Page 1
छत्तीसगढ़ माध्यमिक
शिक्षा मण्डल
कक्षा 7 समाधान
CGBSE Book Solutions
(Hindi Medium)
Page 2
CG Board Class 7th Science Solutions
Chapter - 2
Chapter Name- (जल)
Page No.-19, Chapter -2
प्रश्न 1- सही उत्तर चु नकर लिखें -
1- बर्फ जल की सतह पर तैरती है, क्योंकि -
(क) बर्फ का घनत्व जल से अधिक होता है।
(ख) बर्फ का घनत्व जल के बराबर होता है।
(ग) बर्फ का घनत्व जल से कम होता है।
(घ) बर्फ में हवा के बु लबु ले पाए जाते है।
उत्तर:- (ग) बर्फ का घनत्व जल से कम होता है।
2- जल में हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन का अनु पात 2:1 होता है -
(क) मात्रा के अनु सार
(ख)आयतन के अनु सार
(ग)घनत्व के अनु सार
(घ) मात्रा तथा आयतन दोनों के अनु सार
उत्तर:- (ख)आयतन के अनुसार
3 - जल चक्र है -
(क) वाष्पन की प्रक्रिया
(ख) स
ं घनन के अनु सार
(ग) वाष्पन एवं स
ं घनन की प्रक्रिया
(घ)द्रवण की प्रक्रिया
Page 3
उत्तर:- (ग) वाष्पन एवं संघनन की प्रक्रिया
4 - आसु त जल है -
(क) समु द्री जल
(ख) वर्षा जल
(ग) भू मिगत जल
(घ )नल का जल
उत्तर:- (ख) वर्षा जल
Page No.-20 ,Chapter -2
प्रश्न 2 - रिक्त स्थानों की पू र्ति कीजिए -
(क) जल एक _____ विलायक है।
उत्तर:- सार्वत्रिक
(ख)_______ गैस जल में _______ गैस की अपे क्षा अधिक विले य है।
उत्तर:- 𝐶𝑂 2 , 𝑂 2
(ग) जल में कठोरता उसमे घु ले ______ तथा ______ के लवणों के कारण होती है।
उत्तर:- Ca ,Mg
(घ)आसु त जल विद्यु त का ________ होता है।
उत्तर:- कुचालक
(ड)जल के विद्यु त अपघटन द्वारा उत्पन्न _______ गैस जलने पर पॉप की आवाज उत्पन्न करती
है।
उत्तर:- हाइड्रोजन (𝐻2 )
Page No.- 20, Chapter - 2
Page 4
प्रश्न 3- दिए गए कथनों में सही व गलत की पहचान करें तथा गलत कथनों को सही कर लिखें
-
(क) ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग जल को कीटाणु नाशक बनाने में किया जाता है।
उत्तर:- गलत कथन
सही कथन - ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग जल को कीटाणु रहित बनाने के लिए किया जाता है।
(ख) आसु त जल पीने के लिए उपयु क्त है।
उत्तर:- गलत कथन
सही कथन - आसुत जल पीने योग्य के लिए उपयुक्त नहीं है, क्योंकि इस जल में 𝑂 2 गैस नहीं घुली
होती है।
(ग) गैसों की जल में विले यता ताप वृद्धि के साथ बढ़ती है।
उत्तर:- गलत कथन
सही कथन- गैस की जल में विलेयता ताप वृद्धि के साथ घटती जाती है।
(घ) बर्फ का घनत्व जल के घनत्व से अधिक होता है।
उत्तर:- गलत कथन
सही कथन- बर्फ का घनत्व जल के घनत्व से कम होता है।
०
(ड) 0 𝐶 पर रखे जल को गर्म करने पर आयतन में वृद्धि होती है।
उत्तर:- गलत कथन
०
सही कथन - 0 𝐶 पर जल को गर्म करने पर आयतन में कमी होती है।
प्रश्न 4 - निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
(1) पृथ्वी की सतह का 3 /4 भाग जल से ढका है फिर भी जल का स
ं कट क्यों है ?
उत्तर:- पृथ्वी पर उपलब्ध कुल जल दै निक जीवन में उपयोग में नहीं आता। इसमें से जल का 97%
महासागरों में ,2% हिमख
ं डो के रूप में तथा मात्र 1% नदियों ,झीलों ,तालाबों में तथा पृथ्वी सतह के
Page 5
नीचे पाया जाता है। महासागरों में पाए जाने वाले जल में नमक जैसे कई लवण घुले होते है ,जिससे
जल खारा होता है। तथा मनुष्य के दै निक जीवन के उपयोग नहीं आता केवल 1% जल ही उपयोग
करने योग्य है, इसलिए जल संकट का सामना करना पड़ता है।
(2) यदि ज
ं गल में पाए जाने वाले सभी जल के स्रोत सू ख जाये तो क्या होगा ?
उत्तर:- यदि जंगल में पाए जाने वाले सभी जल के स्त्रोत सूख जाये तो पौधे में प्रकाश संश्लेषण की
क्रिया रुक जाएगी जिसके कारण पौधों को उचित खनिज लवण नहीं मिल पाएगा जिसके
परिणाम स्वरूप पौधे नष्ट हो जायेगे। तथा जंगल के सभी प्राणी व जीव - जंतु , वन सम्पदा नष्ट हो
जाएगी जिसका विपरीत प्रभाव मनुष्य पर पड़ेगा।
(3) पृथ्वी में जल चक्र को समझाइए।
उत्तर:- जल चक्र:- समुद्रों ,झीलों एवं तालाबों तथा जल के अन्य स्त्रोतों का जल लगातार वाष्पित
होते रहता है। पेड़ - पौधे एवं जीव - जंतु भी विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं द्वारा जलवाष्प उत्पन्न करते
है,तथा यह जलवाष्प वायुमंडल में एकत्रित होती रहती है, हल्की होने के कारण जलवाष्प ऊपर की
ओर जाती है, वायुमंडल की ऊपरी सतह का ताप कम होता है। जिसके कारण ये जलवाष्प छोटी
-छोटी बूंदों के रूप में संघनित हो जाती है, एवं बादल जमती है, बादलों में जल की बूंदों का रूप ले
लेती है, तथा वर्षा के रूप में गिरने लगती है ,इस प्रकार जल पुनः जल स्त्रोत में पहुंच जाता है तथा
जल चक्रण के फलस्वरूप जल चक्र पूर्ण होता है।
(4) शक्कर के स
ं तृप्त विलयन का निर्माण किस प्रकार किया जाता है। यदि इस विलयन गर्म
किया जाये तो क्या होगा ?
उत्तर:- एक बीकर को जल से आधा भर लेते है ,तत्पश्चात उसमें एक चम्मच शक्कर डालते है, इसके
बाद इसे काँच की छड़ से हिलाते है, जिससे शक्कर जल में घुल जाती है। अब शक्कर की आधी
-आधी चम्मच मात्रा तब तक डालते व हिलाते जाते है जब तक शक़्कर घुलना बंद न हो जाए।
Page 6
इस प्रकार बने विलयन को उस ताप पर शक़्कर का संतृप्त विलयन कहते है। यदि इस विलयन को
गर्म किया जाता है ,तो ताप में वृद्धि के साथ - साथ शक्कर जल में घुलने लगती है।
(5) लवणयु क्त जल विद्यु त का सु चालक होता है। क्रियाकलाप द्वारा समझाकर लिखिए।
उत्तर:-
आवश्यक सामग्री:- बीकर, आसुत जल ,मोटा गत्ता ,कार्बन की छडे ,बल्ब, तार,सेल ,नमक आदि।
क्रियाविधि:- सर्वप्रथम एक बीकर में आसुत जल लेते है। उसके बाद एक मोटे गत्ते में कार्बन की दो
छडे लगाते है ,फिर उसे बीकर के उपर रख दे ते है। अब इन छड़ों को तांबे की तार की सहायता से सेल
व बल्ब से जोड़ लेते है, हम दे खते है, कि बल्ब नहीं जलता है। अब जल में एक चम्मच नमक डालकर
हिलाते है। हम जानते है ,कि आसुत जल विद्युत का कुचालक होता है ,किन्तु आसुत जल में नमक
(लवण)घुल जाने के कारण विलयन में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर बल्ब जलने लगता है ,इससे
सिद्ध होता है,कि आसुत जल विद्युत का कुचालक होता है ,किन्तु आसुत जल में नमक (लवण)घुल
जाने के कारण विलयन में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर बल्ब जलने लगता है ,इससे सिद्ध होता है
,कि आसुत जल विद्युत का कुचालक होता है ,जबकि लवणयुक्त जल विद्युत का सुचालक होता है।
(6) जल प्रदूषण किसे कहते है ? जल प्रदूषण के कारण लिखें।
Page 7
उत्तर :- जल में विभिन्न प्रकार के अवांछित पदार्थ जैसे विभिन्न स्त्रोतों से अनेक रासायनिक पदार्थ
,मल - मूत्र आदि मिलकर जल की गुणवत्ता की समाप्त कर दे ते है ,जिससे जल प्रदूषित हो जाता
है,इस प्रकार इनके द्वारा जल का प्रदूषित होना जल प्रदूषण कहलाता है।
जल प्रदूषण में निम्नलिखित कारण है:-
(i) घरों का कचरा, सड़ी - गली वस्तुए
ँ एवं मल - मूत्र जैसे अपशिष्ट पदार्थ को सीधे नदी,तालाबों
अथवा झील में डालने से।
(ii) खेती में पैदावार बढ़ाने से कीटनाशक , खरपतवारनाशक दवाईयों का अधिक मात्रा में उपयोग।
(iii) मृत शरीर , दे वी - दे वताओं की मूर्तियों के जल में विसर्जन से।
(iv) उद्योग धंधे तथा कल कारखानों का अधिक मात्रा में पानी का उपयोग किये जाने से।
(7) अपने शहर /गांव में जल प्रदूषण रोकने के लिए क्या उपाय करें गे ?लिखिए।
उत्तर:- अपने शहर /गांव में जल प्रदूषण रोकने हेतु निम्नलिखित उपाय करेंगे:-
(i) कूड़े -करकट एवं मल -मूत्र जैसे अपशिष्ट पदार्थ को सीधे नदी तालाब अथवा झील में नहीं
डालना चाहिए। तथा उसका उचित प्रबंध करना।
(ii) कृषि में हानिकारक कीटनाशक का कम से कम उपयोग करके।
(iii) मृत शरीर ,मूर्तियों आदि को जल में प्रवाहित न करके।
(iv) उद्योग -धंधो तथा कल कारखानों से निकले अपशिष्ट पदार्थ को सीधे जल स्त्रोत में नहीं
मिलाना तथा पानी को फ़िल्टर कर पुनः उपयोग करके
(v) तालाब में कपड़े आदि धोने से तथा पशुओं को नहलाने पर रोक लगाकर। कपडा धोने व पशुओं
को नहलाने के लिए अलग से जगह आरक्षित करें।
(8) वर्षा जल स
ं ग्रहण का क्या अर्थ है ?
उत्तर:- वर्षा जल संग्रहण:- वर्षा से प्राप्त जल को एकत्रित करके उनका आवश्यकतानुसार उपयोग
किया जाना वर्षा जल संग्रहण कहलाता है।
Page 8
वर्षा जल संग्रहण के लिए मकान (घर) की छत पर गिरने वाले वर्षा के जल को पाइप द्वारा भूमि में
खोदे गए गड्ढे तक पहुंचाया जाता है, जो कि एक उचित आकार का गड्ढा होता है ,जिसकी दीवारे
कांक्रिट कि तथा तल कच्चा होता है ,जिस पर क्रमशः मिटटी व रेत की परत बिछाई जाती है ,ये परते
जल हेतु छन्ने का कार्य करती है। यह जल छनकर भूमि में पहु
ँ चता है। इस प्रकार भूमिगत जल में
वृद्धि होती है। इस जल को हैंडपम्प या नलकूप द्वारा निकालकर उपयोग में लाया जाता है।