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HINDI
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Maximum Marks: 80
Time Allowed: Three hours
(Candidates are allowed additional 15 minutes for only reading the paper.
They must NOT start writing during this time).
Answer Questions 1, 2 and 3 in Section A and four questions from Section B on
any three out of the four prescribed textbooks.
The intended marks for questions or parts of questions are given in brackets [ ].
SECTION A
LANGUAGE - 40 MARKS
Question 1 [15]
Write a composition in approximately 400 words in Hindi on any one of the topics
given below.
किसी एि किषय पर किबन्ध किकिए जो 400 शब्दों से िम ि हो ।
(i) आपको अपने एक करीबी मित्र के घर पर दस ददन रहने एवं उसके पररवार से बहुत
कुछ सीखने का िौका मिला। आपने उसके पररवार से क्या-क्या सीखा, उसका वर्णन
करते हुए मलखखए कि आपको उस पररवार की कौन सी एक बात सबसे अच्छी लगी।
(ii) एक बार हवाई यात्रा के दौरान आपका सट
ू केस ककसी के साथ बदल गया। आपने
अपने सट
ू केस को वापस पाने के मलए क्या ककया? आपको ककन-ककन परे शाननयों
का सािना करना पडा? इसका वर्णन कीजिए।
(iii) "िो घर के बडे बि
ु ग
ु ों की परवाह नहीं करता, संस्कारों को ग्रहर् करने िें पपछड
िाता है" – इस पवषय पर अपने पवचार स्पष्ट करते हुए पवश्व िें बि
ु ग
ु ों की दशा
तथा बढ़ते हुए वद्
ृ धाश्रिों के बारे िें बताइए।
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(iv) "पढ़ाई के मलए स्िाटण फोन की िहत्ता को दे खते हुए पवद्यालयों िें पवद्यार्थणयों को
स्िाटण फोन के इस्तेिाल की अनुिनत दी िानी चादहए" - इस पवषय के पक्ष या
पवपक्ष िें अपने पवचार प्रस्तुत कीजिए।
(v) "िो व्यजक्त अपनी आकांक्षाओं का तीर जितना ऊँचा चलाता है , वह उतना ही सफल
होता है ” - इस कथन को ककसी सफल व्यजक्त के िीवन का उदाहरर् दे ते हुए
मलखखए कक आप अपने िीवन िें इस कथन की साथणकता कैसे मसद्ध करें गे?
(vi) ननम्नमलखखत िें से ककसी एक पवषय पर िौमलक कहानी मलखखए:
(a) 'िाता-पपता के प्यार की कोई तल
ु ना नहीं की िा सकती'
(b) ननम्नमलखखत वाक्य से अन्त करते हुए एक कहानी मलखखए:
“……. और िैं अपनी बेवकूफी पर हँसे बबना न रह सका/सकी।”
Question 2
Read the passage given below carefully and answer the questions that follow, using
your own words in Hindi:
नीचे दिए गए गद्ाांश िो ध््ान से पदिए और अपने शब्िों िा प्र्ोग िरते हुए ननम्नललखित
प्रश्नों िे उत्तर दहांिी में िीजिए:
एक बार एक मशक्षक सम्पन्न पररवार से सम्बन्ध रखने वाले अपने एक युवा मशष्य के
साथ कहीं ननकले। उन्होंने दे खा कक रास्ते िें पुराने हो चुके एक िोडी िूते उतरे पडे हैं, िो
संभवतः पास के खेत िें काि कर रहे ककसी गरीब ििदरू के थे। उन्होंने सोचा कक वह
ििदरू काि पर िाने के पहले िूते वहाँ उतार कर रख गया होगा और अपना काि ख़त्ि
कर घर वापस िाने के सिय पहन कर चला िाएगा।
मशष्य को ििाक सूझा। उसने मशक्षक से कहा, “गुरु िी क्यों न हि ये िूते कहीं नछपा कर
झाडडयों के पीछे नछप िाएँ; िब वह ििदरू इन्हें यहाँ नहीं पाकर घबराएगा तो बडा ििा
आएगा!”
मशक्षक गंभीरता से बोले, “ककसी गरीब के साथ इस तरह का भद्दा ििाक करना ठीक नहीं
है। हिें बेविह ककसी गरीब को सताना नहीं चादहए। ककसी की भावनाओं के साथ खखलवाड
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करना अच्छी बात नहीं। क्यों ना हि इन िूतों िें कुछ मसक्के डाल दें और नछप कर दे खें
कक इसका ििदरू पर क्या प्रभाव पडता है !”
मशष्य ने ऐसा ही ककया और दोनों पास की झाडडयों िें नछप गए। वे उस ििदरू की प्रतीक्षा
करने लगे। वे यह दे खना चाहते थे कक उन मसक्कों को पाकर ििदरू की क्या प्रनतकिया
होगी?
ििदरू िल्द ही अपना काि ख़त्ि कर िूतों की िगह पर आ गया। उसने िैसे ही एक
पैर िूते िें डाला उसे ककसी कठोर चीि का आभास हुआ। उसने िल्दी से िूते हाथ िें मलए
और दे खा कक अन्दर कुछ मसक्के पडे थे। उसे बडा आश्चयण हुआ और वह मसक्के हाथ िें
लेकर बडे गौर से उन्हें अलट - पलट कर दे खने लगा। उसके चेहरे पर खुशी के साथ भय
का भाव भी था।
वह सोचने लगा, "पता नहीं ये मसक्के ककसके हैं? कहीं कोई िुझे चोरी के इल्जाि िें तो
नहीं फँसाना चाहता?"
कफर वह इधर -उधर दे खने लगा। िब दरू -दरू तक कोई नजर नहीं आया, तो उसने मसक्के
अपनी िेब िें डाल मलए। अब उसने दस
ू रा ित
ू ा उठाया, उसिें भी मसक्के पडे थे। ििदरू
भावपवभोर हो गया, उसकी आँखों िें आँसू आ गए, उसने हाथ िोडकर ऊपर दे खते हुए
कहा–
“हे भगवान ्, सिय पर प्राप्त इस सहायता के मलए उस अनिान सहायक का लाख -लाख
धन्यवाद। उसकी सहायता और दयालुता के कारर् आि िेरी बीिार पत्नी को दवा और
भख
ू े बच्चों को रोटी मिल सकेगी।"
ििदरू की बातें सुन मशष्य की आँखें भर आयीं। मशक्षक ने मशष्य से कहा – “क्या तुम्हारी
ििाक वाली बात की अपेक्षा िूते िें मसक्का डालने से तुम्हें कि ख़ुशी मिली?”
मशष्य बोला, “आपने आि िुझे िो पाठ पढ़ाया है, उसे िैं िीवन भर नहीं भूलँ ग
ू ा। आि िैं
उन शब्दों का ितलब सिझ गया हूँ जिन्हें िैं पहले कभी नहीं सिझ पाया था कक लेने
की अपेक्षा दे ना कहीं अर्धक आनन्ददायी है। दे ने का आनन्द असीि है, दे ना दे वत्व है।
सचिुच ककसी को कुछ दे ने से बढ़कर और कोई सुख नहीं है।"
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हिें इस कहानी से मशक्षा लेते हुए अपनी-अपनी क्षिता के अनुसार जरूर कुछ-न-कुछ दान
दे ना चादहए और जरुरत िंदों की हर संभव िदद करनी चादहए! इससे हिें आजत्िक खुशी
मिलती है। इससे िानवता पवकमसत होती है।
(i) मशक्षक अपने मशष्य के साथ कहाँ िा रहे थे? रास्ते िें उन्होंने क्या दे खा? उसे [3]
दे खकर मशष्य के िन िें क्या पवचार आया?
(ii) मशष्य की आँखें क्यों भर आयीं? इस घटना से उसने क्या सीखा? [3]
(iii) दान क्यों दे ना चादहए एवं दान दे ने से हिें क्या मिलता है? [3]
(iv) "आि िेरी बीिार पत्नी को दवा और भूखे बच्चों को रोटी मिल सकेगी।"
(a) इस कथन से वक्ता के ककस भाव का पता चलता है ? [1]
(1) दयालुता का भाव
(2) िानवता का भाव
(3) कृतज्ञता का भाव
(4) दीनता का भाव
(b) वक्ता की आँखों िें आँसू क्यों आए? [1]
(1) भावुकता के कारर्
(2) भूख के कारर्
(3) रोटी मिलने के कारर्
(4) चोरी करने के कारर्
(c) उसने हाथ िोडकर ककसका धन्यवाद ककया? [1]
(1) भगवान का
(2) अनिान सहायक का
(3) मशक्षक का
(4) मशष्य का
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(v) "आपने आि िुझे िो पाठ पढ़ाया है , उसे िैं िीवन भर नहीं भूलँ ग
ू ा।"
(a) मशक्षक द्वारा पढ़ाए गए पाठ से मशष्य का कौन सा दृजष्टकोर् बदला? [1]
(1) दे ने से बढ़कर कोई सुख नहीं है।
(2) दे ने से बढ़कर कोई दख
ु नहीं।
(3) दे ने से बढ़कर कोई कष्ट नहीं है।
(4) छीनने से बढ़कर कोई सुख नहीं है।
(b) 'दृजष्टकोर्' शब्द का अथण मलखखए। [1]
(1) नजर
(2) नजररया
(3) दे खना
(4) ननगाहें
(c) “आपने आि िुझे िो पाठ पढ़ाया है , उसे िैं िीवन भर भूलँ ग
ू ा नहीं।” [1]
रे खांककत शब्द के मलए एक शब्द मलखखए।
(1) आिन्ि
(2) आिीवन
(3) आिरर्
(4) आजिन्दगी
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Question 3
(A) Correct the following sentences and rewrite as per the instructions given:
ननम्नमलखखत वाक्यों को ननदे शानस
ु ार किकिए:
(i) ननम्नमलखखत वाक्य का शुद्ध रूप मलखखए। [1]
यह सुनकर िैं पवस्िय हुआ।
(ii) ररक्त स्थान िें सही शब्द भररए। [1]
गुलाब के ________ पर िैंने कई फूल दे खे।
(iii) ननम्नमलखखत वाक्यों िें से शुद्ध वाक्य का चयन कीजिए। [1]
(a) यह तो वही बात हुई 'िैसी लाठी वैसी भैंस'।
(b) यह तो वही बात हुई 'जिसकी लाठी उसकी भैंस'।
(c) यह तो वही बात हुई 'जिसकी भैंस उसकी लाठी'।
(d) यह तो वही बात हुई 'जिसका लाठी उसका भैंस'।
(iv) ननम्नमलखखत वाक्यों िें से अशुद्ध वाक्य का चयन कीजिए। [1]
(a) आपका एक-एक शब्द प्रभावशाली है।
(b) इस वषण गेहूँ की फ़सल अच्छी हुई।
(c) ऐनतहामसक घटनाएँ अपने पीछे अपनी यादें छोड िाती हैं।
(d) आपसे मिलकर िुझे अनत प्रसन्नता हुई।
(v) ननम्नमलखखत वाक्य िें रे खांककत शब्द के मलए सही शब्द का चयन कीजिए। [1]
प्रधानाचायण ने बच्चों को प्रशजस्त पत्र अपपणत ककया।
(a) सिपपणत
(b) प्रत्यापपत
(c) सत्यापपत
(d) प्रदान
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(B) Use the Idioms in the sentences as per the instructions given:
ननदे शानुसार िुहावरों का वाक्यों िें प्रयोग कीजिए:
(i) ननम्नमलखखत िुहावरे से वाक्य बनाइए। [1]
हाथ-पाँव फूल िाना।
(ii) ननम्नमलखखत िह
ु ावरे को शद्
ु ध कीजिए। [1]
अंग-अंग गीला होना।
(iii) ननम्नमलखखत वाक्य िें ररक्त स्थान की पूनतण के मलए एक सटीक िुहावरे [1]
का चयन कीजिए ।
रिा ने अपनी पढ़ाई पूरी करते ही, नौकरी के मलए __________ शुरू कर
ददया।
(a) घास काटना।
(b) दौड-धूप करना।
(c) िुँह की खाना।
(d) नाकों चने चबाना।
(iv) ननम्नमलखखत वाक्य के मलए एक सटीक िुहावरे का चयन कीजिए। [1]
सोहन के सािने अचानक एक शेर आ गया जिसे दे खकर वह बहुत भयभीत
हो गया।
(a) खून सूख िाना।
(b) खून िें उबाल आना।
(c) खून ठण्डा पड िाना।
(d) खून सफेद होना।
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(v) ननम्नमलखखत िुहावरे के सही अथण का चयन कीजिए। [1]
दाल न गलना।
(a) ककसी काि िें पवघ्न आना।
(b) दाल न पकना।
(c) काि खराब होना।
(d) युजक्त सफल न होना।
SECTION B
LITERATURE - 40 MARKS
Answer four questions from this section on any three out of the four prescribed
textbooks.
पाठ््क्रम में ननर्ााररत चार पुस्तिों में से किनहीां तीन पुस्तिों िे चार प्रश्नों िे
उत्तर इस भाग से िीजिए ।
गद्य सि
ं िि (Gadya Sankalan)
Question 4
"खबरदार, िो उसे छुआ। नीचे उतरो, नहीं तो तुम्हारा मसर चूर ककए दे ता हूँ। वह िेरी शरर्
आया था।"
(i) उक्त पंजक्तयों से सम्बजन्धत पाठ तथा लेखक का नाि मलखखए। [1]
(ii) शरर् िाँगने वाला व्यजक्त कौन था? उसे शरर् क्यों चादहए थी? सिझाकर मलखखए। [2]
(iii) यहाँ ककसका मसर चरू करने की बात हो रही है और क्यों? क्या वक्ता ने उसका मसर [2]
चरू ककया? सिझाकर मलखखए।
(iv) पाठ के आधार पर भारतीय संस्कृनत से कोई एक उदाहरर् दे कर शरर्ागत वत्सलता [5]
पर अपने पवचार प्रस्तुत कीजिए।
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Question 5
'सती' कहानी िें लेखखका मशवानी ने िदालसा के िाध्यि से एक ऐसी स्त्री का वर्णन ककया [10]
है िो अपनी छल-फरे ब की प्रकृनत से िानवता को शिणसार करती है।क्या आप इस कथन
से सहित हैं? कहानी के आधार पर अपने पवचार व्यक्त कीजिए।
Question 6
‘संस्कृनत क्या है?’ पाठ िें लेखक ने ककन लक्षर्ों का उल्लेख कर संस्कृनत को सिझाने का [10]
प्रयत्न ककया है? सिझाकर मलखखए तथा यह भी बताइए कक ककस दृजष्टकोर् से भारत और
भारतीय संस्कृनत िहान है?
िाव्य मंजरी (Kavya Manjari)
Question 7
“भाग्यवाद आवरर् पाप का और शस्त्र शोषर् का,
जिससे रखता दबा एक िन से भाग दस
ू रे िन का।
पूछो ककसी भाग्यवादी से,यदद पवर्ध-अंक प्रबल है ,
पद पर क्यों दे ती न स्वयं वसध
ु ा ननि रतन उगल है ?”
(i) भाग्यवाद को पाप का आवरर् क्यों कहा गया है? [1]
(ii) कपव ने ककसे शोषर् का शस्त्र कहा है और क्यों? सिझाकर मलखखए। [2]
(iii) आप 'पवर्ध-अंक' और 'परू
ु षाथण' िें से ककसे प्रबल िानते हैं? उदाहरर् द्वारा अपनी [2]
बात को पुष्ट कीजिए।
(iv) 'यह संसार उद्यिी लोगों के बल पर ही चलता है, और सुख पाता है।' इस पंजक्त [5]
की तकण सदहत व्याख्या कीजिए।
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Question 8
‘कबीर की वार्ी अज्ञानता के अंधकार से ननकाल कर ज्ञान के सच्चे प्रकाश की ओर ले [10]
िाती है।’ 'साखी' पाठ के आधार पर इस कथन की सिीक्षा कीजिए।
Question 9
'नदी के द्वीप' एक प्रतीकात्िक कपवता है। कपवता के प्रतीकों को स्पष्ट करते हुए उनके [10]
पारस्पररक सम्बन्धों पर प्रकाश डामलए। आि के सन्दभण िें कपवता की प्रासंर्गकता पर
अपने पवचार मलखखए।
सारा आिाश (Sara Aakash)
Question 10
"क्यों रे सिर, तूने तो शायद दस तारीख से काि करना शुरू ककया था?"
(i) उक्त कथन का वक्ता कौन है?उसने श्रोता से यह प्रश्न क्यों ककया था? [1]
(ii) श्रोता ने इसका क्या िवाब ददया? श्रोता की बातें सुनकर वक्ता ने ककस प्रकार अपनी [2]
प्रनतकिया व्यक्त की?
(iii) क्या आपके पवचार से वक्ता की प्रनतकिया उर्चत थी? यदद आप वक्ता की िगह [2]
होते, तो आपकी क्या प्रनतकिया होती? तकण सदहत उत्तर दीजिए।
(iv) उस वक्त श्रोता की िनःजस्थनत कैसी थी? उसकी इस िनःजस्थनत का क्या कारर् [5]
था?क्या वह पररजस्थनत िन्य थी या उसका स्वभाव ही ऐसा था? सिझाकर उत्तर
मलखखए।
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Question 11
रािेन्र यादव िी ने अपने पवचारों तथा िान्यताओं को वार्ी दे ने के मलए 'सारा आकाश' [10]
उपन्यास िें जिस पात्र का सि
ृ न ककया है, वे हैं मशरीष भाई साहब। उक्त कथन को
उदाहरर्ों द्वारा स्पष्ट करते हुए मशरीष भाई साहब का चररत्र र्चत्रर् कीजिए।
Question 12
सिर ने प्रभा की चूडडयाँ क्यों तोडीं? उस सिय उसकी िनोदशा कैसी थी? सिर के इस [10]
कृत्य के पीछे उसकी पवकृत िानमसकता थी या कोई और कारर् था? अपने पवचार प्रकट
कीजिए।
आषाढ़ िा एि कदि (Ashad Ka Ek Din)
Question 13
"िैं िानती हूँ तुि पर आि अपना अर्धकार भी नहीं है। ककन्तु… इतना बडा अपवाद िुझसे
नहीं सहा िाता है।"
(i) उक्त कथन ककसने, ककससे कहा? दोनों के िध्य क्या ररश्ता है? [1]
(ii) वक्ता यहाँ ककस अपवाद की बात कर रही है? वह इसे अपवाद क्यों कहती है ? तकण [2]
सदहत उत्तर दीजिए।
(iii) वक्ता को अपने घर पर ककसका आना अच्छा नहीं लगता था और क्यों? क्या घर [2]
आए व्यजक्त के प्रनत उसका यह व्यवहार उर्चत था? अपने पवचार मलखखए।
(iv) 'वक्ता भावक
ु होने के साथ-साथ एक सिझदार और यथाथणवादी स्त्री है ' - इस कथन [5]
की पुजष्ट सन्दभण के आधार पर कीजिए।
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Question 14
'िोहन राकेश' ने अपने नाटक का शीषणक 'आषाढ़ का एक ददन' क्यों रखा? शीषणक की [10]
साथणकता मसद्ध करते हुए बताइए कक इस नाटक का क्या कोई और शीषणक रखा िा सकता
था?यदद हाँ, तो तकण सदहत प्रिाखर्त कीजिए।
Question 15
"आपके कारर् िैं थकूँगा? िुझे आप ददन-भर पवणत-मशखर से खाई िें और खाई से पवणत- [10]
मशखर पर िाने को कहती रहें , तो भी िैं नहीं थकूँगा। िातुल का शरीर लोहे का बना है,
लोहे का।" उक्त कथन के आधार पर िातुल का चररत्र र्चत्रर् कीजिए और यह भी स्पष्ट
कीजिए कक िातुल की इस नाटक िें क्या भूमिका है ?
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