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NCERT Solutions for Class 11 History (इतिहास) Chapter 3 यायावर साम्राज्य

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NCERT Solutions for Class 11 History (इतिहास) Chapter 3 यायावर साम्राज्य - Page 1 of 4

About NCERT Solutions for Class 11 History (इतिहास) Chapter 3 यायावर साम्राज्य

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NCERT Solutions for Class 11 History (इतिहास) Chapter 3 यायावर साम्राज्य – Text

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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 11th

aglase .co

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Class : 11th
Subject : History
Chapter : 5
Chapter Name : यायावर सा ा य

Q1 मंगोलो के लए यापार इतना मह वपण
ू य था?

Answer. मंगोल मौ लक प से म य ए शया क खानाबदोश परं परा से संबं धत थे िज ह ने चंगेज खान के नेत ृ व
म पार महा वीपीय सा ा य क थापना क थी। यायावर समाज और राजनी त का संगठन कृ ष अथ यव थाओं
पर आधा रत नह ं था ले कन इससे प र चत ज रत थे और उनको संसाधन के लए टे पी े और चीन के थाई
नवा सय के पास जाना पड़ता था। िजसका यह दोन ह े परू ा फायदा उठाते थे। इसके अलावा ायः इनम
आपसी संघष क ि थ तयां भी बनी रहती थी। आगे संघष इतना बढ़ा क चीन को अपने कृ ष संसाधन क सरु ा
के लए 'चीन क महान द वार' का नमाण करना पड़ा। अतः मंगोलो के लए ाकृ तक संसाधन और सा ा य
व तार क नी त से यापार मह वपण ू हो गया।

Q2 चंगेज खान ने यह य अनभ
ु व कया क मंगोल कबील को सामािजक और सै नक इकाइय म वभ त करने
क आव यकता है ?

Answer. अपने शासन के आरं भक दन म चंगेज खान को बहुत सी सम याओं का सामना करना पड़ा। उसके
पता क अ पायु म ह ह या कर द गई थी और उसक माता ने उसका और उसके सगे भाइय का लालन-पालन
बहुत क ठनाई से कया था। उसक प नी बोरे ट का भी ववाह के उपरांत अपहरण कर लया गया था। तशोध के
लए यारह सौ अ सी और न बे के दशक म अनेक कबील के व ध यु ध लड़े। लोग ने उसक वीरता से
भा वत होकर उसे 'समु खान' या 'महानायक' घो षत कया। इसके उपरांत 1206 म सा ा य व तार क
इ छा से उसने एक अनश ु ा सत सै य शि त का नमाण कया। मंगोल समाज के व प म उसने यापक
प रवतन कये और व व वजय के अ भयान क तरफ बढ़ा। इन समाज म पहले से ह वय क ह थयारबंद सद य
हुआ करते थे जो आव यकता पड़ने पर सश सेना म बदले जा सकते थे। चंगेज खान ने व भ न मंगोल
जनजा तय को एक त करके अपनी सेना का नमाण कया था।

Q3 यास के बारे म परवत मंगोलो का च ण कस तरह चंगेज खान क म ृ त त के साथ जड़
ु े हुए उनके तनावपण
ू
संबध
ं को उजागर करता है ?

Answer. अपने ारं भक व प म यास को यासक लखा जाता था, इसका पयाय व ध आ ि त या आदे श से
नकट था। 1206 म चंगेज खान वारा एक कृत सेना के नमाण म महान खान ने इसका योग कया था। यह उन
ज टल व धय का वणन करता है जो महान खान क म ृ त को बनाए रखने के लए उसके उ रा धकार योग म
लाते थे। इसे चंगेज खान क व ध सं हता के प म भी जाना जाता है । नि चत प से सावधान से उसे आशातीत
सफलताएं भी ा त हु कंतु उसक म ृ यु के उपरांत स य जा तय के आगमन से इस यव था को जार नह ं रखा
जा सका नि चत प से यह उसके वंशज म सा ा य के आपसी संघष का प रणाम था।

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Book : Vishwa Itihaas Ke Kuch Vishay Ncert Solutions | Chapter - 5 Social Science History

Q4 य द इ तहास नगर म रहने वाले सा ह यकार के ल खत ववरण ऊपर नभर करता है तो यायावर समाज के
बारे म हमेशा तीक वचार ह रखे जाएंगे या आप इस कथन से सहमत ह? या आप इसका कारण बताएंगे क
फारसी इ तव ृ कार ने मंगोल अ भयान के मारे गए लोग क इतनी बढ़ा- चढ़ाकर सं या य बताई है ?

Answer. नि चत प से यह कहा जा सकता है क य द इ तहास नगर म रहने वाले सा ह यकार वारा ल खत
ववरण पर नभर करे गा तो यायावर समाज के बारे म हमेशा तकूल वचार रखे जाएंगे। इसके कारण
इ तहासकार को संर ण ा त होने पर या न होने पर नभर करते ह। मंगोलो वारा इ तहासकार को ायः
संर ण ा त नह ं था, ऐसे म कई जगह पर उनके वारा कए गए अ भयान म मारे गए लोग क सं या को
बढ़ा-चढ़ाकर दखाया गया और उ ह बबर क सं ा भी द गई है ।
चंगेज खान क म ृ यु के प चात उसक वंश परं परा अलग-अलग समहू म बंटने लगी। प रवार क परं परा
और सामंज य म प रवतन आने शु हो गए। इसी बीच इसी कुल क एक सद य शाखा टो लईद म अपने
पा रवा रक मतभेद का वत ृ ांत बड़ी ह कुशलता से अपने संर ण म ततु कया। यह वत ृ ांत बहुत हद तक चीन
और ईरान से आए हुए व वान या य के संर ण म कया गया। दरबार संर ण के न म इन वत ृ ांत म
त काल न शासक को मह वपण ू दखाने का ल य ह इनका मु य उ दे य था। जैसे इल-खानी ईरान म तेरहवीं
शता द के आ खर म फारसी इ तहास व म महान खान वारा क गई र त रं िजत ह याओं का व तत ृ वणन
कया गया और मत ृ क क सं या को बहुत अ धक बढ़ा चढ़ा कर दखाया गया।

Q5 मंगोल और बेदोइन समाज क यायावर वशेषताओं को यान म रखते हुए यह बताइए क आपके वचार म
कस तरह उनके ऐ तहा सक अनभ ु व एक दस
ू रे से भ न न थे? इन भ नताओं से जड़
ु े कारण को समझाने के
लए आप या प ट करण दगे?

Answer. मंगोलो और अरब के यायावर समाज म मल ू भत ू वशेषताएँ कई कारण से अलग थी, इस कारण इनके
ऐ तहा सक अनभ ु व भी प थ
ृ क रहे । बे दइु य का व तार अरबी कबील के प म हुआ था धा मक ि टकोण एवं
सामािजक यव था के व तार म यह मंगोल से सवथा भ न थे ायः यह अपने ऊंट के चारे और खजरू क
तलाश म सख ू े े से हरे े क तरफ आया जाया करते थे। म का क या त बढ़ने से इन ख़ानाबदोश
पशच ु ारकोण का तीथ या य और यापा रय से संपक हुआ और आग पैगंबर मह ु मद क उपलि धयोनसे
भा वत होकर बेदइ ु य ने इ लाम धम को अपना लया।
म य ए शया के मंगोल के वारा यायावर समाज क थापना क गई थी। 13वीं शता द तक यह सा ा य
चंगेज़ खान क अ य ता म संग ठत मंगोल समाज के प म उभरा और यरू े शीय महा वीप के महान सा ा य के
लए चन ु ौती बन गया। मंगोल समाज व वध जनसमद ु ाय का एक संग ठत नकाय बना। इसम मु य प से
टे पीज़ दे श के शकार सं ाहक और पशप ु ालक समाज थे, यायावर इनका भी उ योग था। इनम शकार
सं ाहक पशप ु ालक क तल ु ना म गर ब हुआ करते थे। उ होने कृ ष के संसाधन का वकास नह ं कया। अतः
अ य संसाधन के लए वे अपने समीपवत े न पर नभर करते थे। इसके अलावा मंगोल का सामािजक संगठन
आर रहन सहन भी बेदइ ु य से भ न था। भौगो लक और भाषायी सीमाओं ने उनको संग ठत होने का पया त
अवसर दया।

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Q6 तेरहवीं शता द के म य म मंगो लया वारा न मत 'पै स मंगो लका' का न न ल खत ववरण उसके च र
को कस तरह उजागर करता है ?
एक ससकन भ ु, क ु नवासी व लयम को ांस के स ाट लई ु IX ने राजदत ू बनाकर महान खान म के
के दरबार म भेजा। वह 1254 म म के क राजधानी कारकोरम पहुंचा और वहां वह लोरे न, ांस क एक म हला
पकेट के संपक म आया िजसे हं गर से लाया गया था। यह म हला राजकुमार क पि नय म से एक प नी क सेवा
म नयिु त जो ने टो रयन इसाई थी। वह दरबार म एक फारसी जौहर वीयोम बश ु रे के संपक म आया। िजसका
भाई पे रस के ड प ट म रहता था। इस यि त को सव थम रानी सौरगकतानी ने और उसके उपरांत म के के
छोटे भाई ने अपने पास नौकर म रखा। व लयम ने दे खा क वशाल दरबार उ सव म सव थम ने टो रयन
पजु ा रय को उनके च ह के साथ तथा इसके उपरांत मस ु लमान, बौ ध और ताओ पज ु ा रय को महान खान को
आशीवाद दे ने के लए आमं त कया जाता था।...

Answer. तत
ु अंश नि चत प से मंगोल शासक के सभी धम के स मना के साथ-साथ अपने ाचीन
र त- रवाज म गहर आ था को कट करता है । मंगोल समाज ायः बहुभाषी, बहुदेववाद और बहुसां कृ तक था।
इसके साथ ह साथ यह भी प ट प से दे खा जा सकता है क कस तरह एक ने टोर यन म हला को राजकुमार
क पि नय के लए सेवाआरत कया गया है , नि चत प से यह मंगोल सा ा य क वला सता और उनके वारा
व वध े के संपक को दशाता है । य य प मंगोलो का ऐ तहा सक च ण बबर यायावर पशच ु ारक एक
स हक के प म होता आया था क तु इसके पीछे के त य अलग ह। इस इ तहास का अंकन ायः नगर य
सा ह यकार , या य और स नक वारा कया जाता था। नि चत प से तत ु अंश चंगेज़ खान के वंश परं परा
के शासक और उसके भतीजे म के के शासन काल को च त करता है । उस समय तक चंगेज़ खान क सा ा य
व तार क नी तय को वराम दया जा चक ु ा था। ऐसे म राजनी तक, सामािजक, आ थक और धा मक
प रि थ तय को था य व मला था।

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Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 11
TypeSolution
Pages4
Languagehindi
Updated30 Apr 2026