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CG Board Class 7 Solutions for SST History Chapter 3 दिल्ली सल्तनत की स्थापना

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CG Board Class 7 Solutions for SST History Chapter 3 दिल्ली सल्तनत की स्थापना - Page 1 of 6

About CG Board Class 7 Solutions for SST History Chapter 3 दिल्ली सल्तनत की स्थापना

CG Board Class 7 Solutions for SST History Chapter 3 दिल्ली सल्तनत की स्थापना is available here for free download. Published by Chhattisgarh Board for Class 7, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (6 pages). Candidates preparing for Class 7 can use CG Board Class 7 Solutions for SST History Chapter 3 दिल्ली सल्तनत की स्थापना to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

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Yes. CG Board Class 7 Solutions for SST History Chapter 3 दिल्ली सल्तनत की स्थापना can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

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CG Board Class 7 Solutions for SST History Chapter 3 दिल्ली सल्तनत की स्थापना – Text

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Page 1

छत्तीसगढ़ माध्यमिक
शिक्षा मण्डल

कक्षा 7 समाधान

CGBSE Book Solutions
(Hindi Medium)

Page 2

CG Board Class 7th Social Studies Solutions

Chapter - 3
Subject - सामाजिक विज्ञान (भाग -1)
Chapter name - (दिल्ली सल्तनत की स्थापना)

Page No.- 16, Block- 1, Chapter- 3
प्रश्न 1- इस पाठ में हम जानेंगे कि दिल्ली में सल् ु तानों का राज्य कैसे बना?
उत्तर:- मौर्य साम्राज्य के बाद भारत में केंद्रीय शासन नहीं हो पाया और भारत छोटे - छोटे राज्यों में बटाँ
रहा । स्थिति लगभग 1200 ई. तक रही ,परन्तु तर्को ु के आगमन के साथ उन्होंने धीरे - धीरे छोटे राज्यों
से यद्ु ध कर अपने राज्य में मिलाया या अधीनता स्वीकार कराई। उनकी अरबी भाषा होने के कारण
अरबी में राज्य को सल्तनत कहते है इसलिए उनको सल् ु तान कहा गया।

Page No.- 17, Block- 1, Chapter- 3
प्रश्न 1- मानचित्र- 3.1 में दे खे ये स्थान भारत के किस भाग पर स्थित है - गोर, अजमेर, गुजरात, पंजाब
दिल्ली।
उत्तर:- भारत के वर्तमान चित्र के अनस ु ार ये क्षेत्र गोर भारत के उत्तर - पश्चिम क्षेत्र में है , गुजरात - दक्षिण
- पश्चिम में स्थित है तथा पंजाब उत्तर - मध्य पश्चिम में है ।

Page No.-17, Block- 1, Chapter- 2
प्रश्न 2- पथ्
ृ वी राज और गोरी में लड़ाई होना क्यों जरुरी हो गया था ?
उत्तर:- पथ्
ृ वीराज एक स्वाभिमानी व महत्वाकांक्षी राजा थे। वह गोरी के प्रभाव को रोकना चाहते थे।
पथ्ृ वीराज ने तेजी से विस्तार कर रहे गोरी को पंजाब से बाहर करने के लिए यद्
ु ध किया क्योंकि गोरी को
भगाने के लिए यद् ु ध अनिवार्य था।

Page No.- 18,Block- 1 , Chapter- 3
प्रश्न 1- उपर बताये गए दोनों कारणों में से कौन सा कारण आपको ज्यादा ठीक लगता है ?
उत्तर:- तर्क
ु लोगों का भारत में तेजी से फैलने का कारण भारत का छोटे - छोटे राज्यों में बटाँ होना तथा
एक दस ू की मदद न करना तथा तर्कों
रे ु के साथ दे ना था।

Page No.-18, Block- 1,Chapter- 3
प्रश्न 2- इसके अलावा और कौन - कौन से कारण हो सकते है ?
उत्तर:- इसके अतिरिक्त भारत की सांस्कृतिक धार्मिक कारण है भारत में दया व नैतिकता तथा अहिंसा
की भावना शरू ु से ही रही थी। भारत के लोग शत्रु के साथ भी शत्रव ु त व्यवहार नहीं करते थे। उन्हें क्षमा
कर दे ते थे। वह स्त्रियों- बच्चों पर कोई अत्याचार नहीं करते थे परन्तु डर्को में ये सभी भावनाएं नहीं थी।
वह क्रूर थे ,लट ु े रे थे, उनके लिए शत्रु सिर्फ शत्रु था। शत्रु की स्त्री बच्चे सभी को शत्रु समझते थे और
आमजनता में लट ू पाट व क़त्ल करते व माफ़ी मांग कर फिर से हमला करते थे तथा हमारी नैतिकता व

धार्मिक विचार से हम भागते गए और वह मारते गए।

Page No.-18, Block- 2 , Chapter- 3

Page 3

प्रश्न 1- क्या आप जानते है गल
ु ाम कौन होता है और गल ु ामी क्या होता है ?कक्षा में शिक्षक के साथ चर्चा
करें ।
उत्तर:- उन दिनों तर्को
ु में मानव खरीद -बिक्री का व्यापार होता था तर्क
ु अपने साथ अपने गुलाम भी भारत
लाये थे गुलाम वह व्यक्ति होता था जिसको बाजार से खरीद कर व्यापारी (तर्क ु )अपने यहां पर यद् ु ध कला
तथा राजसेवा कार्यो में निपण
ु कर दे ते थे और फिर तर्क
ु सल्ु तानों को बेच दिया करते थे।

Page No.-19,Block- 1, Chapter- 3
प्रश्न 1- गल
ु ामों को ऊँचे पद दे ने से सल्
ु तान को क्या फायदा हो सकता था और क्या नक ु सान?
उत्तर:- गुलाम ज्यादातर सल् ु तान के वफादार होते थे। वे ईमानदारी से उनके राज कार्यो को चलाने में मदद
करते थे तथा यद् ु ध क े समय सल्
ु तान के स्थान पर स्वयं यद्
ु ध की कमांड सम्हालते थे। परन्तु कभी कभी
वह अपनी शक्ति इतनी बढ़ा लेते थे कि सल् ु तान को हटा कर स्वयं ही सल्
ु तान बन बैठते थे।

Page No.- 19, Block- 1, Chapter- 3
प्रश्न 2- राजपत
ू राजा किस प्रकार सल्तनत का विरोध कर रहे थे?
उत्तर:- गुलाम वंश का होने के कारण सल्तनत के अधिकारी व सेनापति उस सल् ु तान के अधिन काम नहीं
करना चाहते थे जिन्होंने पर्व
ू के पराजित राजाओ के वंश के लोगो को भड़काया जो विद्रोह करने लगे तथा
राजस्व की वसल ू ी कर खद
ु रहने लगे। तथा राज्य में आगजनी व लटू पाट करने लगे।

अभ्यास के प्रश्न -
प्रश्न 1 - खंड “क” में दिए गए शासकों के नाम के सामने खंड “ख”में उनसे सम्बंधित स्थानों के नाम
लिखिए -
स. क्र. खण्ड “क” खण्ड “ख”

1 पथ्
ृ वीराज चौहान
2 मह
ु म्मद गोरी

3 कुतब
ु द्
ु दीन ऐबक

4 राजा भीम

5 चंगेज खां

उत्तर :-
स. क्र. खण्ड “क” खण्ड “ख”

1 पथ्
ृ वीराज चौहान अजमेर

2 मह
ु म्मद गोरी गोर

3 कुतब
ु द्
ु दीन ऐबक दिल्ली

4 राजा भीम गज
ु रात

5 चंगेज खां मध्य एशिया

Page 4

प्रश्न 2- नीचे दिए गए सल् ु तानों के नाम, उनके शासन काल क्रमानस
ु ार लिखकर उनके बारे
में संक्षेप में लिखें -
मह ु म्मद गोरी, कुतब ु द्
ु दीन ऐबक, इल्तत ु मिश, रजिया, बलबन कैकुबाद।

उत्तर:- मह
ु म्मद गोरी:-
1178 -1192 महु म्मद गोरी एक तर्क
ु था जो गोर का सल् ु तान था। वह राज्य विस्तार
के लिए ईरान बढ़ा पर वहां शाह द्वारा पराजित होने पर गज ु रात बढ़ा पर वहां भी राजा मल
ू राज द्वितीय
द्वारा पराजित होकर पंजाब क्षेत्र पर जीत हासिल की और दिल्ली व अजमेर की तरफ बढ़ा परन्तु
पथ्
ृ वीराज द्वारा 11 बार पराजित होकर आखरी बार जीता। उसका शासनकाल 1178 से 1192 तक था।

कुतब ु द्
ु दीन ऐबक :-
कुतब
ु द्
ु दीन ऐबक मह
ु म्मद गोरी का एक गुलाम था जो दिल्ली का काम दे खता था गोरी की
मत्ृ यु के बाद उसने अपने को दिल्ली का सल्
ु तान घोषित कर दिया। उसका शासन काल 1192 -1200
तक था।

इल्ततु मिश:-
कुतब ु द्
ु दीन के बाद उसका गुलाम और दामाद इल्तत ु मिश सल्
ु तान बना। उसी ने कुतबु मीनार
निर्माण कार्य पर्ण
ू कराया था। इल्त त
ु मिश के सामने बहु त सी समस्याएं पनपने लगी। उसने प्रशासन को
ठीक करने के लिए चालीस योग्य गुलामों को ऊँचे पद दिए। उनमें से कई कोईक्तादार बनाया गया था।

रजिया :-
इल्तत
ु मिश के बाद उसकी बेटी रजिया दिल्ली की गद्दी पर बैठने वाली एकमात्र महिला शासक
थी। अपने गुणों के बावजद ू रजिया कुछ खास नहीं कर पाई ,क्योंकि जब उसने अपने प्रति वफादार
सरदारों का एक दल तैयार किया और गैर तर्को ु को बड़े पद दे ना शरूु किया तो तर्क
ु सरदारों ने उसका
विरोध प्रारम्भ कर दिया और उसकी हत्या कर दी।

बलबन:-
रजिया के बाद दिल्ली का महत्वपर्ण ू एवं शक्तिशाली सल्
ु तान गयासद्
ु दीन बलबन था। वह
इल्तत
ु मिश द्वारा स्थापित 40 गल
ु ामों के दल का एक सदस्य था। बलबन कहता था कि राजा “ईश्वर की
परछाई” और धरती पर उसका एकमात्र प्रतिनिधि है । उसने लोगों को सल् ु तान के सामने सिजदा और
पायबोस करना अनिवार्य कर दिया।

कैकुबाद:-
बलबन की मत्ृ यु के बाद कैकुबाद शासक बना परन्तु तीन वर्षो के बाद कैकुबाद शासक बना। वह
अयोग्य और विलासी शासक था। इसलिए मात्र तीन वर्ष बाद ही उसके राज्य का अंत हो गया। इसके साथ
ही गुलाम वंश का शासन भी समाप्त हो गया।

प्रश्न 3 - संक्षिप्त टिप्पणी लिखें -
(क)इक्तादार (ब)गल ु ाम (स)सरदार
(क ) इक्तादार:-
इल्ततु मिश ने प्रसाधन को ठीक करने के लिए चालीस गुलामो को ऊचे पद दिए ,जिन्हें

इक्तादार कहा जाता था। इक्तादारो का काम था अलग -अलग प्रांतों में रहकर वहां का प्रशासन संभालना
विद्रोहों को दबाव और गाँवो से लगान वसल ू करना। इस तरह जो लगान इक्कठा होता था ,उसे वे अपने

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वेतन व प्रशासन के खर्च के लिए रखते थे। इन इक्तादारों का समय -समय पर एक प्रान्त से दस
ू रे प्रान्त
में तबादला होता रहता था। पिता के बाद पत्र
ु को इसका इक्तादार विरासत में नहीं मिलता था।

(ब) गुलाम :-
कुछ व्यापारी यवु कों को खरीदकर उन्हें यद्
ु ध कला और प्रशासन का प्रशिक्षण दे कर सल्
ु तानों
को बेच दे ते थे। इन्हे गुलाम कहा जाता था। इन गुलामों को उनकी योग्यता के अनस ु ार काम और पद दिए
जाते थे। कुछ योग्य गुलामों अधिकारी अपने मालिक के बाद शासक भी बने। कुतब ु द्
ु दीन ऐबक पहला
गलु ाम शासक बना था।

(ग) सरदार :-
उस समय के अमीर व शक्ति सम्पन्न वर्गो के मखि
ु या सरदार कहा जाता था प्रशासन को को
सव्ु यवस्थित चलाने में इनका विशेष योगदान रहता था। शासक वर्ग इनकी उपेक्षा नहीं कर सकते थे।
सरदारों के विरोध के परिणाम स्वरूप ही दिल्ली की पहली महिला शासक रजिता योग्य होने के बावजद ू
षड्यंत्र का शिकार हुई उसकी हत्या कर दी गई और तर्क
ु सरदार बलबन शासक बन बैठ।

प्रश्न 4- निचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर 50 से 100 शब्दों में दीजिए -
प्रश्न 1- पथ्
ृ वीराज चौहान और मह ु म्मद गोरी के बीच हुए यद् ु ध का वर्णन कीजिए।
उत्तर:- सन ् 1191 में महु म्मद गोरी और प थ्
ृ वीराज चौहान के बीच तराइन नाम की जगह पर यद् ु ध हुआ।
इसमें मह ु म्मद गोरी को पथ् ृ वीराज ने हरा दिया। इस यद् ु ध में गोरी बरु ी तरह घायल हो गया था और
मश्कि
ु ल से बचकर निकल पाया। वापस लौटकर गोरी ने एक और कठोर यद् ु ध की तैयारी शरू
ु कर दी।
सन ् 1192 में फिर से तराइन में मैदान में दोनों के बीच यद् ु ध हुआ ,जिसमे पथ् ृ वी राज को हार का सामना
करना पड़ा। उसे बंदी बना लिया गया। इस हार का सबसे बड़ा कारण जयचंद की गद्दारी को माना जाता
है ।

Page No.- 20, Chapter- 2
2- तर्क
ु सल्ु तानों के सामने क्या - क्या प्रमखु समस्याएं थी ?
उत्तर:- राजपतू ों की से न ा बह ु त बड़ी थी। उसमे पैदल सैनिक हाथी व घोड़े थे। कई राजा व सामंत अपनी
अपनी सेना के साथ राजपत ू ों की मदद के लिए आये थे। तर्की
ु की सेना बहुत छोटी थी और उसमे हाथी
नहीं थे। लेकिन उसके पास तेज दौड़ने वाले घोड़े थे और कुशल घड़ ु सवार सैनिक थे ,जो घोड़े पर चलते
-चलते तीर चला सकते थे।

3 - तर्की
ु सेना और राजपत ू ों की सेना में क्या - क्या अंतर था ?
उत्तर:- तर्क
ु सल्ु तानों के सामने दो बड़ी समस्याएं थी -पहला अपने ही अधिकारियो का व्यवहार और दस ू रा
पराजित राजपरिवारों का व्यवहार। सल्तनत के सबसे बड़े अधिकारी व सेनापति सल् ु तान से दबकर नहीं
रहना चाहते थे और मनमानी करना चाहते थे। इस कारण सल् ु तान अपने प्रशासन को मजबत ू नहीं कर पा
रहा था। इसका फायदा उठाकर परु ाने राजवंशों के लोग सल्तनत का विरोध करने लगे। वे गांव के किसानों
से लगन इकट्ठा करके स्वयं रख लेते थे। राजकोष में जमा नहीं करते थे। वे सड़को पर आने जाने वाले
यात्रियों व व्यापारियों को लट ू लेते थे। इस प्रकार सल्तनत कमजोर होने लगा था। सल् ु तान के आदे शों का
पालन केवल कुछ शहरों में ही होने लगा था।

Page No.-20, Chapter- 3
4- तर्क
ु सरदार रजिया को क्यों हटाना चाहते थे ?
उत्तर:- गुलामों के सल्
ु तान इल्तत
ु मिश के पत्र
ु अयोग्य थे इसलिए उसकी योग्य पत्र
ु ी रजिया ने शासन के
बागडोर संभाली। अमीर तर्को ु व सरदारों ने महिला के अधीन कार्य करना अपना अपमान समझा। वे

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विद्रोह करने लगे। दस
ू री बात यह है कि रजिया अपने सेनापति याकूब पर बड़ी दयालु थी। सन 1240 में
बहराम शाह ने रजिया की हत्या कर दी।

Page No.-20, Chapter- 3
योग्यता विस्तार -
मोहम्मद ग़ोरी और पथ् ृ वीराज चौहान दोनों ही गुजरात को क्यों जीतना चाहते थे, कोई दो कारण ढूंढकर
अपनी कॉपी में लिखे।
उत्तर:- गज
ु रात एक तटीय राज्य था,जिसके कारण वहां पर विदे शों से व्यापार तथा राजस्व की अतिरिक्त
सवि
ु धा थी। तथा गुजरात स्वयं एक संपन्न तथा समद् ृ ध राज्य था, जिसके कारण सभी की नजर गुजरात
पर थी।

Document Details

Board / OrgChhattisgarh Board
ExamClass 7
TypeSolution
Pages6
Updated30 Apr 2026