aglasem.com
Home Schools Admission Career Mock Test PDF Docs Playground
ClassChoose class
StateSelect state

NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) धर्म की आड़ [Old Book]

Get here NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) धर्म की आड़ [Old Book]. More Detail
NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) धर्म की आड़ [Old Book] - Page 1 of 11

About NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) धर्म की आड़ [Old Book]

NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) धर्म की आड़ [Old Book] is available here for free download. Published by NCERT for Class 9, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (11 pages). Candidates preparing for Class 9 can use NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) धर्म की आड़ [Old Book] to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) धर्म की आड़ [Old Book]?

Open this page and click the Download button to save NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) धर्म की आड़ [Old Book] as a PDF. It is completely free on AglaSem Docs.

Is NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) धर्म की आड़ [Old Book] free to download?

Yes. NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) धर्म की आड़ [Old Book] can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) धर्म की आड़ [Old Book] have?

NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) धर्म की आड़ [Old Book] contains 11 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 9 study material?

You can find more Class 9 question papers, sample papers, syllabus, and answer keys on AglaSem Docs.

NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) धर्म की आड़ [Old Book] – Text

Read the full text of this solution below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.

📄 View text version (11 pages)

Page 1

NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 9th

aglase .co

Page 2

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 5 Hindi

Class : 9th

Subject : हंद

Chapter : 5

Chapter Name : धम क आड़

Q1 न न ल खत न के उ र एक -दो पंि तय म द िजए-

1. आज धम के नाम पर या- या हो रहा ह?

2. धम के यापार को रोकने के लए या उ योग होने चा हए?

3. लेखक के अनस
ु ार वाधीनता आ दोलन का कौन सा दन सबसे बरु ा था?

4. साधारण से साधारण आदमी तक के दल म या बात अ छ तरह घर कर बैठ ह?

5. धम के प ट च ह या ह?

Answer. 1. आज दे श म धम
ू है तो धम क । धम के नाम पर उ पाद कए जाते है , िज़द कर जाती है ।

यहाँ तक क अपने धम के नाम पर लोग जान लेने को और दे ने को भी तैयार रहते है ।

2 . आज हर जगह जो धम के नाम पर यवसाय हो रहा है इसे रोका जा सकता है व वास से जो अ डंग
हो । तथा वरो धय के खलाफ ह मत से काम लेने से। हम अपनी बु ध का योग करना चा हए।

3 . िजस दन वाधीनता के े म खलाफत मु ला, मौल वय और धमाचा रय को थान कया जाना

ज र हुआ था। िजससे हमने वाधीनता से एक कदम पीछे रखा और अंजाम अ छा नह ं रहा। वह दन

लेखक के अनस
ु ार वाधीनता आ दोलन का बरु ा दन था।

4 . आज के यग
ु म साधारण आदमी भी उबल पड़ता है । सबके मन म यह बात घर कर गई है क धम क

र ा के लए जान लेना और दे ना कोई बड़ी बात नह ं है ।

5 . लेखक के अनस
ु ार धम के दो प ट च ह है : शु ध आचरण और सदाचार धम है ।इसके अलावा बाक

Page 1 of 10

Page 3

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 5 Hindi

सब दखावा और फरे ब है ।

Page : 52 , Block Name : न न ल खत न के उ र एक -दो पंि तय म द िजए-

Q1 न न ल खत न के (25-30 श द म) उ र द िजए-

1. चलते - पज
ु लोग धम के नाम पर या करते है ?

2. चालाक लोग साधारण आदमी क कस अव था का लाभ उठाते ह?

3. आनेवाला समय कस कार के धम को नह ं टकने दे गा?

4. कौन-सा काय दे श क वाधीनता के व ध समझा जाएगा?

5. पा चा य दे श म धनी और नधन लोग म या अंतर ह?

6. कौन से लोग धा मक लोग से अ धक अ छे ह?

Answer. 1 . चलते - पज
ु लोग धम के नाम पर लोग को मख
ू बनाते है , और वो अपना मतलब परू ा करते

है , यह अपना वाथ स ध करते ह, लोग क शि तय व उनके उ साह का गलत इ तेमाल करते ह। वे

इन जा हल के दम और

2 . चालाक लोग एक साधारण आदमी क धम के त न ठा और अ ानता का बड़ा लाभ उठाते है ।

उनके बहकावे म जा जाते ह। और चालाक आदमी उसे िजधर चाहे उधर मोड़ सकता है । और अपना

मतलब नकाल लेता है , और साथ ह उन पर अपना हक जमाने लगता है । साधारण आदमी क अ ानता

का लाभ उठाकर उनक शि तय और उ साह का शोषण करते ह।

3 . नमाज़ पढ़ना, शंख बजाना, नाक दबाना यह धम नह ं है , अ छा शु ध आचरण और सदाचार धम के

ल ण ह। पज
ू ा के नाम पर अंध व वास और ढ ग का नाटक आगे नह ं टक पायेगा। इस कार क पज
ू ा

तो भगवान को घस
ू दे ने जैसी होती ह। दस
ू र को दःु ख दे ना गलत काय करना धोखा दे ना धम नह ं ह। इस

लए आगे से कोई गलत और ट नेता लोग क धा मक भावनाओं से नह ं खेल सकता । आने वाला

Page 2 of 10

Page 4

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 5 Hindi

समय दखावे वाले धम को नह ं टकने दे गा।

4 . हमारा दे श पण
ू तः आज़ाद और वाधीन है , हमारे दे श म सभी को अपने-अपने धम को अपने ढं ग से

मनाने क परू आजाद है , वतं ता है । य द कोई भी इसम बाधा उ प न करता है , या धम क आड़ म

अपना उ लू सीधा करता है , तो वह काय दे श क वाधीनता के व ध समझा जाएगा।

5 . पा या य दे श म धनी और नधन लोग के बीच गहर खाई के समान अंतर होता ह, वहां अमीर धनी

लोग गर ब का खन
ू चस
ू ना चाहते ह। ग़र ब से परू ा काम लेकर ह धनी लोग धनी बने ह, धन का लालच

दे कर उ ह अपने वश म करके। उनसे मन-माने तर के से अपना काम करवाते ह। अमीर के पास सार

सु वधाएँ होती ह, परं तु गर ब को कड़ी मेहनत करने के बाद भी झोपड़ी म अपना जीवन यापन करना

पड़ता है । इसी से सा यवाद का ज म हुआ।

6 . जो लोग खद
ु को धा मक कहते है ।, पर उनका आचरण, यवहार अ छा नह ं है । उन लोग से वे लोग

अ छे है , जो नाि तक ह, धम को बहुत ज टलता स नह ं मानते पर आचरण और उनका यवहार बहुत

अ छे है । दस
ू र के सख
ु -दख
ु का यान रखते ह, उनक मदद करते है , और अपना मतलब या वाथ

स ध करने के लए सीधे स जन या अ ान या अ ान लोग को मख
ू नह ं बनाते ह।

Page : 52 , Block Name : न न ल खत न के (25-30 श द म) उ र द िजए-

Q2 न न ल खत न के उ र ( 50-60 श द म ) ल खए :-

1. धम और ईमान के नाम पर कए जाने वाले भीषण यापार को कैसा रोका जा सकता ह?

2. ‘बु ध पर मार‘ के संबंध म लेखक के या वचार ह?

3. लेखक क ि ट म धम क भावना कैसी होनी चा हए?

4. महा मा गांधी के धम-संबंधी वचार पर काश डा लए?

5. सबके क याण हे तु अपने आचरण को सध
ु ारना य आव यक ह?

Answer. 1 . चालाक लोग धम और ईमान के नाम पर साधारण लोग को बहला-फुसला कर उनका

Page 3 of 10

Page 5

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 5 Hindi

शोषण कर अपना वाथ स ध करते ह। वे धम के नाम पर दं गे फसाद लोग को एक दस
ू रे से लड़वाना,

झगड़े हंसा फैलाना और लोग क शि त का द ु पयोग करना कई सारे अमानवीय काय करते ह। धम क

आड़ म बज़नेस यापार चल रहा ह। और इसे रोकना अ त आव यक है , इसके लए लोग को धम, अथ,

त व को सह तरह से करके साहस और ढ़ता से धम गु ओं क पोल खोलनी चा हए।

2 . ‘बु ध पर मार‘ का ता पय ये ह क लोग क बु ध म ऐसे वचार डालना िजससे वे गम
ु राह हो जाए।

इससे उनके सोचने-समझने क शि त न ट हो जाए। लेखक का वचार है , क वदे श म धन क हा न। तो

भारत म बु ध क मार। यहां लोग क बु ध को मत कया जाता है । जो थान भगवान और आ मा

का है , वह अपने लए बना लया जाता है । फर इ ह नाम अथात ् धम, इमान, आ मा के नाम पर अपने

वाथ क स व के कारण सामा य लोग को आपस म लड़ाया जाता है ।

3 . हमारा दे श एक वाधीन दे श है । इसम सब अपने-अपने धम को अपने ढं ग से मनाने क परू वतं ता

होती ह। उसके अनस
ु ार शंख, घंटा बजाना, जोर-जोर से नमाज़ पढ़ना ह केवल धम नह ं माना गया है , या

धम नह ं है । यि त का शु ध आचरण ओर सदाचार धम के ल ण है ।

4 . महा मा गांधी जी अपने जीवन म धम को सव च थान दे ते थे। धम के बना उनका जीवन यथ था

धम के बना तो वे एक कदम भी चलने को तैयार नह ं थे। वे हमेशा ह अपने धम का पालन करते थे।

उनके धम के प को समझना आव यक है । धम से ता पय-महा मा गांधी का मतलब, धम सव च और

उदार त व का ह हुआ करता है । परं तु वे धम क क टरता के वरोधी थे। येक मानव का यह कत य

है , क वह धम के व प को अ छ कार से समझ ल। और गाँधीजी स य और अ हंसा को ह परम धम

मानते थे।

5 . सबके क याण हे तु अपने आचरण म शु वता अ त आव यक है । य द हम धा मक वु त के अथात ्

अपना यवहार अ छा, सदाचार पण
ू रखेग तो दस
ू र को समझाना भी बड़ा ह आसान हो जायेगा। लोग

क याण हे तु हम अपने आचरण को सध
ु ारना इस लए आव यक होता है , य क जब हम खद
ु ह बगड़े

Page 4 of 10

Page 6

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 5 Hindi

अथात ् खद
ु को ह नह ं सध
ु ारगे, कसी दस
ू रे के साथ अपना यवहार सह नह ं रखगे, तो फर हम दस
ू र

से या आशा रख सकते है । क वो हमसे अ छा यवहार कर।

Page : 52 , Block Name : न न ल खत न के उ र ( 50-60 श द म ) ल खए :-

Q3 न न ल खत का आशय प ट क िजएः

1 उबल पड़ने वाले साधारण आदमी का इसम केवल इतना ह दोष है क वह भी नह ं समझता-बझ
ु ता,

और दस
ू रे लोग उसे िजधर जोत दे ते ह, उधर जत
ु जाता ह।

2 यहां है बु व पर परदा डालकर पहले ई वर और आ मा का थान अपने लए लेना, और फर, धम,

ईमान और ई वर के नाम पर अपनी वाथ- स व के लए ल ग को लड़ाना- भड़ाना ।

3 अब तो, आपका पज
ू ा-पाठ न दे खा जाएगा, आपक भलमनसाहत क कसौट केवल आपका आचरण

होगी।

4 तु हारे मानने से ह मेरा ई वर व कायम नह ं रहे गा, दया करके, मनु य व को मान , पशु बनना छोड़

और आदमी बन !

Answer. 1 . साधारण यि त को भले ह धम का ान हो न हो, वह धम के नाम पर हमेशा उबल पड़ता

है । उ ह केवल इतनी समझ है धम आव यक है और हम उसक र ा के लए जान भी दे नी चा हए। और

आज के यग
ु म इसी बात का फायदा कुछ लोग उठाते है ।

2 . भारत दे श म धम के नाम पर कुछ लोग साधारण जनता को मत करते है । िजस जगह ई वर और

आ मा को होना चा हए, वह लोग हण कर दे ते है । यह वाथ स व करने के लए आम लोग को धम

का नाम लेकर भड़वाते है ।

3 . इस पंि त से लेखक यह बताना चाहता है क आप कतना ह मं दर-मि जद जाए, अनेक पज
ू ा-पाठ,

दान-कम करे परं तु अगर आपने धम के दो च ह शु ध आचरण एवं सदाचार धम को नह ं अपनाया तो

Page 5 of 10

Page 7

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 5 Hindi

सब यथ है । य क अपना वाथ- स व करने और बेईमानी कर दस
ू र को तकल फ़ पहुँचाने क

वतं ता धम नह ं दान करता है । इस लए आने वाले समय म यि त को उसके आचरण से जाना

जाएगा न क पज
ू ा पाठ क मह वपण
ू कहा जाएगा।

4 . उपयु त पंि तय से लेखक यह समझना चाहते है क धम के नाम पर हंसा करने से ई वर क ाि त

नह ं होगी । बि क उनका वजद
ू तब होगा जब हम मानव धम नभाएग।

Page : 53 , Block Name : न न ल खत का आशय प ट क िजएः

Q1 उदाहरण के अनस
ु ार श द के वपर ताथक ल खए-

(1) सग
ु म - दग
ु म

(2) धम - ………….

(3) ईमान - ………….

(4) साधारण - ………….

(5) वाथ - ………….

(6) द ु पयोग - ………….

(7) नयं त - …………..

(8) वाधीनता - …………..

Answer.

(1) सग
ु म - दग
ु म

Page 6 of 10

Page 8

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 5 Hindi

(2) धम - अधम

(3) ईमान - बेईमान

(4) साधारण - असाधारण

(5) वाथ - नः वा

(6) द ु पयोग - सदप
ु योग

(7) नयं त - अ नय त

(8) वाधीनता - पराधीनता।

Page: 53, Block Name : भाषा अ ययन

Q2 न न ल खत उपसग का योग करके दो-दो श द बनाइये-

ला, बला, बे, बद, ना, खश
ु , हर, गैर

Answer.(1) ला - लाजवाब, लाइलाज

(2) बला - बलावजह, बलानागा

(3) बे - बे हसाब, बे मसाल

(4) बद - बदनाम, बदतमीज

(5) ना - नालायक, नागवार

(6) खश
ु - खश
ु -हाल,खश
ु नसीब

Page 7 of 10

Page 9

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 5 Hindi

(7) हर - हरसमय, हरकोई

(8) गैर - गैरकानन
ू ी, गैर िज मेदार

Page: 53, Block Name : भाषा अ ययन

Q3 उदाहरण के अनस
ु ार ' व' यय लगाकर पाँच श द बनाइये-

उदहारण : दे व + व=दे व व

Answer.

(1)अपना + व=अपन व

(2) पत ृ + व= प व

(3) उ रदायी + व=उतरदा य व

(4)लघु + व=लघु व

(5)महा + व=मह व

Page: 53, Block Name : भाषा अ ययन

Q4 न न ल खत उदाहरण को पढ़कर पाठ म आए संयु त श द को छाँटकर ल खए-

उदाहरण : चलते-परु जे

Answer. पढ़ - लख

पज
ू ा - पाठ

Page 8 of 10

Page 10

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 5 Hindi

लडाना - मटाना

दे श - भर

दन - भर

सख
ु - दख
ु

मन - माना

न य- त

Page: 53, Block Name : भाषा अ ययन

Q5 ‘भी’ का योग करते हुए पाँच वा य बनाइये-

उदाहरण : आज मझ
ु े बाजार होते हुए अ पताल भी जाना ह।

Answer. (1) िजंदगी म आज भी संघष बहुत है ।

(2) कुछ लोग पर कसी भी चीज का असर नह ं होता।

(3) कई अंतर के बाद भी भारत एक है ।

(4) सोनू मलने नह ं गया तो मोनू भी नह ं आया।

(5) आजकल श ा भी यवसाय बन गई है ।

Page: 53, Block Name : भाषा अ ययन

Q1 ‘धम एकता का मा यम है ’-इस वषय पर क ा म प रचचा क िजए ।

Page 9 of 10

Page 11

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 5 Hindi

Answer. छा वयं कर ।

Page: 54 , Block Name : यो यता व तार

Page 10 of 10

Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 9
TypeSolution
Pages11
Languagehindi
Updated11 Aug 2026