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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 11th
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Class : 11th
Subject : History
Chapter : 3
Chapter Name : तीन महा वीप म फैला हुआ सा ा य
Q1 य द आप रोम सा ा य म रहे होते तो कहां रहना पसंद करते नगर म या ामीण े म? कारण बताइए।
Answer. रोमन सा ा य भौगो लक सीमाओं क ि ट से से काफ व तत ृ था। इसम पि चमी ए शया तथा उ र
अ का का बहुत बड़ा उवर ह सा और अ धकांशतः यरू ोप शा मल था। नि चत प से य द म रोमन सा ा य म
रहा होता नगर म रहना पसंद करता इसके अनेक कारण है , जैसे - नगर क सामािजक संरचना, मौ लक
सु वधाएं, सरु ा, श ा, शासन- णाल , खा य-पदाथ क आपू त, प रवहन-यातायात, संपक आ द जैसी
आव यकताओं क पू त बना कसी अवरोध के हो सकती।
Q2 इस अ याय म उि ल खत छोटे शहर बड़े नगर समु और ांत क सच ू ी बनाइए और उ ह न शे पर खोजने
क को शश क िजए या आप अपने वारा बनाई गई सचू ी म संक लत क ह ं तीन वषय के बारे म कुछ कह
सकते ह?
Answer. अ याय म उि ल खत उपरो त बंद ु इस कार ह -
. छोटे शहर और बड़े नगर – सकंद रया (अले ज या), एंट ऑक, काथज, कु तन ु तु नया, बगदाद, इराक,
अफगा न तान आ द।
. समु - भमू य सागर, कैि पयन सागर, टरे नयन सागर, ए या टक सागर, काला सागर, लाल सागर।
. ा त - यन ू ी शया, मे सडो नया, गॉल, ह पै नया, बेट का इ या द।
.न दयाँ-नील ,फरात,राईन,डे यब ू आद
तीन वषय के बारे म-
1- शहर-रोमन सा ा य म नगर क वशेष मह वता व भू मका थी|कई मक ु नगर उनक वशेषताओं के कारण
जाने जाते थे |
2-नद -राईन नद व डे यब ू नद रोमन सा ा य म इस लए मह वपण ू थी य क वह सीमा नधारण का काय
करती थी|
नोट: मान च का काय छा वयं कर|
Q3 क पना क िजए क आप रोम क एक हणी ह जो घर क ज रत क व तओ
ु ं क खर दार क सच
ू ी बना रह ह
अपनी सच
ू ी म आप कौन-कौन सी व तएु ं शा मल करगी?
Answer. रोमन सा ा य मानव इ तहास क उ कृ ट स यता का यापक उदाहरण है , ऐसे म य द इस दौर क घर
क ज रत क सच ू ी एक हणी के अनु प बनाई जाए उसने मख
ु प से - खा य पदाथ म म खन, मांस, रोट ,
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चीनी, शराब, जैतन
ू का तेल। व आ द म गहने, प रवार के लोग के कपड़े और रोजमरा क चीज म साबन
ु झाड़ू,
औषधी, खलौने, धातु के सजावट सामान इ या द शा मल कए जा सकते ह।
Q4 आपको या लगता है क रोमन सरकार ने चांद म मु ा को ढालना य बंद कर दया होगा वह स क के
उ पादन के लए कौन सी धातु का योग करने लगे?
Answer. स ाट कांसटे नटाइन वारा सोने के स क का चलन कया गया। उसने ‘सॉ लडस’ नाम का शु ध
सोने का स का चलाएं। िजसका वजन 4.5 ाम था। रोमन सा ा य म धातओ ु ं म सोने का वशेष चलन पहले
से चला आया था इसके पव ू रोमन सा ा य म चांद के स के भले ह चलन म थे कंतु व वध ोत से चांद क
आपू त परू ना हो पाने के कारण इनको बंद कर दया गया,खासकर जब पेन से क खान से चांद मलना बंद हो
गया तो वहां से चांद का आयात बंद कर दया गया । चांद के स क म ‘द ना रयस’ मख ु स का था।
Q5 अगर स ाट ाजान राजा भारत पर वजय ा त करने म वा तव म सफल होते और रोमवा सय का इस दे श
पर अनेक स दय तक क जा रहा होता तो आप या सोचते ह क भारत वतमान समय के दे श से कस कार
भ न होता?
Answer. माकस उल पयस नवा ाजान 98 ईसवी से लेकर 117 ईसवी तक रोमन सा ा य का स ाट रहा,
115-16 ईसा के आस-पास व वह फरात नद के रा ते पा थयन क राजधानी टे सफ़हून पहुंचा और फर वहां से
फारस क खाड़ी तक पहुंच गया। नि चत प से उसके मन म भारत वजय क लालसा थी। इस संदभ म
इ तहासकार कै शयस डपो का कहना है 'वह भारत क ओर जाने वाले कसी वा ण य पोत को लाला यत नजर से
दे ख रहा था और चाह रहा था क काश वह सकंदर जैसा जवान होता'।
इस आ मण से त काल न भारत क सां कृ तक सामािजक राजनी तक एवं आ थक प रि थ तय म काफ
प रवतन होता िजसके प रणाम आधु नक भारत म भी दखाई पड़ते। कसी भी शासक के वारा विजत दे श को
अपने सा ा य म मलाने के उपरांत वह उसके अ धकार े म आ जाता है इस लए उसक शास नक नी तयां
उस भ-ू भाग के वतमान और भ व य को दशा दे ती ह। य द आ मण सफल रहता तो भारत और रोम क
स यताओं का एक म त प वतमान भारत म दे खने को मलता। इसम नि चत प से भारतीय परं पराओं का
लोप होता और रोमन तौर-तर क का यापक म ण। हमार वेशभष ू ा, खानपान, रहन-सहन, समाज, भाषा,
राजनी त, सा ह य, ान- व ान, और धम जैसी सं थाओं म प रवतन नि चत थे। इसका उदाहरण हम आगे हुए
अनेक वदे शी आ मण के प म दे ख सकते ह। िजसम संघष के उपरांत सामािजक, सां कृ तक, राजनी तक एवं
आ थक ह तानांतरण दो स यताओं के म य आज भी दे खे जा सकते ह।
िजस समय म (115-16) ाजान भारत अ भयान क योजना बन रहा था, उस दौर म एंट ऑक भयंकर भक ू ं प से
पी ड़त था। नि चत प से भारत क सम ृ ध उवर भू म एवं अ य ाकृ तक संसाधन का दोहन ह राजन का
मु य उ दे य रहा होगा। अतः यह कहा जा सकता है क य द यह आ मण होता तो भारतीय समाज और सं कृ त
का आधु नक प पथ ृ क होता।
Q6 अ याय को यानपवू क पढ़कर उसम से रोमन समाज और अथ यव था को अपनी ि ट म आधु नक दशाने
आने वाले आधारभत
ू अ भल ण चु नए।
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Book : Vishwa Itihaas Ke Kuch Vishay Ncert Solutions | Chapter - 3 Social Science History
Answer. रोमन सा ा य क सामािजक यव था और अथ यव था को उ कृ ट दशाने वाले आधारभत ू
अ भल ण न न बंदओ ु ं म प ट प से सामने आते ह-
सामािजक यव था - रोमन सा ा य भौगो लक सीमाएं काफ व तत ृ थीं। ऐसे म सामािजक संगठन के न म
म बंधन का व श ट ावधान कया गया था। इ तहासकार ट सीएस ने ारं भक सा ा य के मख ु सामािजक
समह ू म - सीनेटर, अ वारोह और कमीनका तीन वग बांटे ह। आगे सीनेटर और अ वारोह मलकर अ भजात
वग म प रव तत हो गए और इ ह ं से म यमवग या नौकर और सै य सेवा म शा मल लोग का समाज नकला।
रोमन सा ा य म दास का चलन बड़े तर पर दे खा जाता है । समाज म ी और पु ष को समान अ धकार
ा त थे, ववाह क उ नि चत थी एवं पता क संप पर पहला अ धकार उसक पु ी का होता था।
अथ यव था - रोमन सा ा य का आ थक ढांचा काफ मजबत ू था इसम सा ा य के व वध बंदरगाह, खदान ,
जैतनू क फै ि य आ द क सं या उन दन औ यो गक तर क थी। इसके अलावा कृ ष उ पाद का
आयात- नयात भी हुआ करता था। जैतन ू का तेल इसम मख ु त व था। इसके अलावा पेन क सोने और चांद क
खान म अ य ख नज का उ खनन कया जाता था। यह उ पादन काफ उ च तर पर कया जाता था।
अथ यव था क उ न त का तर रोमन सा ा य क त काल न ब कंग- यव था और धन का यापक प से
योग इन बात से प ट होता है । पाँचवीं शता द के ारि भक काल के इ तहासकार ओ लं पयोडोरस जो क एक
राजदत ू भी था, उसके अनस ु ार रोम नगर म रहने वाले कुल न प रवार को उनक संपदाओं से 4000 पाउं ड सोने के
बराबर पण ू मन ु ाफ़ा होता था।
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