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NCERT Solutions for Class 9 Social Science (इतिहास) Chapter 5 आधुनिक विश्व में चरवाहे

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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 9th

aglase .co

Page 2

Class : 9th
Subject : इ तहास
Chapter : 5
Chapter Name: आधु नक व व म चरवाहे

Q1 प ट क िजए क घम
ु ाय को बार-बार एक जगह से दस
ू र जगह य जाना पड़ता है ? इस
नरं तर आवागमन से पयावरण को या लाभ है ?
Answer. ज मू क मीर के गु जर बकरवाल, हमाचल के ग द , महारा के धांगर और राज थान के
राइका आ द भारत के मख
ु घम
ु ाय ह। यह समद
ु ाय एक थान से दस
ू रे थान पर घम
ू ते रहते ह।
ऐसा वे अपने मवे शय के लए चारे क तलाश के लए करते ह। वह मौसम के अनु प अपना
जीवनयापन करते ह। जब स दय म पहाड़ पर बफ जम जाती है तब बकरवाल मैदान म आ जाते ह,
और जब ग मय म उ ह ं पहाड़ पर घास उग आती है तब वे अपने मवे शय को पहाड़ पर चलाने के लए
ले जाते ह। ब कुल ऐसा ह पठार इलाक म रहने वाले धांगर व म थल के राइका समद
ु ाय के लोग
करते ह। वे मानसन
ू पर नभर रहते ह तथा उसी के अनस
ु ार घम
ू ते रहते ह।
इस नरं तर आवागमन से पयावरण को काफ लाभ पहुंचता है । पयावरण म तारत यता बनी रहती है ।
कसी एक थान पर जब मवेशी चर लेते ह, तब तक दस
ू रे थान उपजाऊ हो जाते ह और यह म चलता
रहता है । इससे चारगाह का ती दोहन नह ं होता। अतः इस कार घम
ु ाय अपने मवे शय के
लए पोषक चारे का इंतज़ाम कर लेते ह और पयावरण भी सतत प से वक सत होता रहता है ।

Q2 इस बारे म चचा क िजए क औप नवे शक सरकार ने न न ल खत कानन
ू य बनाए यह भी
बताइए क इन कानन
ू से चरवाह के जीवन पर या असर पड़ा:
1. परती भू म नयमावल
2. वन अ ध नयम
3. अपराधी जनजा त अ ध नयम
4. चराई कर
Answer. घम
ु ाय को अनश
ु ा सत करने के लए अं ेज ने अनेक कानन
ू बनाए व उन पर
पाबं दयाँ लगा द । इनम से कुछ मख
ु कानन
ू व उनका असर इस कार था-

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परती भू म नयमावल - अँ ेज़ बना खेती क ज़मीन को बेकार मानते थे। उनके लए हर ज़मीन को खेती
लायक बनाना ज र था ता क इं लड म खा य आपू त बनी रहे । इस लए सरकार ने पड़ती भू म नयम
बनाए। इसका भाव यह हुआ क अब कुछ खास लोग को गैर खे तहर ज़मीन स प द गई। उ ह कुछ
रयायत भी मल । उ ह गांव का मु खया बना दया गया। खेती को फैलाने के चलते चारगाह समटते
गए व घम
ु ाय के लए सम या खड़ी हो गई।
वन अ ध नयम- सरकार ने वन को आर त, संर त व ामीण क ेणी म बाँटा था। आर त वन के
पीछे कारण थे क उनम बस लकड़ी हे तु पेड़ को उगाया जाए। वहां कसी के भी आवागमन पर पाबंद थी।
संर त जंगल म चराने के परं परागत अ धकार तो थे पर उ ह सी मत कर दया गया। इसका भाव यह
हुआ क अब मवे शय को पहले जैसा चारा नह ं मल पा रहा था। पर मट यव था के कारण एक
नि चत समय तक ह मवेशी चारगाह म चर सकते थे। इससे उनके वा य पर भी असर पड़ा।
अपराधी जनजा त अ ध नयम- इसके पीछे कारण यह था क सरकार घम
ु ंतू लोग को शक क नजर से
दे खती थी। वह उ ह अपराधी समझती थी। वह चाहते थे क यह लोग भी एक गांव म थाई जीवन िजएँ।
इस लए 1871 म यह कानन
ू बना। इसके चलते द तकार , यापा रय व चरवाह के बहुत सारे समद
ु ाय
को ज मजात अपराधी मान लया गया। पु लस उन पर सदै व नज़र रखती थी।
चराई कर- अँ ेज़ हर कार से अपना राज व बढ़ाना चाहते थे, इस लए उ ह ने हर मवेशी के चारे चरने
पर भी कर लगा दया और समय के साथ वह बढ़ता भी गया। कर वसल
ू ने का काम ठे केदार ने लया।
ठे केदार अब चरवाह से कर वसल
ू ने लगे। इसके चलते मवे शय का चारा अ यंत महँगा हो गया। अब वह
कम मवेशी रखने लगे ता क कम कर दे ना पड़े।
अतः उपरो त कानन
ू के चलते चारगाह, चरवाहे और मवेशी सभी सी मत होने लग गए। एक ह चारगाह
लंबे समय के लए जानवर से भरा रहने लगा। जानवर को भरपेट भोजन न मलने से वे कमजोर हो गए
और कुछ तो मर भी गए।

Q3 मसाई समद
ु ाय के चारगाह का उनसे य छन गए? कारण बताएं।
Answer. मसाई पव
ू अ का के के या और तंजा नया के नवासी ह। वे पशप
ु ालन का काम करते ह।
समय के साथ उनके चारागाह समटते गए िजसके कारण इस कार ह-
औप नवे शक ताकत का संघष- उ नीसवीं सद के अंत म जब अनेक यरू ोपीय दे श ने अ का पर क ज़े
के लए यु ध शु कए, तब मसाईलड के दो टुकड़े कर दए गए। सरकार ने उनके बेहतर न चारगाह को
क ज़े म ले लया।

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Book : Bharat Aur Samkalin Vishwa - I Ncert Solutions | Chapter - 5 Social Science - History

चारगाह का शकारगाह म प रवतन- इसके कारण इन शकारगाह म, जो क आर त होते थे, मसाईय
का आना रोक दया गया। अब मसाई न मवेशी चरा सकते थे, न ह शकार कर सकते थे।
पर मट यव था- एक चारागाह से दस
ू रे चारागाह तक जाने के लए भी मसाईय को पर मट लेना पड़ता
था, जो आसान काम नह ं था। बना पर मट होने पर उ ह दं डत कया जाता था।
इस कार उपरो त कारण के चलते मसाईय को एक ऐसे अध शु क इलाके म रहने पर ववश कर दया
गया जहां सख
ू े क आशंका हमेशा बनी रहती थी।

Q4 आधु नक व व म भारत और पव
ू अ का चरवाहा समद
ु ाय के जीवन म जन प रवतन को ज म
दया उनम कई समानताएं थी। ऐसे दो प रवतन के बारे म ल खए, जो भारतीय चरवाह और मसाई
गड़ रय , दोन क बीच समान प से मौजद
ू थे।
Answer. भारत और अ का दोन ह थान पर यरू ोपीय दे श का शासन था। इन दे श क नासमझी व
अवां छत मांग ने यहां के चरवाहा समद
ु ाय म कुछ प रवतन को ज म दया, िजनम से दो समान
प रवतन क चचा यहां क जा सकती है -
अपरा धय जैसा बताव- औप नवे शक शासक ने भारत व पव
ू अ का दोन ह े के घम
ु ंतु जा तय
को अपरा धय क नजर से दे खा। उ ह ने कानन
ू बनाकर साधारण जीवन जीने वाले समद
ु ाय को बबर
अपराधी करार दे दया। इसके कारण राइका और मसाई दोन ह अपने मवे शय को चराने के लए संघष
करने लगे। िजन वन व पहाड़ पर वे कभी पयावरण के अनक
ु ूल मण करते थे, अब उ ह दग
ु म इलाक
म मवे शय को ले जाना पड़ रहा था, य क उपजाऊ ज़मीन पर कृ म प से खेती होने लगी थी।
चारगाह क कमी- अब चारागाह काफ कम रह गए थे और जो बचे थे, उन पर भी अनेक पाबं दयां लगा
द गई थी। चारगाह अब गुणव ापण
ू नह ं रह गए थे। अब मवेशी कम चारा खा पाते थे। भारत म चराई
कर व अ का म पर मट यव था के कारण चरवाहा समद
ु ाय परे शान हो चक
ु ा थे। कम चारे क वजह से
जानवर कमजोर होते जा रहे थे िजससे घम
ु ाय क आजी वका पर भी अ य प से भाव पड़
रहा था।
इस कार जहां भी औप नवे शक शासन था, वहां एक समान प से ह घम
ु ाय के जीवन म
प रवतन आया, फर चाहे वह गु जर बकरवाल व राइका ह या अ का के मसाई और बोरान।

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Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 9
TypeSolution
Pages4
Languagehindi
Updated30 Apr 2026