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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 9th
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Book : Arthshastra Ncert Solutions | Chapter - 4 Social Science - Economics
Class : 9th
Subject : अथशा
Chapter : 4
Chapter Name : भारत म खा य सरु ा
Q1 भारत म खा य सरु ा कैसे सु नि चत क जाती है ?
Answer. 1943 के बंगाल म अकाल के बाद से भारत ने खा य सरु ा सु नि चत करने के लए अनेक
कदम उठाए-
सबसे पहले भारत म खा या न के उ पादन म आ म नभर बनने के लए आयात को कम कया और
ह रत ां त का सहारा लया। इससे गेहूं व चावल के उ पादन म अनाशातीत व ृ ध हुई।
अ धशेष खा या न को भारतीय खा य नगम जमा करके रखता है , ता क ज रत के समय उसका
इ तेमाल हो सके।
ज रतमंद तक उ चत क मत पर खा या न पहुंचाने के लए पीडीएस यव था म अनेक कार बदलाव
लाए गए व उसे अ धक से अ धक लोग तक पहुंचाया गया है ।
अनेक सहकार स म तय यथा मदर डेयर , अमल ू के मा यम से भी खा य सरु ा को बल मल रहा है
इस कार खा य सरु ा को भारत म सु नि चत कया जाता है ।
Q2 कौन लोग खा य सरु ा से अ धकृत हो सकते ह?
Answer. भारत म तो हालां क काफ लोग खा य असरु त ह, परं तु कुछ लोग ऐसे ह जो वशेष प से
अ धक भा वत होते ह-
भू मह न लोग- इन लोग के पास कम जमीन होने के कारण आय का नि चत ोत नह ं होता।
पारं प रक द तकार- जो पारं प रक ग त व धय पर ह नभर रहकर आजी वका कमाते ह।
छोटे -मोटे काम करने वाले कामगार लोग।
अनाथ- िजनक दे खरे ख के लए कोई नह ं होता।
भखार - जो दस ू र क दान पर नभर रहते ह।
वे लोग भी जो अ नय मत मौसमी काम म लगे रहते ह।
Q3 भारत म कौनसे रा य खा य असरु ा से अ धक त ह?
Answer. बंगाल के अकाल के बाद हालां क फर कभी भारत को वैसी ि थ त नह ं दे खनी पड़ी, परं तु फर
भी भारत म अनेक ऐसे रा य, वशेषकर िजले ह, जो खा य असरु त ह।
उड़ीसा के कालाहांडी व काशीपरु , राज थान के बाराँ, झारखंड के पालामू से हमेशा ऐसी खबर आती रहती
ह िजनम लोग भख ू के कारण मरते ह। पव ू उ र दे श, बहार, झारखंड, उड़ीसा, पि चम बंगाल,
छ ीसगढ़, म य दे श और महारा म भी अ धक खा य असरु ा है ।
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Q4 या आप मानते ह क ह रत ां त ने भारत को खा या न म आ म नभर बना दया है ? कैसे?
Answer. वतं ता के बाद खा या न उ पादन म आ म नभर बनने हे तु ह रत ां त भारत का एक बड़ा
कदम था। ी एम. एस. वामीनाथन को भारत म ह रत ां त का जनक कहा जाता है । ां त से पव ू
भारत अमे रका व अ य दे श से आया तत खा या न पर नभर होता था। वशेषकर गेहूं और चावल पर।
ां त के बाद गेहूं और चावल का उ पादन बेहद अ धक हो गया, और भारत ने इनका आयात करना बंद
कर दया। ह रत ां त के बाद हालां क भारत म आपदाओं के समय अकाल जैसी प रि थ तयां खड़ी हुई
पर खा या न म आ म नभरता के चलते भारत उन प रि थ तय का मक ु ाबला कर सका।
कुछ आलोचक का मानना है क हालां क भारत को खा या न म ह रत ां त ने आ म नभर बनाया पर
यह आ म नभरता वशेषकर कुछ रा य के हत म ह रह । यथा गेहूं उ पादन म पंजाब व उ र दे श को
ह यादा फायदा मला और चावल क खेती म उ र दे श और पि चम बंगाल को। उनका यह कहना है
क ह रत ां त का लाभ सभी रा य को एक समान मलना चा हए।
Q5 भारत म लोग का एक वग अब भी खा य से वं चत है । या या क िजए।
Answer. भारत म कई े म एक वग ऐसा भी है जो खा य से वं चत रहता है । इनम आ दवासी
समद ु ाय, म हलाएं और ब चे शा मल ह।
अनसु ू चत जा त, जनजा त और अ य पछड़ी जा तय के पास जमीन कम होती है या जो होती है उसक
उ पादकता कम होती है ।
म हलाएं कुपोषण का शकार हो जाती ह िजससे अ य प से ब चे भी कुपो षत हो जाते ह।
इसके अलावा अनाथ, भखार , पारं प रक द तकार और वे लोग िजनके पास परू े साल नय मत काम नह ं
होता है वे खा य से वं चत रह जाते ह।
Q6 जब कोई आपदा आती है तो खा य पू त पर या भाव होता है ?
Answer. ाकृ तक आपदाएँ यथा बाढ़ सख ू ा खा य पू त को अ यंत भा वत करती ह-
सख
ू े के कारण उ पादन म कमी आती है ।
भा वत े म अ धक खा या न क मांग बढ़ती है ।
कम उ पादन और यादा मांग के कारण क मत बढ़ जाती ह।इस कारण काफ लोग अब खा य व तओ
ु ं
को नह ं खर द पाते।
इससे भख ु मर बढ़ती है और पन
ु ः अकाल क सम या भी पैदा हो सकती है ।
Q7 मौसमी भखु मर और द घका लक भख ु मर म भेद क िजए?
Answer. भख
ु मर के दो आयाम होते ह- मौसमी और द घका लक। इनम अंतर इस कार है -
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द घका लक भख
ु मर
मौसमी भख
ु मर
यह मा ा और गुणव ा के आधार पर अपया त भोजन के कारण होती है ।
यह परू फसल या म फेरबदल के कारण होती है ।
गर ब लोग अपनी कमाई के कारण खा य पदाथ नह ं खर द पाते, और इस भख
ु मर का शकार हो जाते
ह।
यह मौसमी कृ त के कारण व नगर म अ नय मत म के कारण होती है ।
Q8 गर ब को खा य सरु ा दे ने के लए सरकार ने या कया? सरकार क ओर से शु क गई क ह दो
योजनाओं क चचा क िजए।
Answer. सरकार ने अनेक योजनाओं व काय म के मा यम से गर ब को खा य सरु त करने का
सफल यास कया है । सरकार क इन को शश को हम न न ल खत दो मह वपण ू योजनाओं से समझ
सकते ह-
ल त सावज नक वतरण णाल -
सरकार ने वैसे तो 1992 म सावज नक वतरण णाल शु क थी। परं त,ु उसे और पारदश व लाभकार
बनाने क दशा म 1997 म ल त सावज नक वतरण णाल आरं भ क ।
इसका ल य सभी े के गर ब को लाभ पहुंचाना था।
यह पहल बार था, जब सरकार ने अ य धक गर ब और कम गर ब तथा अमीर के लए अलग-अलग
क मत तय क थी।
अं योदय अ न योजना-
वष 2000 म ारं भ हुई इस योजना से सरकार ने गर ब म जो अ यंत गर ब थे, उनके लए और भी कम
क मत पर खा या न मह ु ै या करवाया।
वतमान म करोड़ लोग इसका लाभ ले रहे ह और कम क मत पर अनाज ा त कर रहे ह।
Q9 सरकार बफर टॉक य बनाती है ?
Answer. बफर श द का मतलब तरोधक होता है । बफर टॉक का काम कसी अ या शत प रि थ त
का तरोध करना होता है । भारत म भारतीय खा य नगम बफर टॉक क दे खरे ख करता है । जहां भी
आव यकता से यादा गेहूं, चावल पैदा होता है उसे पहले से नधा रत क मत पर खर द कर भंडा रत कर
लया जाता है । सरकार ऐसा इस लए करती ह ता क-
जहां अनाज क कमी हो, वहां पू त हो सके।
गर ब लोग को कम क मत पर अनाज मल सके।
आपदा के समय अनाज क सम या से नजात मल सके।
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Q10 ट पणी लख-
यन
ू तम सम थत क मत
बफर टॉक
नगम क मत
उ चत दर क दक ु ान
Answer.
यनू तम सम थत क मत - जब सरकार कसान क अ धशेष फसल को बव ु ाई से पहले घो षत हुए मू य
पर खर दती है , उस मू य को यन ू तम सम थत क मत कहते ह।
बफर टॉक- अ धशेष उ पादन से एक हुआ टॉक, िजसे सरकार वशेष प रि थ तय हे तु संर त
करती है , उसे बफर टॉक कहते ह ।
नगम क मत- जब सरकार बाजार से कम क मत पर अनाज ज रतमंद को बेजती है , उस क मत को
नगम क मत कहते ह।
उ चत दर क दक ु ान- वह दक
ु ान जो सरकार वारा भारतीय खा य नगम के अनाज को बेचने के लए
अ धकृत होती ह। इ ह आम भाषा म राशन क दक ु ान भी कहते ह।
Q11 राशन क दक ु ान के संचालन म या सम याएं ह?
Answer. सरकार ने ज रतमंद को बाजार से कम क मत पर अनाज बेचने के लए उ चत मू य क
दक
ु ान खोल ह, परं तु वतमान समय म उनके संचालन म अनेक सम याएं भी ह जो इस कार ह-
कालाबाजार - दक
ु ान के संचालक सरकार खा या न को अ धक क मत म बाजार म बेच दे ते ह। इससे
वह उनके हक़दार को नह ं मल पाता।
घ टया अनाज- कई बार मलावट और कम गण ु व ा वाला अनाज बकने क भी शकायत आती ह।
अ नय मत प से दक ु ान का खोलना- इससे लोग को समय पर खा य पदाथ क आपू त नह ं मलती।
आधार से मलान ना होना- वतमान समय म एक नई सम या आ गई क लोग क उं गल के नशान ना
मलने के कारण उ ह राशन से वं चत रखा गया।
Q12 खा य और संबं धत व तओ ु ं को उपल ध कराने म सहकार स म तय क भू मका पर एक ट पणी
लख।
Answer. द ण व पि चम भारत के कुछ इलाक म सरकार स म तयाँ गर ब लोग को खा या न क
ब के लए कम क मत वाल दक ु ान खलु ती ह। इनके मखु उदाहरण- त मलनाडु म सहकार दक
ु ान,
द ल म मदर डेयर और गुजरात म अमल ू ह।
इन स म तय वारा संचा लत दक ु ान म उ च गुणव ा का सामान कम क मत पर मलता है । अमल ू ने
तो द ु ध उ पाद के सहारे भारत म वेत ां त लाने म अभत ू पव
ू योगदान दया है ।
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ये स म तयां रोजगार सजन का काम भी करती ह। इससे लोग क खर दार करने क मता म भी व ृ ध
होती है और वह भी खा य सरु त बनते ह। इस कार सहकार स म तयां खा य सरु ा म सरकार के
साथ कदम से कदम मलाकर वशेष भू मका नभाती ह।
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