ = 220 Hz
तरं ग का वेग v = 440 m/s
तरं गदै य = वेग/आव ृ ी = 440/220 = 2 m
व न तरं ग क तरं गदै य 2 m है ।
Page : 186 , Block Name : न
Q4 कसी व न ोत के 450 m दरू पर बैठा हुआ कोई मनु य 500 Hz क व न सन ु ना है । ोत से
मनु य के पास तक पहुँचने वाले दो मागत संपीडन म कतना समय अंतराल होगा?
Answer.
आव ृ ी υ = 500 Hz
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दरू d = 450 m
आवत काल T = 1/υ = 1/500 = 0.002 s
अत:, दो मागत संपीडन म लगने वाला समय 0.002 s है ।
Page : 186 , Block Name : न
Q1 व न को बलता तथा ती ता म अंतर बनाइए।
Answer.
बलता ती ता
कसी व न के लए कान क संवेदनशीलता क माप को एकांक े फल से एक सेकंड म गुजरने वाल व न ऊजा
बलता कहा जाता है । को व न क ती ता कहते ह।
कान क संवेदनशीलता के ऊपर नभरशील है । कान क संवेदनशीलता मह वपण ू नह ं है ।
मा ा है डेसीबल (dB)। मा ा है वाट/मीटर या W/m ।
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Page : 187 , Block Name : न
Q1 वाय,ु जल या लोहे म से कस मा यम म व न सबसे तेज चलती है ?
Answer. व न एक न द ट तापमान पर लोहे म सबसे तेज चलती है ।
Page : 188 , Block Name : न
Q1 कोई त व न 3 s प चात सन ु ाई दे ती है । य द व न क चाल 342 m/s हो तो ोत तथा परावतक
प ृ ठ के बीच कतनी दरू होगी?
Answer.
वायु म व न क चाल = 342 m/s
त व न सन ु ने का समय = 3 s
ोत से परावतक प ृ ठ क दरू 2d = v × t
d = (v × t)/2
ोत से परावतक प ृ ठ क दरू d = (v × t)/2 = (342×3)/2 = 513 m
Page : 189 , Block Name : न
Q1 कंसट हॉल क छत व ाकार य होती ह?
Answer. कंसट हॉल क छत व ाकार इस लए बनाई जाती ह िजससे परावतन के प चात व न हॉल के
सभी भाग म पहुँच जाए।
Page : 190 , Block Name : न
Q1 सामा य मनु य कान के लए यता प रसर या है ?
Answer. सामा य मनु य कान के लए व न यता का प रसर 20 Hz
से 20000 Hz
तक है ।
Page : 191 , Block Name : न
Q2 न न से संबं धत आव ृ य का प रसर या है ?
(a) अव य व न
(b) परा व न
Answer.
a) अव य व न: 20 Hz से कम आव ृ क व न।
b) परा व न: 20000 Hz से अ धक आव ृ क व न।
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Book : Vigyan Ncert Solutions | Chapter - 12 Science
Page : 191 , Block Name : न
Q1 एक पनडु बी सोनार पंद उ सिजत करती है , जो पानी के अंदर एक खड़ी च टान से टकराकर 1.02
s के प चात वापस लौटने है । य द खारे पानी म व न क चाल 1531 m/s हो, तो च टान क दरू ात
क िजए।
Answer.
खारे पानी म व न क चाल v = 1531 m/s
सोनार पंद च टान से टकराकर वापस आने म लगा समय, t = 1.02 s
पनडु बी से च टान क दरू d = (1531 × 1.02)/2 = 780.8 m
Page : 193 , Block Name : न
Q1 व न या है और यह कैसे उ प न होती है ?
Answer. व न ऊजा का एक प है जो हमारे कान म वण का संवेदन उ प न करती है ।
व भ न व तओ ु ं म घषण वारा, खरु च कर, रगड़ कर, वायु फँू क कर या उनको हलाकर व न उ प न
कर सकते है ।
Page: 195, Block name: अ यास
Q2 एक च क सहायता से वणन क िजए क व न के ोत के नकट वायु म संडीपन तथा वरलन
कैसे उ प न होती ह?
Answer.
व न के संचरण के लए वायु को ध का दे कर संडीपन करती है और इस कार एक उ च दाब का े
उ प न होता है । इस े को संडीपन कहते है ।
यह संडीपन कंपमान व तु से दरू आगे क ओर ग त करता है । जब कंपमान व तु पीछे क ओर कंपन
करती है तो एक न न दाब का े उ प न होता है िजसे वरलन कहते है । जब व तु कंपन करती है
अथात आगे और पीछे तेज़ी से ग त करती है तो वायु म संडीपन और वरलन व न तरं ग बनती ह जो
मा यम से होकर सं चत होती है । संडीपन उ च दाब का े है और वरलन न न दाब का े है ।
C= संडीपन
R= वरलन
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Page: 195, Block name: अ यास
Q3 कस योग से यह दशाया जा सकता है क व न संचरण के लए एक य मक मा यम क
आव यकता होती है ।
Answer.
● एक व यत ु घंट तथा एक काँच का वायु ध बेलजार लेना है ।
● व यतु घंट को बेलजार म लटकना है ।
● बेलजार को एक नवात पंप से जोड़ना है ।
● घंट के ि वच को दबाने के बाद उसक व न सन ु ाई दे ती है ।
● अब नवात पंप चलना है ।
● जब बेलजार क वायु धीरे -धीरे बाहर नकालने लगती है घंट क व न धीमी होती जाती है
य य प उसम पहले जैसी ह व यत ु धारा वा हत हो रहा है ।
● कुछ समय प चात जब बेलजार म बहुत कम वायु रह जाती है तब बहुत धीमी व न सन
ु ाई दे ती
है ।
Page: 195, Block name: अ यास
Q4 व न तरं ग क कृ त अनद
ु ै य य है ?
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Answer. अनद ु ै य तरं ग म मा यम के कण का व थापन व ोभ के संचरण क दशा के समांतर होता
है । कण एक थान से दस ू रे थान तक ग त नह ं करते ले कन अपनी वराम अव था से आगे-पीछे दोलन
करते है । ठ क इसी कार व न तरं ग संचा रत होती है , अतएव व न तरं ग अनदु ै य तरं ग ह।
Page: 195, Block name: अ यास
Q5 व न का कौन-सा अ भल ण कसी अ य अंधेरे कमरे म बैठे आपके म क आवाज पहचानने म
आपक सहायता करता है ?
Answer. व न के गण
ु ता वह अ भल ण है जो हम समान तार व तथा बलता क दो व नय म अंतर
करने म सहायता करते है । व न का यह गुणता अ भल ण अ य अंधेरे कमरे म बैठे म क आवाज
पहचानने म आपक सहायता करता है ।
Page: 195, Block name: अ यास
Q6 त ड़त क चमक तथा गजन साथ-साथ उ प न होती ह। ले कन चमक दखाई दे ने के कुछ सेकड
प चात गजन सन
ु ाई दे ती है । ऐसा य होता है ?
Answer. व न क चाल काश क चाल से बहुत कम है । वायु मा यम म काश का चाल 3×108m/s
परं तु व न का चाल 340m/s। इस लए त ड़त क चमक तथा गजन साथ-साथ उ प न होती ह, ले कन
चमक दखाई दे ने के कुछ सेकड प चात गजन सन
ु ाई दे ती है
Page: 195, Block name: अ यास
Q7 कसी यि त का औसत य परास 20Hz से 20kHz है । इन दो आव ृ य के लए व न तरं गो क
तरं गदै य ात क िजए। वायु म व न का वेग 344m/s ल िजए।
Answer. वायु म व न का वेग v= 344m/s
य परास म आव ृ याँ
υ1= 20Hz
υ2= 20kHz= 20×1000= 20000Hz
मान लेते है क व न तरं ग के तरं गदै य λ
वेग= आव ृ x तरं गदै य
v= υ λ
λ= v/υ
ि थतI
आव ृ υ1= 20Hz
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λ= 344/20= 17.2m
ि थ त II
आव ृ υ2= 20000Hz
λ= 344/20000= 0.0172m
दो आव ृ य के लए व न तरं गो क तरं गदै य 17.2m और 0.0172m
Page: 195, Block name: अ यास
Q8 दो बालक कसी ऐलु म नयम पाइप के दो सर पर है । एक बालक पाइप के एक सरे पर प थर से
आघात करता है । दस
ू रे सरे पर ि थत बालक तक वायु तथा ऐलु म नयम से होकर जाने वाल व न
तरं ग वारा लए गए समय का अनप ु ात ात क िजए।
Answer. Vair= 346m/s (25°C)
VAl= 6420m/s (25°C)
मन लेते है पाइप क लंबाई= L m
वायु मा यम म एक बालक से दस
ू रे बालक तक जाने म व न को समय लगता है (t1)= दरू /चाल
t1= L/346 s ……(i)
ऐलु म नयम से होकर व न को एक बालक से दस
ू रे बालक तक पहुँचने म समय लगता है
t2= L/6420 s .....................(ii)
समीकरण (i) और (ii) अनस
ु ार:
t1/t2= 1/346÷1/6420
t1/t2= L/346÷L/6420
t1/t2= 6420/346= 18.55/1
t1:t2= 18.55:1
दस
ू रे सरे पर ि थत बालक तक वायु तथा ऐलु म नयम से होकर जाने वाल व न तरं ग वारा लए गए
समय का अनप ु ात 18.55:1
Page: 195, Block name: अ यास
Q9 कसी व न ोत क आव ृ 100Hz है । एक मनट म यह कतनी बार कंपन करे गा?
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Answer. आव ृ = कंपन क सं या/ल आ गया समय
v= n/t
वन ोत क आव ृ = 100Hz
समय= 1 मनट= 60s
100Hz= n/60
n= 6000 बार
एक मनट म यह 6000 बार कंपन करे गा
Page: 196, Block name: अ यास
Q10 या व न परावतन के उ ह ं नयम का पालन करती है िजनका क काश क तरं ग करती है ? इन
नयम को बताइए।
Answer. व न परावतन के उ ह ं नयम का पालन करती है िजनका क काश क तरं ग करती है ।
व न परावतन के नयम:
● "परावतक सतह पर खींचे गए अ भलंब तथा व न के अपतन होने क दशा तथा परावतन होने
क दशा के बीच बने कोण आपस म बराबर होते ह।"
● "यह तीन दशाएँ एक ह तल म होती है ।"
Page: 196, Block name: अ यास
Q11 व न का एक ोत कसी परावतक सतह के सामने रखने पर उसके वारा द व न तरं ग क
त व न सन
ु ाई दे ती है । य द ोत तथा परावतक सतह क दरू ि थर रह तो कस दन त व न
अ धक शी सनु ाई दे गी- (i) िजस दन तापमान अ धक हो? (ii) िजस दन तापमान कम हो?
Answer. व न का वेग मा यम का ताप के साथ बढ़ने लगती है ।
इस लए य द ोत तथा परावतक सतह क दरू ि थर रह तो िजस दन तापमान अ धक होगी उस दन
दन त व न अ धक शी सन ु ाई दे गी।
Page: 196, Block name: अ यास
Q12 व न तरं ग के परावतन के दो यावहा रक उपयोग ल खए।
Answer. व न तरं ग के परावतन के दो यावहा रक उपयोग:
● लाउड पीकर, हॉन तथा सहनाइ जैसे वा य यं क व न एक वशेष दशा म जाती है , सभी
दशाओं म व तार नह ं करता है ।
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● परावतन क प चात व न हॉल के सभी भाग म पहुँचने के लए कंसट हॉल, सनेमा हॉल तथा
स मेलन क ा क छट व कर बनाई जाती है ।
● दय का धड़कन क व न बार बार टे थो कोप के वारा डॉ टर के कान तक परावतन के
कारण पहुँचती है ।
Page: 196, Block name: अ यास
Q13 500 मीटर ऊँची कसी मीनार क चोट से एक प थर मीनार के आधार पर ि थत एक पानी के
तलब म गराया जाता है । पानी म इसके गरने क व न चोट पर कब सन
ु ाई दे गी? (g= 10m/s2 तथा
व न क चाल= 340m/s)
Answer. मीनार क ऊंचाई h= 500m
g= 10m/s2
पठार का ारि भक वेग u= 0
मीनार से सतहा तक पहुँचने म समय लगता है = t
h= ut+1/2gt2
500= 0×t+1/2×10×(t)2
500= 5×t2
t= 10s
पानी से टकराने के बाद व न को मीनार क चोट तक पहुँचने म समय लगता है T
T= दरू /चाल= h/V= 500/340= 1.47s
पानी म इसके गरने क व न चोट पर सन
ु ाई दे गी t+T= 10+1.47= 11.47स म।
Page: 196, Block name: अ यास
Q14 एक व न तरं ग 339m/s क चाल से चलती है । य द इसक तरं गदै य 1.5cm हो, तो तरं ग क
आव ृ कतनी होगी? या यह य होगी?
Answer. वेग= आव ृ x तरं गदै य
v= υ λ
λ= v/υ
व न तरं ग क चाल v= 339m/s
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तरं गदै य λ= 1.5cm= 1.5/100= 0.015m
υ = v/λ= 339/0.015= 22600Hz
तरं ग क आव ृ होगी 22600Hz
यहा व न तरं ग क आव ृ ी 20000Hz से अ धक होने के कारण यह य नह ं होगी।
Page: 196, Block name: अ यास
Q15 अनरु णन या है ? इसे कैसे कम कया जा सकता है ?
Answer. व न का बारं बार परावतन के कारण व न- नबध होता है , अथात कोई व न पया त समय
तक बनी रहने के लए उसे कसी बड़े हॉल म उ प न होकर द वार से लगातार परव तत होना पड़ेगा और
वो व न तब तक सन ु ाई दे गा जब तक क यह इतनी कम न हो जाए क यह सन
ु ाई ह न पड़े। इस घटना
को अनरु णन कहते है ।
हाँ, इसे कम कया जा सकता है । इसे कम करने के लए सभा भवन क छत तथा द वार पर व न
अबशोषक पदाथ जैसे संडीपन फ़ाइबर बोड, खरु दरे ला टर अथवा पद लगया जाता है ।
Page: 196, Block name: अ यास
Q16 व न क बलता से या अ भ ाय है ? यह कन कारक पर नभर करती है ?
Answer. हमारे कान क संवेदनशीलता क माप व न क बलता समझाते है ।
कारक िजसके ऊपर यह नभर करता है :
1. कान क संवेदनशीलता
2. व न के आयाम
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Page: 196, Block name: अ यास
Q17 चमगादड़ अपना शकार पकड़ने के लए परा व न का उपयोग कस कार करता है ? वणन
क िजए॰
Answer. उड़ते के समय चमगादड़ परा व न तरं ग नकालता है और परावतन के बाद इनके संसच ू न
करता है । यह उ च तर व के परा व न अवरोध या कोट ं से प रव तत होते है , फर चमगादड़ क कान
तक पहुँच जाती है । परा व न के ऐसे प रवतन से अवरोध या कोट ं का कृ त चमगादड़ को पता चलता
है , क ट या कोई अवरोध क उपि थ त और उसका आकार के बारे म भी मालम ू करता ह।
Page: 196, Block name: अ यास
Q18 व तओ
ु ं को साफ़ करने के लए परा व न का उपयोग कैसे करते है ?
Answer. िजस जगह पर पहुँचना आसान नह ं होते है , परा व न का उपयोग से उन ह स को साफ़
कया जाता है । िजस व तओ
ु ं को साफ़ करना होता है उसको साफ़ करने वाला माजन वलयन म रखने के
बाद इस वलयन म परा व न तरं ग भेजा जाता है । उ च आव ृ ी से धलू , चकनाई, गंदगी के कोण अलग
हो जाता है और नीचे गर जाता है । इस तरह परा व न का उपयोग करके स पलकर नल , वषम आकार
के पज
ु , एले ो नक अवयव आ द व तओ ु ं को साफ़ कया जाता है ।
Page: 196, Block name: अ यास
Q19 सोनार क काय व ध तथा उपयोग का वणन क िजए।
Answer. सोनार श द Sound Navigation And Ranging से बना है । सोनार एक ऐसी यिु त है
िजसम जल म ि थत पंड क दरू , दशा तथा चाल मापने के लए परा व न तरं ग का उपयोग कया
जाता है ।
● सोनार म एक े ष और एक संसच ू क होता है । इसे कसी नाव या जहाज के नचले ह से म
लगाया जाता है ।
● े ष परा व न तरं ग उ प न और े षत करता है ।
● ये तरं ग जल म चलती ह तथा समु ताल म पंड से टकराने के प चात परव तत होकर संसच
ू क
वारा हण कर ल जाती है ।
● संसचू क परा व न तरं ग को व यत
ु संकेत म बदल दे ता है िजनक उ चत प से या या कर
ल जाती है ।
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Book : Vigyan Ncert Solutions | Chapter - 12 Science
सोनार का उपयोग न न ल खत है :
1. जल म व न क चाल तथा परा व न के ेषण तथा अ भ हण के समय अंतराल को ात करके
उस पंड क दरू क गणना क जा सकती है िजससे व न तरं ग परव तत हुई है ।
2. समु क गहराई ात करने तथा जल के अंदर ि थत च टान , घा टय , पनडु बीय , हम शैल,
दब
ु े हुए जहाज आ द क जानकार ा त करने के लए कया जाता है ।
Page: 196, Block name: अ यास
Q20 एक पनडु बी पर लगी एक सोनार यिु त, संकेत भेजती है और उनक त व न 5s प चात हण
करती है । य द पनडु बी से व तु क दरू 3625m हो तो व न क चाल क गणना क िजए।
Answer. व तु क दरू d= 3625m
त व न के समय t= 5s
पानी म व न के चाल v
d= v×t/2
v= 2d/t
v= 2×3625/5
v= 1450m/s
Page: 197, Block name: अ यास
Q21 कसी धातु के लॉक म दोष का पता लगाने के लए परा व न का उपयोग कैसे कया जाता है
वणन क िजए।
Answer. परा व न के उपयोग धातु के लॉक म दरार तथा अ य दोष का पता लगाने के लए कया
जाता है ।
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धातु के लॉक का दरार या छ बाहर से नह ं दे खा जाता है , यह भवन या पल ु क संचरना क मज़बत ू ी
को कम कर दे ते है । परा व न तरं ग धातु के लॉक से षत कया जाता है । षत तरं ग का पता लगाने
के लए संसच ू क का उपयोग कया जाता है । य द थोड़ा सा भी दोष होते है तो परा व न तरं ग प रव तत
हो जाते है जो दोष क उपि थ त को दशाता है ।
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Q22 मनु य का कान कस कार काय करता है ? ववेचना क िजए।
Answer. मनु य के वण तं म कण प लव, कण पटह, म य कण क ह डयाँ, कणवात वशेष
भू मका पालन करता है ।
प रवेश से व न को एक त करता है बाहर कण कण प लव, जो व न वण न लका से गुजरती है ।
वण न लका क सरे पर कण पटह या कण पटह झ ल है । मा यम के संडीपन कण पटह तक पहुँचने
से झ ल के बाहर क ओर लगने वाले दाब बढ़ जाता है । यह कण पटह को अंदर क ओर दबाता है ।
वरलन के पहुँचने के बाद कण पटह बाहर क ओर ग त और कंपन करता है । कंपन को कई गन
ु ा बढ़ा
दे ता है म य कण म उपि थत तीन ह डयाँ। म य कण से इन दाब प रवतन आंत रक कण तक
संचा रत हो जाती है । आंत रक कण म कणवात वारा दाब प रवतन व यतु संकेत म प रव तत होता
है । इन व यतु संकेत वण तं का वारा मि त क तक पहुँचती है और मि त क इनके व न के प
म या या करने लगती है ।
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Book : Vigyan Ncert Solutions | Chapter - 12 Science
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