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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 9th
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Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 4 Hindi
Class : 9th
Subject : ह द
Chapter : 4
Chapter Name : वै ा नक चेतना का वाहक: च शेखर वकट रामन
Q1 न न ल खत न के उ र एक-दो पंि तय म द िजए
1. रामन भावक
ु कृ त ेमी के अलावा और या थे?
2. समु को दे खकर रामन ् के मन म कौन-सी दो िज ासाएं उठ ं?
3. रामन के पता ने उनम कन वषय क सश त नींव डाल ?
4 वा ययं के अ ययन के वारा रमन या करना चाहते थे?
5. सरकार नौकर छोड़ने के पीछे रामन क या भावना थी?
6. ' रामन भाव ' क खोज के पीछे कौन - सा सवाल हलोर ले रहा था?
7 प काश तरं ग के बारे म आइं ट न ने या बतया ?
8 रमन क खोज ने कन अ ययन को सहज बनाया?
1 . रामन के अंदर वै ा नक िज ासा उतनी ह सश त थी िजतना क उनके अंदर कृ त के लए ेम
था।
2 . समु को दे खकर रामन के मन म यह न उठा क "आ खर समु का रं ग नीला य होता है ? कुछ
और य नह ं?
3 . रामन के पता ग णत और भौ तक के श क थे और उ ह ने इन दो वषय क नीव रमन म सश त
डाल ।
4 . वा ययं के अ ययन के वारा रमन वै ा नक सधा त को आधार बनाकर पि चमी दे श के इस
म को तोड़ना चाहते थे क भारतीय वा ययं वदे शी वा ययं क तल
ु ना म अ छे नह ं होते ।
5 . रामन के लए माँ सर वती क साधना कसी भी सख
ु -सु वधाएँ से यादा मायने रखती थी। इसी
कारण उ ह ने अपनी 10 वष क सरकार नौकर याग द ।
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6 . सन 1921 म जब रामन एक समु या ा पर थे तब उनके मन म एक सवाल हलोर ले रहा था क
समु के नीले रं ग क वजह या है । तब उ ह ने इस दशा म योग कये िजसका प रणाम 'रामन भाव'
के प म आया।
7. आइं टाइन ने बताया था क काश अ त सू म कण क ती धारा के सामान है और उ ह ने इन
सू म कण क तल ु ना बल
ु ेट से करते हुए उ ह फ़ोटॉन कहा।
8 . रामन क खोज क वजह से पदाथ के अणओ
ु ं एवं परमाणओ
ु ं का अ ययन सहज हो गया।
Page : 43 Block Name: न न ल खत नो के उ र एक-दो पि तय म द िजये
Q1 न न ल खत न के उ र 25-30 श द म ल खए-
1 कॉलेज के दन म रमन क दल इ छा या थी?
2 वा यं ो पर क गई खोज म रामन ने कौन सी ां त तोड़ने क को शश क ?
3 रामन के लए नौकर संबंधी कौन सा नणय क ठन था?
4 सर चं शेखर वकट रामन को समय-समय पर कन- कन परु कार से स मा नत कया गया?
5 रामन को मलने वाले परु कार ने भारतीय चेतना को जा त कया। ऐसा य कहा गया है ?
1 .अपने कॉलेज के दन म रामन क दल इ छा यह थी क वो अपना सम त जीवन शोधकाय को ह
सम पत कर द। परं तु उस जमाने म शोधकाय को एक पण
ू का लक कै रयर के प म अपनाने क कोई भी
यव था नह ं थी।
2 . रामन ने दे शी और वदे शी दोन ह कार के वा यं ो का अ ययन कया। वे इस अफवाह या ां त जो
क वदे श म बहुत च लत थी, उसे को तोडना चाहते थे, क भारतीय वा यं से अ छे वदे शी वा यं
होते ह।
3 . उस समय नौकर को छोडकर कसी व व व यालय म एक ोफेसर क नौकर करने का फैसला
लेना बहुत ह क ठन था। य क उस समय के हसाब से रामन सरकार वभाग म एक ति ठत
अफसर अथात बहुत अ छ पो ट पर थे। मोट तन वाह और सभी कार क सु वधाएँ मलती थी। उसे
छोड़कर ोफेसर क नौकर का तय करना बड़ा मिु कल था।
4 . सर चं शेखर वकट रामन को समय-समय पर अनेक परु कार से परु कृत कया गया।1924 म
रॉयल सोसायट क सद ता भी दान क गई। 1929 म उ ह 'सर' क उपा ध से नवाजा गया। 1930
म व व का सबसे बड़ा परु कार 'नोबल परु कार' से स मा नत कया गया। रॉयल सोसायट का यजू
पदक दान कया गया। सो वयत संघ का अंतरा य 'ले नन' परु कार भी मला। 1954 म उनको दे श
का सबसे बड़ा अथात सव च स मान 'भारत रतन' से स मा नत कया गया।
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5. रामन को समय-समय पर मलने वाले परु कार ने भारतीय चेतना को भी जा त कया। इनम से
अ धक परु कार वदे शी थे और ति ठत भी। उस समय अं ेज क गल ु ामी का दौर था, उस व त कसी
भारतीय वै ा नक को इतना स मान दया जाने के कारण भारत को आ म व वास और अपना
आ मस मान मला और दस ू रे लोग को ेरणा भी मल ।
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Q2 न न ल खत न के उ र 50-60 श द म ल खए
1 रामन के ारं भक शोधकाय को आधु नक हठयोग य कहा गया है ?
2 रामन क खोज 'रामन- भाव' या है ? प ट क िजए :-
3 'रामन भाव क खोज से व ान के छे म कौन-कौन से काय संभव हो सके?
4 दे श को वै ा नक ि ट और चंतन दान करने म सर चं शेखर वकट रामन के मह वपण
ू योगदान
पर काश डा लए –
5 सर चं शेखर वकट रामन के जीवन से ा त होने वाले संदेश को अपने श द म ल खए ।
1. रामन के समय म शोधकाय करना बहुत मिु कल था। शोधकाय करने के लए प रि थ तयां बलकुल
वपर त थी। उनक सरकार नौकर थी, वह नौकर करते थे, िजससे समय का बड़ा अभाव रहता था।
पर तु रामन जैसे ह फुसत म होते, वह बहू बाजार चले जाया करते थे। वहां 'इं डयन असो सएशन फॉर
दा क ट वेशन ऑफ़ साइंस' क योग-शाला म काम करते। इस योग शाला म उपयु त साधन का
अभाव होते हुए भी रामन अपने काम चलाऊ उपकरण से शोधकाय करते लेते थे। ऐसे म अपनी
इ छाशि त के बलबत ू े पर अपना शोधकाय करना ह आधु नक हठयोग कहा गया है ।
2. जब एक णर ये णीय काश क करण कसी तरल अथवा ठोस रवेदार पदाथ से गुजरती है । तो
उसके वण म बड़ा प रवतन आ जाता ह, एक णीय काश क करण के फ़ोटॉन जब तरल या ठोस रवे
से टकराते ह,तो ऊजा का अंश खो दे ते ह या फर पा लेते ह, दोन ि थ तय म रं ग म बदलाव आता है ।
इसी को 'रामन भाव' खा गया है ।
3 . 'रामन ् भाव' क खोज से व ान के े म अनेक काय संभव हो सके। व भ न पदाथ के अणओ ु ं
और परमाणओ ु ं क आंत रक संरचना का अ ययन सहज हो गया। रामन ् क इस खोज के बाद पदाथ क
आण वक और परमाण वक संरचना के अ ययन के लए रामन ् पे ो कोपी का सहारा लया जाने
लगा।रामन ् क तकनीक एकवण य काश के वण म प रवतन के आधार पर पदाथ के अणओ ु ं और
परमाणओ ु ं क संरचना क सट क जानकार दे ने लगी। अब पदाथ का सं लेषण योगशाला म करना
तथा अनेक उपयोगी पदाथ का कृ म प म नमाण संभव हो गया।
4 . दे श को वै ा नक ि ट और चंतन दान करने के लए रामन के कई काम कए। रामन ने बंगलोर म
एक अ यंत ह उ नत योगशाला और शोध सं थान क भी थापना क , िजसे अब रामन
रसच-इं ट यट ू के नाम से जाना-जाता है । भौ तक श म अनस
ु ंधान को बढ़ावा दे ने के लए उ ह ने
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इं डयन जनरल ऑफ फिज स नामक शोध प का भी ारं भ क ।उ ह ने अपने जीवन काल म सैकड
शोध छा का भी मागदशन कया। व ान के चार- सार के लए वे करट साइंस नामक प का का भी
संपादन करते थे।
5 . स र चं शेखर वकट रामन के जीवन से हमे सदै व आगे बढ़ते रहने क श ा मलती है , नरं तर बढे
चलो का संदेश ा त होता ह। रामन ने यह संदेश दया है , क हम अपने आसपास हो रह या घट रह
येक- ाकृ तक घटनाओं क छान-बीन वै ा नक ि ट से करनी चा हए। इंसान को अपनी तभा का
सदप ु योग भी करना चा हए। चाहे इसके कारण अपनी सख ु -सु वधाओं को ह यागना पड़े। इ छा शि त
अगर मजबत ू हो तो रह अपने आप ह नकल आती ह।
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Q3 आशय प ट क िजए-
1. उनके लए सर वती क साधना सरकार सख
ु -सु वधाओं से कह ं अ धक मह वपण
ू थी।
2. हमारे पास ऐसी न जाने कतनी ह चीज बखर पड़ी ह, जो अपने पा क तलाश म ह।
3. यह अपने आप म एक आधु नक हठयोग का उदाहरण था।
1. डॉ. रामन जब व व व यालय के श क बन गए, तो वह अपना परू ा यान शोध काय और अ यापन
को ह दे ना चाहते थे। उ ह जो भी सरकार सु वधाएँ मल उनको अ वीकार कया य क उनका मानना
था क सवाि त अथात श ा पाना और श ा दे ना अ धक ज़ र था।
2.स ंगीत के सरु और ताल का ान एवं काश क करड़ो क आभा के अंदर से रामन ने वै ा नक
स धांत क खोज नकल । और ये संदेश दया क जो भी हमारे आसपास ाकृ तक घटनाएँ घट रह
उनक खोज या छानबीन वै ा नक ि टकोण से करनी चा हए। कृ त के बीच म छुपे कई वै ा नक
रह य का भेदन करना। हमारे आस-पास के इस वातावरण म कई कार क चीज़ फैल या बखर होती
ह। उसे अ छे और सह तर के से सवारने वाले ह यि त क ज रत होती है । वो यि त ह नए प दे ता
है ।
3. ि जस समय रमन शोध कर रहे थे उस व ि थ त अनकु ू ल नह ं थी। परं तु रामन कसी भी
प रि थ त म अपना काय कर ह लेते थे भले ह उनके लए उ ह हठ क ि थ त तक ह य न जाना
पड़े। वह एक सरकार पद पर थे तथा काफ य त रहते थे। परं तु वह अपना समय नकालकर इं डयन
एसो सएशन फॉर द क ट वेशन ऑफ साइंस क योगशाला म काय करते थे। योगशाला म काफ
साधन नह ं थे परं तु वह अपना काम चला लेते थे। यह एक तरह से हठयोग का उदाहरण ह तो था।
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Q4 उपयु त श द का चयन करते हुए थान क पू त क िजए
इं ा रे ड पे ो कोपी, इं डयन एसो सएशन फॉर द कि टवेशन ऑफ़ साइंस, फलॉसॉ फकल मैगज़ीन,
भौ तक , रामन ् रसच इं ट यट ू
1. रामन ् का पहला शोध प ............ म का शत हुआ था।
2. रामन ् क खोज ............... के े म एक ां त के समान थी।
3. कलक ा क मामल
ू -सी योगशाला का नाम ................. था।
4. रामन ् वारा था पत शोध सं थान ......... नाम से जानी जाती है ।
5. पहले पदाथ के अणओु ं और परमाणओ
ु ं क आंत रक संरचना का अ ययन करने के लए .......... का
सहारा लया जाता था।
(1) फलॉसॉ फकल मैगज़ीन
(2)भौ तक
(3)इं डयन एसो सएशन फॉर द कि टवेशन ऑफ़ साइंस
(4 )रामन ् रसच इं ट यट
ू
(5)इं ा रे ड पे ो कोपी
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Q1. नीचे कुछ सामनाथ श द दए जा रहे ह िजनका अपने वा य म इस कार योग करे क उनके
अथ का अंतर प ट हो सके ।व
(क) माण (ख ) णाम
(ग)धारणा (घ)धारण
(पव
ू वत (च)परवत
(छ) प रवतन (ज) वतन
Answer.
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(क) माण : चं शेखर वकट रमन इस बात का माण है क लगन यि त को ल य तक पंहुचा सकती है
। (ख ) णाम : राकेश ने जैसे ह अपने दादा और दाद को दे खा, उसने उ ह तरु ं त णाम
कया ।
(ग)धारणा : आम लोग क यह धारणा है क उनके वचार क सव प र है ।
(घ)धारण : अ छा आचरण धारण करने से जीवन सख
ु द हो जाता है ।
(पव
ू वत : हमारे दे ख के पव
ू वत इलाके बहुत ह पीछे है ।
(च)परवत : अगर ऐसे ह दष
ू ण होता रहा हो आने वाले परवत लोग को बहुत ह क ठनाइय का
सामना करना पड़ेगा ।
(छ) प रवतन : हर यि त के समय म प रवतन आता है ।
(ज) वतन : परु ातन काल म अनेक राजाओ के वारा समु वतन कया गया ।
Page : 44 Block Name :भाषा अ ययन
Q2 रे खां कत श द के वलोम श द का यग
ू करते हुए र त थान क पू त क िजए -
(क) मोहन के पता मन से सश त होते हुए भी तन से ______________ है (क )
(ख)अ पताल के अ थायी करमचा रय को _____________ प से नौकर दे द गयी ।
(ग) रामन ने अनेक ठोस रव और ____________ काश क करण के भाव का अ ययन कया ।
(घ) आज ब जार म दे शी और _____________ दोन कार के खलोन उपल ध ह ।
()सागर क लहर का आकषण उसके वनाशकार प को दे खने के बाद म _____________म
प रव तत हो जाता है ।
Answer .
(क)असश त
(ख ) थायी
(ग)तरल
(घ) वदे शी
() वकषण
Page : 45 Block Name : भाषा अ ययन
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Q3 नीचे दए उदाहरण म रे खां कत अंश म यु मो का योग हुआ है -
उदाहरण : चाउतान को गाने-बजाने का आनंद आता है ।
उदाहरण के अनस
ु ार न न ल खत श द-यु मो का योग वा य म क िजए -
सख
ु -सु वधा
अ छा-ख़ासा
चार- सार
आस-पास
Answer.
सख
ु -सु वधा : आज के यग
ु म हर यि त सख
ु -सु वधा क कामना करता है ।
अ छा-ख़ासा : केट का हमारे दे ख म अ छा-खासा भाव दे खने को मलता है ।
चार- सार : आजकल चार- सार का बहुत मह व है ।
आस-पास : अपने आस-पास के लोग का हम पर बहुत भाव पड़ता है ।
Page: 45 , Block Name: भाषा अ ययन
Q4 तत
ु पाठ म आए अनु वार और अनन
ु ा सक श द को न न ता लका म ल खए -
(क ) अ दर (क ) ढूढते
(ख ) (ख)
(ग) (ग)
(घ) (घ)
() ()
Answer.
अनु वार अनन
ु ा सक
(क ) रं ग (क ) पहुचना
(ख ) वकट रमन (ख)जाएँ
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(ग) सं था (ग)सु वधाएं
(घ) े सडसी (घ)जहाँ
Page : Block Name :
पाठ म न न ल खत व श ठ भाषा योग आए ह । सामा य श द म इनका आशय प ट क िजए ।
घंटो खोए रहना , वाभा वक, झान बनाए रखना, अ छा खासा काम कया , ह मत का काम था,
सट क जानकार , काफ ऊँचे अंक हा सल कये, कड़ी हणत के बाद खड़ा कया था, मोट तन वाह
Page : 45 Block Name : भाषा अ ययन
Q5 पाठ के आधार पर मलान क िजए -
नीला काम चलाऊ
पता रव
तैनाती भारतीय वा य यं
उपकरण वै ा नक रह य
घ टया समु
फोटान नींव
भेदन कलक ाा
Answer .
नीला समु
पता नींव
तैनाती कलक ाा
उपकरण काम चलाऊ
घ टया भारतीय वा ययं
फोटान रव
भेदन वै ा नक रह य
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Page : 45 Block Name : भाषा अ ययन
Q6 पाठ म ए रं ग क सच
ू ी बनाईए। इनके अ त र त दस रं ग के नाम और ल खए ।
Answer . व याथ वयं करे ।
Page :45 Block Name : भाषा अ ययन
Q7 नीचे दए गए उदाहरण के अनस
ु ार ‘ह ’ का योग केर के पाँच वा य बनाइये ।
उदाहरण : उनके ान क सश त नींव उनके पता ने ह तैयार क थी ।
Answer.
→ अ छे कल क शु आत आज से ह क जा सकती है ।
→ केकई ह राम के वनवास का कारण थी ।
→ व याथ जीवन ह सु दर कल क नींव है ।
→ मेर माता जी ह हमारे घर क जान है ।
→ क ठन प र म करके ह ल य ा त कया जा सकता है ।
Page : 45 Block Name : भाषा अ ययन
Q1 ‘ व ान का मानव वकास म योगदान’ वषय पर क ा म चचा क िजए ।
Answer. व याथ क ा म चचा करे ।
Page : 45 Block Name : यो यता व तार
Q2 भारत के कन - कन वै ा नक को नोबेल पु कार मला है ? पता लगाइए और ल खए ।
Answer. व याथ वयं कर।
Page : 45 Block Name : यो यता व तार
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Q3 यट
ू न के अ व कार के वषय म जानकार ा त क िजए।
Answer. व याथ वयं कर।
Page : 45 Block Name : यो यता व तार
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