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पर्यावरण अध्र्र्न-307
पर्यावरण अध्र्र्न - 307
कक्षय 12 के लिए पयठ्यक्रम
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पर्यावरण अध्र्र्न-307
टिप्पणी:
50 प्रश्नों वयिे एक प्रश्न पत्र में से 40 प्रश्नों को हि करने की आवश्र्कतय होगी।
1. मयनव और प्रकृ लत
(i) पयटरलथिलतक लववेचनय के आधुलनक थकू ि।
(ii) गहन पयटरलथिलतकी (गैरी स्नयइडर, अिा फथिा) बनयम उििी पयटरलथिलतकी।
(iii) भूलम कय प्रबंधन (जैसे वेंडेि बेरी)।
(iv) सयमयलजक पयटरलथिलतकी [मयर्कसावयदी पर्यावरणवयद और समयजवयदी पयटरलथिलतकी (बैरी कॉमनर)]।
(v) नयरीवयद।
(vi) हटरत रयजनीलत (जैसे जमानी और इं ग्िैंड)।
(vii) सतत लवकयस।
पयटरलथिलतक लववेचनय के आधुलनक थकू ि; उििे पयटरलथिलतकी के लवपरीत डीप इकोिॉजी की पटरभयषय
और बुलनर्यदी समझ; प्रबंधन, सयमयलजक पयटरलथिलतकी - मयर्कसावयदी पर्यावरणवयद और समयजवयदी
पयटरलथिलतकी, पयटरलथिलतकी नयरीवयद, जमानी और इं ग्िैंड के हटरत रयजनीलतक आंदोिन और सतत
लवकयस (मूि अवधयरणयएं)।
प्रकृ लत के लिए वर्लडा वयइड फं ड - संगठन, लमशन, संरक्षण के लिए रणनीलत।
ग्रीनपीस - संगठन, लमशन वक्तव्य, मूि मूर्लर्, उद्देश्र् और रणनीलत।
2. जनसंख्र्य और संरक्षण पयटरलथिलतकी
(i) जनसंख्र्य की गलतशीितय: जनसंख्र्य पटरवतान (जन्म, मृत्र्ु, आप्रवयस और उत्प्रवयस) के कयरण कयरक;
कयरकों के बीच संबंध; आर्ु संरचनय और इसकय महत्व; जनसंख्र्य लपरयलमड; उत्तरजीलवतय वक्र; तीन
सयमयन्र् आकयर r और K रणनीलतर्याँ।
जनसंख्र्य पटरवतान कय कयरण बनने वयिे कयरक (जन्म, मृत्र्ु, आप्रवयस और उत्प्रवयस); कयरकों के बीच
संबंध, आर्ु संरचनय और इसकय महत्व; जनसंख्र्य लपरयलमड - व्ययख्र्य और लनलहतयिा। जनसंख्र्य के
पटरवतान की दर - उत्तरजीलवतय वक्रों के तीन सयमयन्र् आकयर, r और K रणनीलतर्याँ और दोनों के बीच
अंतर।
(ii) मयनव आबयदी (मयर्लिुलसर्न मॉडि और जनसयंलख्र्कीर् संक्रमण)।
वहन क्षमतय की पटरभयषय; मयर्लिुलसर्न दृलिकोण: 'अलधक जनसंख्र्य' और संसयधनों की कमी की
अवधयरणय; मयर्लिस से पूछतयछ जनसंख्र्य वृलि बनयम रयष्ट्रों के भीतर और उनके बीच संसयधनों की
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असमयन खपत। जनसयंलख्र्कीर् संक्रमण की पटरभयषय और समझ; जनसयंलख्र्कीर् संक्रमण को प्रभयलवत
करने वयिे कयरक।
जनसंख्र्य लवलनर्मन: लवलनर्मन के लबनय लवकयस (घयतीर्); सरि जनसंख्र्य लवलनर्मन (िॉलजलथिक
लवकयस वक्र); जनसंख्र्य के आकयर को लनर्ंलत्रत करने वयिे कयरक (थियन, भोजन और पयनी, क्षेत्र,
लशकयरी, मौसम और जिवयर्ु, परजीवी और रोग, आपदयएं और थव-लनर्मन)। एर्कसपोनेंलशर्ि ग्रोि कवा
( J-आकयर) और िॉलजलथिक ग्रोि कवा (S-आकयर) की बुलनर्यदी समझ; जनसंख्र्य के आकयर को
लनर्ंलत्रत करने वयिे कयरक (थियन, भोजन और पयनी, क्षेत्र, लशकयरी, मौसम और जिवयर्ु, परजीवी और
रोग, आपदयएं और थव-लनर्मन)।
मयनव जनसंख्र्य लनर्ंत्रण: पटरवयर लनर्ोजन; लशक्षय; आर्िाक लवकयस; मलहियओं की लथिलत।
मलहिय सशलक्तकरण पर बि देते हुए मयनव जनसंख्र्य लनर्ंत्रण की रणनीलतर्याँ। (पटरवयर लनर्ोजन की
लवलधर्ों कय लववरण आवश्र्क नहीं है।)
(iii) पयटरलथिलतकी तंत्र के लिए खतरय: आवयस लवनयश; आनुवंलशक क्षरण; लवलवधतय कय नुकसयन; कृ लष कय
लवथतयर; बंद पयनी; मयनव समयज से अपलशि; मयनव उपभोग में वृलि।
उपर्ुक्त उदयहरणों के सयि पयटरलथिलतकी तंत्र के प्रयवधयन और लनर्यमक कयर्ों के लिए खतरों के
कयरणों और पटरणयमों की के वि एक संलक्षप्त समझ।
(iv) संरक्षण: महत्व; भयरतीर् वनों की नयजुक लथिलत; वन क्षेत्रों के आसपयस के संघषा -आबयदी और
आददवयसी तिय उनके अलधकयर- पर्ािन - अवैध लशकयर - सड़कें - लवकयस पटरर्ोजनयएं - बयंध;
वैज्ञयलनक वयलनकी और इसकी सीमयएाँ; सयमयलजक वयलनकी; वन लवभयग की भूलमकय; गैर सरकयरी संगठन
(NGO); संर्ुक्त वयलनकी प्रबंधन; वन्र् जीवन - भयरत में अभर्यरण्र्, संरक्षण और प्रबंधन; संरक्षण में के स
थिडी के रूप में प्रोजेर्कि ियइगर।
पटरभयषय की: संरक्षण, थवथियनी और बयह्य थियन संरक्षण में। संरक्षण कय महत्व।
इन-सीिू संरक्षण: वन्र्जीव अभर्यरण्र्, रयष्ट्रीर् उद्ययन, बयर्ोथफीर्र टरजवा (पटरभयषय, उद्देश्र्, लवशेषतयएं,
फयर्दे और नुकसयन)।
एर्कस-सीिू संरक्षण: लचलड़र्यघर, एक्वैटरर्य, पौधों कय संग्रह (उद्देश्र्, लवशेषतयएं, फयर्दे और नुकसयन)।
वनों के प्रबंधन और संरक्षण में संघषा: भयरत कय वन क्षेत्र, वनों और उसके आसपयस रहने वयिे िोगों
से संबंलधत मुद्दे, लवशेष रूप से आददवयसी अलधकयरों के संदभा में; वनों के लिए खतरय: अवैध लशकयर,
सड़कों और बयंधों जैसी लवकयसयत्मक पटरर्ोजनयएं, वन संसयधनों कय अत्र्लधक दोहन (प्रत्र्क्ष और
अप्रत्र्क्ष)।
वनों के प्रबंधन में वन लवभयग और गैर सरकयरी संगठनों की भूलमकय।
कु छ प्रबंधन उपयर्: वैज्ञयलनक वयलनकी, सयमयलजक वयलनकी (लवलभन्न प्रकयर के सयमयलजक वयलनकी), संर्ुक्त
वयलनकी प्रबंधन (JFM), पयटरलथिलतक पर्ािन।
उपरोक्त में से प्रत्र्ेक की पटरभयषय, दयर्रय, फयर्दे और नुकसयन।
संरक्षण में के स थिडी के रूप में प्रोजेर्कि ियइगर: उत्पलत्त, उद्देश्र् और उद्देश्र्, सफितयएाँ, लवफितयएाँ।
3. लनगरयनी प्रदूषण
(i) प्रदूषण लनगरयनी।
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प्रयिलमक और लितीर्क प्रदूषक। पटरवेशी वयर्ु गुणवत्तय लनगरयनी (गैसीर् और कण) सलहत वयर्ु प्रदूषण
की लनगरयनी कय महत्व। उत्सजान को लवलनर्लमत करने में कयबान क्रेलडि और कयबान ट्रेडडंग की
अवधयरणय। अत्र्लधक वयहन प्रदूषण के कयरण और नए वयहनों के लिए प्रदूषण-उत्सजान मयनकों को
लवलनर्लमत करने के लिए उठयए गए लवलभन्न कदम, CNG कयर्ाक्रम कय कयर्यान्वर्न, उपर्ोग में आने वयिे
वयहनों के लिए लनरीक्षण और रखरखयव कयर्ाक्रम, पुरयने वयलणलयर्क वयहनों को चरणबि तरीके से समयप्त
करनय और सयवाजलनक पटरवहन को बढयवय देनय।
(ii) वयतयवरण की लनगरयनी: तकनीकें ।
उत्सजान स्रोत और पटरवेशी वयर्ु गुणवत्तय की लनगरयनी, लनगरयनी थिेशनों के लिए मयनदंड, थिेशनों के
प्रकयर, थिेशनों की संख्र्य, डेिय संग्रह की आवृलत्त, पटरवेशी वयर्ु नमूनयकरण की लवशेषतयएं, नमूने के लिए
बुलनर्यदी लववेचनय (संक्षेप में लनपियर्य जयनय है)। तकनीकों कय वगीकरण- मैनुअि और इं थुमेंिि।
मैनुअि पैलसव सैम्पिर, हयई वॉर्लर्ूम सैम्पिर और बब्बिर लसथिम। इं थुमेंिि-फोिोमेटट्रक तकनीक-
एनडीआईआर, के लमिुलमनेसेंस - लसियंत और उपर्ोग।
(iii) अंतरयाष्ट्रीर् और रयष्ट्रीर् वयर्ु गुणवत्तय मयनक।
रयष्ट्रीर् पटरवेशी वयर्ु गुणवत्तय लनगरयनी (NAAQM); कें द्रीर् प्रदूषण बोडा और रययर् प्रदूषण लनर्ंत्रण बोडा
के मुख्र् कयर्ा, वयर्ु गुणवत्तय मयनकों के उद्देश्र्, NAAQM कय नर्य नयम, रयष्ट्रीर् वयर्ु लनगरयनी कयर्ाक्रम
(NAMP), NAMP के उद्देश्र्।
वयर्ु गुणवत्तय मयनकों और महत्व की पटरभयषय; WHO के ददशयलनदेशों के तहत शयलमि गैसों/पयर्िाकुिेि
मैिर के लिए रयष्ट्रीर् वयर्ु गुणवत्तय मयनक।
(iv) जि परीक्षण: पयनी की गुणवत्तय के संकेतक।
संकेतक (लवद्युत चयिकतय, मैियपन, पीएच, घुलित ऑर्कसीजन, मि अपलशि, तयपमयन, कठोरतय, नयइट्रेि और
सर्लफे ि) प्रत्र्ेक कय महत्व और उनकी व्ययख्र्य। B.O.D. और C.O.D., के वि सैियंलतक अवधयरणय (बेहतर
समझ के लिए प्रर्ोगशयिय कयर्ा और परीक्षण के लिए नहीं)
(v) मृदय परीक्षण: लमट्टी के प्रकयर और गुणवत्तय और प्रर्ोगशयिय कयर्ा के संकेतक।
मृदय संकेतक- एक अच्छे मृदय संकेतक की लवशेषतयएं, तीन मूि प्रकयर के मृदय संकेतक- जैलवक, भौलतक
और रयसयर्लनक, प्रत्र्ेक के दो उदयहरण। इन प्रकयर के संकेतकों में से प्रत्र्ेक ियरय प्रदयन की गई
जयनकयरी। मृदय श्वसन, मृदय pH, मृदय समुच्चर्, अंतःथर्ंदन दर और इनमें से प्रत्र्ेक को लनर्ंलत्रत करने के
सरि तरीकों कय पतय िगयने के लिए पटरभयषयएाँ, प्रभयव और प्रर्ोग।
4. तीसरी दुलनर्य कय लवकयस
(i) शहरी-ग्रयमीण लवभयजन: शहरीकरण - पुश और पुि कयरक; ग्रयमीण और शहरी क्षेत्रों पर पटरणयम;
भलवष्र् के रुझयन और अनुमयन।
प्रवयस के कयरण - पुश और पुि कयरक, ग्रयमीण और शहरी क्षेत्रों पर पटरणयम और प्रवयस को कम
करने के तरीके । भलवष्र् के रुझयन और अनुमयन।
(ii) लथिरतय के दृलिकोण से लवकयस के पयरं पटरक प्रलतमयन कय एक महत्वपूणा मूर्लर्यंकन,
पर्यावरणीर् प्रभयव और समयनतय।
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लवकयस की पटरभयषय।
र्ह समझ दक लवकयस लवकयस कय पर्यार् बन गर्य है। इस दृलिकोण में है
पर्यावरण पर लनम्नलिलखत प्रभयव:
a) नकयरयत्मक पर्यावरणीर् प्रभयवों की अनदेखी करनय;
b) बयजयर के दबयव के कयरण संसयधन उपर्ोग के बदिते पैिना;
c) संसयधनों कय अलत प्रर्ोग और शोषण;
d) दुिाभ संसयधनों को लवियलसतय की वथतुओं में बदिनय;
e) संसयधनों तक पहुंच में अंतर;
f) बढते कचरे और प्रदूषण।
उपरोक्त को उपर्ुक्त उदयहरणों के सयि समझयर्य जयनय है।
(iii) अपने उद्देश्र्ों और प्रदक्रर्यओं के संदभा में गयंधीवयदी दृलिकोण कय एक के स थिडी।
थियनीर् थवशयसन - ग्रयम नीलत के पीछे मूि लसियंत, अंत्र्ोदर्, सवोदर्, पंचयर्ती रयज; थियनीर्
आत्मलनभारतय, थियनीर् बयजयर और पर्यावरणीर् लथिरतय। लवकयस के आधयर के रूप में गयंव; कु िीर
उद्योगों और मध्र्वती प्रौद्योलगदकर्ों को बढयवय देनय; रोजगयर पर ध्र्यन दें।
उपरोक्त की तुिनय आज के लवकयस के प्रलतमयन से की जयनी चयलहए।
(iv) शहरी पर्यावरण लनर्ोजन और प्रबंधन: थवच्छतय की समथर्यएं; जि प्रबंधन; र्यतयर्यत; ऊजया; हवय की
गुणवत्तय; आवयस; समथर्यओं से लनपिने में बयधयएं (आर्िाक, रयजनीलतक); पहिी दुलनर्य में कयम करने वयिे
समयधयनों की अनुपर्ुक्ततय और शहरी पर्यावरण के लिए थवदेशी दृलिकोण की आवश्र्कतय।
लनम्नलिलखत शहरी पर्यावरणीर् समथर्यओं की एक बुलनर्यदी समझ: थवच्छतय, जि प्रबंधन, पटरवहन, ऊजया
की समथर्यएं; वयर्ु गुणवत्तय और आवयस।
कु छ थवदेशी समयधयनों के बयरे में जयगरूकतय: वषया जि संचर्न, कचरय पृिक्करण, खयद, ठोस और तरि
कचरे से ऊजया, सीवेज प्रबंधन (शुष्क शौचयिर्, लवकें द्रीकृ त जि प्रबंधन प्रणयिी (DEWATS)
नए शहरीकरण की लवशेषतयएं, थमयिा लवकयस के िक्ष्र्। तीसरी दुलनर्य के शहरी लनर्ोजन और प्रबंधन के
लनम्नलिलखत उदयहरणों कय अध्र्र्न दकर्य जयनय है:
बोगोिय - बोिीलवर्य (र्यतयर्यत प्रबंधन);
र्कर्ूबय (जैलवक लवलधर्ों कय उपर्ोग कर शहरी कृ लष);
कू र्िाबय - ब्रयजीि (र्यतयर्यत र्ोजनय और नवीन उपयर्ों कय उपर्ोग करके शहरी नवीनीकरण);
कोचयबम्बय - (जि प्रबंधन और जियपूर्ता के लनजीकरण के लखियफ लवरोध)
5. सतत कृ लष
(i) भयरत में पयरं पटरक कृ लष: डसंचयई प्रणयिी; फसि की दकथमें; लमट्टी की उवारतय बनयए रखने की
तकनीकें ; उपलनवेशवयद कय प्रभयव; थवतंत्रतय के समर् भयरतीर् कृ लष - भोजन की कमी - खयद्य आर्यत
- उत्पयदन बढयने की आवश्र्कतय - भूलम सुधयर की आवश्र्कतय; हटरत क्रयंलत - HYVs - उवारक -
कीिनयशक - बड़ी डसंचयई पटरर्ोजनयएं (बयंध); कृ लष-जैव लवलवधतय के दृलिकोण से हटरत क्रयंलत कय
आिोचनयत्मक मूर्लर्यंकन; लमट्टी कय थवयथ्र्; कीिनयशकों कय पयटरलथिलतक प्रभयव; ऊजया (पेट्रोलिर्म और
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पेट्रोके लमकर्लस); ग्रयमीण समुदयर्ों के गरीब वगों तक पहुंचने की क्षमतय; संधयरणीर्तय - धयरणीर् कृ लष की
आवश्र्कतय - धयरणीर् कृ लष के लिए लवशेषतयएाँ; जि मृदय और कीि प्रबंधन की तकनीकें ।
लनम्नलिलखत शब्दों की पटरभयषय: पयरं पटरक कृ लष, प्रयकृ लतक खेती, जैलवक कृ लष, आधुलनक कृ लष (संकर
बीज, उच्च उपज देने वयिी दकथमों, रयसयर्लनक उवारकों और कीिनयशकों कय उपर्ोग), जीन क्रयंलत
(आनुवंलशक रूप से संशोलधत बीज) और टिकयऊ कृ लष।
डसंचयई प्रणयलिर्यं:
मैक्रो बनयम सूक्ष्म डसंचयई प्रणयिी - डथप्रंकिर / लिप / टट्रकि लिप / खोदे गए कु ओं की तुिनय में
नहर डसंचयई / बयंध। प्रत्र्ेक प्रकयर की बुलनर्यदी लवशेषतयएं, फयर्दे और नुकसयन। पयरं पटरक वषया जि
संचर्न- िंकय, खयददन, आहर, पयइन, डजंग्स, जोहड़ और एटरस (लवशेष क्षेत्र में प्रत्र्ेक प्रकयर की
उपर्ुक्ततय)।
भयरत में पूवा-औपलनवेलशक कृ लष की लवशेषतयएं: बयजयर के बजयर् जीलवकय के लिए बढनय; बहुफसिी,
मृदय थवयथ्र् प्रबंधन, बीज में लवलवधतय।
औपलनवेलशक प्रभयव: दंडयत्मक करयधयन, लनर्यात और लब्रटिश उद्योग के लिए वयलणलयर्क फसिें, थियर्ी
पयरं पटरक प्रियओं कय अवमूर्लर्न। बंगयि कय अकयि। पूव-
ा औपलनवेलशक, औपलनवेलशक और उत्तर-
औपलनवेलशक कृ लष और उनके प्रभयव कय तुिनयत्मक अध्र्र्न।
हटरत क्रयंलत: उत्पलत्त (खयद्य कमी - खयद्य आर्यत - उत्पयदन बढयने की आवश्र्कतय)।
हटरत क्रयंलत के मूि लसियंत- उच्च उपज देने वयिी दकथमों कय लवकयस (HYV); उवारकों और कीिनयशकों
की शुरूआत; मोनो फसि।
पर्यावरणीर्, सयमयलजक और आर्िाक प्रभयव-फयर्दे और नुकसयन (कृ लष जैव लवलवधतय के दृलिकोण से;
मृदय थवयथ्र्; कीिनयशकों कय पयटरलथिलतक प्रभयव; ऊजया कय उपर्ोग; इनपुि ियगत; छोिे और मध्र्म
दकसयनों को ियभ, सयमुदयलर्क थतर और घरे िू थतर की खयद्य सुरक्षय)।
भूलम सुधयर - आवश्र्कतय, ियभ, असफितय और सफितयएाँ।
टिकयऊ कृ लष के तत्व: लमलित खेती, लमलित फसि, अंतर-फसि, फसि चक्रण, लमट्टी की उपजयऊ प्रियओं
कय उपर्ोग और लमट्टी की उवारतय में सुधयर के लिए कीि प्रबंधन (जैलवक उवारक, जैव उवारक, हरी
खयद, दो उदयहरणों के सयि) और कीि लनर्ंत्रण ( जैव कीिनयशक)। एकीकृ त कीि प्रबंधन
(आईपीएम); थियनीर् भोजन खयनय
कृ लष उपज कय प्रबंधन: भंडयरण; खयद्य पटररक्षण-लवलभन्न तरीके जैसे कम तयपमयन, उच्च तयपमयन, सुखयने,
लडब्बयबंदी, नमक और चीनी ियरय पटररक्षण। भोजन कय पटरवहन।
खयद्य प्रसंथकरण - पटरभयषय, खयद्य संरक्षण, पैकेडजंग, ग्रेडडंग।
खयद्य अपलमिण और खयद्य र्ोयर्-पटरभयषयएं; लमियवि के प्रकयर, लमियवि के हयलनकयरक प्रभयव।
गुणवत्तय अंक - आईएसआई (भयरतीर् मयनक संथियन); AGMARK (कृ लष लवपणन); FPO (फि उत्पयद
ऑडार) - के वि संलक्षप्त लववरण।
(ii) भोजन: उत्पयदन और पहुंच की दोहरी समथर्यएं; दुलनर्य में भोजन की लथिलत; तीसरी दुलनर्य के
लिए खयद्य सुरक्षय के लिए एकीकृ त और टिकयऊ दृलिकोण। खयद्य सुरक्षय।
खयद्य सुरक्षय कय अिा, खयद्य सुरक्षय की आवश्र्कतय। खयद्य सुरक्षय प्रयप्त करने में समथर्यएाँ - उत्पयदन,
भंडयरण और पहुाँच की समथर्यएाँ। तीसरी दुलनर्य के लिए खयद्य सुरक्षय के लिए एकीकृ त और टिकयऊ
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दृलिकोण लजसमें भूलम सुधयर के मयध्र्म से पर्यावरणीर् लथिरतय और सयमयलजक और आर्िाक लथिरतय के
लिए कयम करनय, दकसयनों को ऋण सहयर्तय, दकसयनों को बयजयर समिान, वतामयन लवपणन प्रणयिी में
अपर्याप्ततय, लवपणन प्रणयिी में सुधयर के तरीके , भोजन तक पहुंच में सुधयर शयलमि है। , बीजों कय
थवयलमत्व।
एक समझ है दक रयष्ट्रीर् थतर की खयद्य सुरक्षय घरे िू और सयमुदयलर्क थतर की खयद्य सुरक्षय र्य
दीघाकयलिक पर्यावरणीर् लथिरतय में तब्दीि नहीं हो सकती है जब तक दक उपरोक्त कयरकों को
संबोलधत नहीं दकर्य जयतय है। खयद्य सुरक्षय कयनून 2013 की मुख्र् लवशेषतयएं।
6. पर्यावरण और प्रयकृ लतक संसयधन अिाशयस्त्र
(i) पटरभयषय: संसयधन; कमी और वृलि; प्रयकृ लतक संसयधन िेखयंकन।
प्रयकृ लतक संसयधनों कय वगीकरण - उद्गम (अजैलवक एवं जैलवक) के आधयर पर, नवीकरणीर्तय के
आधयर पर (नवीकरणीर् एवं गैर-नवीकरणीर्), लवकयस के आधयर पर (संभयलवत एवं वयथतलवक), के
आधयर पर
लवतरण (सवाव्ययपी और थियनीर्कृ त); कमी और लवकयस, प्रयकृ लतक संसयधन िेखयंकन।
अक्षर् और गैर-नवीकरणीर् के रूप में संसयधनों कय वगीकरण।
भौलतक िेखयंकन की पटरभयषय, बुलनर्यदी लसियंत, फयर्दे और नुकसयन।
(ii) जीएनपी बनयम आर् मयपने के अन्र् रूप। जीडीपी, जीएनपी - लवकयस को मयपने के लिए उपकरण
के रूप में उपर्ोग करने की पटरभयषय, फयर्दे और नुकसयन।
(iii) आर्िाक लथिलत और कर्लर्यण (शुि आर्िाक कर्लर्यण, प्रकृ लत पूंजी, पयटरलथिलतक पूज
ं ी, आदद)
पर्यावरण अिाशयस्त्र के उद्देश्र् कय एक व्ययपक अविोकन।
पटरभयषय और वगीकरण: रक्षयत्मक व्यर् (इसकय वगीकरण); प्रयकृ लतक/पयटरलथिलतक पूंजी।
(iv) बयहरीतयएाँ: ियगत ियभ लवश्लेषण (सयमयलजक, पयटरलथिलतक)।
बयह्यतयएं - पटरभयषय, प्रकयर (सकयरयत्मक और नकयरयत्मक), प्रभयव।
ियगत ियभ लवश्लेषण - पटरभयषय, संक्षेप में प्रदक्रर्य, फयर्दे और नुकसयन।
EPR (लवथतयटरत लनमयातय उत्तरदयलर्त्व) -पटरभयषय, उदयहरण, ियभ।
(v) प्रयकृ लतक पूंजी पुनजानन।
प्रयकृ लतक पूंजी र्कर्य है? प्रयकृ लतक पूंजी के प्रकयर; पयटरलथिलतकी तंत्र सेवयओं कय वगीकरण, क्षरण के कयरण
(अम्ि कय जमयव, वयर्ु प्रदूषण, वनों की कियई, जैव लवलवधतय की हयलन और कयबान डयइऑर्कसयइड कय
उत्सजान), पयटरलथिलतक पदलचह्न और प्रयकृ लतक संसयधनों कय मनुष्र् कय अनुपयतहीन उपर्ोग, प्रयकृ लतक
पूंजी के संरक्षण और पुनजानन कय महत्व।
7. अंतरयाष्ट्रीर् संबध
ं और पर्यावरण
(i) अमेजोलनर्य के के स थिडी, वन्र् जीवन में व्ययपयर और ओजोन टरक्तीकरण कय उपर्ोग करते हुए
पर्यावरणीर् मुद्दों की रयष्ट्रीर् लवशेषतयएं।
अमेजोलनर्य कय के स थिडी - वनों के शोषण के कयरण, वनों की कियई में तेजी के कयरण, सरकयरी
नीलतर्ों के प्रभयव, वषयावनों कय पयटरलथिलतक मूर्लर् और समथर्य के संभयलवत समयधयन।
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अफ्रीकय में हयिी दयंत के व्ययपयर कय के स थिडी - अतीत में हयिी दयंत के फिते-फू िते व्ययपयर के
कयरण, व्ययपयर पर अंकुश िगयने के लिए उठयए गए कदम और व्ययपयर में प्रलतबंध के पटरणयम।
ओजोन टरक्तीकरण कय के स थिडी - ओजोन परत कय र्कर्य अिा है और र्ह कै से समयप्त होतय है,
(चैपमैन कय चक्र), ओजोन टरक्तीकरण के संभयलवत प्रभयव, सयमयन्र् ओजोन क्षर्कयरी पदयिा (हैिोन, कयबान
िेट्रयर्किोरयइड, सीएफ़सी, लमियइि र्किोरोफॉमा, लमियइि ब्रोमयइड और HCFC) और वयर्ुमंडि में उनकय
जीवन कयि; ओजोन लछद्र; ओजोन टरक्तीकरण को लनर्ंलत्रत करने के लिए उठयए गए कदम।
(ii) अंतरयाष्ट्रीर् रयजनीलत, रयष्ट्रीर् संप्रभुतय और लहत कय प्रभयव।
(iii) अंतरयाष्ट्रीर् व्ययपयर: एक सैियंलतक पटरप्रेक्ष्र्; मुक्त व्ययपयर बनयम संरक्षणवयद; आर्यत बयधयएं; घरे िू
उद्योग बनयम।
मुक्त व्ययपयर; अंतररयष्ट्रीर् कं पलनर्यं - एक ऐलतहयलसक पटरप्रेक्ष्र् (उपलनवेशवयद और इसकय आज कय
थियर्ी प्रभयव); पहिी और तीसरी दुलनर्य के बीच व्ययपयर - लवशेषतयएं - व्ययपयर की शतें; भयरत कय
अंतरयाष्ट्रीर् व्ययपयर - लवशेषतयएाँ- प्रमुख आर्यत और लनर्यात - लवदेशी मुद्रय संकि- लनर्यात अलनवयर्ातय
और पर्यावरण पर इसकय प्रभयव; भयरत में जिीर् कृ लष कय के स थिडी; लनवयाह आवश्र्कतयओं के उत्पयदन
से वयलणलयर्क उत्पयदों के लिए दुिाभ संसयधनों कय लवचिन; लवषयक्त अपलशि व्ययपयर - लवथतयर और
प्रभयव; वैश्वीकरण - व्ययपयर व्यवथिय (डब्र्लर्ूिीओ, गैि, आईपीआर) और तीसरी दुलनर्य पर उनकय प्रभयव।
वैश्वीकरण, मुक्त व्ययपयर, संरक्षणवयद की पटरभयषय, फयर्दे और नुकसयन।
अंतररयष्ट्रीर् कं पलनर्यं (िीएनसी) - पटरभयषय; िीएनसी और पर्यावरण - लहतों कय िकरयव।
लवकलसत देशों के सयि तीसरी दुलनर्य के देशों के व्ययपयर कय इलतहयस (भयरत के लवशेष संदभा में)
व्ययपयर की संरचनय और शतों के संबंध में (प्रयिलमक वथतुओं कय लनर्यात और प्रयिलमक वथतुओं के उच्च
ियगत पर तैर्यर मयि कय आर्यत, लजससे पर्यावरण कय क्षरण होतय है- ओपन कयथि मयइडनंग) , कृ लष,
जिीर् कृ लष, आदद)।
मुक्त व्ययपयर के प्रभयव को समझने के लिए भयरत में जिीर् कृ लष कय के स अध्र्र्न।
दुिाभ संसयधनों कय आर्िाक आवंिन और पर्यावरण पर इसकय प्रभयव।
लवषयक्त अपलशि व्ययपयर - पटरभयषय, उत्पलत्त, बनयए रखने वयिे कयरक, तीसरी दुलनर्य के देशों पर प्रभयव
(उदयहरण - थवयथ्र् और पर्यावरणीर् प्रभयव) और इसे कम करने के लिए कदम (बमयको और बेसि
कन्वेंशन)।
गैि - संगठन और लवश्व व्ययपयर संगठन में इसकय कयर्यपिि।
लवश्व व्ययपयर संगठन के लसियंत और कयर्ा: एमएफएन (मोथि फे वडा नेशन), एनिी (रयष्ट्रीर् उपचयर)
के मयध्र्म से अंतरयाष्ट्रीर् व्ययपयर के लिए एक समयन अवसर बनयनय और आर्यत बयधयओं में कमी -
िैटरफ और गैर िैटरफ बयधयओं और तुिनयत्मक ियभ के लिए व्ययपयर।
WTOGATT, TRIPS, TRIMS, एग्रीमेंि ऑन एग्रीकर्लचर (AOA) के पूणा रूप और क्षेत्र। इन समझौतों ने
भयरत के व्ययपयर, खयद्य सुरक्षय, आर्िाक कर्लर्यण, पर्यावरणीर् लथिरतय को कै से प्रभयलवत दकर्य, इसकी एक
संलक्षप्त समझ।
आईपीआर और इसकी िेलणर्ों की पटरभयषय: कॉपीरयइि, पेिेंि, ट्रेडमयका , औद्योलगक लडजयइन अलधकयर,
भौगोलिक संकेतक और व्ययपयर रहथर्।
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उपरोक्त िेलणर्ों में से प्रत्र्ेक की एक संलक्षप्त समझ।
(iv) अंतरयाष्ट्रीर् सहयर्तय: एजेंलसर्यं; फयर्दे; सीमयएं; पुन: उन्मुख सहयर्तय की आवश्र्कतय; सहयर्तय बनयम
आत्मलनभारतय।
अंतरयाष्ट्रीर् सहयर्तय - फयर्दे और नुकसयन; सहयर्तय के प्रकयर: बंधी और अबंलधत सहयर्तय - प्रत्र्ेक के
ियभ और सीमयएाँ।