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CG Board Class 7 Solutions for SST History Chapter 1 छोटे- छोटे राज्यों का विकास

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CG Board Class 7 Solutions for SST History Chapter 1 छोटे- छोटे राज्यों का विकास - Page 1 of 5

About CG Board Class 7 Solutions for SST History Chapter 1 छोटे- छोटे राज्यों का विकास

CG Board Class 7 Solutions for SST History Chapter 1 छोटे- छोटे राज्यों का विकास is available here for free download. Published by Chhattisgarh Board for Class 7, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (5 pages). Candidates preparing for Class 7 can use CG Board Class 7 Solutions for SST History Chapter 1 छोटे- छोटे राज्यों का विकास to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download CG Board Class 7 Solutions for SST History Chapter 1 छोटे- छोटे राज्यों का विकास?

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Yes. CG Board Class 7 Solutions for SST History Chapter 1 छोटे- छोटे राज्यों का विकास can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does CG Board Class 7 Solutions for SST History Chapter 1 छोटे- छोटे राज्यों का विकास have?

CG Board Class 7 Solutions for SST History Chapter 1 छोटे- छोटे राज्यों का विकास contains 5 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 7 study material?

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CG Board Class 7 Solutions for SST History Chapter 1 छोटे- छोटे राज्यों का विकास – Text

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Page 1

छत्तीसगढ़ माध्यमिक
शिक्षा मण्डल

कक्षा 7 समाधान

CGBSE Book Solutions
(Hindi Medium)

Page 2

CG Board Class 7th Social Studies Solutions

Chapter - 1
Chapter name - (छोटे - छोटे राज्यों का विकास)

Page No.- 5, Block-1, Chapter- 1
प्रश्न 1- अगर आज इस प्रकार कोई राजा बनना चाहे तो क्या लोग उसे राजा मान लेंगे ?
उत्तर:- अगर आज कोई इस प्रकार से राजा बनना चाहे , तो लोग उसे स्वीकार नहीं करें गे। आज लोकतंत्र का जमाना
है ,लोग शिक्षित है , अपने अधिकार जानते है ,लोग निडर है , अब क्रांति हो जाती है गह
ृ यद्
ु ध छिड़ जाते है । कुछ
दे शों में सेना द्वारा शासन किया जाता है , जो निरं कुश शासन होता है तथा वहाँ शासन तानाशाहों द्वारा चलाया
जाता है ,परन्तु विश्व के सभी दे शों द्वारा उसे समर्थन प्राप्त नहीं होता है ।

Page No.- 6, Block-1, Chapter- 1
प्रश्न 1- पराजित राजाओं को उनके राज्य वापस लौटा दे ने से विजयी राजा को क्या लाभ होता था ?
उत्तर:- पराजित राजाओं को विजेता राजा द्वारा थोपी गयी शर्ते माननी पड़ती थी। विजित राजा एक प्रकार उसका
स्वामी बन जाता था, जिसे साल में कुछ निश्चित कर अदा करना पड़ता था । तथा समय - समय पर मल् ू यवान
वस्तए ु ँ भें ट करनी पड़ती थी। दक्षिण भारत में अपने राज्य के नाम या स्वयं के नाम के आगे उस राज्य का नाम
अपनाना पड़ता था। जिससे इंगित होता था, कि वह राजा विजय राज्य के अधीन है ।

Page No.- 7, Block- 1, Chapter- 1
प्रश्न 1- मानचित्र- 1.1 में दे खे पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट राजवंश भारत के किन क्षेत्रों में थे?
उत्तर:- पालवंश भारत बंगाल क्षेत्र में था। प्रतिहार वंश का शासन राजस्थान के क्षेत्र में था। राष्ट्रकूट वंश
का शासन पश्चिम भारत के क्षेत्र में था।

Page No.- 7, Block- 1, Chapter- 1
प्रश्न 2- मानचित्र में कन्नौज कहाँ पर स्थित है ? पहचाने।
उत्तर :- मानचित्र में कन्नौज उत्तर प्रदे श के पश्चिम क्षेत्र में है ।

Page No.- 7, Block- 1, Chapter- 1
प्रश्न 3- ये राजवंश कन्नौज पर अधिकार करने के लिए क्यों यद्
ु ध कर रहे थे?
उत्तर:- कन्नौज भारत के हृयद प्रदे श से सम्बंधित था। कन्नौज पर अधिकार से मध्य भारत तथा उत्तर
भारत दोनों पर साथ शासन किया जा सकता था। कन्नौज का क्षेत्र अत्यंत उपजाऊ गंगा व यमन ु ा का
मैदान था। कन्नौज पर अधिकार से उत्तरी भारत में अधिकार करने में आसानी होती।

Page No.- 8, Block- 1, Chapter- 1
प्रश्न 1- मानचित्र 1.1 में दे खे परमार और कल्चरु ी राजवंश का शासन भारत के किन क्षेत्र में था?
उत्तर:- परमार वंश का शासन मध्य भारत में था, कल्चरु ी वंश का शासन छत्तीसगढ़ में था।

Page No.- 8, Block- 1, Chapter- 1
प्रश्न 2- अलबरूनी से पहले भारत आकर अध्ययन करने वाले एक विदे शी यात्री के बारे में आपके कक्षा 6
में पढ़ा था उसका क्या नाम था वह कहां से आया था?
उत्तर :- अलबरूनी से पर्व
ू भारत आने वाले चीनी यात्री था उसका नाम ह्वेग सांग था।

Page 3

Page No.- 8, Block- 2 ,Chapter- 1
प्रश्न 1- कक्षा 6 वी में आपने मौर्या की शासन - व्यवस्था के बारे में पढ़ा था। उनकी शासन - व्यवस्था
और इस समय की शासन व्यवस्था में क्या अंतर है ? दोनों के क्या फायदे और नक ु सान है ?
उत्तर:- मौर्य की शासन व्यवस्था काफी व्यवस्थित व्यवस्था थी। मौर्य शासन में मंत्री परिषद तथा नगर
परिषद जो आज की लोकतंत्रीय व्यवस्था से मिलती जल ु ती है ।मौर्य व्यवस्था भारत की प्रथम लोकतांत्रिक
व्यवस्था थी। सिर्फ मौर्य व्यवस्था में राजा होता था, जिसके विशेष अधिकार से तथा व्यपारी तथा सामंत
सत्ता के निकट होते थे। वे शासन कार्यो में अनचिु त हस्तक्षेप करते थे।

Page No.- 8, Block- 2, Chapter- 1
प्रश्न 2- अधिकारियों को नियमित वेतन दे ने और भक्ष ू ेत्र उनके नाम कर दे ने में क्या अंतर है ? दोनों के
क्या फायदे और नक ु सान है ?
उत्तर:- अधिकारियों को वेतन दे ने से राजकोष पर अतिरिक्त दबाव बढ़ जाता तथा दरू दराज क्षेत्रों में
अधिकारी व कई - कई कर्मचारियों को भी नियक् ु त करना पड़ता तथा उनके द्वारा कर की वसल ू ी की
निगरानी करानी पड़ती। फिर उसका संग्रह कर हिसाब करवाना आदि बहुत लम्बी व जटिल प्रतिक्रिया
होती। उसकी अपेक्षा किसी अधिकारी को एक क्षेत्र का भार सौंप दे ने से इन सभी दिक्कतों से बचाव हो
जाता था। वह एक निश्चित कर की रकम राजकोष में जमा करवा दे ता था। परन्तु इसमें वह मनमाना
कर की वसल ू ी करता तथा जनता का उत्पीड़न करता था। राजकोष में जितना निश्चित होता उतना ही
धन हड़प लिया जाता था। परन्तु यद् ु ध के समय वह अपनी सेना लेकर राज्य की सहायता करते थे और
राजा के कमजोर होने पर विद्रोह कर स्वयं को स्वतंत्र घोषित कर दे ते थे ।

अभ्यास के प्रश्न -
प्रश्न 1- रिक्त स्थानों की पर्ति
ू कीजिये -
1. सन 1000 ई.के लगभग मध्य छत्तीसढ़ में _____वंश का राज्य था।
उत्तर:- “कल्चरु ी”

2. परमार वंश का सबसे प्रसिद्ध शासक _____था।
उत्तर:- “भोज”

3. अलबरूनी ने अरबी भाषा में _____ नामक किताब लिखी।
उत्तर:- “तहरिक -ए -हिन्द”

4. ____ वंश दक्षिण भारत का सबसे शक्तिशाली राजवंश था।
उत्तर:- “चोल वंश”

5. प्रसिद्ध राजराजेश्वर मंदिर का निर्माण ____ ने कराया था।
उत्तर:- “राजा राज चोल”

Page No.- 9,Chapter- 1
प्रश्न 2 - निम्नलिखित में सही एवं गलत वाक्य बताईये

1- हर्ष की मत्ृ यु के बाद भारत कई छोटे - छोटे राज्यों में बंट गया।
उत्तर:- सत्य

Page 4

2- धर्म -ज्ञान और राजकाज चलाने के ज्ञाता के रूप में ब्राम्ह्णो की बड़ी प्रतिष्ठा थी।
उत्तर:- सत्य

3 - महमद ू गजनवी परू े उत्तर भारत पर शासन करता था।
उत्तर:- असत्य

4 - चोल राजाओं ने कन्नौज पर भी अधिकार कर लिया था।
उत्तर:- असत्य

प्रश्न 3 - निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए -

1- अलबरूनी भारत क्यों आया था ?
उत्तर:- अलबरूनी एक विद्वान था। वह अध्ययन करने के उद्दे श्य से भारत आया था। उसने संस्कृत
भाषा का ज्ञान प्राप्त कर भारत की धार्मिक संस्कृत पस्
ु तकों का अध्ययन किया।

2 - चोल राजाओं ने समद्र
ु पार कर किन -किन दे शो पर चढ़ाई की थी ?
उत्तर :- चोल राजाओ ने समद्र
ु पार कर इंडोनेशिया,मालदीव श्रीलंका तथा मलेशिया के राजवंशो पर चढ़ाई
की थी।

3- कन्नौज पर अधिकार को लेकर किन - किन राजवंशों के बीच लम्बे समय तक यद् ु ध हुआ?
उत्तर :- कन्नौज पर अधिकार को लेकर पाल वंश ,परमार वंश तथा राष्ट्रकूट वंश में लम्बे समय तक
यद्
ु ध चला।

4- राजवंश ब्राम्हणो को अपने राज्य में बसाने के लिए दान में क्या दे ते थे ?
उतर:- राजवंश ब्राह्मणों को बसाने के लिए दान में गांवो में कर वसल ू ी का अधिकार या बड़ी - बड़ी जमीन
दान दे ते थे।

5- अपने राजवंश को ऊँचा और महान बताने के लिए ताकतवर राजवंशों ने क्या किया?
उत्तर:- राजवंश अपने वंश को महान बताने के लिए किसी ऋषि की वंशावली अपनाते थे तथा अपने को
सर्य
ू वंशीय या चंद्र वंशीय घोषित करते थे तथा ब्राम्हणो के सहयोग से अश्वमेध या राजसर्य
ू यज्ञ का
आयोजन कराते थे।

Page No.- 9,Chapter- 1
6 - तहक़ीक़ -ए -हिन्द नामक किताब में किन -किन चीजों का वर्णन मिलता है ?
उत्तर:- अलबरूनी द्वारा लिखित किताब अलबरूनी में धार्मिक रीति रिवाज व गणित व भग
ू ोल का वर्णन
है ।

Page No.-9, Chapter- 1
7- भाट कौन थे और उनकी क्या भमि
ू का थी ?

Page 5

उत्तर :- भाट राजा के दरबारी कवि होते थें, जो राजा के गौरव व उनकी वंश की कविताये बनाते और गाते
थे तथा राजा की ताकत व न्याय प्रियता की कविताएं गाकर जनता को सन ु ाकर उस राजवंश की प्रसिद्धि
करते थे। तथा राजा को प्रसन्न करते थे।

8 -महमद ू गजनवी और चोल राजाओं के सैनिक अभियानों में अंतर बताईये ?
उत्तर :- महमद ू गजनवी एक आताताई था, जो लट ू - पाट के उद्दे श्य से भारत आया था। उसने मंदिरों
को तोडा, स्त्रियों की इज्जत लट
ू ी और जनता में ल ट
ू - पाट कर हत्याए को, परन्तु चोल राजा के सैनिकों ने
आम जनता या महिलाओं व बच्चों पर कोई अत्याचार नहीं किया न ही किसी मंदिर को क्षति पहुचायी।

Page No.-9,Chapter- 1
योग्यता विस्तार -
सन 800 से 1000 तक उत्तर, पर्वी ू और मध्यभारत के प्रमखु राजवंशों के राजाओं की सच
ू ी अपनी कॉपी में
बनाइए।
उत्तर :- 800 से 1000 ई. के बीच तीन राजवंश प्रमख
ु हुए -
(1) उत्तर भारत का परमार वंश
(2) पर्वी
ू भारत का पाल वंश
(3) दक्षिण भारत का राष्ट्र कूट वंश

Document Details

Board / OrgChhattisgarh Board
ExamClass 7
TypeSolution
Pages5
Updated30 Apr 2026