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छत्तीसगढ़ माध्यमिक
शिक्षा मण्डल
कक्षा 7 समाधान
CGBSE Book Solutions
(Hindi Medium)
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CG Board Class 7th Science Solutions
Chapter - 9
Chapter Name- (सजीवों में पोषण)
खाली स्थान की पू र्ति कीजिए-
1 जै विक क्रियाओं को स
ं पन्न करने के लिए_____की आवश्यकता होती है।
उत्तर:- पोषक तत्वों
2. पाचक ग्र
ं थियों में बने ______ द्वारा भोजन का पाचन किया जाता है।
उत्तर:- पाचक रसों
3. अमीबा में पाचन _____ होता है।
उत्तर:- अन्न धमियों में
4. मनु ष्य में पचे हुए भोजन का अवशोषण ______ द्वारा होता है।
उत्तर:- आंत
5. गाय के शरीर में से लु लोस का पाचन _______ में होता है।
उत्तर:- रुमे न
प्रश्न 2 - निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
1. स्वपोषी तथा परपोषी की पोषण विधि में क्या अंतर है ?
उत्तर:-
स्व -पोषी पोषण परपोषी
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अधिकांश हरे पेड़ पौधे सूर्य के प्रकाश की ऐसे जीव जो अपना भोजन स्वयं नहीं बनाते व
उपस्थिति में 𝐶𝑂 2 तथा जल द्वारा अपना भोजन अपने भोजन हेतु अन्य जीवो पर आश्रित रहते है
स्वयं बनाते है तो ऐसे पौधों को स्वपोषी तथा ,ऐसे जीव परपोषी तथा इनकी इस प्रकार का
इनकी इस प्रकार का पोषण स्वपोषी पोषण पोषण विधि परपोषण कहलाती है।
कहलाता है।
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2. परजीवी, मृतोपजीवी, सहजीवी को उदाहरण द्वारा समझाइए ?
उत्तर :-
(i) परजीवी :- ऐसे जीव जो अपना भोजन स्वयं नहीं बनाते व अपने भोजन हेतु अन्य जीवो पर
आश्रित रहते है ,ऐसे जीवों को परजीवी कहते है।
उदाहरण :- अमरबेल एक ऐसा पौधा है जो अपना भोजन बनाने में असमर्थ होते है तथा ये पौधा
अपने भोजन हेतु अन्य पौधों से लिपटा रहता है ,इससे एक विशेष प्रकार के चूषकांग निकलते है
,जो पोषक पौधे के अ
ं दर चले जाते है ,जिनसे ये पौधे भोजन प्राप्त करते है। इस प्रकार अमरबेल एक
पूर्ण परजीवी (complete parasite) है।
(ii) मृतोपजीवी :- ऐसे जीव जो अपना भोजन मृत तथा सड़े गले पदार्थो से प्राप्त करते है उन्हें
मृतोपजीवी कहते है।
उदा.:- मशरूम एक मृतजीवी है ,इसमें क्लोरोफिल अनुपस्थित होता है।
(iii) सहजीवी :- कुछ हरे पौधे अपना भोजन तो स्वयं बनाते है ,किन्तु भोजन का कुछ भाग अन्य
(कीट ,जीवाणु etc )से प्राप्त करते है। अतः हम कहते है ,जब दो जीव साथ साथ जीवन यापन करते है
,जैसे सहजीवी जीव कहते है।
उदा. (i)कलश पादप(ii)मटर के पौधे को जड़ो में गठे पायी जाती है ,इन ग्रंथियों में (जीवाणु )रहते है
,जो वायुमंडल की वायु को नाइट्रोजन के यौगिक में परिवर्तन कर पौधे को प्रदान करते है जिसके
बदले में पौधो से इन्हे भोजन प्राप्त होता है।
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3. अमीबा तथा हाइड्रा किन अंगों द्वारा भोजन ग्रहण करते हैं ?
उत्तर:- अमीबा कूटपाद के द्वारा तथा हाइड्रा स्पर्शको के द्वारा अपना भोजन ग्रहण करते है।
4. मनु ष्य के पाचन तंत्र का नामांकित चित्र बनाकर म
ं ड के पाचन को समझाइए ?
उत्तर :-
मनुष्य का पाचन तंत्र
कार्बोहाइड्रेट यक्
ु त भोजन में उपस्थित मंड का पाचन मखु से शरू ु होता है ,जब हम भोजन को चबाते है
,तो खाने पर जिन पदार्थों में मिठास होती है ,उन सभी में मंड (स्टार्च) उपस्थित होता है । स्टार्च यक्
ु त
भोज्य पदार्थ सबसे पहले मख ु गुहा → ग्रसनी →आमाशय तक पहुंचता है जहां आमाशय व आंत तथा
पाचक ग्रंथियों निकलने वाले पाचक रस +भोजन से मिल जाते है व मंड के शेष भाग का पाचन करने में
सहायता करते है ,इस प्रकार भोजन के जटिल यौगिको को सरल अणुओं में बदल दिया जाता है। व
इनका अवशोषण आंत द्वारा होता है व शेष पदार्थ अपशिष्ट पदार्थ के रूप में शरीर से बाहर निकाल
दिया जाता है।
5. घास खाने वाले ज
ं तु ओं में पाचन को समझाइए?
उत्तर:-
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प्रायः गाय, भैंस तथा अन्य घास खाने वाले जंतु लगातार जुगाली करते रहते है। वास्तव में वे घास
चरते समय घास को जल्दी -जल्दी निगलकर आमाशय के एक भाग में भंडारित कर लेते है। यह भाग
रुमेन कहलाता है।
रुमेन में भोजन का आंशिक पाचन होता है, जिसे जुगाल या कड कहते है। उस जुगाल को घास खाने
वाले ये जंतु छोटे -छोटे पिंडको के रूप में पुनः मुख में लाते है तथा चबाते रहते है। इस प्रक्रिया को
रोमन्थन (जुगाली करना ) कहते है तथा ऐसे जंतु रुमिनेन्ट या रोमन्थी कहलाते है। घास में एक प्रकार
का कार्बोहाइड्रेट , जिसे सेलुलोज कहते है अत्यधिक मात्रा में पाया जाता है।
जुगाली करने वाले जंतु का आमाशय जुगाली करने वाले जंतुओं में सेलुलोस का पाचन रुमेन में
उपस्थित जीवाणुओं के द्वारा किया जाता है। मनुष्य एवं अन्य बहुत सारे जंतुओं में इन जीवाणुओं के
न होने के कारण सेलुलोस का पाचन नहीं होता।