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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 11th
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Class : 11th
Subject : Political science
Chapter : 2
Chapter Name : वतं ता
Q1 वतं ता से या अ भ ाय है ? यि त के लए वतं ता और रा के लए वतं ता के बीच या संबध
ं है ?
Answer. वतं ता का मतलब है क एक यि त को उन सभी चीज को करने क अनम ु त है जो दस
ू र को
नकु सान नह ं पहुंचाते ह और कसी यि त के वयं के वकास के लए आव यक ह। यि त के लए और रा के
लए वतं ता के बीच एक घ न ठ संबध ं है य क य द रा वतं है , तो इसका येक यि त अपनी
रचना मकता और मताओं को बढ़ाने के लए वतं होगा। रा का वकास सहयोग, रचना मकता और
यि तय क मताओं पर नभर करता है , िजसका उपयोग बाहर बाधाओं के अभाव म कया जा सकता है । एक
मु त समाज अपने सभी सद य को यन ू तम सामािजक बाधाओं के साथ अपनी मता वक सत करने म स म
बनाता है ।
Q2 वतं ता के नकारा मक और सकारा मक अवधारणा के बीच अंतर या है ?
Answer. वतं ता को दो अलग-अलग तर क से समझा जाता है - वतं ता के नकारा मक और सकारा मक
पहल।ू
वतं ता क नकारा मक अवधारणा का ता पय है क जो कुछ भी पसंद है उसे करने के लए संयम और अ धकार
क अनप ु ि थ त। यह अवधारणा शि तशाल यि त को कमजोर लोग को उनक दया पर रखने के लए अ धक
शि तशाल बना सकता है । नकारा मक वतं ता क न न ल खत क मयां ह - वतं ता का संबध ं े नयं ण
से है , उसके ोत से नह ं; इस लए वतं ता का आनंद लेने के लए लोकतं का होना आव यक नह ं है । रा य को
केवल उस सीमा तक एक यि त क वतं ता को नयं त करना चा हए जहां वह दस ू रे क ऐसी वतं ता म
ह त ेप करता है ।
वतं ता क सकारा मक अवधारणा उस समाज को संद भत करती है िजसम समाज के येक वग के लए
वांछनीय अ धकार का आनंद लेने के लए पया त सु वधाएं उपल ध ह। सं ेप म इसका अथ है कुछ मह वपण
ू
अ धकार का आनंद, जैसे जीवन क वतं ता, वचार क वतं ता और पज ू ा करने क वतं ता आ द। यह
मानता है क कसी भी यि त या वग को दस ू र क ग त म बाधा नह ं डालनी चा हए।
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Q3 सामािजक बाधाओं से या अ भ ाय है ? या आजाद का आनंद लेने के लए कसी तरह क बाधाएं ज र ह?
Answer. एम केचन के अनसु ार, “ वतं ता सभी तबंध क अनप ु ि थ त नह ं है , बि क तकह न के लए
तकसंगत लोग का त थापन है ।” ला क के अनस ु ार, “ वतं ता का मतलब इन सामािजक प रि थ तय के
अि त व पर तबंध क अनप ु ि थ त है जो आधु नक स यता म यि तगत खश ु ी के लए आव यक है ।”
सामािजक बाधा से ता पय समाज वारा लगाए गए तबंध से है , जो भी इसके लए अन धकृत है । ऐसे कई वग
ह जो फ म , लेख , प काओं, लॉग आ द पर तबंध लगाने क मांग करते ह। हालाँ क, यह मांग को परू ा करने
के लए अ पाव ध के लए तबंध एक आसान उपाय है , ले कन द घका लक संभावनाओं पर वचार करना बहुत
हा नकारक है ।
Q4 अपने नाग रक क वतं ता को बनाए रखने म रा य क या भू मका है ?
Answer. रा य के नाग रक क वतं ता, वतं ता का दायरा नधा रत करती है , यानी नाग रक क वतं ता
राजतं म शासक क इ छा पर नभर करती है , लोकतां क रा य नाग रक को मौ लक अ धकार दे ता है । एक
रा य सरकार वारा नयं त कया जाता है , य क सरकार जो भी करती है , नाग रक क वतं ता को भा वत
करता है और य द कोई संघष हंसक हो जाता है , तो वह रा य के दन- त दन के जीवन म बाधा डालती है । य द
रा य सेना और पु लस का बंधन करने म असमथ है , तो यह दे श क काननू - यव था को बा धत करता है । एक
क याणकार रा य हमेशा अपने नाग रक के साथ पछड़े लोग क वतं ता क र ा करने क पहल करता है ।
इस लए व भ न तर क से रा य क अपनी नाग रक वतं ता को बनाए रखने म मह वपण ू थान है ।
Q5 अ भ यि त क वतं ता का या मतलब है ? आपके वचार म इस वतं ता पर एक उ चत तबंध या
होगा? उदाहरण दो।
Answer. अ भ यि त क वतं ता का अथ है श द और छ व वारा वचार का मु त वाह। इसे रा य वारा
गैर-ह त ेप का अ धकार भी कहा गया है । यह एक मौ लक मू य है और इस लए, समाज को कुछ असु वधा को
सनु ने के लए तैयार रहना चा हए ता क जो लोग इसे तबं धत करना चाहते ह, उससे बचा सक। अ भ यि त क
वतं ता पर उ चत तबंध व भ न समय पर दे खे जा सकते ह, पु तक , नाटक , फ म और अकाद मक लेख ,
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Book : Rajnitik Siddhant Ncert Solutions | Chapter - 2 Social Science Political Science
लॉग आ द पर तबंध लगाने के लए मांग को उठाया गया है । वतं ता को सकारा मक और नकारा मक
वतं ता के प म वग कृत कया गया है , िजसके लए केवल कुछ उ चत बाधाओं क आव यकता होती है । ले कन
उन बाधाओं को लोग और नै तक तक वारा समथन दया जाता है । इस लए अ भ यि त क वतं ता के
साथ-साथ इस वतं ता पर उ चत तबंध आव यक है ।
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