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CENTRAL BOARD OF SECONDARY EDUCATION
SAMPLE PAPER
CLASS 10
2024
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प्रतिदर्श प्रश्नपत्र (2023-24)
त िंदी (ब) कोड सिंख्या 085
कक्षा - दसवी िं
तिर्ाशरिि समय :3 घिंटे पूर्ाांक :80
सामान्य तिदे र् :-
इस प्रश्नपत्र में दो खं ड हैं - खं ड 'अ' और 'ब'।
खं ड 'अ' में उपप्रश्नों सहहत 45 वस्तु परक प्रश्न पूछे गए हैं । हदए गए हिदे शों का पालि करते
हुए कुल 40 प्रश्नों के उत्तर दीहिए।
खं ड 'ब' में वर्णिात्मक प्रश्न पूछे गए हैं , आं तररक हवकल्प भी हदए गए हैं ।
हिदे शों को बहुत सावधािी से पह़िए और उिका पालि कीहिए।
दोिों खं डों के कुल 18 प्रश्न हैं । दोिों खं डों के प्रश्नों के उत्तर दे िा अहिवार्ण है ।
र्थासंभव दोिों खं डों के प्रश्नों के उत्तर क्रमशः हलखखए।
खिंड - अ (वस्तुपिक प्रश्न)
प्रश्न 1 तिम्नतिखखि गद्ािंर् को ध्यािपूवशक पढ़कि इसके आर्ाि पि सवाशतर्क उपयुक्त उत्ति
वािे तवकल्प चुिकि तिखखए-
(1×5=5)
आदमी की पहचाि उसकी भाषा से होती है और भाषा संस्कार से बिती है । हिसके िै से संस्कार
होंगे, वैसी उसकी भाषा होगी। िब कोई आदमी भाषा बोलता है, तो साथ में उसके संस्कार भी
बोलते हैं । र्ही कारर् है हक भाषा हशक्षक का दाहर्त्व बहुत गुरुतर और चुिौतीपूर्ण है । परं परागत
रूप में हशक्षक की भू हमका इि तीि कौशलों -- बोलिा, प़ििा और हलखिा तक सीहमत कर दी
गई है । केवल र्ां हत्रक कौशल हकसी िीती-िागती भाषा का उदाहरर् िहीं हो सकते हैं । सोचिा और
महसूस करिा दो ऐसे कारक हैं , हििमें भाषा सही आकार पाती है । इिके हबिा भाषा, भाषा िहीं
है , इिके हबिा भाषा संस्कार िहीं बि सकती, इिके हबिा भाषा र्ुगों-र्ुगों का लं बा सफ़र तर् िहीं
कर सकती, इिके हबिा कोई भाषा हकसी दे श र्ा समाि की धड़कि िहीं बि सकती। केवल
संप्रेषर् ही भाषा िहीं है । ददण और मु स्काि के हबिा कोई भाषा िीवंत िहीं हो सकती।
भाषा हमारे समाि के हिमाण र्, हवकास, अखिता, सामाहिक व सां स्कृहतक पहचाि का भी महत्वपूर्ण
साधि है । भाषा के हबिा मिु ष्य पूर्ण िहीं है । भाषा में ही हमारे भाव राज्य, संस्कार, प्रां तीर्ता
झलकती है । इस झलक का संबंध व्यखि की मािवीर् संवेदिा और मािहसकता से भी होता है।
हिस व्यखि के िीवि का उद्दे श्य और मािहसकता हिस स्तर की होगी, उसकी भाषा के शब्द और
मु ख्याथण भी उसी स्तर के होंगे। साहहत्यकार ऐसी भाषा को आधार बिाते हैं, िो उिके पाठकों एवं
श्रोताओं की संवेदिा के साथ एकाकार करिे में समथण हों।
(1) आदमी की प चाि उसकी भाषा से ोिी ै , क्ोिंतक-
(A) मिु ष्य की पूर्णता भाषा द्वारा ही संभव है।
(B) व्यखि के मिोभाव भाषा से ही व्यि होते हैं ।
(C) भाषा का प्रचार और हवकास कोई रोक िहीं सकता।
(D) ददण और मु स्काि के हबिा भाषा िीहवत िहीं हो सकती।
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(2) तिम्नतिखखि कथि (A) िथा कािर् (R) को ध्यािपूवशक पतढ़ए। उसके बाद तदए गए
तवकल्पोिं में से कोई एक स ी तवकल्प चुिकि तिखखए।
कथि (A) िब कोई आदमी बोलता है, तो साथ में उसके संस्कार भी बोलते हैं ।
कारर् (R) : भाषा हशक्षक का दाहर्त्व बहुत चुिौतीपूर्ण होता है , क्ोंहक उसे कौशलों का
हवकास करिा होता है ।
(A) कथि (A) तथा कारर् (R) दोिों गलत है ।
(B) कथि (A) गलत है . ले हकि कारर् (R) सही है ।
(C) कथि (A) सही है , ले हकि कारर् (R) उसकी गलत व्याख्या करता है ।
(D) कथि (A) तथा कारर् (R) दोिों सही हैं तथा कारर् (R) कथि (A) की सही व्याख्या
करता है ।
(3) गद्ािंर् में सात त्यकाि द्वािा तकए गए कायश का उल्ले ख इिमें से कौि-से तवकल्प से ज्ञाि
ोिा ै-
(A) साहहत्य समाि का दपणर् है ।
(B) साहहत्यकार साहहत्य सृिि में व्यस्त रहता है ।
(C) साहहत्यकार सामाहिक व सां स्कृहतक पहचाि बिाता है ।
(D) साहहत्यकार िि सामान्य की अखिता का पररचार्क होता है ।
(4) 'ददश औि मुसकाि के तबिा भाषा जीविं ि ि ी िं ो सकिी।' िेखक द्वािा ऐसा कथि
दर्ाशिा ै-
(A) र्थाथण की समझ (B) सामाहिक समरसता
(C) साहहत्य-प्रेम (D) भाषा कौशल
(5) भाषा िब स ी आकाि पािी ै , जब-
(A) मिु ष्य हिरं तर उसका अभ्यास करता रहता है ।
(B) भाषा को सरकारी समथण ि भी प्राप्त होता है ।
(C) भाषा सामाहिक संस्थाओं से प्रोत्साहि प्राप्त करती है ।
(D) भाषार्ी कौशलों के साथ मिुष्य सोचता और महसूस भी करता है ।
प्रश्न 2 तिम्नतिखखि गद्ािंर् को ध्यािपू वशक पढ़कि इसके आर्ाि पि सवाशतर्क उपयुक्त उत्ति
वािे तवकल्प चुिकि तिखखए-
(1×5=5 )
साहहत्य को समाि का प्रहतहबंब मािा गर्ा है अथाण त समाि का पूर्णरूप साहहत्य में प्रहतहबंहबत होता रहता है ।
अिाहद काल से साहहत्य अपिे इसी धमण का पूर्ण हिवाण ह करता चला आ रहा है । वह समाि के हवहभन्न रूपों का
हचत्रर् कर एक ओर तो हमारे सामिे समाि का र्थाथण हचत्र प्रस्तु त करता है और दू सरी ओर अपिी प्रखर मे धा और
स्वस्थ कल्पिा द्वारा समाि के हवहभन्न पहलु ओं का हववेचि करता हुआ र्ह भी बताता है हक मािव समाि की सुख-
समृ खि, सुरक्षा और हवकास के हलए कौि-सा मागण उपादे र् है ? एक आलोचक के शब्दों में - “कहव वास्तव में समाि
की व्यवस्था, वातावरर्, धमण -कमण , रीहत-िीहत तथा सामाहिक हशष्टाचार र्ा लोक व्यवहार से ही अपिे काव्य के
उपकरर् चुिता है और उिका प्रहतपादि अपिे आदशों के अिु रूप करता है ।”
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साहहत्यकार उसी समाि का प्रहतहिहधत्व करता है , हिसमें वह िन्म ले ता है ।वह अपिी समस्याओं का सुलझाव,
अपिे आदशण की स्थापिा अपिे समाि के आदशों के अिु रूप ही करता है । हिस सामाहिक वातावरर् में उसका
िन्म होता है , उसी में उसका शारीररक, बौखिक और मािहसक हवकास भी होता है । अत: र्ह कहिा सवणथा असंभव
और अहववेकपूर्ण है हक साहहत्यकार समाि से पूर्णतः हिरपेक्ष र्ा तटस्थ रह कर साहहत्य सृिि करता है । वाल्मीहक,
तुलसी, सूर, भारतेंदु , प्रेमचंद आहद का साहहत्य इस बात का सवाण हधक सशि प्रमार् है हक साहहत्यकार समाि से
घहिष्ठ रूप से संबंध रखता हुआ ही साहहत्य सृिि करता है । समाि की अवहे लिा करिे वाला साहहत्य क्षर्िीवी
होता है ।
(1)सात त्य समाज का प्रतितबिं ब ै क्ोिंतक य -
( A) समाि की वास्तहवकता का द्योतक है ।
(B) समाि में लोक व्यवहार का समथण क है ।
(C) व्यखि की समस्याओं का हिदाि करता है ।
(D) साहहत्य को हदशा प्रदाि करता है ।
(2) गद्ािंर् दर्ाशिा ै-
(A) समाि एवं साहहत्य का पारस्पररक संबंध
(B) समाि एवं साहहत्य की अवहे लिा
(C) साहहत्यकार की सृिि शखि
(D) सामाहिक हशष्टाचार एवं लोक व्यवहार
(3) सात त्य की क्षर्भिंगुििा का कािर् ोगा-
(A) सामाहिक अवज्ञा (B) सामाहिक समस्या
(C) सामाहिक सद्भाव (D) सामाहिक समरसता
(4) वाल्मीतक, िुिसी, सूि के उदा िर् द्वािा िेखक चा िा ै –
(A) भाव साम्यता (B) प्रत्यक्ष प्रमार्
(C) सहािु भूहत (D) हशष्टाचार
(5) तिम्नतिखखि कथि (A) िथा कािर् (R) को ध्यािपूवशक पतढ़ए। उसके बाद तदए गए
तवकल्पोिं में से कोई एक स ी तवकल्प चुिकि तिखखए।
कथि (A) - कहव अपिे काव्य के उपकरर्ों का प्रहतपादि अपिे आदशों के अिु रूप करता है ।
कारर् (R) - कहव हृदर् अत्यहधक संवेदिशील होता है एवं सदै व दे शहहत चाहता है ।
(A) कथि (A) तथा कारर् (R) दोिों गलत है ।
(B) कथि (A) गलत है ले हकि कारर् (R) सही है ।
(C) कथि (A) सही है ले हकि कारर् (R) उसकी गलत व्याख्या करता है ।
(D) कथि (A) तथा कारर् (R) दोिों सही हैं तथा कारर् (R) कथि (A) की सही व्याख्या
करता है ।
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प्रश्न 3 तिदे र्ािु साि ‘पदबिं र् ' पि आर्ारिि पााँच बहुतवकल्पीय प्रश्नोिं में से तकन्ी िं चाि प्रश्नोिं
के उत्ति दीतजए-
(1x4=4)
(1)‘सुिेमाि केवि मािव जाति के ी िाजा ि ी िं थे, सािे छोटे -बडे पर्ु- पक्षी के भी ातकम थे।’
िे खािंतकि पदबिंर् का भेद ै –
(A) संज्ञा पदबंध (B) सवणिाम पदबंध
(C) हक्रर्ा पदबंध (D) हवशे षर् पदबंध
(2) 'जीिे मििे वािे मिु ष्य िो ो सकिे ैं पि स ी अथों में ि ी िं।'
इस वाक् में तवर्ेषर् पदबिंर् ोगा –
(A) मिु ष्य तो हो सकते हैं (B) सही अथों में िहीं
(C) िीिे -मरिे वाले मिुष्य (D) िीिे -मरिे वाले
(3) तियातवर्ेषर् पदबिं र् का उदा िर् छााँतटए –
(A) 'प्रैखिकल आइहडर्ाहलस्ों' के िीवि से आदशण धीरे -धीरे पीछे हटिे लगते हैं ।
(B) ‘प्रैखिकल आइहडर्ाहलस्ों' के िीवि से आदशण धीरे -धीरे पीछे हटिे लगते हैं ।
(C) ‘प्रैखिकल आइहडर्ाहलस्ों' के िीवि से आदशण धीरे -धीरे पीछे हटिे लगते हैं ।
(D) ‘प्रैखिकल आइहडर्ाहलस्ों' के िीवि से आदशण धीरे -धीरे पीछे हटिे लगते हैं ।
(4) ‘अकसि म या िो गु ज़िे हुए तदिोिं की खट्टी-मीठी यादोिं में उिझे ि िे ैं या भतवष्य
के ििं गीि सपिे दे खिे ि िे ैं ।’ िे खािंतकि पदबिं र् का भेद ै –
(A) संज्ञा पदबंध (B) सवणिाम पदबंध
(C) हवशे षर् पदबंध (D) हक्रर्ा पदबंध
(5) ' खखडकी के बा ि अब अस ाय दोिोिं कबू िि िाि-भि खामोर् औि उदास बै ठे ि िे ैं ।
' िे खािंतकि पदबिं र् का भेद ै-
(A) संज्ञा पदबंध (B) हक्रर्ा पदबंध
(C) हवशे षर् पदबंध (D) हक्रर्ाहवशे षर् पदबंध
प्रश्न 4 तिदे र्ािु साि 'िचिा के आर्ाि पि वाक् भेद' पि आर्ारिि पााँच बहुतवकल्पीय प्रश्नोिं
में से तकन्ी िं चाि प्रश्नोिं के उत्ति दीतजए-
(1x4=4)
(1) तिम्नतिखखि में से उपयुक्त सिि वाक् छााँतटए -
(A) िो कहोगे उसका पररर्ाम तो भु गतिा ही पड़े गा।
(B) िू ह िे िब उिकी बात सुिी तो दु खी हो मु द्दत तक रोते रहे ।
(C) दू सरे गााँ व के र्ुवक के साथ संबंध परं परा के हवरुि था।
(D) मैं उिकी लताड़ सुिता और आाँ सू बहािे लगता।
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(2) 'जब से कािू ि भिंग का काम र्ुरू हुआ ै िब से आज िक इििी बडी सभा ऐसे
मैदाि में ि ी िं की गई थी ।'िचिा के आर्ाि पि वाक् भेद ै –
(A) सरल वाक् (B) संर्ुि वाक्
(C) हमहश्रत वाक् (D) सामान्य वाक्
(3) कॉिम 1 कॉिम 2 के साथ सुमेतिि कीतजए औि स ी तवकल्प चुिकि तिखखए
कॉिम 1 कॉिम 2
1 भाई साहब और मैं किकौआ लू टिे के i संर्ुि वाक्
हलए दौड़ रहे थे।
2 क्ोंहक मु झे और भाईसाहब को ii सरल वाक्
किकौआ लू टिा था इसीहलए हम दौड़
रहे थे ।
3 मु झे किकौआ लू टिा था और भाई iii हमश्र वाक्
साहब मे रे साथ दौड़ रहे थे ।
तवकल्प
(A) 1-(iii) , 2-(i) , 3-(ii) (B) 1-(ii) , 2-(iii) , 3-(i)
(C) 1-(i) , 2-(ii) , 3-(iii) (D) 1-(ii) , 2-(i), 3-(iii)
(4) तिम्नतिखखि वाक्ोिं में तमतिि वाक् ै-
(A) िै से ही वे घर से बाहर हिकले, वैसे ही िोर से धमाका हुआ।
(B) वे लोग घर से बाहर हिकले और जोर से धमाका हुआ।
(C) धमाका होते ही घर से बाहर हिकले ।
(D) उिके घर से हिकलते ही जोर से धमाका हुआ।
(5) ' र्ैिेंद्र का दृढ़ मिंिव्य था तक दर्शकोिं की रुतच की आड में में उथिेपि को उिपि
ि ी िं थोपिा चात ए ।' िचिा के आर्ाि पि इस वाक् का भेद ोगा-
(A) सरल वाक् (B) संर्ुि वाक्
(C) हमश्र वाक् (D) हवधािवाचक वाक्
प्रश्न 5 तिदे र्ािु साि समास पि आर्ारिि पााँच बहुतवकल्पीय प्रश्नोिं में से तकन्ी िं चाि प्रश्नोिं के
उत्ति दीतजए- (1x4=4)
(1)'मागश व्यय' र्ब्द/समस्तपद कौि-से समास का उदा िर् ै?
(A) हद्वगु समास (B) कमण धारर् समास
(C) तत्पु रुष समास (D) अव्यर्ीभाव समास
(2)'म ाजि'-समस्त पद का तवग्र ोगा -
(A) महाि है िो िि (B) महा है िो िि
(C) महाि का िि (D) िि की महािता
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(3)तिम्नतिखखि युग्ोिं पि तवचाि कीतजए :
समस्तपद समास
i पराधीि i तत्पु रुष समास
ii महात्मा ii अव्यर्ीभाव समास
iii िीलकंठ iii बहुव्रीहह समास
iv सज्जि iv हद्वगु समास
उपयुशक्त युग्ोिं में से कौि-से स ी सुमेतिि ैं –
(A) i और ii (B) iऔर iii (C) ii और iv (D) iii और iv
(4) ' यथार्खक्त' र्ब्द के तिए स ी समास- तवग्र औि समास का चयि कीतजए -
(A) र्था और शखि - द्वं द्व समास (B) र्था की शखि - तत्पु रुष समास
(C) शखि के अिु सार - अव्यर्ीभाव समास (D) र्थाथण शखि का धिी अथाण त
व्यखि हवशे ष- बहुव्रीहह समास
(5) ' तिििं गा' का समास तवग्र एविं भेद ोगा -
(A) तीि में रं गा-तत्पु रुष समास
(B) तीि रं ग-हद्वगु समास
(C) तीि रं गों के समाि- कमण धारर्
(D) तीि रं गों वाला अथाण त भारत का राष्टर ध्वि- बहुव्रीहह समास
प्रश्न 6 तिदे र्ािु साि मु ाविे पि आर्ारिि छ बहुतवकल्पीय प्रश्नोिं में से तकन्ी िं चाि प्रश्नोिं के
उत्ति दीतजए-
(1x4=4)
(1)मु ाविे औि अथश के उतचि मेि वािे तवकल्प का चयि कीतजए-
(A) तूती बोलिा- मु सीबत में फाँसिा (B) दू ध की मक्खी- अिु पर्ोगी
(C) लोहा माििा- कहठि काम करिा (D) टू ट पड़िा- काम शु रू करिा
(2)'ग िी िी िंद से जाग जािा / ोर् आिा' के तिए उपयुक्त मु ाविा ै-
(A) सुध-बुध खोिा (B) अलख िगािा
(C) हदमाग होिा (D) तंद्रा भं ग होिा
(3) 'आडे ाथोिं िेिा' मु ाविे का अथश ै -
(A) घमं ड करिा (B) हवरोध करिा
(C) खखं चाई करिा (D) बेराह चलिा
(4) िे खािंतकि अिं र् के तिए कौि-सा मु ाविा प्रयुक्त कििा उतचि ि ेगा?
'तू हमत्र है र्ा शत्रु? िहााँ भी िाता हाँ , वहीं मे रे सामिे बाधा उत्पन्न कर दे ता है ।'
(A) मजा चखवािा (B) दीवार खड़ी करिा
(C) हावी होिा (D) राह ि सूझिा
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(5) सेठ दीिदयाि अपिे क्षे त्र के जािे -मािे व्यापािी ैं ।.................. के द्वािा ी
उिकी तगििी चुिे हुए र्िवािोिं में ोिी ै।
ररि स्थाि की पूहतण के हलए उपर्ुि हवकल्प का चर्ि कीहिए ।
(A) सातवें आसमाि पर होिे (B) ितमस्तक होिे
(C) हवा में उड़िे (D) दो से चार बिािे के गहर्त
(6) 'पिे र्ािी दे खकि घबिा जािा' अथश के तिए उपयुक्त मु ाविा ै-
(A) हाथ-पााँ व फूल िािा (B) प्रार् ले ले िा
(C) हसर हफरिा (D) ठं डा पड़िा
प्रश्न 7 तिम्नतिखखि पद्ािंर् को पढ़कि पू छे गए प्रश्नोिं के उत्ति के तिए स ी तवकल्प का चयि
कीतजए- (1x5=5)
सााँ स थमती गई, िब्ज़ जमती गई,
हफर भी ब़िते कदम को ि रुकिे हदर्ा,
कट गए सर हमारे तो कुछ ग़म िहीं,
सर हहमालर् का हमिे ि झुकिे हदर्ा,
मरते-मरते रहा बााँ कपि साहथर्ो,
अब तुम्हारे हवाले वति साहथर्ो।
हजं दा रहिे के मौसम बहुत हैं मगर
िाि दे िे की रुत रोज आती िहीं
(1) 'सि त मािय का मिे ि झुकिे तदया' का अथश ै-
(A) हहमालर् को सिािा (B) हहमालर् की हहफाजत करिा
(C) भारत के गौरव को बिाए रखिा (D) भारत का गुर्गाि करिा
(2) कतव द्वािा 'सातथयो' सिंबोर्ि का प्रयोग......... के तिए तकया गया ै ।
(A) कवियों
(B) शहीदों
(C) सैविकों
(D) देशिावसयों
(3) 'मििे-मििे ि ा बााँकपि सातथयो' कतव िे ऐसा क ा ै क्ोिंतक-
(A) सैहिक धरती को दु ल्हि की तरह सिा हुआ दे खकर प्रसन्न हो गए।
(B) सैहिकों िे मातृभूहम की रक्षा हे तु िोश और साहस से र्ुि हकर्ा।
(C) दे शवाहसर्ों को बार-बार पुकारकर सैहिकों िे उिमें दे शभखि का भाव िगार्ा।
(D) सैहिकों िे कभी भी टे ़िेपि से बातचीत िहीं की, दे श रक्षा ही एकमात्र उद्दे श्य रहा।
(4) 'जाि दे िे की रुि िोज़ आिी ि ी िं' का भाव ै -
(A) सैहिकों के हृदर् में िीहवत रहिे की इच्छा िहीं
(B) िीहवत रहिे का समर् आिं ददार्क होिा चाहहए
(C) आत्म बहलदाि द्वारा भी दे श की रक्षा के हलए तत्पर
(D) िीवि और मरर् सब कुछ ईश्वर की इच्छा पर हिभण र
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(5) इस काव्यािंर् का सिं देर् य ै तक में -
(A) हुस्न और इश्क को रुसवा करिा चाहहए
(B) दे श को दू सरों के हवाले कर दे िा चाहहए
(C) धरती को दु ल्हि की तरह सिािा चाहहए
(D) दे श पर कुबाण ि होिे के हलए तैर्ार रहिा चाहहए
प्रश्न 8 तिम्नतिखखि प्रश्नोिं के उत्ति दे िे के तिए उतचि तवकल्प का चयि कीतजए – (1x2=2)
(1) िोप के अिीि औि विशमाि का वर्शि कििे के उपिािंि कतव िे एक म त्वपू र्श सिंदेर्
तदया ै तक
(A) खस्थहत सदै व एक िैसी िहीं रहती।
(B) गौरै र्ा िै से पक्षी भी खे लते हैं ।
(C) कंपिी बाग में भी सिावट की गई है ।
(D) तोप बड़े -बड़े र्ोिाओं के पसीिे छु टा दे ती है ।
(2) तिम्नतिखखि कथिोिं पि तवचाि कीतजए औि उपयुक्त कथि चुतिए।
(A) पशु प्रवृहत्त को बिाए रखिा ही सुमृत्यु है ।
(B) सच्ची मिुष्यता ही सुमृत्यु के समाि है ।
(C) सुमृत्यु वही है हिसमें व्यखि को कष्ट ि हो।
(D) सुमृत्यु वही है हिसे मरिे के बाद भी लोग र्ाद करें ।
प्रश्न 9 तिम्नतिखखि गद्ािंर् को पढ़कि पू छे गए प्रश्नोिं के उत्ति के तिए स ी तवकल्प का चयि
कीतजए- (1x5=5)
क्रोध में उसिे तलवार हिकाली और कुछ हवचार करता रहा। क्रोध लगातार अहि की तरह ब़ि रहा
था। लोग सहम उठे । एक सन्नाटा-सा खखं च गर्ा। िब कोई राह ि सूझी तो क्रोध का शमि करिे
के हलए उसमें शखि भर उसे धरती में घोंप हदर्ा और ताकत से उसे खींचिे लगा। वह पसीिे से
िहा उठा। सब घबराए हुए थे । वह तलवार को अपिी तरफ़ खींचते-खींचते दू र तक पहुाँ च गर्ा। वह
हााँ फ रहा था। अचािक िहााँ तक लकीर खखं च गई थी. वहााँ एक दरार होिे लगी। मािो धरती दो
टु कड़ों में बाँटिे लगी हो। एक गड़गड़ाहट-सी गूाँििे लगी और लकीर की सीध में धरती फटती ही
िा रही थी। द्वीप के अंहतम हसरे तक ततााँ रा धरती को मािो क्रोध में काटता िा रहा था। सभी
भर्ाकुल हो उठे । लोगों िे ऐसे दृश्य की कल्पिा ि की थी, वे हसहर उठे । उधर वामीरो फटती हुई
धरती के हकिारे चीखती हुई दौड़ रही थी - ततााँ रा.... ततााँ रा....ततााँ रा उसकी करुर् चीख
मािो गड़गड़ाहट में डूब गई। ततााँ रा दु भाण ग्यवश दू सरी तरफ़ था। द्वीप के अंहतम हसरे तक धरती को
चाकता वह िै से ही अंहतम छोर पर पहुाँ चा, द्वीप दो टु कड़ों में हवभि हो चुका था। एक तरफ़
ततााँ रा था दू सरी तरफ़ वामीरो।
(1) िोगोिं का स म जािा तकस बाि का परिचायक ै?
(A) भर् (B) करुर्ा (C) क्रोध (D) प्रसन्नता
(2) ििााँिा को कोई िा ि सूझिे के कािर्ोिं पि तवचाि कीतजए औि उतचि तवकल्प का
चयि कीतजए।
(i) आत्मसमपणर् का भाव
(ii) वामीरो से अत्यहधक प्रेम
(iii) तलवार की दै वीर् शखि
(iv) गााँ व वालों के प्रहत रोष
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(A) (i) और (iii) (B) (i), (iii), (iv)
(C) केवल (iii) (D) (i), (ii) और (iv)
(3) तिम्नतिखखि कथि- कािर् को पढ़कि उतचि तवकल्प का चयि कीतजए।
कथि (A)लोगों िे ऐसे दृश्य की कल्पिा ि की थी।
कारर् (R) ग्रामवाहसर्ों िे र्ह कदाहप ि सोचा था हक ततााँ रा की प्रहतहक्रर्ा इतिी हविाशकारी हसि
हो सकती है ।
(A) कथि (A) तथा कारर् (R) दोिों गलत है ।
(B) कथि (A) गलत है ले हकि कारर् (R) सही है ।
(C) कथि (A) सही है ले हकि कारर् (R) उसकी गलत व्याख्या करता है ।
(D) कथि (A) तथा कारर् (R) दोिों सही हैं तथा कारर् (R) कथि (A) की सही व्याख्या
करता है ।
(4) ििााँिा औि वामीिो अिग कैसे हुए?
(A) अपमाि के डर से (B) गााँ व वालों के दबाव में
(C) पशु मे ले की भीड़ के कारर् (D) भू हम के दो भागों में कटिे से
(5)गद्ािंर् के आर्ाि पि तिम्नतिखखि में से कौि-सा तवचाि मेि खािा ै -
(A) िो मिु ष्य अपिे क्रोध को अपिे वश में कर ले ता है , वह दू सरों के क्रोध से स्वर्ंमेव बच
िाता है । - सुकरात
(B) क्रोध में मिु ष्य अपिे मि की बात िहीं कहता, वह केवल दू सरों का हदल दु खािा चाहता है ।
-प्रेमचंद
(C) वह आदमी वास्तव में बुखिमाि है िो क्रोध में भी गलत बात मुाँ ह से िहीं हिकालता। -
शे खसादी
(D) ईष्याण , लोभ, क्रोध एवं कठोर वचि - इि चारों से सदा बचते रहिा ही वस्तु तः धमण
है । - हतरुवल्लु वर
प्रश्न 10 तिम्नतिखखि प्रश्नोिं के उत्ति दे िे के तिए उतचि तवकल्प का चयि कीतजए –
(1x2=2)
(1) तिम्नतिखखि में से कौि-से वाक् 'डायिी का एक पन्ना ' से मेि खािे ैं -
(i) पुरािी सभ्यता के बारे में ज़्यादा हकस्से-कहाहिर्ााँ सुििे को हमलते हैं ।
(ii) एक संगहठत समाि कृत संकल्प हो तो वह कुछ भी कर सकता है ।
(iii) र्ह पाठ हमारे क्रां हतकाररर्ों की र्ाद हदलाता है और दे शभखि का भाव भरता है ।
(iv)26 ििवरी 1930 को गुलाम भारत में पहली बार स्वतंत्रता हदवस मिार्ा गर्ा था।
(A) केवल (i)
(B) (i) और (ii)
(C) केवल (iv)
(D) (ii),(iii),(iv)
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(2) ग्वातियि से मुिंबई के बीच िेखक िे एक बदिाव म सूस तकया तक -
(A) बस्ती िे िं गल का रूप ले हलर्ा है ।
(B) िं गल िे बस्ती का रूप ले हलर्ा है ।
(C) वसोवा िाम का शहर बस गर्ा है ।
(D) पशु -पक्षी िं गलों को छोड़कर चले गए हैं ।
खिंड - ब (वर्शिात्मक प्रश्न)
प्रश्न 11 तिम्नतिखखि प्रश्नोिं में से तकन्ी िं दो प्रश्नोिं के उत्ति िगभग 60 र्ब्दोिं में दीतजए –
(3x2=6)
(1) पररवार के अिु भवी ििों द्वारा दी गई सीख भहवष्य हिमाण र् में सहार्क हसि होती है । आपके
द्वारा स्पशण पाठ्यपुस्तक में प़िे गए पाठ के माध्यम से भी है र्ह ज्ञात होता है । कहािी के पात्रों
के माध्यम से कथि को हसि कीहिए।
(2) पाठ्यक्रम में प़िी एकां की द्वारा हसि कीहिए हक मु ट्ठी भर आदमी भी बड़ी फ़ौि पर काबू पा
सकते हैं ।
(3)आशर् स्पष्ट कीहिए- 'व्यथा आदमी को पराहित िहीं करती उसे आगे ब़ििे का संदेश दे ती है।'
प्रश्न 12 तिम्नतिखखि प्रश्नोिं में से तकन्ी िं दो प्रश्नोिं के उत्ति िगभग 60 र्ब्दोिं में दीतजए –
(3x2=6)
(1)कबीर िे हिं दक को पास रखिे की सलाह क्ों दी है? क्ा र्ह सलाह आपको उहचत प्रतीत होती है ? कारर्
सहहत स्पष्ट कीहिए।
(2) आपके द्वारा इस पाठ्यक्रम में प़िी गई हकस कहवता की अंहतम पंखिर्ााँ आपको सवाण हधक प्रभाहवत
करती हैं और क्ों? अपिे हवचार व्यि कीहिए।
(3) रवींद्रिाथ ठाकुर और मीरा की भखि का तुलिात्मक हवश्लेषर् कीहिए।
प्रश्न 13 तिम्नतिखखि प्रश्नोिं में से तकन्ी िं दो प्रश्नोिं के उत्ति िगभग 60 र्ब्दोिं में दीतजए –
(3x2=6)
(1) ठाकुर हररिाम हसंह के तीिों लड़कों को एहसास था हक वे कले िर के बेटे हैं । ले खक द्वारा
ऐसा कहा िािा ठाकुर हररिाम हसंह के तीिों बेटों और टोपी के हवषर् में हकस हवचारधारा को
स्पष्ट करता है ।
(2) उिकी इस खस्थहत में मु झे हचंहतत कर हदर्ा है । िै से कोई िाव बीच मझधार में फाँसी हो और
उस पर सवार लोग हचल्ला कर भी अपिी रक्षा िा कर सकते हो क्ोंहक उिकी हचल्लाहट दू र
तक फैले सागर के बीच उठती हगरती लहरों में हवलीि हो िािे की अहतररि कर ही क्ा
सकती है । ले खक के इस कथि की संदभण सहहत हववेचिा कीहिए।
(3)'सपिों के से हदि' पाठ के आधार पर बताइए हक स्कूल की छु हिर्ों के शु रू और आखखरी
हदिों में बच्चों की दृहष्ट में क्ा अंतर होता था? क्ा र्ही खस्थहत आपकी भी होती है?
अपिे हवचार हलखखए।
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प्रश्न 14 तिम्नतिखखि में से तकसी एक तवषय पि सिंकेि-तबिं दुओ िं के आर्ाि पि िगभग 100
र्ब्दोिं में अिुच्छेद तिखखए - (5x1=5)
(1) प्रकृति की िक्षा मािव की सुिक्षा
•मिु ष्य प्रकृहत का अंग •प्रकृहत से खखलवाड़ •दु ष्प्रभाव और दू र करिे के उपार्
(2) जी ट्वें टी औि भािि
•िी 20 क्ा है? •गठि का कारर् •कार्णशैली और भारत की भू हमका
(3) किि-किि अभ्यास के जडमति ोि सुजाि
•सूखि का आशर् •िीवि में अभ्यास का महत्व •सफलता का मू लमं त्र
प्रश्न 15 (5x1=5)
(1) आप हवद्यालर् के हहंदी संघ के सहचव रित चिोपाध्यार् और श्वे ता चिोपाध्यार् हैं ।अपिे हवद्यालर्
के प्रधािाचार्ण को पत्र हलखखए हिसमें पुस्तकालर् में हहं दी की अच्छी पुस्तकें व पहत्रकाएाँ माँ गवािे
के हलए हिवेदि हकर्ा गर्ा हो। (र्ब्द-सीमा - िगभग 100 र्ब्द)
अथवा
(2) आप शौर्ण शमाण /शारवी शमाण हैं । िवभारत टाइम्स के संपादक को पत्र हलखखए हिसमें सड़क
दु घणटिाओं को रोकिे के सुझाव हों। (र्ब्द-सीमा - िगभग 100 र्ब्द)
प्रश्न 16 तिम्नतिखखि में से तकसी एक तवषय पि िगभग 60 र्ब्दोिं में सूचिा तिखखए –
(4x1=4)
(1) हवद्यालर् द्वारा हचहकत्सा िााँ च हशहवर का आर्ोिि हकर्ा िा रहा है । स्वास्थ्य संगठि के सहचव
होिे के िाते कक्षा छठी से बारहवीं तक के सभी हवद्याहथण र्ों को कार्णक्रम के हववरर् सहहत
इसकी सूचिा प्रदाि कीहिए।
अथवा
(2) संस्कृहत क्लब की ओर से 'एक भारत श्रे ष्ठ भारत' कार्णक्रम को ब़िावा दे िे के हलए सां स्कृहतक
कार्णक्रम का आर्ोिि हकर्ा िा रहा है । इसकी िािकारी दे ते हुए तथा सहभाहगता के हलए
प्रेररत करते हुए अध्यक्ष की ओर से सूचिा हलखखए।
प्रश्न 17 तिम्नतिखखि में से तकसी एक तवषय पि िगभग 40 र्ब्दोिं में तवज्ञापि िैयाि कीतजए-
(3x1=3)
(1) र्ोग को ब़िावा दे ते हुए एक आकषण क हवज्ञापि लगभग 40 शब्दों में तैर्ार कीहिए।
अथवा
(2) अंतरराष्टरीर् पोषक अिाि वषण 2023 के प्रचार-प्रसार के हलए एक आकषण क हवज्ञापि लगभग
40 शब्दों में तैर्ार कीहिए।
प्रश्न 18 (5x1=5)
(1) 'पश्चाताप' हवषर् पर िघु कथा लगभग 100 र्ब्दोिं में हलखखए।
अथवा
(2) आपके बैंक खाते में गलती से 5000 रुपर्े की राहश अहधक आ गई है । इसकी िािकारी बैंक
अहधकारी को ईमेि हलखकर दीहिए। (र्ब्द-सीमा िगभग 100र्ब्द)
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