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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 9th
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Book : Bharat Aur Samkalin Vishwa - I Ncert Solutions | Chapter - 1 Social Science - History
Class : 9th
Subject : इ तहास
Chapter : 1
Chapter Name : ाँसीसी ां त
Q1 ांस म ां त क शु आत कन प रि थ तय म हुई?
Answer. 1774 म लइ
ु 16व ने राजग द संभाल । उस समय ांस 3 ए टे स म बटा हुआ था। तत
ृ ीय
ए टे ट के लोग ने न न ल खत कारण से तंग आकर 1789 म ांसीसी ां त कर द -
1. अ य धक कर- उस समय ांस म तत
ृ ीय ए टे ट के लोग से तरह-तरह के कर लए जाते थे
िजसके चलते उनके लए दो जन
ू क रोट कमाना भी मिु कल हो गया था ।
2. अमे रक यु ध म ह त ेप- ांस ने टे न के खलाफ यु ध म अमे रका का साथ दया िजसके
चलते ांस पर सेना क ज रत परू करने का भार पड़ गया तथा इससे ांस पर अरब पए का
कज़ चढ़ गया ।
3. कम वेतन- ांस म िजस दर पर जनसं या बढ़ रह थी उसके मक
ु ाबले खा य आपू त कम थी।
प रणाम व प पाव और रोट क क मत बढ़ गई तथा बेहद कम वेतन होने के कारण गर ब लोग
खाना नह ं खा पा रहे थे । म हलाओं को वेतन पु ष से और कम था इस लए उ ह अ धक
परे शानी का सामना करना पड़ा।
4. उभरता म यवग- तत
ृ ीय ए टे ट के िजन लोग ने श ा ा त कर उ ह यह लगने लगा क
कुल न और पाद रय क सामािजक है सयत ज मजात थी। श त म य वग को यह अ छा
नह ं लगा। उ ह ने यह कहना ारं भ कया क सामािजक है सयत यो यता के आधार पर तय
होनी चा हए ना क ज म के आधार पर ।
5. वचारक का योगदान- उस समय के कुछ दाश नक हो जैसे क जॉन लॉक और सो ने वतं ता,
समानता और भाईचारे क बात क । इनके वचार क चचा समच
ू े ांस म होने लगी िजसने ां त
को एक वैचा रक आधार दान कया।
इस कार हम कह सकते ह क उपरो त कारण के चलते परे शान जनता ने ां त का सहारा लया जो
आगे चलकर ांस म गणतं क थापना का कारण बनी।
Page : 24 , Block Name : न (long answer question)
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Book : Bharat Aur Samkalin Vishwa - I Ncert Solutions | Chapter - 1 Social Science - History
Q2 ांसीसी समाज के कन तबक को ां त का फायदा मला? कौन से समह
ू स ा छोड़ने के लए
मजबरू हो गए? ां त के नतीज से समाज के कन समह
ू को नराशा हुई होगी?
Answer. 1789 क ांसीसी ां त के बाद वहां सं वधान का नमाण हुआ तथा संवध
ै ा नक राजतं क
थापना हुई । इस सं वधान ने अनेक कार के अ धकार क बात क िजसका सबसे यादा फायदा
तत
ृ ीय ए टे ट के उन लोग को मला िजसम अमीर और गर ब दोन शा मल थे यथा यवसायी, वक ल,
कसान, म हला कार गर, मजदरू इ या द। आबाद के बड़े ह से को धान का अ धकार मला। इसका
लाभ यह था क अब आम जनता यायपा लका और यव था पका म अपने पसंद के त न ध भेज
सकती थी। हालां क कुछ लोग अभी म मतदान के अ धकार से वं चत थे िजनम कम कर दे ने वाले लोग
तथा म हलाएं शा मल थी।
इस नई यव था क थापना के बाद ांस म ाचीन राजतं क यव था समा त हो गई िजसके
अंतगत कुल न और पादर वग के लोग स ा छोड़ने के लए ववश हो गए।
इस बात म कोई अ तशयोि त नह ं क सं वधान म सभी नाग रक के समान अ धकार क बात कर थी
परं तु फर भी तत
ृ ीय ए टे ट के अंदर ह गर ब नाग रक और म हलाएं सरकार क यव था से अ स न
थे। अ य धक ां तकार ग त व धय के चलते प रि थ तयां फर से वैसे ह हो रह थी जैसी ाचीन
राजतं के समय थी। अ य धक कर के प रणाम व प लोग रोट नह ं खर द पा रहे थे। म हलाओं क
दशा खराब थी, अभी भी व यालय म श ा के लए दा खला नह ं लख सकती थी। जो म हलाएं
यवसाय करती थी उ ह पु ष क तल
ु ना म वेतन कम ह दया जाता था।
अतः हम कह सकते ह क ां त क समाि त के बाद िजस तरह क ांस क क पना क गई थी उसम
और सध
ु ार क आव यकता थी जो समय के साथ परू हुई ।
Page : 24 , Block Name : न (long answer question)
Q3 19वीं और 20वीं सद क द ु नया के लए ांसीसी ां त कौन सी वरासत छोड़ गई?
Answer. इ तहास म 1789 क ांसीसी ां त एक वशेष थान रखती है । इस ां त ने संपण
ू व वम
एक वैचा रक पन
ु जागरण का चार कया। ांस क ां त ने यरू ोप म अ य राजशाह तं के पतन के
लए आमजन को ह मत दान क िजसक प रण त यरू ोप के अ य दे श म भी गणतं क थापना म
दे खने को मलती है । ांस क ां त ने अनेक वषय पर उस समय यान आक षत कया था जो आज
के समय म भी उतनी ह वलंत ह। इस ां त ने वग भेद, म हला सशि तकरण, वतं ता, उदारता,
भाईचारे , एकता और सं वधान जैसे वषय पर संपण
ू व व का यान आक षत कया।
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ांसीसी ां त ने अनेक उप नवेश को आजाद दलाने म भी मदद क , सामंतवाद वचारधारा के अंत
क शु आत इसी ां त ने कर ।
अमे रका और भारत जैसे व व के सबसे बड़े लोकतं के सं वधान पर भी 1789 क ां त का गहरा
भाव दे खने को मलता है । इस कार यह कहना सह होगा क ांसीसी ां त उ नीसवीं और बीसवीं
सद के लए अनेक वरासत छोड़ गई।
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Q4 उन जनवाद अ धकार क सच
ू ी बनाएं जो आज हम मले हुए ह और िजन का उ गम ांसीसी ां त
म है ।
Answer. आज के यग
ु म िजन सामा य से दखने वाले अ धकार क हम चचा करते ह उनका उ गम
ांसीसी ां त से ह है । इनम से कुछ मह वपण
ू इस कार ह-
1. वतं ता का अ धकार- वतं ता मनु य का नैस गक अ धकार है । कसी भी तरह का अंकुश
मनु य के वकास को रोकता है ।
2. समानता का अ धकार- रा य का कानन
ू और सं वधान सभी के लए एक समान होता है । गर ब,
अमीर, जवान, व ृ ध सभी कानन
ू क ि ट म एक समान होते ह।
3. धम नरपे ता का अ धकार- सभी धम के त समान आदर भाव एक खश
ु हाल समाज क
नतांत आव यकता है । सभी यि तय को अपना धम पालन करने का अ धकार है ।
4. अ भ यि त का अ धकार- एक स य समाज म सभी को बोलने, लखने, दखाने क वतं ता
होनी चा हए। ांस ने 18वीं सद के उ राध म ह ससर शप समा त क थी, जब क अं ेज भारत
म अखबार पर भी पाबंद रखते थे।
5. मतदान का अ धकार- सभी नाग रक , वशेषकर म हलाओं के लए मता धकार समाज म सभी
क राजनी तक भागीदार को दशाता है ।
अतः हम कह सकते ह क इन सभी मह वपण
ू जनवाद अ धकार का उ गम ांसीसी ां त से ह है ।
Page : 24 , Block Name : न (long answer question)
Q5 या आप इस तक से सहमत ह क सावभौ मक अ धकार क संदेश म नाना अंत वरोध थे?
Answer. यह स य है क राजशाह के अंत के बाद ांस क संवध
ै ा नक राजतं यव था ने नाग रक को
अनेक अ धकार दए, परं तु उनम न न ल खत अंत वरोध भी थे-
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➔ समानता क बात करते हुए भी ांस म सभी नाग रक को मतदान का अ धकार नह ं दया था।
लगभग 30 लाख पु ष , म हलाओं, ब च और 25 वष से कम उ के पु ष जो 3 दन क
मजदरू के बराबर कर नह ं चक
ु ा सकते थे उ ह ‘ नि य नाग रक’ माना गया व मता धकार से
वं चत रखा।
➔ म हलाओं क दशा खराब ह थी। उ ह समान वेतन नह ं मलता था, अ धकतर के पास पढ़ाई
लखाई, यवसाय के अवसर नह ं थे। गर ब म हलाओं क दशा और भी दयनीय थी। हालां क
सामािजक व आ थक अ धकार कुछ समय के बाद ह दए गए थे परं तु राजनी तक अ धकार के
लए संघष जार रहा।
➔ सं वधान म केवल पु ष व नाग रक अ धकार घोषणा प ह था। कुछ साल बाद ओलंप दे गूज़
नामक म हला ने म हला व नाग रक अ धकार घोषणा प बनाया, परं तु इस पर उ ह दे श ोह
बता कर फांसी दे द गई।
➔ जैको बन ने म हलाओं को पु ष के समान कभी नह ं माना। अतः यह समानता के अ धकार का
अंत वरोध ह था।
➔ उपरो त सभी अंतर वरो धय के बावजद
ू भी उस समय का ांस का सं वधान काफ आधु नक
माना जा सकता है िजसने समय रहते इन सभी अंत वरोध को दरू कर दया था।
Page : 24 , Block Name : न (long answer question)
Q6 नेपो लयन के उदय को कैसे समझा जा सकता है ?
Answer. ां त के बाद अनेक कार क सरकार ांस म बनी। जैको बन सरकार के पतन के बाद म यम
वग ने स ा संभाल । वधान प रषद म 5 सद य वाल एक डरे नामक कायपा लका बनाई गई।
डरे का हमेशा वधान प रषद से ववाद रहता था। इसके चलते राजनी तक अि थरता ज मी िजसने
नेपो लयन बोनापाट के उदय का माग श त कया।
1804 म ांस का स ाट बनने के बाद नेपो लयन ने सा ा य सार क नी त अपनाई। नेपो लयन एक
तानाशाह था। उसने अपने कर बी र तेदार को स ा से जड़
ु े मह वपण
ू पद दे दए।
ारं भ म नेपो लयन क जीत ांस म सराह जाती रह , पर कुछ समय बाद उसक नी तय का असर साफ
हो गया। नेपो लयन ने यु ध का सहारा लया िजससे परू े यरू ोप म तशोध पनपने लग गया था।
नेपो लयन ने यरू ोप को आधु नक बनाने का य न कया पर वह उन वचार क वपर त हुआ िजसके
लए ांसीसी ां त याद क जाती है ।
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