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NCERT
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CLASS - 10th
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Class : 10th
Subject : ह द
Chapter : 1
Chapter Name : ह रहर काका
Q1. कथावाचक और ह रहर काका के बीच या संबंध है , और इसके या कारण ह?
Answer. कथावाचक जब बहुत छोटा था तभी से ह रहर काका उसे बहुत लाङ यार करते थे। फर जब
वह जवान हुए तो बड़े होने के बाद वे अपने काका के म बन गए। उस गाँव म उनक इतनी घ न ठ
दो ती और कसी से भी नह ं हुई। ह रहर काका कथावाचक से अपने मन क बात खल ु कर करते थे।
इस लए कथावाचक को उनके हर एक पल क खबर थी और शायद अपने म के लए ह काका ने उ ह
बहुत यार से बड़ा कया और अपना म बनने का इंतजार कया।
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Q2. ह रहर काका को मंहत और अपने भाई एक ह ेणी के य लगने लगे?
Answer. अपने भाइय और मंहत म ह रहर काका को कोई फक मालम ू नह ं होता था। दोन ह अपना
उ लू सीधा करने म लगे थे। उनके भाइय क पि नय ने कुछ समय तक तो उनका यान रखा पर बाद
म उ ह बासी और बची-कुची रो टयाँ मल । उनको सब ु ह ना ता भी नसीब नह ं था। जब वो बीमार होते
तो उ ह बीमार म पछू ने वाला भी कोई नह ं था। जो थोड़ा-बहुत उनके लए कया जाता था, वो सफ
उनक पास क जमीन के कारण था। ठ क इसी कार महं त ने बड़े यार और आदर-स कार से एक दन
खा तरदार क , और जब उ ह ने जमीन को ठाकुर बाड़ी के नाम करने से मना कर दया तो उ ह बहुत
तकल फ और यातनाएँ द गई।उनका अपहरण करवा कर , मँह ु बांधकर उसम कपडा ठूंस कर कसी
कोठर म बंद कया गया और जबरद ती अंगूठे का नशान भी ले लया गया। वे दोन ह सफ जमीन
जायदाद के लए ह रहर काका से अपना यवहार रखा करते थे। इसी लए उ ह दोन भाई एक ह ेणी म
लगे।
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Q3. ठाकुरबाङ के त गाँव वाल के मन म अपार धा के जो भाव ह उससे उनक कस मनोव ृ त का
पता चलता ह?
Answer. हमार धारणा हमेशा से यह रह ह क गांव वाले बङे सीधे और सादा जीवन यतीत करने वाले
होते ह। परं तु सच तो ये है , क गाँव म रहने वाले लोग ऐसे लोग पर ज द ह व वास कर लेते ह जो धम
से जड़ु े हो। वे मं दरो-मि जद को प व , न कलंक और ान का तीक समझते है । लोग धम -मं दर के
पज
ु ार , परु ो हत , मंहत पर बड़ी धा और व वास रखते ह। ये धम के यापार कतने ह वाथ और
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नीच य न हो पर तु उनका वरोध करने से डरते ह। यह कारण ह क ठाकुरबार के लए गाँव वाल के
मन म बड़ी धा थी। उनका सब सखु -दःु ख उनसे जड़
ु ा था।
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Q4. अनपढ़ होते हुए भी ह रहर काका द ु नया क बेहतर समझ रखते ह। कहानी के आधार पर प ट
क िजए।
Answer. ह रहर काका पढ़े - लखे नह ं थे परं तु उ ह द ु नयादार क बहुत समझ थी। ज़बरद ती जमीन
को अपने नाम कराने के लए उनके भाई उ ह डराते थे। जब उ ह सब के असल रं ग दख गए तब उ ह ने
यह सोच लया था, क उनके भाई चाहे कतना दखावा करे या महं त भङकाए वह अपनी जमीन कसी को
नह ं दगे। जब उनके भाइय ने उ ह धोखा दया और महं त ने भी उनपर घात कया तब उनको यह समझ
आ गया, क उनसे कसी को कोई यार नह ं है । जो यार उ ह मल रहा है वह सफ जायदाद के लए है ।
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Q5. ह रहर काका को जबरन उठा ले जाने वाले कौन थे? उ ह ने उनके साथ कैसे बताव कया?
Answer. ह रहर काका को जो लोग ज़बरद ती उठाकर ले गए थे, वे महं त के आदमी थे। उ ह ने कई बार
ह रहर काका को ठाकुरबाड़ी के नाम पर अपनी जमीन जायदाद उनके नाम करने को कहा ले कन काका
नह ं मान रहे थे। अंत म उसने काका का अपहरण करवा लया। उनके हाथ पैर अपने चेले और साधु संत
क सहायता से बंधवा थे। वो चीख च ला न सके इस लए उनके मँहु म कपड़ा भी ठूस दया गया।
ज़बरद ती उनके अँगूठे के नशान लेकर उ ह एक कोठर म बंद कर दया। जब वहां पु लस पहुँची तो खद ु
वो गु त दरवाज़े से नकल कर भाग गये।
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Q6. ह रहर काका के मामले म गाँव वाल क या राय थी और उसके या कारण थे?
Answer. कहानी से यह जान पड़ता है , क गाँव वाल को यह पता लग गया था क काका का कोई सहारा
नह ं ह। इसी कारण सखु और आराम का लालच दे कर महं त उ ह अपने साथ ले गये थे।भाई उ ह वनती
करके केवल ज़मीन के लए वापस ले आए थे। अब गाँव म दो प बन गए थे। एक उनका जो क महं त
के प म थे, वो चाहते थे क काका अपनी जमीन जायदाद ठाकुरबाड़ी को धम के नाम पर दे व िजससे वो
मरने के बाद मिु त, सख
ु ,आराम और यश का अनभ ु व कर सक। इन लोग क सोच के हसाब से, महं त
बड़े ानी है व सब कुछ जानते है । वह दस
ू रा प वह था जो चाहता था, क काका क ज़मीन प रवार के
लोग को मले। ता क इससे उनके प रवार का पेट भर सके। इस कार दोन ह प अपने हसाब से
सोच- वचार कर रहे थे। ले कन काका के बारे म सोचने का समय कसी को नह ं था। काका वधरु थे,
उनक कोई संतान भी नह ं थी इस लये पं ह बीघा ज़मीन को पाने के लये ये सभी लोग सध लगाये बैठे
थे।
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Q7. कहानी के आधार पर प ट क िजए क लेखक ने यह य कहा, "अ ान क ि थ त म ह मनु य
म ृ यु से डरते ह। ान होने के बाद तो आदमी आव यकता पड़ने पर म ृ यु को वरण करने के लए तैयार
हो जाता है ।"
Answer. ह रहर काका को जब अस लयत का पता लगा तो उ ह समझ म आया क सबको बस उनक
ज़मीन का लालच ह, उनसे कसी को कोई लगाव नह ं। काका को वह लोग याद आए िजन लोग ने अपने
प रवार वाल क मोह माया म आकर अपनी ज़मीन उनके नाम कर द और फर रोज तल- तल कर
मरते रहे । दाने-दाने को मोहताज़ हो गए। तभी उ ह ने यह सोचा क ऐसे तड़प के मरने से तो एक बार म
ह मरना बेहतर है । उ ह ने फैसला लया क वह जब तक िजंदा रहगे अपनी ज़मीन कसी के नाम नह ं
करग। िजससे हो सकता ह उनके आस-पास के लोग उ ह एक बार म ह मार दे । इसी कारण लेखक ने यह
कहा क अ ान क ि थ त म मनु य म ृ यु वरण को तैयार रहता है ।
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Q8. समाज म र त क या अह मयत ह? इस वषय पर अपने वचार कार क िजए।
Answer. आज के दौर म समाज म मानवीय मू य तथा पा रवा रक मू य समा त होते नज़र आ रहे ह।
र ते केवल यि तगत वाथ परू ा करने का माग ह। । यहाँ तक क लोग ज रत के हसाब से एक- दस ू रे
मलते ह। िजतना पैसा अ धक है उतना आदर-स मान अ धक है । जो र तेदार गर ब होते है उनसे दरू
रहना ह पसंद करते ह। सबके लये अपना वाथ ह सबसे अहम है । समाचार प म ह ख़बर पढ
ल िजये है , क ज़मीन ज़ायदाद के कारण पैसे एवं जेवर के लए लोग अपहरण और ह या जैसी नीच
हरकते करते ह
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Q9. य द आपके आसपास ह रहर काका जैसी हालत म कोई हो तो आप उसक मदद कैसे करगे?
Answer. य द हमारे आस पास ह रहर काका जैसे हालत म कोई होगा तो हमसे िजतना हो सकेगा हम
उनक सहायता करने क को शश करग। उनक तकल फ का कारण जानने का य न करग। उनको ये
अहसास करवायगे क हम उनके साथ हर हालात म ह। इस तरह मौन तथा अकेले रह कर दस ू रे लोग को
मौका न द अपनी िजंदगी उ लास के साथ यतीत कर। वयंसेवी सं था से मलकर उनक सम या का
समाधान ढूंढने का य न कर। उ ह नए लोग से मलने के लये े रत करगे।
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Q10. ह रहर काका के गाँव म य द मी डया क पहुँच होती तो उनक या ि थ त होती? अपने श द म
ल खए।
Answer. मी डया आधु नक जगत का वह ह थयार ह जो अ त शि तशाल ह। अगर ह रहर काका के
गाँव म मी डया पहुँच जाती तो सभी लोग क अस लयत सामने आ जाती, गाँव म महं त व उनके भाइय
क पोल खल ु जाती। मी डया वाले उनके साथ हुए अ याचार को लाइव कवर करके दखाते। वे सभी
यि तय को अ याय क ये लाइव त वीर दखाकर बताते क बज ु ग
ु यि त के लए कस कार लोगो
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क सोच बदल जाती है , और वो उनका फ़ायदा उठाने क सोचने लग जाते ह। िजससे कई लोग ह र हर
काका का.समथन करते तथा उ ह याय मलता। महं त और काका के प रवार को सजा मलती।
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