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CG Board Class 9 Solutions for Hindi Unit 2 स्थानीय परिवेष, कला और संस्कृति Chapter 2.2 गद्दार कौन

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About CG Board Class 9 Solutions for Hindi Unit 2 स्थानीय परिवेष, कला और संस्कृति Chapter 2.2 गद्दार कौन

CG Board Class 9 Solutions for Hindi Unit 2 स्थानीय परिवेष, कला और संस्कृति Chapter 2.2 गद्दार कौन is available here for free download. Published by Chhattisgarh Board for Class 9, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (7 pages). Candidates preparing for Class 9 can use CG Board Class 9 Solutions for Hindi Unit 2 स्थानीय परिवेष, कला और संस्कृति Chapter 2.2 गद्दार कौन to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

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CG Board Class 9 Solutions for Hindi Unit 2 स्थानीय परिवेष, कला और संस्कृति Chapter 2.2 गद्दार कौन – Text

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CG Board Class 9 Hindi Book Solutions

Page 2

CGBSE Class 9 Hindi Solutions
Unit - 2 - स्थानीय परिवेष, कला और संस्कृति
Chapter - 2.2
गद्दार कौन

Page No. 36
अभ्यास-

पाठ से :-

Q.1. दशहरे पर नवलगढ़ राज्य में होने वाले आयोजन के बारे में लिखिए।
उत्तर :-नवलगढ़ राज्य में यह प्रथा चली आ रही थी कि हर साल दशहरे के दिन राजधानी में एक
बड़ा मेला लगता था | प्रजा का हर व्यक्ति राजा को अपनी शक्ति के अनस ु ार भें ट चढ़ाता, राज
महल खब ू सजाया जाता था | परू े नगर में उत्सव का माहौल रहता था | दरू -दरू से नत्ृ य मंडलिया
आती थी | संगीतआदि का बहुत ही सद ंु र माहौल होता था |राजधानी मानिकपरू उस दिन
सजी-धजी दल् ु हन से कम नहीं लगती थी |

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Q.2. राजा रामशाह और उनके राजपरु ोहित पंडित रामभगत के आपसी संबध ं कैसे थे?
उत्तर :- राजा रामशाह और पंडित रामभगत का आपसी संबध ं मित्रवत था | वे दोनों ही सदै व प्रजा
की भलाई के लिए प्रयत्नशील रहते थे | यह दोनों एक दस
ू रे के विचारों को आदर दे ते थे |

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Q.3. रामचरण को नौकरी से क्यों हाथ धोना पड़ा?
उत्तर :- पंडित रामचरण को अपनी नौकरी से इसलिए हाथ धोना पड़ा, क्योंकि वह राजा राजेंद्रशाह
को विलासिता और फिजल ू खर्ची बंद करने की सलाह दे ता और प्रजा का ध्यान रखने की सलाह
दे ता था | इसी कारण राजा क्रोधित हो कर पंडित रामचरण को नौकरी से निकाल दिया|

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Q.4. मोतियों की फसल वस्तत ु ः क्या थी?
उत्तर :- मोतियों की फसल वस्तत ु ः गेहूं की फसल थी | सर्यो
ू दय के समय गेहूं के फसल पर पड़ी
ओस की बद ंू ें सर्य
ू की किरणों के कारण मोतियों जैसी चमकती थी, जिसे मोतियों के फसल की
संज्ञा दी गई है |

Page No. 36

Page 3

Q.5. रामचरण की सफलता पर किस तरह की प्रतिक्रियाएँ हुईं?
उत्तर :- एक दिन की सब ु ह जब राजा राजेंद्रशाह को पंडित रामचरण खेत लेकर पहुंचा तो राजा के
साथ उसके कई मस ु ाहिब (चाटुकार) भी साथ में थे | गेहूं का हर पौधा ओस की बद ंू से भीगा हुआ
था, और ओस की बद ंू े सर्य
ू की किरण में मोतियों के समान चमक रही थी, तब पंडित राम चरण ने
कहा कि यह रही मोतियों की फसल | एक मस ु ाहिब आगे बढ़ा उसे तोड़ने के लिए तो पंडित
रामचरण ने उसे रोकते हुए कहा कि, जो भी व्यक्ति ने कभी राज्य से गद्दारी ना किया हो वही
हाथ लगाएगा | यह सन ु कर सभी लोग रुक गए और पीछे हट गए, सब एक दस ू रे के चेहरे दे ख रहे
थे और जिसको जिधर जाते बना चला गया | अंत में बचे राजा जिनकी आँखें आत्मज्ञान से चमक
रही थी और दस ू रे ही पल उनका मस्तक पंडित राम चरण के चरणों में था |

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Q.6. राजा रामशाह और उनके पत्र
ु राजेंद्रशाह के व्यक्तित्व में क्या-क्या समानताएँ थीं? एक
तालिका के रूप में लिखिए।
उत्तर
राजा रामशाह राजा राजेंद्रशाह

1. संगीत और कला प्रेमी थे | 1. संगीत और कला प्रेमी थे |
2. कलाकारों, विद्वानों तथा प्रजा का आदर 2. कलाकारों, विद्वानों तथा प्रजा का आदर
करते थे | करते थे |
3. प्रजा की भलाई के लिए सदै व प्रयत्नशील 3. प्रजा की भलाई के लिए यह भी सदै व अपने
रहते थे | पिता की ही तरह चिंतित रहते थे |

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पाठ से आगे -

Q.1. अपने गाँव या शहर में किसी पर्व पर चली आ रही प्रथा के विषय में लिखिए।
उत्तर :- होली के पर्व में होलिका दहन एक प्रथा है | जिसमें लकड़ी, कंडे इकट्ठा कर के नगाड़े
बजाकर गीत गाते और होलिका दहन करते हैं | इस दिन माना जाता है कि भक्त प्रहलाद को
होलिका अपनी गोद में लेकर लकड़ी की चिता में बैठ गई थी, क्योंकि प्रहलाद भगवान विष्णु की
पज
ू ा करते थे | उनके द्वारा किसी और को पज ू ा जाना उनके पिता को पसंद नहीं था | अतः इसी
कारण होलिका उन्हें लेकर जलती हुई चिता में बैठ गई |परं तु होलिका तो जल गई, लेकिन भक्त
पहलाद बच गये | इसलिए यह दिन बरु ाई पर अच्छाई की जीत का पर्व होलिका दहन करके
मनाया जाता है |

Page No. 36
Q.2. आपके गाँव में प्रचलित तीन अच्छी और तीन बरु ी प्रथाओं के विषय में तीन-तीन वाक्य

लिखिए।
उत्तर :- अच्छी प्रथाएं :- दीपावली के समय :-

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सआ ु नत्ृ य :- औरतें घर-घर जाकर नत्ृ य करती हैं | आशीष वचन बोलती है | लोग उन से प्रसन्न
होकर उन्हें पैसे और अन्न दान करते हैं |
राउत नाचा :- राउत लोग घर-घर जाकर नत्ृ य करते हैं | उन्हें उपहार स्वरूप पैसे दिए जाते हैं | वे
दोहा बोल कर नाचते हैं |
गौरा-गौरी :- गोंड जाति के लोग गौरा गौरी की मर्ति ू बिठाकर उनकी पज
ू ा करते हैं |
बरु ी प्रथा :-
दहे ज प्रथा :- आज भी वर पक्ष, वधू पक्ष से दहे ज की मांग करता है | इस प्रथा में लड़कियों को
दहे ज के लिए प्रताड़ित किया जाता है , तथा कुछ लोग उनकी हत्या भी कर दे ते हैं | कन्या के पिता
कर्ज में डूब जाते हैं | अतः यह एक बरु ी प्रथा है |
बलि प्रथा:- जवारा दे वी विसर्जन के समय आज भी बलि की प्रथा चली आ रही है | अकारण ही
पशओ ु ं की हत्या करना एक बरु ी प्रथा है |
टोना टोटका उत्पीड़न प्रथा :- अंधविश्वास के कारण आज भी समाज में अनेक कुरीतियाँ प्रचलित
है | जिसमें से सबसे भयानक टोनहीं उत्पीड़न है | टोनहीं के नाम पर महिला को विभिन्न यातनाएं
एवं वेदनाएं सहनी पड़ती है , और उसे समाज एवं गाँव से भी बाहर निकाल दिया जाता है |

Page No. 36
Q.3. यदि राजेंद्रशाह के स्थान पर रामचरण राजा बन जाता तो राज्य की स्थिति क्या होती?
उत्तर :- यदि राजेंद्र शाह के स्थान पर रामचरण राजा बन जाता तो राज्य की स्थिति भी सध
ु र
जाती, तथा राज्य में अराजकता की स्थिति निर्मित नहीं होती |

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Q.4. कहानी में राजपरु ोहित द्वारा राजा की झठ ू ी तारीफ कर सोने की मद्र ु ाएँ प्राप्त करते हुए
बताया गया है । ऐसा करना उचित है या अनचि ु त? अपने उत्तर तर्क सहित लिखिए।
उत्तर :- झठ
ू ी तारीफ करके स्वर्ण मद्र
ु ाएँ प्राप्त कर लेना अनचिु त है , क्योंकि यहाँ राजपरु ोहित के
कर्तव्य का पालन नहीं होता है | यह अपने कर्मशीलता के प्रति धोखा है | यदि हम अपने कर्तव्य
परायणता को भल ू कर मार्ग भटक जाते हैं तो हम अपने ही नजरों में गिर जाते हैं, और हमें
अपमानित होना पड़ता है | अतः राजपरु ोहित द्वारा झठ ू ी प्रशंसा कर स्वहितार्थ मद्र ु ाएँ ग्रहण
करना सर्वथा अनचि ु त है |

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भाषा के बारे में -

Q.1. पाठ में दिए गए इन मह
ु ावरों के अर्थ लिखकर उनका अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए-
(क) तारीफ के पलु बाँधना
(ख) बीड़ा उठाना

(ग) राई का पहाड़ बनाना
(घ) चेहरा फीका पड़ना

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(ङ) टोह न पाना
उत्तर :- (क) तारीफ के पल ु बाँधना :- प्रशंसा करना या बड़ाई करना |
वाक्य प्रयोग :- मोहन द्वारा अपने दसवीं के बोर्ड की परीक्षा में 90% अंक लाने पर
प्रधानाध्यापक ने परू े विद्यालय के सामने उसकी तारीफों के पल ु बांधे |
(ख) बीड़ा उठाना :- किसी काम की जिम्मेदारी उठाना |
वाक्य प्रयोग :- अपने नगर की सफाई का बीड़ा प्रत्येक नागरिकों को उठाना चाहिए |
(ग) राई का पहाड़ बनाना :- छोटी सी बात को बढ़ा चढ़ा कर बताना |
वाक्य प्रयोग :- आज कल कुछ समाचार चैनल वाले राई का पहाड़ बनाकर बताते हैं |
(घ) चेहरा फीका पड़ना :- घबरा जाना
वाक्य प्रयोग :- जब पलि ु स ने चोर को पकड़ा तो डर कर उसका चेहरा फीका पड़ गया |
(ङ) टोह न पाना :- खोज न पाना या पता न लगा पाना |
वाक्य प्रयोग :- भारत के परमाणु विस्फोट का परू ी दनि ु या टोह न पा सकी |

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Q.2. वाक्य के रे खांकित शब्दों में अनस् ु वार ( ं ) या चंद्रबिंद ु ( ँ ) लगाइए और लिखिए
(क) राजा ने पंडित जी को ढे र सारी मद्र ु ाए दीं।
(ख) हर पौधा ओस की सन ु हरी बद ू ों से जड़ा हुआ था।
(ग) मत्ृ यद
ु ड सन ु ाने से पहले राजेंद्रशाह ने पछ ू ा।
(घ) अभी तो राजपत्र ु और ब्राह्मण कुमार आगन में खेल रहे थे।
(ङ) दरू -दरू से नत्ृ य मडलिया आतीं।
उत्तर :- 1) राजा ने पंडित जी को ढे र सारी मद्र ु ाएँ दीं |
2) हर पौधा ओस की सन ु हरी बँद ू ों से जड़ा हुआ था |
3) मत्ृ यद ु ं ड सन
ु ाने से पहले राजेन्द्र शाह ने पछ ू ा|
4) अभी तो राजपत्र ू और ब्राम्हण कुमार आँगन में खेल रहे थे |
5) दरू -दरू से नत्ृ य मंडलियाँ आतीं |

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Q.3. निम्नांकित वाक्यों के रे खांकित शब्दों को उनके हिंदी पर्याय से इस तरह बदल कर लिखिए
कि उनके अर्थ
में परिवर्तन न हो।
(क) हम तम् ु हें मौका दें गे।
(ख) कुछ खश ु ामदियों को यह बात खलने लगी।
(ग) नए राजपरु ोहित ने मामले को संगीन बताया।
(घ) प्रजा को राजा के खिलाफ भड़काना पाप है ।
(ङ) इधर राजा की विलासप्रियता बढ़ती गई और उधर खजाना खाली होता गया।

उत्तर :- 1) हम तम् ु हें अवसर दें गे |
2) कुछ चापलस ु ों या चाटुकारों को यह बात खलने लगी |

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3) नए राजपरु ोहित ने मामले को संज्ञेय या गंभीर बताया |
4) प्रजा को राजा के विरुद्ध भड़काना अपराध है |
5) इधर राजा की विलासप्रियता बढ़ती गई और उधर राजकोष खाली होता गया |

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Q.4. निम्नांकित वाक्यों से कारक चिह्न पहचानकर अलग कीजिए।
(क) प्रजा का हर व्यक्ति राजा को अपनी शक्ति के अनस ु ार भें ट चढ़ाता।
(ख) परिणामतः उसे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा।
(ग) उनकी आँखें आत्मज्ञान से मानो चमक उठीं।
(घ) संसार में ऐसा अगर कोई राज्य है तो वह नवलगढ़ है ।
(ङ) राजा ने उस पर विश्वास किया।
उत्तर :- (क) प्रजा का हर व्यक्ति राजा को अपनी शक्ति के अनस ु ार भें ट | ( कर्म कारक ) |
(ख) परिणामतः उसे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। ( अपादान कारक ) |
(ग) उनकी आँखें आत्मज्ञान से मानो चमक उठीं। ( करण कारक ) |
(घ) संसार में ऐसा अगर कोई राज्य है तो वह नवलगढ़ है । ( अधिकरण कारक ) |
(ङ) राजा ने उस पर विश्वास किया। ( कर्ता कारक ) |

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योग्यता विस्तार :-

Q1. एक अन्य लोककथा खोजकर लाइए और उसे अपनी भाषा में लिखकर शाला की भित्ति
पत्रिका में लगाइए।
उत्तर

Q.2. ’आँख’ से संबधिं त मह ु ावरों की सच
ू ी तैयार कीजिए और उनके अर्थ भी लिखिए।
उत्तर :- मह
ु ावरा अर्थ
आँखें बिछाना = प्रेम से स्वागत करना
आँखे फेर लेना = बदल जाना
अंधे की लाठी = एक मात्र सहारा
एक आँख से दे खना = सबको समान रूप से दे खना
आँखों का तारा = सबसे प्यारा
आँख चरु ाना = लज्जित होना
आँख खल ु ना = ज्ञान होना
आँख दिखाना = डराना
आँखे लाल करना = क्रोध करना

आँख में धल ू झोंकना = धोखा दे ना

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Q.3. अपने अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति की झठू ी प्रशंसा कर लाभ उठाने के उदाहरण तम्
ु हारे
आसपास भी दिखाई दे ते होंगे। कक्षा, विद्यालय या समाज से ऐसा एक उदाहरण ढूँढ़कर उसके
विषय में अपने साथियों से चर्चा करें ।
उत्तर :- विद्यार्थी गण स्वयं करें ।

Q.4. आपने राजा और राजपरु ोहित की यह कथा पढ़ी। इसी तरह अकबर-बीरबल तथा
तेनालीराम की कथाएँ लिखी गई हैं। इन्हें खोजकर पढ़िए।
उत्तर :- विद्यार्थी गण स्वयं करें ।

Q.5. छत्तीसगढ़ के मानचित्र में निम्नांकित स्थानों को दर्शाइए।
(क) खैरागढ़
(ख) रतनपरु
(ग) सरगजि ु हा भाषा वाला क्षेत्र
(घ) कांगेर घाटी
(ङ) कुटुंबसर गफ ु ा
(च) मैनपाट
(छ) राज्य का सबसे ठं डा क्षेत्र
(ज) दं तवे ाड़ा
उत्तर :- विद्यार्थी गण शिक्षकों की सहायता से स्वयं करें ।

Document Details

Board / OrgChhattisgarh Board
ExamClass 9
TypeSolution
Pages7
Languagehindi
Updated30 Apr 2026