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छत्तीसगढ़ माध्यमिक
शिक्षा मण्डल
कक्षा 7 समाधान
CGBSE Book Solutions
(Hindi Medium)
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CG Board Class 7th Science Solutions
Chapter - 21
Chapter Name - (विद्यत
ु धारा और इसके प्रभाव)
Page no.180, Chapter: 21
प्रश्न 1- विद्यत
ु सेल के प्रतीक में लम्बी रे खा तथा छोटी व मोटी रे खा किसे प्रदर्शित करती है ?
उत्तर:- एक विद्यत ु सेल के प्रतीक में लंबी रे खा धन ध्रव
ु (+) तथा छोटी व मोटी रे खा ऋण ध्रव
ु (-) को
प्रदर्शित करती है ।
प्रश्न 2- बैटरी से आप क्या समझते है ?
उत्तर:- जब एक सेल के धन ध्रव ु को दस ू रे सेल के ऋण ध्रव
ु से जोड़ा जाता है तब दो या दो से अधिक सेलों
के इस प्रकार के संयोजन को बैटरी कहते है । टॉर्च ,ट्रांजिस्टर ,रे डियो खिलौने ,टी.वी रिमोट कण्ट्रोल
,दीवाल घड़ी जैसी यक्ति
ु यों में बैटरी का उपयोग किया जाता है ।
प्रश्न 3- विद्यतु सचु ालक एवं विद्यत
ु हीन चालक के दो -दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर:- विद्यतु सचु ालक :- एल्यमि
ू नियम, लोहा।
विद्यत ु हीन (कुचालक):- प्लास्टिक ,रबर।
Page no.184 , Chapter: 21
प्रश्न 1- विद्यतु हीटर तथा विद्यतु प्रेस के तापन अवयव किस मिश्रधातु के बनाये जाते है ?
उत्तर:- विद्यतु हीटर तथा विद्यतु प्रेस के तापन अवयव नाइक्रोम मिश्रधातु के बनाये जाते है ।
प्रश्न 2- विद्यतु परिपथ में लगाई जाने वाली सरु क्षा यक्ति
ु को क्या कहते है ?
उत्तर:- विद्यतु परिपथ में लगाई जाने वाले सरु क्षा यक्ति
ु को फ्यज
ू कहते है ।
प्रश्न 3- फ्यज
ू तार कम गलनांक वाले पदार्थ का क्यों बनाया जाता है ?
उत्तर:- किसी विद्यतु परिपथ में प्रबल विद्यत
ु धारा प्रवाहित होने पर उस विद्यत
ु परिपथ में लगे
उपकरण (पंखा ,बल्ब ,हीटर) आदि को खराब होने से बचाने व शार्ट सर्कि ट इत्यादि जैसी क्षति को रोकने
हे तु फ्यज
ू तार का उपयोग किया जाता है ,जो जिंक या लेड और टिन की मिश्रधातु का तार होता है जिसे
कांच की एक नली चीनी मिटटी के विद्यत ु रोधी (कट आउट)में लगाकर परिपथ में जोड़ दे ते है ,जब इसके
परिपथ का ताप बढ़ता है , तो फ्यज ू तार पिघलकर (गल) कर टूट जाता व परिपथ में विद्यत ु धारा का
प्रवाह रुक जाता है ,यही कारण है ,कि फ्यजू तार कम गलनांक वाले पदार्थ से बनाये जाते है ।
प्रश्न 4- विद्यतु चम्ु बक के कोई दो उपयोग बताइये।
उत्तर:- विद्यतु चम्
ु बक के दो उपयोग निम्न है :-
(1) विद्यत
ु चंबु क का उपयोग विद्यतु घंटो में किया जाता है
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(2) विद्यत
ु ट्रे न में विद्यत
ु चम्
ु बक का प्रयोग किया जाता है ।
Page no.185 , Chapter: 21
प्रश्न 1 - सही उत्तर चन
ु कर लिखिए
1. वे पदार्थ जिनमें से होकर विद्यत ु धारा प्रवाहित होती है ,कहलाती है -
(अ) सच ु ालक (ब) हीन चालक
(स) अर्धचालक (द)कभी सच ु ालक कभी हीन चालक
उत्तर:- सचु ालक
2 - निम्नांकित में से विद्यत
ु का सच
ु ालक नहीं है -
(अ) नाइक्रोम (ब) पीतल
(स) क्रोमियम (द) कांच
उत्तर:- कांच
3 - विद्यत ु बल्ब का फिलामें ट बना होता है -
(अ)नाइक्रोम (ब) टं ग्स्टे न
(स) क्रोमियम (द)टिन
उत्तर:- टं ग्स्टे न
4 -विद्यत ु हीटर विद्यतु धारा के प्रभाव को प्रदर्शित करता है -
(अ) उष्मीय प्रभाव (ब) चंब ु कीय प्रभाव
(स)विद्यत ु प्रेस (द) उपरोक्त सभी
उत्तर:- उष्मीय प्रभाव
5 - विद्यतु धारा के चंबु कीय प्रभाव का उपयोग कर बनाए जाने वाला उपकरण है -
(अ) विद्यत ु बल्ब (ब) विद्यत
ु घंटी
(स) विद्यत ु प्रेस (द) सोल्डरिंग आयरन
उत्तर:- विद्यतु घंटी
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प्रश्न 2 - खाली स्थान की पर्तिू कीजिए -
1. विद्यत ु सेल के प्रतीक में लम्बी रे खा ,उसके _______ टर्मिनल को दर्शाती है ।
उत्तर:- धन(+)
2. दो या दो से अधिक विद्यत
ु सेलो के संयोजन को कहते है ।
उत्तर:- बैटरी
3. विद्यत ु बल्ब ,विद्यत
ु धारा के _______ प्रभाव को प्रदर्शित करता है ।
उत्तर:- उष्मीय
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4. लाउडस्पीकर में विद्यत
ु धारा के ________ प्रभाव का उपयोग किया जाता है ।
उत्तर:- चंब
ु कीय
5. फ्यजू तार का गलनांक बहुत ______ होता है ।
उत्तर:- कम
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प्रश्न 3 - निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
1. एक विद्यत ु परिपथ में किन -किन बातों का होना आवश्यक है ।
उत्तर:- एक विद्यत ु परिपथ में निम्न बातों का होना आवश्यक है :-
(i) विद्यत ु धारा का स्त्रोत जैसे - सेल
(ii) वह उपकरण जिसमें विद्यत ु की आवश्यकता हो जैसे - बल्ब
(iii) संयोजक तार विद्यत ु के सच ु ालक हो जैसे - तांबे के तार के लगे हो।
(iv) कंु जी का स्विच जिसके द्वारा परिपथ को खल ु ा या बंद किया जा सके।
2. विद्यत ु धारा के उष्मीय प्रभाव को समझाइए।
उत्तर:- विद्यतु धारा का उष्मीय प्रभाव:- जब किसी चालक पदार्थ में से विद्यत ु धारा प्रवाहित होती है ,तो
चालक का प्रतिरोध धारा प्रवाह में रुकावट डालता है ,जिससे गतिशील इलेक्ट्रॉन निरन्तर चालक के
परमाणओ ु ं से टकराते है तथा इस प्रक्रिया में स्वयं की ऊर्जा चालक के परमाणओ ु ं को स्थानांतरित करते
है । इनके कारण चालक का ताप बढ़ जाता है ,तथा वह पदार्थ गर्म हो जाता है ,इस प्रकार किसी चालक
पदार्थ में विद्यतु धारा प्रवाहित करने पर चालक पदार्थ के ताप बढ़ने की इस घटना को विद्यत ु धारा का
उष्मीय प्रभाव कहते है ।
उदाहरण:- विद्यत ु धारा के उष्मीय प्रभाव का हमारे दै निक जीवन में महत्वपर्ण ू ,व्यावहारिक एवं घरे लू
उपकरणों में उपयोग होता है ,जैसे :- विद्यत ु बल्ब ,हीटर विद्यत ु प्रेस ,सोल्डिंग इत्यादि विद्यत ु धारा के
उष्मीय प्रभाव पर आधारित है ।
3. विद्यत ु धारा के चंब
ु कीय प्रभाव के कोई दो उपयोग बताइये।
उत्तर:- विद्यतु धारा के चंब
ु कीय प्रभाव का उपयोग -
(i) विद्यत ु चम्
ु बक बनाने में - लोहे कि एक छड़ के ऊपर विद्यत ु रोधी चढ़ा हुआ तांबे के तार को कई बार
लपेटकर कंु डलित किया जाता है ,फिर उसमे विद्यत ु धारा प्रवाहित की जाती है ,तो लोहे की छड़ चम्
ु बक
की भांति कार्य करती है ,जिसे विद्यत ु चम्
ु बक कहते है ।
4. विद्यत ु घंटी का नामांकित चित्र बनाकर उसकी कार्य विधि लिखिए।
उत्तर:- विद्यत
ु घंटी :- विद्यत
ु परिपथ के में साधारण कंु जी के स्थान पर पश
ु बटन का उपयोग किया
जाता है ।
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विद्यतु घंटी की क्रियाविधि:- विद्यत ु घंटी के चित्र में दे खने पर इसमें M एक विद्यत ु चंब
ु क है ,जिसकी
कंु डली को दोनों सिरे पें च P व Q से जड़ु े है ,जो विद्यतु धारा के स्त्रोत (cell) से जड़ु ा होता है जब कंु डली में
विद्यत ु धारा प्रवाहित होती है ,तो विद्यतु चंब ु क चंबु कित हो जाता है । और आर्मेचर (A ) को आकर्षित
करता है ,जो एक स्प्रिंग (C)से तथा इस स्प्रिंग का एक सिरा कील (S)से जड़ ु ा रहता है ,आर्मेचर (A)से
जोड़ दिया जाता है B धातु की कटोरी है ।
जब विद्यत ु बैटरी को पें च (P),(Q)से जोड़ते है तो विद्यत ु चंब
ु क आर्मेचर (A) को आकर्षित करता है
,जिसके फलस्वरूप हथौड़ा (H)धातु को कटोरी (B) से टकराता है तथा ध्वनि उत्पन्न करता है ,अब (A)के
हटते ही विद्यत ु परिपथ अपर्ण ू हो जाता है । अब विद्यत ु घंटी के सभी भाग अपनी प्रारम्भिक अवस्था में
आ जाता है ,तथा इस अवस्था C पें च S को स्पर्श करती है , ऐसा होते ही P ,Q से होते हुए परिपथ पर्ण ू हो
जाता है तथा ऊपर वर्णित क्रिया होते ही घंटी बज जाती है व ध्वनि उत्पन्न होती है यह क्रिया बार - बार
होती है ।
5. विद्यत ु आघात से बचने के कोई दो महत्वपर्णू उपाय बताईये।
उत्तर:- विद्यतु आघात से बचने हे तु दो महत्वपर्ण
ू उपाय निम्न है -
(i) विद्यत ु परिपथ में आने वाले सभी स्विच प्लग और संबंधन अच्छी तरह से कसे हुए होने चाहिए।
(ii) विद्यत ु परिपथ या उपकरण में मरम्मत करते समय मख् ु य स्विच बंद कर दे ना चाहिए। रबर के
दस्ताने और जत ू े पहन कर कार्य करना चाहिए जिससे विद्यतु का झटका न लगे।