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NCERT Solutions for Class 9 Hindi (क्षितिज) Chapter 5 प्रेमचंद के फटे जूते

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NCERT Solutions for Class 9 Hindi (क्षितिज) Chapter 5 प्रेमचंद के फटे जूते - Page 1 of 5

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Page 1

NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 9th

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Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 6 Hindi

Class : 9th
Subject : हंद
Chapter : 6
Chapter Name : ेमचंद के फटे जत
ू े

Q1 ह रशंकर परसाई ने ेमचंद का जो श द च हमारे सामने तत
ु कया है उससे ेमचंद के
यि त व क कौन-कौन सी वशेषताएँ उभरकर आती ह?

Answer. ह रशंकर परसाई ने ेमचं के यि त व का च ण बेहद आकषक प म कया है । उनके
यि त व क कुछ वशेषताएँ सामने आती ह उदाहरणाथ; ेमचंद को कसी भी कार का दखावा पसंद
नह ं था। यहाँ तक क उ ह ने फ़ोटो खंचाते समय भी दखावे को कोई मह व नह ं दया और वे जैसे थे
उसी कार अपनी फ़ोटो खंचवाई। ेमचंद एक महान लेखक होने के बावजद ू धन संपदा से प रपण ू नह ं
थे।
उनका जीवन सादगी से भरपरू था।वह एक साहसी यि त थे और वे प रि थ तय का मक़ ु ाबला करना
जानते थे। वे कभी भी अपनी स चाई को छपाना नह ं चाहते थे और वे जैसे थे वैसे ह सबको नज़र आते
थे। ेमचंद कसी भी जगह या प रि थ त म समझौते को मह व नह ं दे ते थे। वह जीवन क यथाथता को
जानते थे और उसी के अनसु ार अपना जीवन यतीत करते थे।

Q2. सह कथन के सामने सह का नशान लगाइए:
(क) बाएँ पाँव का जत ू ा ठ क है मगर दा हने जतू े म बड़ा छे द हो गया है िजसम से अँगुल बाहर नकल
आई है ।✖
(ख) लोग तो इ चप ु ड़कर फोटो खंचाते ह िजससे फोटो म खश ु बू आ जाए।✔
(ग) तु हार यह यं य मस ु कान मेरे हौसले बढ़ाती है ।✖
(घ) िजसे तम ु घ ृ णत समझते हो, उसक तरफ अँगठ ू े से इशारा करते हो?✖

Answer. लोग तो इ चप
ु ड़कर फोटो खंचाते ह िजससे फोटो म खश
ु बू आ जाए।

Q3 नीचे द गई पंि तय म न हत यं य को प ट क िजए:

(क) जत
ू ा हमेशा टोपी से क मती रहा है । अब तो जत
ू े क क मत और बढ़ गई है और एक जत
ू े पर पचीस
टो पयाँ योछावर होती ह।

(ख) तम
ु पद का मह व ह नह ं जानते, हम पद पर कुबान हो रहे ह।

(ग) िजसे तम
ु घ ृ णत समझते हो, उसक तरफ हाथ क नह ं, पाँव क अँगुल से इशारा करते हो?

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Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 6 Hindi

(क) एक कहावत कह जाती है क यि त क औक़ात और यि त व क पहचान उसके जत ू से होती है ।
ऐसा इस लए कहा जाता है य क हर यि त अपने सर पर या शर र के कसी भी ह से पर नज़र आने
वाल चीज़ का ख़ब ू यान रखता है परं तु वह जत
ू े को इतनी अह मयत नह ं दे ता है । यि त के जत ू े उसके
असल यि त व क पहचान कराते ह क यि त असल म कस कृ त का वामी है । इस कार जत ू े
का अपना एक अलग मह व है ।इस यं य म इस बात का प ट करण है क अब लोग जत ू े क अह मयत
से प र चत हो गए ह।अब वे जत
ू को और चीज़ क तरह मह व दे ते ह। यह कारण है क जत ू े क क़ मत
बढ़ती जा रह है ।

(ख) ह रशंकर परसाई ेमचंद क फ़ोटो दे ख रहे ह िजसम उ ह ने फटे जत ू े पहन रखे ह। ेमचंद का अंगूठा
बाहर क तरफ़ नकला हुआ है ले कन फर भी उनके चेहरे पर संतिु ट है ।लोग फ़ोटो खंचाते समय ख़द ु
को बना संवार कर कैमरे के सामने तत ु करते ह। वे िजतना दखावा हो सके उतना दखावा कर डालते
ह ले कन ेमचंद ने फ़ोटो खंचवाते समय कसी दखावे को कोई मह व नह ं दया।उनका जत ू ा फटा हुआ
था उ ह ने उसी जत
ू े म फ़ोटो खंचवाया। उ ह ने उस फटे हुए जत
ू े को छपाने क कोई को शश नह ं क ।

(ग) यह वा य ेमचंद के यि त व क या या करता है । ेमचंद ने फटा जत ू ा पहना था िजससे उनके
पैर का अंगठ
ू ा बाहर क तरफ़ झाँक रहा था।ह रशंकर परसाई ेमचंद क वशेषता बताते हुए कहते ह क
वा तव म उनके पैर का अंगूठा उन लोग क तरफ़ इशारा करता है िजससे वे घणृ ा करते ह। वे िजस
यि त को पसंद नह ं करते ह उसक तरफ़ हाथ क उं गल से इशारा नह ं करते बि क पाँव क उं गल से
इशारा करते ह।

Q4 पाठ म एक जगह पर लेखक सोचता है क ‘फोटो खंचाने क अगर यह पोशाक है तो पहनने क कैसी
होगी?’ ले कन अगले ह पल वह वचार बदलता है क ‘नह ं, इस आदमी क अलग-अलग पोशाक नह ं
ह गी।‘ आपके अनसु ार इस संदभ म ेमचंद के बारे म लेखक को वचार बदलने क या वजह हो सकती
ह?

Answer. ेमचंद ने एक फ़ोटो खंचवाया था िजसम उ ह ने फटा जत ू ा पहना था।उ ह ने फ़ोटो खंचवाने
के लए कोई वशेष कार क तैयार नह ं क थी और न ह अपनी पोशाक को आक षत बनाया था। जब
ह रशंकर परसाई ने वह फ़ोटो दे खी तो वह सोच म पड़ गए क जब फ़ोटो म इस यि त क पोशाक और
जतू े ऐसे ह तो वा तव म इस आदमी क पोशाक और कैसी कैसी होगी। उसके अगले ह पल परसाई जी
का मत उनके लए बदल गया य क ेमचंद को अगर दखावा करना ह होता तो वे फ़ोटो म बन ठनकर
आते। जैसे लोग फ़ोटो म ख़ब ू बन संवर कर आते ह और असल िज़ंदगी म वे दस ू र कार क पोशाक
पहनते ह ले कन ेमचंद ने ठ क वैसे ह फ़ोटो खंचवाया जैसे वे वा तव म थे। यह कारण था क लेखक
का वचार ेमचंद के लए बदल गया था।

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Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 6 Hindi

Q5 आपने यह यं य पढ़ा। इसे पढ़कर आपको लेखक क कौन सी बात आक षत करती ह?

Answer. ह रशंकर परसाई क एक महान यं यकार थे। उनके यं य करने क कला कुछ ऐसी थी क
अगला यि त एक बार को सोच म पड़ जाता था क उ ह ने कतनी सट क बात कह है । ह रशंकर
परसाई जीवन क वा त वकता को यान म रखते हुए अपने लेख म यंग शैल का योग करते थे। वह
यंग के वारा अपनी बात को इस ढं ग से रखते थे क वह हर कसौट पर सह बैठती थी।

Q6 पाठ म ‘ट ले’ श द का योग कन संदभ को इं गत करने के लए कया गया होगा?

Answer. पाठ म ट ले श द का योग करके समाज क परु ानी थाओं और ढ़वाद बरु ाइय को
संबो धत कया गया है । ट ला जब भी कसी के रा ते म आ जाता है तो उस यि त का माग बा धत हो
जाता है । ठ क इसी कार जब कोई मनु य समाज क बरु ाइय और ढ़वाद पर पराओं तथा
अ ध व वास म फँस जाता है तो उसका मान सक वकास बा धत हो जाता है ।

Q7 ेमचंद के फटे जत
ू को आधार बनाकर परसाई जी ने यह यंग लखा है । आप भी कसी यि त क
पोशाक को आधार बनाकर एक यं य ल खए।

Answer. यि त व से मलती जल ु ती पोशाक और हमारे बड़े फूफा जी का दरू दरू तक कोई नाता नह ं
है ।कहने को तो वह शहर के नामी गरामी डॉ टर ह ले कन उनके अंदर अमीर जैसी कोई बात ह नह ं है ।
चाहे मी टंग हो या उनका अपना हॉि पटल, वे साधारण कपड़ म ह सार जगह पर जाते ह।उ ह इस
बात से बलकुल फ़क नह ं पड़ता क चार लोग आएंगे और उनका मज़ाक उड़ाएंगे।िजस तरह वे अमीर से
बात करते ह ठ क उसी तरह वे अपने से नीचे अथात ग़र ब लोग से मलते जल ु ते ह। कुछ लोग को
लगता है क उ ह जीवन जीने का सल क़ा नह ं है ले कन वा तव म असल जीवन तो उ ह ं जी रहे
ह।उ ह ने यह स ध कया है क एक आदश यि त का जीवन कैसा होना चा हए।वह भले ह पोशाक से
डॉ टर ना लगते ह ले कन वह एक आदश मानव क कसौट पर खरे उतरते ह।

Page : 65 , Block Name : रचना और अ भ यि त

Q8 आपक ि ट म वेशभष
ू ा के त लोग क सोच म आज या प रवतन आया है ?

Answer. वेशभष
ू ा के त लोग क सोच म आज बहुत यादा प रवतन आया है ।आज लोग वेशभष ू ा के
आधार पर ह एक दस ू रे क पहचान करते ह।अगर कोई डॉ टर है तो उसका पहनावा अलग होता है और
अगर कोई चपरासी है तो वह भी चपरासी वाले कपड़े पहनता है ।कहने का मतलब ये है क आज वेशभष ू ा
के आधार पर लोग क पहचान तय होती है ।

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Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 6 Hindi

Page : 65 , Block Name : रचना और अ भ यि त

Q9 पाठ म आए मह
ु ावरे छाँ टए और उनका वा य म योग क िजए।

Answer.

बाज़ू से नकलना- प रि थ तय से बचकर नकलना
वा य योग- राजू पर ा क घड़ी आने पर हम सबके बाज़ू से नकल जाता है ।

यंग-मु कान- मज़ाक उड़ाना
वा य योग- याम ने मेर तरफ़ यंग मु कान उछाल और चला गया।

रा ते पर खड़े होना- बाधा डालना
वा य योग- अतीत क बात को अपनी सफलता के रा ते म खड़े होने दे ना बेवक़ूफ़ है ।

Page : 66 , Block Name : भाषा-अ ययन

Q10 ेमचंद के यि त व को उभारने के लए लेखक ने िजन वशेषण का उपयोग कया है उनक सच
ू ी
बनाइए।

Answer. ेमचंद के यि त व को उभारने के लए फटे जत ू ,े ट ल और फ़ोटो इ याद व तओ ु ं का
उपयोग कया है ।फटे जतू े यह बताते ह क ेमचंद एक सादा दल इंसान थे जो कसी भी कार का
दखावा करना पसंद नह ं करते थे। ट ले समाज क कुर तय क या या करते ह और यह भी क ेमचंद
ने अपने रा ते म आए ट ल को जत ू से ट कर मारकर हटाया। इसी कारण उनके जत ू े फट गए। ेमचंद ने
यह नह ं सोचा क फ़ोटो को जब लोग दे खगे तो वे सोचगे क यह यि त कतना ग़र ब है ।फ़ोटो समाज
को इं गत करता है ।

Page : 66 , Block Name : भाषा-अ ययन

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Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 9
TypeSolution
Pages5
Languagehindi
Updated30 Apr 2026