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NCERT
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CLASS - 11th
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Book : Vishwa Itihaas Ke Kuch Vishay Ncert Solutions | Chapter - 2 Social Science History
Class : 11th
Subject : History
Chapter : 2
Chapter Name : लेखन काला और शहर जीवन
Q1 आप यह कैसे कह सकते ह क ाकृ तक उवरता और खा य उ पादन के उ च तर ह आरं भ से शहर करण के
कारण थे?
Answer. मानव स यता के वकास के म को दे खा जाए तो यह नि चत प से प ट होता है क स यता के
वकास म गाव के बाद शहर क थापना हुई। ामीण स यता आरं भ से ह ाकृ तक उवरता और खा य-पदाथ
के उ च उ पादन के क रह है । कृ ष और पश-ु पालन इस म म मह वपण
ू कड़ी ह। जब क शहर क थापना इन
सभी काय को यापक तर पर करने के उ दे य से हुई। इस लए अ धकांश ाचीन शहर न दय के कनारे बसे या
बसाये गये। इसके अलावा शहर क यव था ज टल होने के कारण और जन घनत व अ धक होने से यहाँ समाज,
संचार, यापार, कला और प रवहन क व वध अवधारनाएं वक सत हु । मेसोपोटा मया इसका ारं भक उदाहरण
ह।
शहर के वकास म ाकृ तक उवरता का थान मह वपण ू इस लए भी है य क शहर को उ ह जगह बसाना
उ चत माना जाता रहा है जहाँ पानी क उपल धता हो|पानी क वजह से कृ ष और अ य यवसाय को सच
ु ा प से
चलने म सहायता मलती थी|साथ ह ,शहर म घर बसाने के लए भी पानी मल ू आव यकता थी|
ले कन,इस बात को नाकारा नह ं जा सकता क शहर करण के लए रोज़गार के व भ न अवसर,प रवहन के साधन
और मक के लए लगातार काय क उपल धता होना भी मु य भू मका नभाते ह|
Q2 आपके वचार म न न ल खत म से कौन सी आव यक दशाएँ थीं िजनक वजह से ार भ म शहर करण हुआ
था और न न ल खत म से कौन कौन सी बात शहर के वकास के फल व प उ प न हु ?
(क) अ यंत उ पादक खेती, (ख) जल-प रवहन, (ग) धातु और प थर क कमी (घ) म वभाजन, (ङ) मु ाओं का
योग, (च) राजाओं क सै य शि त िजसने म को अ नवाय बना दया।
Answer. ारि भक शहर करण म नि चत प से न न ल खत सभी दशाओं का योग था। इसम से कुछ
शहर करण के लए उ ेरक स ध हुई और कुछ के लए शहर करण। इन दशाओं को न न ब दओ
ु ं के समझा जा
सकता है –
अ यंत उ पादक खेती – स य मानव ने खेती को अपनी खा य आपू त का मु य साधन बना लया था, ऐसे म
शहर के नमाण के लए उपजाऊ भू म का चयन आव यक था जहां वह ृ त और यावसा यक तर पर खेती क जा
सके। शहर का जनघन व गाव क तल ु ना म कह ं अ धक था इस लए भी खा य आपू त के लए खेती का अ यंत
उवर होना आव यक था।
जल-प रवहन – जल मानव क बु नयाद ज रत म से एक है । शहर क थापना और वकास के लए नि चत
प से थायी जल ोत क आव यकता थी। इसके साथ ह कृ ष उ पादन म भी जल क नय मतता से मानव
भल -भां त प र चत था। जल क उपल ता के साथ ह उसके प रबहन के साधन का वकास भी शहर करण क
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न म हुआ इसम संदेश नह ं है । मेसोपोटा मया म शहर के म य से गज
ु रने वाल जल धाराएँ इसका व श ट
उदाहरण ह।
धातु और प थर क कमी – प थर और धातए
ु ं शु आत से मानवीय स यता के शु आत से ह उसक मौ लक
आव यकताओं म गने जाते ह। प थर औज़ार और आ य नमाण के लए आव यक ह जब क धातए ु ं आभष
ू ण,
बतन एवं अ य कई कार के योजन म यु त होती ह। इनक बहुलता शहरो क अपे ा ामीण े म अ धक
थी, क तु शहर के नमाण म इनक खपत इनके वह ृ त उ पादन का कारण बनी। इससे यापार और प रवहन के
साधन भी वक सत हुए।
म वभाजन – शहर क संरचना ामीण बि तय क तल ु ना म ज टल थी, ऐसे म यि तगत म गौड़ हो जाता
है । शहर के वकास और संचालन के लए म वभाजन क आव यता पड़ती है । म वभाजन से समहू बोध क
भावना को बल मला ह साथ ह शहर का सामािजक प र य भी बदला।
मु ाओं का योग – शहर करण के वकास और व वध उ योग के चलन के प रणाम व प मु ाओं क
अवधारणा का वकास हुआ। मु ाओं ने मानवीय लेन-दे न को सहज और सल
ु भ बनाकर यापार और उ योग क
संभावनाओं क व तार दया।
राजाओं क सै य शि त िजसने म को अ नवाय बना दया – शहर एक सु यवि थत समािजक संगठन क
आधार शला पर वक सत हुए थे। आगे इस समाज म राजा और उसी सेना का गठन भी इस यव था को सच
ु ा
और बना कसी अड़चन के चलाने के न म हुआ। इससे म क अ नवायता नि चत हुई और शहर करण को
था य व मला
Q3 यह कहना य सह होगा क ख़ानाबदोश पशच
ु ारक नि चत प से शहर जीवन के लए खतरा थे ?
Answer. ख़ानाबदोश पशच ु ारक कसी सामािजक संगठन का ह सा नह ं थे। भोजन और अ य संसाधन क खोज
म वह एक थान से दस ू रे थान तक ायः भटकते रहते थे। ऐसे म उनक जीवन-शैल म था य व और
सामािजक मू य का अभाव न हत था। मार रा य से ा त अ भलेख से यह प ट है क पशच ु ारक और
खानाबदोश जा तय के शहर म वेश पर तबंध नह ं था ले कन फर भी उनके या कलाप पर नजर रखी
जाती थी। उनके पशु और वयं वे भी ायः फसल और अ य संसाधन को नक ु सान पहुँचाते थे। पशचु ारक के
कारण आम लोग के उपयोग म आने वाले साधन क कमी होने लगती थी|वह उनके साधन जैसे खेत,घास,पानी
आ द का इ तेमाल करते थे|कुछ ऐसी घटनाओं क जानकार भी मलती है जैसे क खानाबदोश पशच ु ारक आम
लोग को कई तरह नु सान पहुंचाते थे |अतः यह कहा जा सकता है क ख़ानाबदोश और पशच ु ारक समाज शहर
ढांचे म फट नह ं बैठते थे।
Q4 आप ऐसा य सोचते ह क परु ाने मं दर बहुत कुछ घर जैसे ह ह गे ?
Answer. शु आत म शहर का गठन तीन प म सामने आता है , पहले वे जो मं दर के चार तरफ वक सत हुए,
दस ू रे वे जो यापार के क थे और अ य शाह शहर। मं दर बहुत कुछ घर जैसे ह होते थे। यह ायः एक छोटे से
दे वालय के प म वक सत हुए थे िजसमे खल ु े आँगन के चार तरफ कुछ कमरे हुआ करते थे। यह परू ा ढांचा
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क ची-प क ट का बना होता था और काफ हद तक घर से मलता-जल ु ता था। आज भी मं दर को दे वताओं के
घर क सं ा भी द जाती है । सामा य घर और मं दर के आरं भक ढांच म जो मल ू भतू अंतर है वह इसक बाहर
द वार का नि चत अंतराल के बाद भीतर और बाहर क ओर मड़ ु ा हुआ होना था। सम ु े रयन व वध दे वी दे वताओं
क स ा म व वास करते थे िजसम से एन लल का नाम मख ु है । ये दे वी दे वता ायः कृ त क व वध शि तय
के ह योतक थे व वध उ सव, कृ ष एवं अ य उ पाद का लेन दे न और दे वी दे वताओं के सामू हक पज ू न म लोग
बड़ी सं या म इन मं दर मे और इसके आस-पास एक त होने लगे यह ं से शहर क अवधारणा को व तार मला।
Q5 शहर जीवन शु होने के बाद कौन-कौन सी नई सं थाएं अि त व म आ ? आपके वचार म उनम से कौन-सी
सं थाएं राजा क पहल पर नभर थीं।
Answer. शहर जीवन क शु आत मानव भयता के यवि थत व प का योतक है । उ चत भौगो लक
वातावरण और उवर भू म पर शहर क थापना के तीन व प सामने आते ह –
(क) मं दर के आस-पास वक सत शहर,
(ख) यापा रक के के प म और
(ग) शाह शहर।
आगे शहर क थापना के बाद खा य उ पादन, प रवह, मु ाओं और यापार जैसी सेवाओं के फलव प
अथ यव था का ारि भक प वक सत हुआ। इसके साथ ह साथ इस अथ यव था के ता वतव और संचालन
के लए एक नि चत सामािजक संगठन क भी आव यकता थी। आगे रा य और राजा के वारा इसके नयं ण
का भी ावधान कया गया। यह यव था त काल न दे हात म जमीन और पानी के लए बार बार होने वाले झगड़
को यान मे रखकर भी वक सत क गई थी। इन लड़ाइय म जो मु खया लड़ाई जीतते थे वे व वध तर को से
अपने अनय ु ा यय क सं या बढ़ाकर राजा बने। लट
ू पाट का एक बड़ा ह सा मं दर को भेट कया जाने लगा और
इस तरह राजा का भाव मं दर के संचालन और उसम होने वाल ग त व धय पर पड़ने लगा।
राजा के वारा सु यवि थत शासन के उ दे य से नजी सरु ा और जन हत के लए सेनाओं का नमाण कया
गया। शहर के भौगो लक प को सु ढ़ करने के लए ाचीर का नमाण हुआ। इसका मु य उदाहरण उ क नगर है
जो 4200 ई.प.ू से 400 ई.प.ू तक अि त व म रहा। इसको थाप य कला क दशा म नवीन योग के प म दे खा
जा सकता है । इसके अलावा राजाओं के भाव से व वध कलाओं का उ भव और वकास भी हुआ। आंत रक
सामािजक संगठन म ववाह, याय, कानन ू , यापार, कृ ष, प रवहन, सरु ा आ द आव यकताओं को भी राजा का
संर ण ा त हुआ।
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Q6 कन परु ानी कहा नय म हम मेसोपोटा मयाक स यता क झलक मलती है ?
Answer. यरू ोपवा सय म मेसोपोटा मया क अनेक कथाएं च लत ह, िजसम िजसम ओ ड टे टामट क बक ु
ऑफ जेने सस म शमार या सम ु ेर अथात ट से बने शहर क भू मका उ लेख मु य प से कया जाता है । यरू ोप
के व वतजन और या ी अपने पव ू ज क भू म को मेसोपोटा मया ह बताते थे। आगे 1873 म एक टश
समाचार प ने टश यिू जयम वारा ारं भ कए गए इस अ भयान का खच उठाया। इस अ भयान के तहत
ऐसी प ट क खोज क जानी थी िजस पर बाइबल म ल खत जल लावन क कहानी अं कत थी। 1960 तक यह
इसका मु य उ दे य यह ं तक सी मत नह ं रहा, अनेक परु ाताि वक तकनीक के वक सत हो जाने क वजह से
मेसोपोटा मया का अ ययन व वध तर क से हुआ और इससे जड़ ु ी व भ न कथाएं सामने आ । उदाहरण के लए
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राजा एनमाकर के बारे म लखे हुए सम
ु े रयन महाका य को दे खा जा सकता है । उसके साथ साथ मं दर सामािजक
यव था यापार प रवहन आ द के माण भी इससे ा त होते ह।
बाइबल के जैसा उ धरण हंद के भी कई महाका य म दे खने को मलता है िजसम जयशंकर साद का
कामायनी मख ु है इस कहानी क कथाव तु बाइबल के जल लावन से मलती-जल ु ती है कंतु िजउसू या
उतना प टम क जगह कामायनी म मनु ने ले ल है ।
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