aglasem.com
Home Schools Admission Career Mock Test PDF Docs Playground
ClassChoose class
StateSelect state

NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) Chapter 3 तुम कब जाओगे अतिथि

Get here NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) Chapter 3 तुम कब जाओगे अतिथि. More Detail
NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) Chapter 3 तुम कब जाओगे अतिथि - Page 1 of 9

About NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) Chapter 3 तुम कब जाओगे अतिथि

NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) Chapter 3 तुम कब जाओगे अतिथि is available here for free download. Published by NCERT for Class 9, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (9 pages). Candidates preparing for Class 9 can use NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) Chapter 3 तुम कब जाओगे अतिथि to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) Chapter 3 तुम कब जाओगे अतिथि?

Open this page and click the Download button to save NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) Chapter 3 तुम कब जाओगे अतिथि as a PDF. It is completely free on AglaSem Docs.

Is NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) Chapter 3 तुम कब जाओगे अतिथि free to download?

Yes. NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) Chapter 3 तुम कब जाओगे अतिथि can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) Chapter 3 तुम कब जाओगे अतिथि have?

NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) Chapter 3 तुम कब जाओगे अतिथि contains 9 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 9 study material?

You can find more Class 9 question papers, sample papers, syllabus, and answer keys on AglaSem Docs.

NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) Chapter 3 तुम कब जाओगे अतिथि – Text

Read the full text of this solution below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.

📄 View text version (9 pages)

Page 1

NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 9th

aglase .co

Page 2

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 3 Hindi

Class : 9th

Subject : हंद

Chapter : 3

Chapter Name : तम
ु कब जाओगे, अ त थ

Q1 (क) न न ल खत न के उ र एक-दो पंि तय म द िजए-

1. अ त थ कतने दन से लेखक के घर पर रह रहा ह?

2. कैलडर क तार ख कस तरह फड़फड़ा रह ह?

3. प त-प नी ने मेहमान का वागत कैसे कया?

4. दोपहर के भोजन को कौन-सी ग रमा दान क गई?

5 तीसरे दन सब
ु ह अ त थ ने या कहा?

6 स कार क ऊ मा समा त होने पर या हुआ?

Answer. (क)

1. जब अ त थ आया तो लेखक को लगा क वो एक या यादा से यादा दो दन म चला जाएगा पर तु
वह तो लेखक के घर म चार दन से रह रहा था ।

2. अ त थ को इतने दन से लेखक के घर म रहता दे खकर मानो कैलडर क आँख अपनी सीमा म न ता

से फङफङाते हुई कह रह हो क आप कब जाएँगे ।

3 . प त (लेखक) ने मेहमान को एक नेह भर मु कुराहट के साथ गले लगाया था एवं उनक प नी ने

उ ह सादर नम ते कया था। रात का भोजन को उ च म यम वग म प रव तत कया गया था। िजसम

दो स जी, रायता और उसके i साथ मीठा भी परोसा गया था।

4 . दोपहर के भोजन को लंच क ग रमा दान क गई थी।

5 . तीसरे दन सब
ु ह जब अ त थ ने कुछ कहने के लए अपना मख
ु खोला तो सबको लगा अब इनके

Page 1 of 8

Page 3

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 3 Hindi

जाने का व त आ गया है पर तु अ त थ ने न ता पव
ू क अपने कपड़े धोबी को दे ने क इ छा जताई थी।

6 . स कार क ऊ मा समा त होने पर जो सफर दो स जी, ना ते और मीठे से शु हुआ था वो खचड़ी पर

आ गया था और शायद उपवास तक भी जा सकता था। ठहाके क जगह स नाट ने ले ल थी ।

Page : 33 , Block Name : मौ खक

Q2 (क) न न ल खत न के उ र ( 25 - 30 श द म ) द िजए :-

1. लेखक अ त थ को कैसी वदाई दे ना चाहता था?

2 पाठ म आए न न ल खत कथन क या या क िजए :-

(क). अंदर ह अंदर कह ं मेरा धल
ु वााााप गया।

(ख)अ त थ सदै व दे वता नह ं होता वह मानव और थोडे अंश म रा स भी हो सकता ह।

(ग). लोग दस
ू रे के होम क वीटनेस को काटने न दौडे ।

(घ) मेर सहनशीलता क वह अं तम सब
ु ह होगी।

(ङ) एक दे वता और एक मनु य अ धक दे र साथ नह ं रहते।

Answer (क) 1. लेखक अपने अ त थ (मेहमान) को भावभीनी अथात ् बहुत अ छ वदाई दे ना चाहता

था। वह अपने अ त थ को वदा करने अथात ् छोड़ने के लए रे लवे टे शन तक जाए, और उ ह बार - बार

क जाने का आ ह कर, परं तु वह न के।

2 (क) बना कोई खबर या सच
ू ना दए अ त थ को आया दे खकर लेखक परे शान हो गया, और वह ये

सोचने लगा क अब उसे अ धक अथात ् अ त र त ख़चा वहन करना पड़ेगा जो, उसक जेब के लए भार

पड़ने वाला है ।

2 (ख). अ त थ दे वता तभी होता है , अगर वह अपना दे व व बनाए रखे। अगर आया हुआ अ त थ दस
ू रे

दन वापस नह ं जाता और मेज़बान के लए पीड़ा या दख
ु का कारण बने, तो वह अ त थ मनु य न रहकर

Page 2 of 8

Page 4

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 3 Hindi

रा स तीत होने लगता है । दे वता तो कभी दख
ु का कारण नह ं बनते है ।

2 (ग) जब आया हुआ अ त थ आकर समय पर वापस नह ं जाता तो मेज़बान के प रवार म अशां त बढ़

जाती है । उस प रवार का सख
ु , चैन खो जाता है । और पा रवा रक समरसता कम होती जाती है । फर ऐसे

अ त थ का रहना अ छा नह ं लगता ह।

2 (घ) पहले दन के बाद से ह लेखक को अ त थ का रहना भार पड़ रहा था। दो-तीन दन का कना तो

जेसे-तैसे बीता, पर उसके अगले दन ह लेखक यह सोचने लगा क य द अ त थ पाँचव दन क गया तो

उसे यहां से जाने को बोलना पड़ेगा। उसे यहाँ से गेट आउट कहना पड़ेगा।

2 (ङ) दे वता तो कुछ ह समय के लए आते ह और अपना दशन दे कर चले जाते ह। वैसे ह अ त थ कुछ

ह समय के लए दे वता तीत होते ह, यादा दन ठहरने पर वह मनु य के लए भार पड़ने लगता है ।

फर कसी भी तरह से उस अ त थ को जाना ह पड़ता ह।

Page : 33 , Block Name : ल खत

Q2 (ख) न न ल खत न के उ र ( 50 - 60 श द म ) द िजए-

1. कौन-सा आघात अ या शत था और उसका लेखक पर या भाव पडा?

2. संबध का सं मण के दौर से गुजरना इस पंि त से आप या समझते है ? व तार से ल खए-

3. जब अ त थ चार दन तक नह ं गया तो लेखक के यवहार म या- या प रवतन आए?

Answer. (ख) 1. घर आये अ त थ का इस कार कहना, क वह अपने कपड़े धोबी से धल
ु वाना चाहता है ,

एक अ या शत आघात था। यह कहना या फरमाइश करना एक ऐसी चोट के समान था, िजसक लेखक

ने क पना भी नह ं क थी। इससे लेखक को ऐसा भाव पड़ा क उसे वह अ त थ रा स समझ आने

लगा। लेखक के मन म अ त थ के लए स मान क जगह बो रयत बोझ, तर कार एवं अपमान क

भावना आने लगी। और उ ह ऐसा लगने लगा क वह अ त थ इसी समय उसके घर से चला जाए।

Page 3 of 8

Page 5

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 3 Hindi

2. संबध का सं मण दौर से गज
ु रने का आशय ह- संबध म बदलाव आना। इस कारण या इस अव था

म व तु अपना असल व प खो दे ती है , और कोई दस
ू रा प ह धारण कर लेती ह। लेखक के घर आया

मेहमान जब दो-तीन दन से अ धक समय क गया तो ऐसी ि थ त उ प न हो गई। लेखक ने उससे

अनेक वषय पर बात करके वषय का ह अभाव बना लया था। इससे चप
ु रहने क ि थ त बन गई, जो

बो रयत लगने लगी, इस कार खश
ु ी क जगह बो रयत ने ले ल ।

3 . जब आया हुआ अ त थ चार दन के बाद भी घर से नह ं गया तो लेखक के यवहार म न न ल खत

प रवतन आए-

→ उ होने अ त थ के साथ मु कराकर बात करना छोड़ दया मु कान भी फ क हो गई। उनके बच म

बातचीत भी बंद हो गई।

→ अ छे -अ छे वा द ट भोजन क जगह खचड़ी बनवाना शु कर दया।

→ वह अ त थ को घर से जाने के लए भी बोलने को तैयार हो गया। उसके मन म यार क जगह नफरत

ने ले ल थी।

Page : 33 , Block Name : ल खत

Q1 न न ल खत श द के दो -दो पयाय ल खए-

चाँद, िज , आघात, ऊ मा, अंतरं ग

Answer. चाँद - चं मा, मयंक

िज - उ लेख, वणन

आधात - वार, चोट

ऊ मा - ताप, गम

Page 4 of 8

Page 6

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 3 Hindi

अंतरं ग - अंद नी, आंत रक

Page : 33 , Block Name : भाषा - अ ययन

Q2 न न ल खत वा य को नदशानस
ु ार प रव तत क िजए-

1. हम तु है टे शन तक छोड़ने जाएँगे। (नकारा मक वा य) ………………………………..

2. कसी लॉ ् पर दे दे ते है , ज द धल
ू जाएँग। ( नवाचक वा य)

​……………………………………..

3. स कार क ऊ मा समा त हो रह थी। (भ व यत काल)

​………………………………

4. इनके कपड़े दे ने ह। ( थान सच
ू क नवाची)

5. कब तक टकेगे ये? (नकारा मक)

Answer.

1. हम तु है टे शन तक छोड़ने नह ं जाएँगे।

2. कसी लॉ म दे ने से या यह ज द धल
ू जाएँग?

3. स कार क ऊ मा समा त हो जाएगी।

4. इसके कपड़े कहाँ दे ने है ?

5. कब तक नह ं टकेग य।

Page : 33 , Block Name : भाषा - अ ययन

Page 5 of 8

Page 7

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 3 Hindi

Q3 पाठ म आए इन वा य म ‘चक
ु ना’ या के व भ न योग को यान से दे खए और वा य संरचना

को सम झए-

1. तम
ु अपने भार चरण-कमल क छाप मेर ज़मीन पर अं कत कर चक
ु े ।

2. तम
ु मेर काफ म ट खोद चक
ु े।

3. आदर-स कार के िजस उ च बंद ु पर हम तु ह ले जा चक
ु े थे।________

4. श द का लेन-दे न मट गया और चचा के वषय चक
ु गए।

5. तु हारे भार -भरकम शर र से सलवट पड़ी चादर बदल जा चक
ु और तम
ु यह ं हो।

Answer. इस न को छा वयं कर।

Page : 34 , Block Name : भाषा - अ ययन

Q4 न न ल खत वा य संरचनाओं म ‘तम
ु ’ के योग पर यान द िजए-

1. लॉ ी पर दए कपड़े धल
ु कर आ गए और तम
ु यह ं हो।______

2. तु ह दे खकर फूट पड़ने वाल मु कुराहट धीरे -धीरे पफ क पड़ कर अब लु त हो गई है ।

3. तु हारे भरकम शर र से सलवट पड़ी चादर बदल जा चक
ु ।

4. कल से म उप यास पढ़ रहा हूँ और तम
ु फ मी प का के प ने पलट रहे हो।

5. भावनाएँ ग लय का व प हण कर रह ह, पर तम
ु जा नह ं रहे ।

Answer. छा पढ़े और ‘तम
ु ‘ के योग पर यान दे कर समझे।

Page : 34 , Block Name : भाषा - अ ययन

Q1 ‘अ त थ दे वो भव’ उि त क या या कर तथा आधु नक यग
ु के संधभ म इसका आकलन कर ।

Answer. परु ाने समय से ह भारत दे वता का दजा दया गया है । उ ह स मान दया जाता है , सारा घर
ह उनक आव भगत म लग जाता है ।पर तु आज के यग ु म अ त थ के लए समय नकलना बड़ा ह
क ठन है । भाग दौड़ के इस दौर म लोग यादा दन कसी को अपने यहाँ रखना नह ं चाहते ।सबके पास
समय सी मत है और अपने प रवार के लए ह समय दे पाना क ठन है । यह कारण है क आज कल

Page 6 of 8

Page 8

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 3 Hindi

लोग अ त थ को यादा पसंद नह ं करते ।

Page : 34 , Block Name : यो यता व तार

Q2 व याथ अपने घर आए अ त थय के स कार का अनभ
ु व क ा म सन
ु ाए ।

Answer. छा वयं कर ।

Page : 34 , Block Name : यो यता व तार

Q3 अ त थ के अपे ा से अ धक क जाने पर लेखक क या- या त कयाएँ हुई, उ ह म से छाँटकर
ल खए ।

Answer. जब अ त थ अपे ा से यादा क गया तो लेखक और उसके घर वाले उदास हो गए । िजसके
फल व प न न त याएं हुई =-

→ बात का सल सला जो दे र रात तक चलता था उसक जगह अब ख़ामोशी ने ले ल थी ।

→ भोजन जो पहले कसी होटल से कम न था अब वो खचड़ी म बदल चक
ु ा था बि क उपवास क नौबत
भी आ सकती थी ।

→ अ त थ जो अभी तक दे वता था, दानव लगने लगा था ।

→ सब कहते थे क वह ए ोनौट क तरह उड़ जाए ।

→ जहाँ पहले खश
ु हाल थी, अब स नाटा छाया था ।

Page : 34 , Block Name : यो यता व तार

Page 7 of 8

Page 9

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 3 Hindi

Page 8 of 8

Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 9
TypeSolution
Pages9
Languagehindi
Updated11 Aug 2026