NCERT Solutions for Class 9 Hindi (कृतिका) Chapter 2 मेरे संग की औरतें – Text
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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 9th
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Book : Kritika Ncert Solutions | Chapter - 2 Hindi
Class : 9th
Subject : हंद
Chapter : 2
Chapter Name : मेरे संग क औरत
Q1 ले खका ने अपनी नानी को कभी दे खा भी नह ं फर भी उनके यि त व से वे य भा वत थी?
ले खका अपनी नानी से इस लए भा वत थी य क जब उसके नाना वलायत से पढ़कर लौटे और
वलायती ढं ग से िजंदगी जीने लगे तो उसक नानी के रहन-सहन पर कोई असर नह ं हुआ और न ह
नानी ने अपनी कसी इ छा और पसंद न-पसंद को अपने प त को बताया।
नानी अपनी बेट क शाद कसी ां तकार से करवाना चाहती थी। इस घटना से उनका दे श के त
अटूट ेम से भी ले खका भा वत थी।ले खका क नानी भले ह अनपढ़ और परदे वाल म हला रह पर
प त क िजंदगी मे कोई दखल नह ं दया और अपनी नजी जीवन म आज़ाद वचार वाल म हला थी।
इससे भी ले खका बहुत भा वत थी।
Q2 ले खका क नानी क आज़ाद के अंदोलन मे कस कार क भागीदार रह ?
नानी के मन म वतं ता क भावना थी इस लए उ ह ने अपनी बेट क शाद ां तकार से करने क
इ छा य त क िजससे उनके दे श ेम क भावना का पता चलता है । ले खका क नानी क वैसे तो
य प से आज़ाद के आंदोलन मे कसी कार क भागीदार नह ं रह पर उ ह ने वलायती जीवन
शैल को कभी वीकारा नह ं। अतः उ ह ने अपने ब च को अं ेज-भ त से मु त करवाया। इस तरह
अ य प से ले खका क नानी ने आज़ाद के आंदोलन मे भागीदार रह ।
Q3 ले खका क माँ परं परा का नरवाह न करते हुए भी सबके दल पर राज करती थी। इस कथन के
आलोक म-
क)ले खका क माँ क वशेषताएँ ल खए।
ख)ले खका क दाद के घर के माहौल का श द च अं कत क िजए।
क) ले खका क माँ क वशेषताएँ-
1) ले खका क माँ आम भारतीय म हला क तरह खाना पकाने और ब च का पालन-पोषण करने तक
सी मत
नह ं रहना चाहती थी।
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Book : Kritika Ncert Solutions | Chapter - 2 Hindi
2) वह दब
ु ल -पतल ी यि त त व क साड़ी पहनती है जो उनसे संभलती नह ं है । इस तरह उ ह ने परू ा
जीवन गांधी जी के स धांत का पालन कया।
3) ले खका क माँ स यवाद , ईमानदार, आज़ाद के त जाग क औरत थीं।
4) उनका यि त व इतना भावी था क हर काय म उनक सलाह ल जाती थी।
ख) ले खका के दाद के घर म सब लोग आज़ाद के आंदोलन मे ह सा लेने वाले थे। वे सादा जीवन और
ऊँचे वचार वाले थे। सब लोग अपनी मज़ के अनसु ार चलते थे। घर म पु और पु ी मे भेदभाव नह ं था।
घर का माहौल बड़ा धा मक, सामािजक और सा हि यक था।
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Q4 आप अपनी क पना मे ल खये क पर दाद ने पतोह के लए पहले ब चे के प म लड़क पैदा होने
क म नत यो मांगी?
ले खका क दाद साहसी और खल ु े वचार क औरत थी।
उस समय यादातर दाद याँ पोते क कामना करती थीं। मेरे अनस
ु ार लड़क क चाह रखना एक साहस
और ह मत क बात है ।
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Q5 डराने-धमकाने, उपदे श दे ने या दबाव डालने क जगह सहजता से कसी को भी सह राह पर लाया जा
सकता है -पाठ के आधार पर तक-स हत उ र द िजए।
चोर के पकड़े जाने पर ले खका क माँ ने न तो चोर को पकड़ा, न पटवाया, बि क उससे सेवा ल और
अपना पु बना लया। उससे कहा क चाहे चोर कर चाहे खेती, ये तु हार मज़ । उनके इस यवहार से
चोर का मन बदल गया। उसने सदा के लए चोर छोड़ द और खेती को अपना लया। य द वह चोर से
बरु ा यवहार करती तो शायद चोर गलत रा ते पर चलने लगता। इस लए डराने-धमकाने, उपदे श दे ने या
दबाव डालने क जगह सहजता से कसी को भी सह दशा पर लाया जा सकता है ।
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Q6: श ा ब च का ज म स ध अ धकार है - इस दशा म ले खका के यास का उ लेख कर।
श ा ब च का ज म स ध अ धकार है । इस दशा म ले खका ने बहुत सारे यास कए। कनाटक के
छोटे से क बे बागलकोट मे जब कूल नह ं था तो ले खका ने खद
ु , अं ेजी- ह द -क नड़ तीन भाषाएँ
पढने वाला कूल खोला और कनाटक सरकार से मा यता दलाई।
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Q7: पाठ के आधार पर ल खये क जीवन म कैसे इंसान को अ धक धा भाव से दे खा जाता है ?
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ततु पाठ के आधार पर जो लोग कसी क बात को इधर-उधर नह ं करते और िजनके इरादे मजबत ू
होते ह, कभी झूठ नह ं बोलते, सच के आगे झुकते है , िजन लोग मे ह नभावना नह ं होती और िजनका
यि त व सरल और सहज हो, और जो लोग सदभावना से यवहार करते ह तथा गलत ढय को तोड़ने
क ह मत रखते है ऐसी ऊंची भावनाओं वाले ढ़ संक पी लोग को धा से दे खा जाता है ।
Q8: 'सच अकेलेपन का मजा ह कुछ और है ' इस कथन के आधार पर ले खका क बहन एवं ले खका का
या त के बारे मे अपने वचार य त क िजए।
ले खका और उसक बहन बड़ी िज द वभाव क थी। जो सोचती थी करके ह दम लेती थीं। अ धक
बरसात के बावजदू सबके मना करने पर ले खका क बहन कूल जाती है इससे उसका ढ़ न चय
वभाव झलकता है । दसू र ओर जब ले खका डाल मया नगर म रहती थी तब उसने ी-पु ष के नाटक
वारा सामािजक काय के लए धन एक त कया और कनाटक मे मेहनती और खसके लोग के साथ
से कूल खोला। ये सार बात ले खका क ह मत, धैय, ल क से हटकर और वतं यि त व क ओर
संकेत करते ह।
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