NCERT Solutions for Class 9 Hindi (क्षितिज) Chapter 4 साँवले सपनो की याद – Text
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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 9th
aglase .co
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Class : 9th
Subject : हंद
Chapter : 4
ं सपन क याद
Chapter Name : सॉवले
Q1. कस घटना ने सा लम अल के जीवन क दशा को बदल दया और उ ह प ी ेमी बना दया?
Answer. सा लम अल के बचपन क एक घटना ने उनके जीवन क दशा को बदल दया और वे प ी
ेमी बन गए। एक बार उनक एयरगन से एक गौरै या घायल हो गई और ज़मीन पर आ गर । इससे
सा लम अल का नयी राह के त झान बढ़ा और प य के त उनके दल म दया का भाव भर गया।
उस नीलक ठ गौरै या ने उनके जीवन म मक़सद का एक वार खोल दया िजससे वह परू िज़ंदगी अपनी
तलाश को जार रखते रहे । उनके बचपन क इस घटना ने सफ़ उ ह प ी ेमी ह नह ं बनाया बि क
उ ह कृ त ेमी भी बना डाला।
Q2. सा लम अल ने पव
ू धानमं ी के सामने पयावरण से संबं धत कन संभा वत खतर का च खींचा
होगा क िजससे उनक आंख नम हो गई थीं?
Answer. सा लम अल ने पव ू धानमं ी के सामने पयावरण क तमाम सम याओं का न शा खींचा
होगा। उ ह ने अव य ह पयावरण को हो रहे नक़ ु सान के बारे म धानमं ी को बताया होगा।प य और
पशओ ु ं क अनेक न ल वलिु तकरण के कगार पर खड़ी ह।कई न ल तो वलु त भी हो चक ु ह। सा लम
अल ने पयावरण से संबं धत इन न न ल खत संभा वत खतर का च धानमं ी के सामने खींचा
होगा िजससे उनक आंख नम हुई-
पेड़ को काटकर नए उ योग का शभ ु ारं भ कया जाना और इसके लए पयावरण को भार त पहुँचाना।
कृ त के संसाधन से छे ड़-छाड़ करके उसे वनाश क राह पर ले जाना। इसके अलावा मानव धम को
तेज़ी से भलू ते जाने के कारण हो रह है सामािजक और चा र क पतन के कारण प ृ वी के अि त व को
संकट।
Q3. लॉरस क प नी डा ने ऐसा य कहा होगा क “मेर छत पर बैठने वाल गौरै या लॉरस के बारे म
ढे र सार बात जानती है ”?
Answer. लॉरस कृ त ेमी एक साधारण सा इंसान था िजसके अंदर दयाभाव कूट कूर भरा था। अपने
दयाभाव और वभाव के कारण लॉरस लगभग हर यि त का चहे ता बन जाता था। इस तरह वह लोग म
काफ़ लोक य भी हो जाता था। यह कारण था क लॉरस क प नी डा ने कहा क “मेर छत पर बैठने
वाल गौरै या लॉरस के बारे म ढे र सार बात जानती है ।”
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Q4. आशय प ट क िजए-
(क) वो लॉरस क तरह, नैस गक िज़ंदगी का त प बन गए थे।
(ख) कोई अपने िज म क हरारत और दल क धड़कन दे कर भी उसे लौटाना चाहे तो वह प ी अपने
सपन के गीत दबु ारा कैसे गा सकेगा!
(ग) सा लम अल कृ त क द ु नया म एक टापू बनने क बजाय अथाह सागर बनकर उभरे थे।
Answer.
(क) इसका ता पय यह है क िजस कार लॉरस कृ त के त वयं को सम पत करते थे ठ क उसी
कार सा लम अल भी कृ त ेमी बनगए। उ ह कृ त म पाई जाने वाल एक एक चीज़ से ेम था फर
चाहे वह कोई बड़ा जानवर हो या एक छोट सी चींट ।
(ख) यह बात उस अथ म कह गई है जब क सा लम अल का दे हांत हो चक ु ा है । सा लम अल कृ त ेमी
थे और प य के त उनका लगाव कसी से छपा नह ं था।वे अपनी आयु के क़र ब सौ साल के पास
पहुँचने वाले थे क कसर के कारण म ृ यु को ा त हो गए। वे जानते थे क उ ह कसर है इसके बावजद ू वे
कभी अपनी म ृ यु से नह ं घबराए। उनको याद करते हुए लेखक कह रहा है क वे िजस जहाँ म जा चक ु े ह
वहाँ से कसी का वापस लौटना मम ु कन नह ं है । अब कोई कतना भी उ ह याद कर ले, कतना भी उ ह
बल
ु ा ले या अपनी ह आयु उ ह य न भट कर दे क तु वे वापस नह ं आएंगे।
(ग) टापू और अथाह सागर का ता पय एक जगह कने और चलने से है । सा लम अल कृ त ेमी थे
और उ ह ने कृ त क नई नई खोज को करने के लए ख़द ु को असी मत कया। उ ह ने सीमा जैसी कोई
चीज़ न बनाकर अपने ेम को कृ त के लए योछावर कर दया। वे टापू क तरह एक जगह नह ं ठहरे
बि क एक सागर बनकर परू द ु नया का मण करते रहे और चीज़ को अपने अंदर संजोते रहे ।
Q5. इस पाठ के आधार पर लेखक क भाषा शैल क चार वशेषताएँ बताइए।
Answer. इस पाठ के आधार पर लेखक क भाषा शैल क चार वशेषताएँ न न ल खत ह-
1. लेखक ने इस पाठ को सं मरण वधा म लखा है । इस पाठ के ज़ रये लेखक ने सा लम अल क
याद को ताज़ा कया है ।
2. लेखक क भाषा सरल है और इसे समझना मिु कल भी नह ं है ।
3. लेखक ने ऐसी भाषा का योग कया है िजसम हंद ,अं ेज़ी और उद ू तीन भाषा के श द ह।
4. लेखक क भाषा बहुत चकर है य क पाठ क भाषा से हमारे सामने कहानी और उसके पा
का च उभर कर आता है ।
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Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 4 Hindi
Page : 47 , Block Name : न अ यास
Q6. इस पाठ म लेखक ने सा लम अल के यि त व का जो च खींचा है उसे अपने श द म ल खए।
Answer. इस पाठ म लेखक ने सा लम अल के यि त व को एक आदश के तौर पर पेश कया है ।
सा लम अल दया भाव से भरपरू एक ऐसे मानव थे िजसे कृ त से अथाह ेम था। बचपन क एक घटना
के कारण उनका जीवन परू तर क़े से बदल गया था और वे प ी ेमी बन गए थे। उ ह ना सफ़ कृ त से
यार था बि क इसक चंता भी थी क कृ त को कैसे बचाया जाए। सा लम अल एक ऐसे यि त व के
मा लक थे जो सामने वाले बंदे को पण
ू प से अपने जाद ू के अधीन कर ले अथात वे काफ़ सल
ु झे हुए
इंसान थे।
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ं सपन क याद“ शीषक क साथकता पर ट पणी क िजए।
Q7. “सॉवले
ं सपन क याद“ शीषक इस पाठ के लए अ यंत साथक है य क यह लेख सा लम
Answer. “सॉवले
अल क याद को सम पत है । लेखक ने सा लम अल के जीवन और उससे जड़ ु े सं मरण को “सॉवलें
सपन क याद“ कहा है । इसके साथ ह लेखक ने मानवता को ेम का संदेश दया है , वह संदेश जो
सा लम अल परू प ृ वी को कृ त के त दे ना चाहते थे।
Page : 47 , Block Name : न अ यास
Q8. ततु पाठ सा लम अल क पयावरण के त चंता को भी य त करता है । पयावरण को बचाने के
लए आप कैसे योगदान दे सकते ह?
Answer. पयावरण को बचाने के लए हम अपना योगदान दे सकते ह और हम हर हाल म दे ना ह
चा हए।हम व ृ ारोपण करके कृ त क संद
ु रता और द ु नया के अि त व क आयु को बढ़ा सकते ह। उन
साधन से बलकुल दरू रहकर जो कृ त को नक़ ु सान पहुँचाते ह, हम कृ त को ख़श
ु कर सकते ह।
भौ तकवाद को सम पत ना होकर य द हम कृ त के त सम पत हो जाएँ तो पयावरण बचेगा और
खु शयां भी आएँगीं।
Page : 47 , Block Name : रचना और अ भ यि त
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