NCERT Solutions for Class 11 History (इतिहास) Chapter 7 आधुनिकीकरण के रास्ते – Text
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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 11th
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Book : Vishwa Itihaas Ke Kuch Vishay Ncert Solutions | Chapter - 11 Social Science History
Class : 11th
Subject : History
Chapter : 11
Chapter Name : आधु नक करण के रा ते
Q1 मेजी पन
ु थापना से पहले क वह घटनाएं या थीं, िज ह ने जापान क ती आधु नक रण को संभव कया?
Answer. मेजी क पन ु थापना से पहले और छ ंग राजवंश के पतन के साथ ह जापान एक औ यो गक अथ तं
के प म उभरने लगा था। इसके साथ ह सामािजक संगठन को समझने के लए जापान म इ तहास लेखन क एक
लंबी परं परा रह । 16 वीं शता द के अंत तक जापान म कई प रवतन आए िजनम पहला कसान से ह थयार ले
लया जाना था िजससे शां त यव था को बल मला। दस ू रा दै यो को अपने े क राजधा नय म रहने के लए
आदे श दए गए िजसके लए काफ हद तक उ ह वाय ता दान क गई। तीसरा मा लक और करदाताओं का
नधारण करने के लए जमीन का सव ण कया गया और उ पादकता के आधार पर भू म का वग करण कया
गया। इसके साथ ह जापान से रे शम का आयात कम कर दया गया। चावल का शेयर बाज़ार शु कया गया।
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Q2 जापान के वकास के साथ-साथ वहां क रोजमरा क िजंदगी म कस तरह बदलाव आए चचा क िजए|
Answer. जापान म वकास के साथ-साथ पि चमी परं परा के अनक ु रण पर वशेष यान दया गया जापानी
बु धजीवी पि चमी उदारवाद क सराहना करते थे और जापान को एक लोकतां क शि त के प म वक सत
करना चाहते थे इसी म म म हलाओं के लए मता धकार क यव था क गई नि चत प से आधु नक समाज
के पांतरण से जापानी यू क रोजमरा क िजंदगी म यापक प रवतन हुए िजसम प रवार यव था म वे यापक
प रवतन मह वपण ू थे इसके साथी नए घरे लू उ पाद पा रवा रक मनोरं जन इ या द म रोजमरा के जीवन को सहज
और सलु भ बना दया
Page : 258 , Block Name : सं ेप म उ र द िजये
Q3 पि चमी ताकत वारा पेश क गई चन
ु ौ तय का सामना छ ंग राजवंश ने कैसे कया?
Answer. पि चमी ताकत क औप नवे शक नी तय के व ध छ ंग राजवंश ने कई नी तयां बनाई औए ल बे
अरसे तक उनका सामना कया। लंबे समय से चल आ रह कं यू शय वाद वचारधारा का उ मलू न हुआ साथ ह
सामािजक, सै य, यापार और श ा से संबं धत अनेक सध
ु ार कए गए। चीन म रा यता क भावना और बल
संवध
ै ा नक गणतं क थापना क दशा म यास शु कए गए। चीनी वचारक ने इस े म औप नवे शक
रा के उदाहरण सामने रखकर सामा य जन मानस म गणतं क चेतना का वकास कया।
Q4 सन यात-सेन के तीन स धांत या थे?
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Book : Vishwa Itihaas Ke Kuch Vishay Ncert Solutions | Chapter - 11 Social Science History
Answer. सन यात-सेन के नेत ृ व म 1911 म मांचू सा ा य के पतन के बाद चीन म गणतं क थापना क
गई। सन यात- सेन चीन के भ व य को लेकर चं तत थे, इसी म म उ ह ने 3 स धांत िज ह सन मन चई ु कहा
जाता है दए। जो इस कार ह-
1. रा वाद क थापना
2. सा ा य वा दय को हटाना और गणतं क थापना
3. पज ंू ी का नयमन
Q5 को रया ने 1997 म वदे शी मु ा संकट का सामना कस कार कया?
Answer. यापार घाटे म बढ़ोतर , व ीय सं थान वारा खराब बंधन, संगठन वारा बेईमान यापा रक
संचालन आ द कारण से 1997 म वदे शी मु ा संकट का सामना को रया को करना पड़ा। य य प अंतररा य
मु ा कोष वारा व ीय सहायता के ज रए इस संकट से उबरने का यास कया गया उसके बाद भी को रयाई
नाग रक ने गो ड कले शन मव ू मट के मा यम से वदे शी ऋण भग
ु तान म अपनी मु य भू मका अदा क और
को रया को वदे शी मु ा संकट से उबारने का सफल य न कया।
Q6 या पड़ो सय के साथ जापान के यु ध और उसके पयावरण का वनाश ती औ यो गक करण क जापानी
नी त के चलते हुआ।
Answer. जापान के औ यो गक वकास का ढांचा नि चत प से पज ंू ीवाद स धांत पर आधा रत था। य य प
इसका प रणाम वयं जापान के लए अ छा नह ं रहा और उसे कई यु द का सामना करना पड़ा 1945 म
आं ल-अमे रकन सै य शि त के आगे उसे हार भी माननी पड़ी। औ यो गक वकास के म म न केवल जापान ने
अपनी परं परागत व ृ ी को प रव तत कया साथ ह अनेक सामािजक और राजनी तक प रवतन भी जापान म हुए
खासकर जापान क जनसं या म हुई व ृ ध इस दशा म एक नकारा मक प था। इस वकास का ढांचा इतना
व तत ृ था क जापान म शु आत म जापानी कारखान म मजदरू क सं या कम थी। ले कन 20वीं शता द के
तीसरे दशक तक इस सम या का सामाधान भी हुआ। कारखान म मजदरू क सं या म इजाफा हुआ। ले कन
उ योग के ती वकास से पयावरण को खासा नक ु सान हुआ। इस दशा म कया गया तनाको शोजो का अ भयान
इस सम या क गंभीरता को दशाता है । उ होने सरकार का यान इस तरफ खीचने का परू ा यास कया। आगे
1945 म हुए परमाणु हमले से उ राध क हवाएँ द ू षत हुई और यह कहा जा सकता है क पड़ो सय के साथ जापान
के यु ध और उसके पयावरण का वनाश ती औ यो गक करण क जापानी नी त के चलते हुआ।
Q7 या आप मानते ह क माओ सेतग ंु और चीन के सा यवाद दल ने चीन को मिु त दलाने और उसक मौजद
ू ा
कामयाबी क बु नयाद डालने म सफलता ा त क ?
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Book : Vishwa Itihaas Ke Kuch Vishay Ncert Solutions | Chapter - 11 Social Science History
Answer. सी ां त के उपरांत 1921 म चीन म सा यवाद पाट क थापना हुई। नि चत प से यह
कौ म टनऔर सो वयत संघ क उस वचारधारा से भा वत थे िजसका आधार मा सवाद था और िजनका मानना
था क मजदरू वग के ज रए ह शहर इलाक म ां त आएगी। माओ सेतग ंु (1893-1976) कसान पर आधा रत
एक ां त का आगाज कया उनके नेत ृ व म चीनी सा यवाद पाट एक शि तशाल राजनी तक ताकत के प म
उभर और कुओमीनतांग पर जीत दज क । 1928-34 के बीच उनके प रवतन वाद वचार को व तार मला
िजसम उ ह ने िजयांगसी और कुओ मनतांग म अनेक श वर बनाये। मजदरू कसान प रषद का गठन कया और
साथी आजाद सरकार और सश सै य यव था पर जोड़ दया उ ह ने म हलाओं क सम या को भी अपने
वचार के क म रखा शाद के नए कानन ू बनाये।
माओ क मु य चंता 'समाजवाद यि त' के नमाण और वकास क थी, िजनम पांच त व का अंत न हत
होना आव यक था। यह त व थे पतभ ृ ू म, जनता, काम, व ान और जन संप । इसी म म 1965 म महान
सवहारा 'सां कृ तक ां त' क शु आत हुई। अतः यह नि चत प से कहा जा सकता है क माओ और चीन के
सा यवाद दल ने चीन को मिु त दलाने और उसक मौजद ू ा कामयाबी क बु नयाद डालने म सफल एवं
आव यक भू मका नभाई।
Q8 या साउथ को रया क आ थक व ृ ध ने इसके लोकतं ीकरण म योगदान दया?
Answer. 19वीं शता द के अंत से ह को रया को यरू ोपीय औप नवे शक ताकत के साथ-साथ चीन और जापान के
व वध दवाओं को झेलना पड़ा। जापा नय वारा कए गए सामािजक और सां कृ तक प रवतन ने को रयाई
जनता म असंतोष क भावना को बल दया। 1945 म वतीय व वयु ध म जापान क हार के बाद को रया का
वतं ता अ भयान तेज हुआ। 1948 तक उ र और द ण को रया म अलग-अलग सरकार था पत हो ग ।
1948 म द ण को रया के पहले रा प त संगमैन र स ा म आये कंतु उनक ट नी तय के चलते को रया म
1960 म 'अ लै ां त' का आगाज हुआ। इसका प रणाम यह हुआ क अनेक सध ु ारवाद मांगे उठ कंतु 1961 म
सै य अ धका रय वारा सरकार को उखाड़ फका गया।
आगे 1963 म चन
ु ाव के मा यम से पाक चग
ंु ह रा प त बने और उ ह ने अनेक आ थक योजनाओं के वारा
को रया क आ थक नी तय म प रवतन कए 1971 म उ ह उनक यापक सफलताओं के कारण पन ु ः रा प त
चन ं
ु ा गया कतु "आपातकाल न नयम" इनक स ा पलट का कारण बना। आगे 1989 म चन ु डू हवन यहां के
रा प त बने, जब क को रया म लोकतं ीकरण क मांग के प म आंदोलन होते रहे । 1980 के अंत तक चन ु यू
सई ू न सं वधान क नी तय के तहत अ य चन ु ाव के मा यम से रा प त बने कंतु से लोकतां क भाव म
कोई प रवतन दज नह ं कया गया। मई 1987 म लोकतं के प म आंदोलनरत छा के ऊपर कए गए
अ याचार के बाद सामा य जनमानस बड़े पैमाने पर लोकतं के प म उतरा और शासन को मजबरू करने के
लए यापक तर पर आंदोलन हुए। इससे नाग रक को सीधे चन ु ाव का अ धकार मला, और को रयाई लोकतं
का एक नया व प उभरकर सामने आया।
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