NCERT Solutions for Class 9 Hindi (स्पर्श) Chapter 9 अग्निपथ – Text
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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 9th
aglase .co
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Class: 9th
Subject : ह द
Chapter : 12
Chapter Name : अि न पथ
Q1. न न ल खत न के उ र द िजए –
1 क व ने 'अि न पथ' कसके तीक व प योग कया है ?
2 'माँग मत,' 'कर शपथ', 'लथपथ' इन श द का बार - बार योग कर क व या कहना चाहता है ?
3 'एक प - छाँह भी माँग मत' इस पंि त का आशय प ट क िजए।
1. क व ने अपनी क वता ' अि न पथ' म मानव के जीवन म आने वाल द क़त और क ठनाइय के
व प म य त कया है । यि त का जीवन संघष-पण ू होता है , परं तु सबको संघष कर चलना ह पड़ता
है । और जीवन म आने वाल क ठनाइय का सामना भी करना पड़ता है , क व का यह भी मानना है क
हमारा यह जीवन क ठनाइय और चन ु ौ तय से प रपण
ू और संकट से भरा हुआ है ।
2. 'माँग - मत,' 'कर शपथ','लथपथ' इन श द का योग बार - बार करते हुए क व ने जीवन म आने
वाल क ठनाइय को सहन करते हुए आगे बढ़ने क सलाह अथात ेरणा द है । उनका कहना है क य द
रा ते मिु कल से भरे हो तो घबराना नह ं चा हए और न ह ं हार मानकर रा ता छोड़ना चा हए | घबराना
नह ं चा हए और न ह ं हार मानकर रा ता छोड़ना चा हए, को समझाने के लए क व ने इन श द का
योग बार - बार कया है ।
3. इस पंि त से क व का आशय यह है , क चाहे राह म कतनी भी मिु कल या क ठनाइयाँ आए परं तु
कसी क मदद या सहारे क अपे ा नह ं करनी चा हए। मानव को उनका सामना वयं ह करते हुए अपने
ल य क ओर बढ़कर उसे ा त करना चा हए।
Page : 105 , Block name : न न ल खत न के उ र द िजए
Q2 न न ल खत का भाव प ट क िजए।
1 तू न थमेगा कभी
तू न मड़
ु ग
े ा कभी
2 चल रहा मनु य है
अ -ु वेद-र त से लथपथ, लथपथ, लथपथ
3. इस क वता का मल
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1. इन पंि तय का भाव यह है , क क ट से भरे इस राह म कभी कना और थमना नह ं ह।
मानव जीवन क ट से भरा है , परं तु मनु य को केवल अपने ल य को यान म रखकर क ठनाइय और
चन
ु ौ तय से न घबराकर बस आगे बढ़ते जाना है और अपने ल य को ा त करना ह।
2. तत
ु पंि तय म क व का भाव यह है , क संघष करते हुए राह म सबसे मनोरम एवं संद
ु र यह होता
है , क मानव अपनी मेहनत का पसीना बहाते हुए उस राह पर बढ़े चले जा रहा है । अपना पसीना बहाते
हुए, खन ू से लथपथ होने पर भी बढ़ता चला जा रहा है । इससे उसक ह मत और शि त भी कम हो जाती
है ,पर उसे अपने ल य क ओर बढ़ते जाना चा हए और सफलता ा त करनी चा हए।
3. 'अि न पथ' क वता क व 'ह रवंशराय ब चन' वारा लखी गई एक ेरणा दे ने वाल क वता है , इस
क वता म क व मनु य को अपने संघषमयी जीवन म ह मत न हारने क ेरणा दे ने क को शश कर रहे
ह। क व जीवन को आग से भरा हुआ मानते ह और संघष ह संघष है , कंतु मनु य को घबराना नह ं
चा हए, और न ह ं इससे मँह
ु मोड़ना चा हए बि क बना कसी सहारे क उ मीद कर अपनी राह पर बढ़ते
रहना चा हए। अंत म ऐसे ह संघष करने वाले पु ष का जीवन सफल होता है , और ल य क ाि त होती
है ।
Page : 105 , Block name : इस क वता का मल
Q यो यता व तार
'जीवन संघष का ह नाम है ' इस वषय पर क ा म प रचचा का आयोजन क िजए |
Answer - छा वयं कर |
Page : 105 , Block name : यो यता व तार
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