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छत्तीसगढ़ माध्यमिक
शिक्षा मण्डल
कक्षा 7 समाधान
CGBSE Book Solutions
(Hindi Medium)
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CG Board Class 7th Social Studies Solutions
Chapter - 2
Chapter name - (जीवन में आया बदलाव)
Page No.- 10, Block- 1, Chapter- 2
प्रश्न 1- आदिमानव के जीवन और शाबर व भीलों के जीवन में समानताएं व असमानताएं थी ?
उत्तर:- आदि मानव जंगल में निवास करते थे। वे फल फूल खाते थे या जंगल की आग में मरे जानवरो का मांस
खाते थे। वे समह ू में नहीं रहते थे। कपड़ो का प्रयोग या आग जलाने तथा हथियार बनाने या चलने का ढं ग उन्हें
ज्ञात नहीं था। परन्तु शबर व भीलो गाँवो या कबीलों में निवास करने लगे या उन्हें एक सामहि
ू क व्यवस्था में रहना
आता था। वह मखि ु या या राजा का चन ु ाव कर सकते थे। वह आग जलना व हथियार बनाना व चलाना शिकार
करना जानते थे। वह भोजन बना सकते थे। नमक मीठा व अन्य वस्तओ ु ं का विनियम और प्रयोग समझते थे।
Page No.- 10, Block- 2 Chapter- 2
प्रश्न 1- आज आपके आस -पास किस -किस तरह के घम् ु मकड़ लोग रहते है ?वे समाज की सेवा कैसे करते है ?
कक्षा में चर्चा कीजिये?
उत्तर:- अब घम् ु मकड़ लोग समाप्य प्रायः है । सरकार द्वारा इनको आवास की सविु धाए दे कर बसा दिया गया है ।
अब कही दरू क्षेत्रों में ये बस्तिया बसाकर टोकरी तथा बांस या लकड़ी के सामान बनाने का कार्य करने लगे है ।
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प्रश्न 1- अपने अपने गाँव या शहर के तालाबों को तो दे खा ही होगा। पता करें कि वे कितने साल परु ाने है ? तालाब
क्यों कम हुए। आपस में चर्चा कीजिये।
उत्तर:- तालाब गाँवो के बसने के साथ ही बनने लगे थे। जितना परु ाना गाँव होगा उतने परु ाने तालाब होंगे ,क्योंकि
परु ाने काल में लोगो के घर तथा अन्य कार्यो में मिटटी का प्रयोग बहुत किया जाता था। जिसके लिए अच्छी श्रेणी
की मिट्टी की आवश्यतका पड़ती थी प्रायः सभी लोग अच्छी मिट्टी के कारण एक स्थान से मिट्टी निकालते थे।
फलस्वरूप तालाबों का निर्माण हो जाता था। तथा कुछ धार्मिक आर्थिक सम्पन्न लोग भी तालाबों का निर्माण करते
थे। किन्तु जैसे -जैसे जमीन की कीमत बढ़ी लोगो ने उन पर कब्ज़ा कर उसे पाट कर घर व खेत बना लिए।
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प्रश्न 1 - उत्तर भारत व दक्षिण भारत के गाँवो की प्रशासन व्यवस्था में क्या अंतर था ?
उत्तर:- उत्तर भारत में जाति व्यवस्था का प्रभाव अधिक था। गाँवो में सामान्यतः सभी जातियां निवास
करती थी। परन्तु कुछ जातियां जैसे -चमार ,मेहतर, डोम आदि गांव की सीमा पर अलग बस्ती में
निवास करते थे। गाँवो की व्यवस्था वहां के जमींदार या सामंत दे खते थे। जो लोग कृषि भमि ू का कर
वसल ू करते थे । परन्त ु दक्षिण भारत में गां व के लोग मिलकर उर और नाड ू का चयन करते थे,जिसके
द्वारा गांवों की सभी प्रशासनिक व्यवस्था व दे ख -रे ख करना होता था।
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प्रश्न 1- मध्यकाल की महिलाओं को किन - किन बातों की मनाही थी जो आज की महिलाओं को नहीं है ?
उत्तर:- मध्यकालिन में महिलाओं को बहुत पाबंदिया थी, जिसका जिम्मेदार उस समय की सामाजिक
परिस्थितियां थी। अरबों के आक्रमण के पश्चात ् जब भारत में इस्लाम का आगमन हुआ तब उनके
अत्याचारों से बचने के लिए लड़कियों की शादियां कम उम्र में ही की जाने लगी तथा घघ
ूँ ट प्रथा का
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आरम्भ हो गया। उसी क्रम में सती प्रथा भी आई तथा विधवा को सभी मांगलिक कार्यक्रमों से दरू रखा
जाने लगा और जाति प्रथा और भी कड़ी हो गयी। जिसके कारण हर जाति वर्ग ने अपनी - अपनी
परम्पराए बना ली जिसमें महिलाओं को घर में कैद कर लिया गया परन्तु धीरे - धीरे शिक्षा व संवध
ै ानिक
अधिकारों के प्राप्त होने से आज की महिलाओं में जागरूकता आयी और परुु ष स्वयं इसका विरोध करता
है जिसके कारण आज महिलाएं इन प्रथाओं को नहीं मानती है ।
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प्रश्न 2- परु
ु षों पर इस तरह की पाबंदी क्यों नहीं लगायी जाती है ?
उत्तर :- मध्यकालीन भारत में सामाजिक परिस्थितियों पर धीरे -धीरे परु ु षों का वर्चस्व बढ़ गया। जिसका
मख् ु य कारण था, कि आक्रमणकारियों के विरुद्ध सं घर्ष करने का कार्य अधिकतर परु ु ष ही करते थे तथा
महिलाएं सामाजिक रूप से कट गई तथा सभी शिक्षाओं से उन्हें वंचित होने के कारण वह सिर्फ वंश
वद्ृ धि तथा घर के काम में रही परु
ु ष यद्
ु ध तथा कृषि व्यापार के कार्य करते थे। इसलिए परु ु षों पर किसी
प्रकार की पाबंदी नहीं लगाई गई। जिसका मख् ु य कारण परु ु ष - प्रधान समाज का निर्माण होता गया ।
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प्रश्न 1- अगर उन दिनों के शहरों में घम
ू ने जाते तो आपको अपने पास के शहर जैसे दृश्य दिखते ?
किन बातो में वे शहर आज के शहरों से भिन्न होते ?चर्चा करें ।
उत्तर:- अगर उन दिनों के शहरों की बात करे तो हम दे खेंगे कि उन दिनों के शहरों में सिर्फ व्यवसाय के
उद्दे श्य से लोग रहते थे या आते जाते थे। कुछ छोटे - छोटे दक ु ान जैसे -मिष्ठान ,कपडे ,बर्तन ,सोना
चांदी व अन्य मसालों की होती थी। तथा मंडिया लगती थी। जिसमे खाने के राशन इत्यादि की बिक्री
होती थी तथा दरू दराज के व्यापारी खरीद बिक्री के लिए आते जाते थे तथा वहां का कर या राजस्व सामंत
पर राजा द्वारा वसल ू किया जाता था। उन दिनों के ज्यादा तर नगर नदियों के किनारे बसे हुए थे। नगरों
में मंदिरो का होना प्रायः था। नगरों के मंदिरो की बड़ी प्रतिष्ठा थी। दक्षिण भारत में तो मंदिरो द्वारा
व्यापारियों को ब्याज पर धन की उपलब्धता कराया जाता था तथा व्यापार में धन लगाया जाता था।
परन्तु आज के शहरों में हर प्रकार की गतिविधियों के केंद्र है शिक्षा, चिकित्सा ,उद्योग व्यापार
राजनैतिक हल - चल तथा गौष्ठिया सब आज शहरों में ही शरू ु होते है । शहरो की बड़ी बड़ी इमारते तथा
मॉल व रहने के धनी बस्तिया आज के शहरो की पहचान है ।
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प्रश्न 1- भक्त संतो ने आम लोगों की भाषा को ही क्यों अपनाया होगा ?
उत्तर:- मध्यकाल समाप्त होते होते भारतीय समाज में अंधविश्वास तथा अत्याचार अपने चरम सीमा पर
पहुंच चक ु ा था। लोगो में एक दस
ू रे के प्रति नफरत एवं ईर्ष्या बढ़ गयी थी। संस्कृत भाषा का लोप हो चक
ु ा
था। समाज पर एक वर्ग का अधिकार हो चक ु ा था। बौद्धो और इस्लाम के कारण लोगों का धार्मिक पतन
हो चक ु ा था। उसी समय कुछ संतो महात्माओं द्वारा एक जन जागति ृ की गई जिसमें उन्होंने स्थानीय
भाषाओं में जनता को सही बात व ईश्वर का मार्ग बताया और पद्यो व गीतों की रचना की तथा मंदिरों का
निर्माण कराया जिस संत महात्मा ने जिस दे वता की आराधना अपने पद्यो और गीतों से की वही पथ
स्थापित हो गया। मख् ु यता अपनी बात जनसाधारण तक पहुंचाने के लिए संतों ने आम लोगों की भाषा
अपनायी।
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अभ्यास प्रश्न -
प्रश्न 1- उचित संबंध जोड़िए -
ब्रम्ह्दे य अलवार
पंचकुल गाँव के प्रमख
ु कृषक परिवार के मखि
ु या
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शिव भक्त ब्राह्मणों को गाँव दान में दे ना।
विष्णु भक्त नयनार
उत्तर:-
ब्रम्ह्दे य ब्राह्मणों को गाँव दान में दे ना।
पंचकुल गाँव के प्रमख
ु कृषक परिवार के मखि
ु या
शिव भक्त नयनार
विष्णु भक्त अलवार
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प्रश्न 2 - सही या गलत बताईये -
1) भोरमदे व का मंदिर राजनांदगांव जिले में है ।
उत्तर:- गलत
2) दक्षिण भारत के व्यापारी समह
ू बनाकर व्यापार करते थे।
उत्तर:- सही
3) बसवण्णा और अक्कमहादे वी एक कुशल राजनीतिज्ञ थे।
उत्तर:- गलत
4) भक्त संतो ने कर्मकांडो और दे वी -दे वताओं पर विश्वास किया।
उत्तर:- गलत
5) गड़ई पंडरिया का मंदिर चोल शासकों द्वारा बनवाया गया था।
उत्तर:- गलत
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प्रश्न 3- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिये -
1) पल्ली किसे कहते थे ?
उत्तर:- आदिमानव के अंतिम चरण तथा मानव समाज के शरू ु आती दौर जिसमें मानव द्वारा पेड़ काटकर
थोड़ी जमीन पर बिना किसी संसाधन द्वारा सिर्फ जमीन पर बीज बिखेर कर खेती करते थे और छोटी -
छोटी बस्तियों में रहते थे तथा विनिमय द्वारा अपनी आवश्यकता का समान प्राप्त करते थे। उन्हें पल्ली
कहा जाता था।
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2) चंदेल राजाओं द्वारा किस मंदिर का निर्माण किया गया था ?
उत्तर:- चंदेल राजाओं द्वारा बनवाये गए मंदिरों का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण खजरु ाहो मंदिर है । यू तो सर्य
ू
मंदिर कोणार्क व राजेश्वर मंदिर भी चंदेल के ही, जो एक विशिष्ट उदाहरण है ,जिसके शिखर बहुत ऊंचे
होते थे। तथा प्रवेश द्वार के पश्चात ् मख्
ु य मंडप आता था। जिसमे भक्तखड़े होकर दर्शन पज ू न करते
मख्
ु य मंडप के बाद गर्भ गह ृ होता था जिसमें दे वताओं की मर्ति
ु या रखी होती थी। मंदिरों के पास -पास
और भी मंडप होते थे।
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Page No.-15, Chapter- 2
3) छत्तीसगढ़ में सती प्रथा के अवशेष कहाँ पर दिखाई दे ते है ?
उत्तर:- छत्तीसगढ़ के रतनपरु में महामाया मंदिर के आस - पास सती के चौरे विद्यमान है ।
Page No.-15, Chapter- 2
4 ) सन 650 ई. के बाद राज्यों की स्थिति में प्रमखु रूप से क्या बदलाव आये ?
उत्तर:- सन 650 ई. के बाद धीरे धीरे लोग समह ू में रहने लगे थे लोगो ने गांव व बस्तिया बनानी शरू ु कर
दी धीरे - धीरे लोग खेती का महत्व व विनिमय द्वारा वस्तओ ु ं का ले न - दे न करने लगे थे जिसके कारण
बहुत सी और कठिनाइयां आने लगी जिससे मखि ु या और जमींदार अस्तित्व में आये और राज्यों का गठन
प्रारम्भ हुआ राज्यों का अस्तित्व में आने से राज्य द्वारा लोगों की समस्याएं व समाधान के लिए
हस्तक्षेप किया जाने लगा।
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5 ) उर किसे कहते थे ?
उत्तर:- दक्षिण भारत के गांवों के प्रमख
ु लोगों द्वारा जिस परिषद का निर्माण किया जाता था जो स्थानीय
व्यवस्था को चलाते थे उन्हें उर कहा जाता था।
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6 ) दक्षिण भारत की उन्नति में मंदिरों की क्या भमि
ू का थी ?
उत्तर:- दक्षिण भारत में वहाँ के राजाओ द्वारा बड़े मंदिरो का निर्माण कराया गया तथा बहुत धन व
जमीन मंदिरो को दान स्वरूप दी गयी जिस भमि ू को मंदिर को दान में दिया गया उसका राजस्व वसल ू ी
भी मंदिरो द्वारा कराई जाती थी। इसी प्रकार लोगों द्वारा भी दान में मंदिरों को बहुत धन मिल जाता था
मंदिरों के पास धन होने से मंदिरों के ट्रस्टियों ने उस धन को व्यवसाय में या ब्याज पर व्यापारियों को
दे ना शरू
ु कर दिया। जिसमे दक्षिण के मंदिर व्यवसाय की उन्नति के केंद्र बन गए और उनके द्वारा
दक्षिण भारत की बहुत उन्नति हुई।
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7 ) भक्त संतो के कारण स्थानीय भाषा का विकास किस प्रकार हुआ ?
उत्तर :- भक्त संतो द्वारा कुरूतियो और अंधविश्वास पर चोट करने तथा ईश्वर के प्रति समर्पण के लिए
जो भी पद्य या गीत गाये या लिखे गए वह स्थानीय भाषा के होने के कारण स्थानीय भाषा समद् ृ ध हुई
तथा उसका साहित्य विकास हुआ।
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8) 650 ई. से 1200 ई. में आर्थिक क्षेत्र में क्या - क्या परिवर्तन हुए।
उत्तर:- 650 ई.के बाद राजाओं सामंतो का स्थायित्व होने से वह कर व राजस्व की व्यवस्था करने लगे
और कुछ लोग व्यापारिक गतिविधियों में संलग्न हो गए। राजाओं द्वारा व्यापार को बढ़ावा मिला तथा
मंदिरो के निर्माण व मद्र
ु ा के चलन में आने के कारण आर्थिक उन्नति शरू ु हो गयी। लोग कृषि के
अतिरिक्त और भी काम करने लगे जैसे बन ु कर लोहारी, सन ु ारी तथा वैध मन
ु ीव आदि। छोटे - छोटे राज्यों
के स्थापित होने के कारण एक दस ू रे के यहाँ व्यापार तथा यद् ु ध आदि की गतिविधिया भी बढ़ी जिससे
1200 ई. आते आते पर्णू ता को प्राप्त कर लिया।
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योग्यता विस्तार -
आप अपनी कक्षा के कुछ साथियों के साथ आस - पास के प्राचीन मंदिरों को दे खने जाएं और वहां के
पज
ु ारी एवं आस - पास लोगो से निम्नलिखित जानकारिया एकत्र करें -
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1. मंदिरों के नाम एवं
उत्तर:- छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में स्थित भोरमदे व मंदिर।
2. निर्माणकर्ता का नाम एवं अवधि।
उत्तर:- कल्चरु ी राजवंश 1000 ई.।
3. मंदिर में स्थापित दे वी -दे वताओं के नाम।
उत्तर:- महादे व।
4. मंदिर से संबंधित कोई कहानी या किंवदं तियाँ।
उत्तर:- इसको कोई शासक परू ा नहीं कर पाया।