aglasem.com
Home Schools Admission Career Mock Test PDF Docs Playground
ClassChoose class
StateSelect state

CBSE Class 10 Question Paper 2025 Solution Hindi B

Download CBSE Class 10 Question Paper 2025 Solution Hindi B. Here at aglasem.com you can get Answers of CBSE 10th class Question Papers. CBSE Class 10th Hindi B Question Paper 2025 Solution is given below. More Detail
CBSE Class 10 Question Paper 2025 Solution Hindi B - Page 1 of 12

Finished viewing? Save it for later —

Download CBSE Class 10 Question Paper 2025 Solution Hindi B (PDF · 12 pages)
Downloaded 18 times

About CBSE Class 10 Question Paper 2025 Solution Hindi B

CBSE Class 10 Question Paper 2025 Solution Hindi B is available here for free download. Published by CBSE for Class 10, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (12 pages). Candidates preparing for Class 10 can use CBSE Class 10 Question Paper 2025 Solution Hindi B to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download CBSE Class 10 Question Paper 2025 Solution Hindi B?

Open this page and click the Download button to save CBSE Class 10 Question Paper 2025 Solution Hindi B as a PDF. It is completely free on AglaSem Docs.

Is CBSE Class 10 Question Paper 2025 Solution Hindi B free to download?

Yes. CBSE Class 10 Question Paper 2025 Solution Hindi B can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does CBSE Class 10 Question Paper 2025 Solution Hindi B have?

CBSE Class 10 Question Paper 2025 Solution Hindi B contains 12 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 10 study material?

You can find more Class 10 question papers, sample papers, syllabus, and answer keys on AglaSem Docs.

CBSE Class 10 Question Paper 2025 Solution Hindi B – Text

Read the full text of this solution below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.

📄 View text version (12 pages)

Page 1

अत्यतं गोपनीय-के वल आतं रिक एवं सीमित प्रयोग हेतु
सेकेंडिी स्कूल समटिमिके ट पिीक्षा, 2024-25
अंक-योजना
महंदी ‘ब’ मवषय कोड—085
प्रश्न-पत्र कोड-- 4/1/1, 4/1/2, 4/1/3
सामान्य निर्देश:-
1. आप जािते हैं नि परीक्षानथियों िे सही और उनित आिलि िे नलए उत्तर पनु ततिाओ ं िा मलू याि ं ि एि महत्त्वपर्ू ि प्रनिया
है। मलू यांिि में एि छोटी-सी भलू भी गभं ीर समतया िो जन्म र्दे सिती है, जो परीक्षानथियों िे भनवष्य, नशक्षा-प्रर्ाली और अध्यापि-
व्यवतथा िो भी प्रभानवत िर सिती है। इससे बििे िे नलए अिरु ोध निया जाता है नि मलू यांिि प्रारंभ िरिे से पवू ि ही आप मलू यांिि
निर्देशों िो पढ़ और समझ लें।
2. मलू याि
ं ि िीनत एि गोपिीय िीनत है क्योंनि यह आयोनजत परीक्षाओ ं िी गोपिीयता, निए गए मलू याि ं ि तथा िई अन्य
पहलओ ु ं से संबंनधत है | इसिा निसी भी तरह से साविजनिि रूप से लीि होिा परीक्षा- प्रर्ाली िे पटरी से उतरिे िा िारर् बि
सिता है और लाखों परीक्षानथियों िे जीवि और भनवष्य िो प्रभानवत िर सिता है | इस िीनत /र्दततावेज िो निसी िो भी साझा
िरिा, निसी पनििा में प्रिानशत िरिा और समािार पि/वेबसाइट आनर्द में छापिा IPC िे तहत िायिवाही िो आमनं ित िर सिता
है |
3. मलू यांिि अि ं -योजिा में नर्दए गए निर्देशों िे अिसु ार ही निया जािा िानहए, अपिी व्यनिगत व्याख्या या निसी अन्य
धारर्ा िे अिसु ार िहीं। यह अनिवायि है नि अि ं -योजिा िा अिपु ालि परू ी तरह और निष्ठापवू ि
ि निया जाए। हालााँनि, मलू याि
ं ि
िरते समय िवीितम सिू िा और ज्ञाि पर आधाररत अथवा िवािार पर आधाररत उत्तरों िो उििी सत्यता और उपयि ु ता िो परखते
हुए परू े अि
ं नर्दए जाएाँ।
4. मख्ु य परीक्षि प्रत्येि मलू यांिििताि िे द्वारा पहले नर्दि जााँिी गई उत्तर-पनु ततिाओ ं िे मलू यांिि िी जााँि ध्यािपवू ि
ि िरें
और आश्वतत हों नि मलू याि ं ि-योजिा में नर्दए गए निर्देशों िे अिसु ार ही मलू याि ं ि निया जा रहा है। परीक्षिों िो बािी उत्तर-
पनु ततिाएाँ तभी र्दी जाएाँ जब वह आश्वतत हों नि उििे अि ं ि में िोई नभन्िता िहीं है।
5. परीक्षि सही उत्तर पर सही िा निशाि (√) लगाएाँ और गलत उत्तर पर गलत िा (×) । मलू यांिि-िताि द्वारा ऐसा निह्न ि
लगािे से ऐसा समझ में आता है नि उत्तर सही है परंतु उस पर अि
ं िहीं नर्दए गए। परीक्षिों द्वारा यह भल
ू सवािनधि िी जाती है।
6. यनर्द निसी प्रश्न िा उपभाग हो तो िृ पया प्रश्नों िे उपभागों िे उत्तरों पर र्दायीं ओर अि
ं नर्दए जाएाँ। बार्द में इि उपभागों िे
अि ं ों िा योग बायीं ओर िे हानशये में नलखिर उसे गोलािृ त िर नर्दया जाए। इसिा अिपु ालि दृढ़तापवू ि ि निया जाए।
7. यनर्द निसी प्रश्न िा िोई उपभाग ि हो तो बायीं ओर िे हानशये में अि
ं नर्दए जाएाँ और उन्हें गोलािृ त निया जाए। इसिे
अिपु ालि में भी दृढ़ता बरती जाए।

4/1/1, 4/1/2, 4/1/3 Page 1

Page 2

8. यनर्द परीक्षाथी िे निसी प्रश्न िा उत्तर र्दो तथािों पर नलख नर्दया है और निसी िो िाटा िहीं है तो नजस उत्तर पर अनधि अि ं
प्राप्त हो रहे हों, उस पर अि ं र्दें और र्दसू रे िो िाट र्दें। यनर्द परीक्षाथी िे अनतररि प्रश्न/प्रश्नों िा उत्तर र्दे नर्दया है तो नजि उत्तरों पर अनधि
अि ं प्राप्त हो रहे हों उन्हें ही तवीिार िरें और उन्हीं पर अि ं र्दें।
9. एि ही प्रिार िी अशनु ि बार-बार हो तो उसे अिर्देखा िरें और उस पर अि
ं ि िाटे जाएाँ।
10. यहााँ यह ध्याि रखिा होगा नि मलू यांिि में संपर्ू ि अि ं पैमािे 0 – 80 (उर्दाहरर् 0--80 अि ं जैसा नि प्रश्न-पि में नर्दया गया
है) िा प्रयोग अभीष्ट है अथाित परीक्षाथी िे यनर्द सभी अपेनक्षत उत्तर-नबर्दं ओ
ु ं िा उललेख निया है तो उसे परू े अि
ं र्देिे में सि
ं ोि ि
िरें ।
11. प्रत्येि परीक्षि िो पर्ू ि िायि-अवनध में अथाित 8 घटं े प्रनतनर्दि अनिवायि रूप से मलू यांिि िायि िरिा है। (नवततृत नववरर्
‘तपॉट गाइडलाइि’ में नर्दया गया है)
12. यह सनु िनित िरें नि आप निम्िनलनखत प्रिार िी िनु टयााँ ि िरें जो नपछले वर्षों में िी जाती रही हैं-
• उत्तर पनु ततिा में निसी उत्तर या उत्तर िे अश
ं िो जााँिे नबिा छोड़ र्देिा
• उत्तर िे नलए निधािररत अि
ं ों से अनधि अि
ं र्देिा
• उत्तर में नर्दए गए अि
ं ों िा योग ठीि ि होिा
• उत्तर-पनु ततिा िे अर्दं र नर्दए गए अि
ं ों िा आवरर् पृष्ठ पर सही अतं रर् ि होिा
• आवरर् पृष्ठ पर प्रश्नािसु ार योग िरिे में अशनु ि
• योग िरिे में अि
ं ों और शब्र्दों में अतं र होिा
• उत्तर पनु ततिाओ ं से ऑिलाइि अि
ं सिू ी में सही अतं रर् ि होिा
• िुल अि
ं ों िे योग में अशनु ि
• उत्तरों पर सही िा निह्न (√) लगािा निंतु अि
ं ि र्देिा
13. प्रत्येि परीक्षि यह भी सनु िनित िरें नि सभी उत्तरों िा मलू याि
ं ि निया जाए, शीर्षिि पृष्ठ पर िी गई प्रनवनष्ट सही हो तथा िुल
अिं ों िो आाँिड़ों और शब्र्दों में नलखें ।
14. उम्मीर्दवार निधािररत प्रसंतिरर् शलु ि िे भगु ताि पर अिरु ोध िर उत्तर-पनु ततिा िी फोटोिॉपी प्राप्त िरिे िे हिर्दार हैं । अतः
सभी मख्ु य परीक्षिों/ अनतररि मख्ु य परीक्षिों/ परीक्षिों/ समन्वयिों िो एि बार नफर से यार्द नर्दलाया जाता है नि उन्हें यह सनु िनित
िरिा िानहए नि मलू यांिि योजिा में नर्दए गए प्रत्येि उत्तर िे नलए मलू य-नबंर्दओ
ु ं िे अिसु ार मलू यांिि निया जाए ।

4/1/1, 4/1/2, 4/1/3 Page 2

Page 3

Series: HGFE1 प्रश्न-पत्र कोड 4/1/1, 4/1/2, 4/1/3
अंक योजना
महदं ी ‘ब’(085)
प्रश्न स.ं 4/1/1 4/1/2 4/1/3 िूलयांकन मबदं ु अंक
खंड - क
(अपमित बोध)
1 1 2 1 अपमित गद्ांश पर आधाररत बहुनविलपीय/वततपु रि प्रश्न : (7)
(i) (i) (i) (C) तवात्य 1
(ii) (ii) (ii) (A) समाज िे नविास में योगर्दाि र्देिे वाला सनिय िागररि 1
(iii) (iii) (iii) (A) िथि सही है लेनिि िारर्, िथि िी ग़लत व्याख्या िरता है । 1

(iv) (iv) (iv)  पयािवरर् पररवतिि 2
 सामानजि संरििा में आए बर्दलाव
 प्रनततपधाि और उपभोिावार्दी सतं िृ नत
(निन्हीं र्दो नबंर्दओ
ु ं िा उललेख अपेनक्षत)
(v) (v) (v) 1+1
निसे-
शारीररि और मािनसि रूप से िुशलक्षेम िी अवतथा
िै से-
व्यायाम, पौनष्टि भोजि लेिे और बरु ी आर्दतों में पररवतिि
2 2 1 2 अपमित गद्ांश पर आधाररत बहुनविलपीय/वततपु रि प्रश्न : (7)
(i) (i) (i) (B) र्दख ु िे िेति िारर् िे साक्षात्िार िा अिमु ाि 1
(ii) (ii) (ii) (D) मााँ िी आिृ नत पहिाि भख ू शांत हो जािे िी आशा है । 1
(iii) (iii) (iii) (A) िथि सही है लेनिि िारर्, िथि िी गलत व्याख्या िरता है । 1

(iv) (iv) (iv)  र्दसू रों िे द्वारा पहुिाँ ाए जािे वाले िष्टों से बििे िे नलए 2
 समाज से निराशा और अत्यािार र्दरू िरिे िे नलए

(v) (v) (v)
 र्दख
ु िे िारर् िी जाििारी या अिमु ाि से जन्म लेिे वाला भाव 2
 र्दसू रों िे द्वारा सताए जािे पर उत्पन्ि होिे वाला भाव
 िोध िे िारर् तथा पररर्ाम िे अन्य नबंर्दु भी तवीिायि

4/1/1, 4/1/2, 4/1/3 Page 3

Page 4

खंड – ख
(व्यावहारिक व्याकिण)

3 3 3 3 ‘पदबंध’ पर आधाररत पााँि प्रश्नों में से निन्हीं चाि प्रश्नों िे उत्तर अपेनक्षत : (1x4
=4)
(ि) - - सबु ह से शाम ति 1
(ख) - - नवशेर्षर् पर्दों िा समहू / शीर्षि पर्द नवशेर्षर् 1
(ग) - - संज्ञा पर्दबंध, संज्ञा पर्दों िा समहू / शीर्षि पर्द संज्ञा ½+½
(घ) - - सवििाम पर्दबंध 1
(ङ) - - निया पर्दबधं 1

- (ि) - नवशेर्षर् पर्दों िा समहू / शीर्षि पर्द नवशेर्षर् 1
- (ख) - हवेली से र्दालाि िी ओर 1
- (ग) - संज्ञा पर्दबंध, संज्ञा पर्दों िा समहू / शीर्षि पर्द संज्ञा ½+½
- (घ) - सवििाम पर्दबंध 1
- (ङ) - निया पर्दबंध 1

- - (ि) लढ़ु िते-सरिते हुए 1
- - (ख) संज्ञा पर्दबंध, संज्ञा पर्दों िा समहू / शीर्षि पर्द संज्ञा ½+½
- - (ग) सवििाम पर्दबधं 1
- - (घ) निया पर्दबंध 1
- - (ङ) नवशेर्षर् पर्दों िा समहू / शीर्षि पर्द नवशेर्षर् 1

4 4 4 4 ‘िचना के आधाि पि वाक्य भेद’ पर आधाररत पााँि प्रश्नों में से निन्हीं चाि (1x4
प्रश्नों िे उत्तर अपेनक्षत : =4)

(ि) - - नमश्र वाक्य िे प्रधाि एवं आनश्रत उपवाक्यों िो तवतंि वाक्यों में बर्दलिा तथा ½+½
उन्हें योजि से जोड़िा,
उर्दाहरर्- नमश्र वाक्य- जैसे ही अध्यापि िक्षा में आए छाि शातं हो गए ।
सरल वाक्य में रूपांतरर् : अध्यापि िक्षा में आए । छाि शांत हो गए ।
संयि ु में रूपांतरर् : अध्यापि िक्षा में आए और छाि शांत हो गए ।
(अन्य उपयि ु उर्दाहरर् तवीिायि)
(ख) - - हमारा र्दोतत सआर्दत अली बहुत ऐश पसंर्द आर्दमी है । 1
(ग) - - िेिर िी जो सहिशनि है उसिी भी एि सीमा होती है ।/ जो िेिर िी 1
सहिशनि है उसिी भी एि सीमा होती है ।

4/1/1, 4/1/2, 4/1/3 Page 4

Page 5

(घ) - - िहू उििी बात सिु िर र्दख
ु ी हुए और मद्दु त ति रोते रहे । 1
(ङ) - - सरल वाक्य 1

- (ि) - शि ु सोिा और नगन्िी िा सोिा अलग-अलग है । 1
- (ख) - नमश्र वाक्य िे प्रधाि एवं आनश्रत उपवाक्यों िो तवतंि वाक्यों में बर्दलिा तथा ½+½
उन्हें योजि से जोड़िा,
उर्दाहरर्- नमश्र वाक्य- जैसे ही अध्यापि िक्षा में आए छाि शांत हो गए ।
सरल वाक्य में रूपांतरर् : अध्यापि िक्षा में आए । छाि शांत हो गए ।
सयं िु में रूपातं रर् : अध्यापि िक्षा में आए और छाि शातं हो गए ।
(अन्य उपयि ु उर्दाहरर् तवीिायि)
- (ग) - बड़े-बड़े नबलडर समर्दं र िो पीछे धिे ल रहे हैं और उसिी ज़मीि हनथया रहे हैं । 1
- (घ) - हमारे ग्वानलयर िा जो मिाि था उसिे र्दालाि में र्दो रोशिर्दाि थे । 1
- (ङ) - सरल वाक्य 1

- - (ि) ‘जागते रहो’ नफलम में राजिपूर िे जो अनभिय निया उसे बहुत सराहा गया । 1
- - (ख) अच्छी शासि व्यवतथा समता पर िलती है । 1
- - (ग) िेखव लेखि हैं और वे सारे संसार िे िहेते मािे जाते हैं । 1
- - (घ) नमश्र वाक्य िे प्रधाि एवं आनश्रत उपवाक्यों िो तवतंि वाक्यों में बर्दलिा तथा ½+½
उन्हें योजि से जोड़िा,
उर्दाहरर्- नमश्र वाक्य- जैसे ही अध्यापि िक्षा में आए छाि शांत हो गए ।
सरल वाक्य में रूपांतरर् : अध्यापि िक्षा में आए । छाि शांत हो गए ।
सयं िु में रूपातं रर् : अध्यापि िक्षा में आए और छाि शातं हो गए ।
(अन्य उपयि ु उर्दाहरर् तवीिायि)
- - (ङ) सरल वाक्य 1
5 5 5 5 ‘सिास’ पर आधाररत पााँि प्रश्नों में से निन्हीं चाि प्रश्नों िे उत्तर अपेनक्षत : (1x4
=4)
(ि) - - द्वद्वं समास में पवू ि और उत्तर र्दोिों पर्द प्रधाि, ½+½
उर्दाहरर्- सुख-र्दख ु , र्दधू -र्दही आनर्द ।
(अन्य उपयि ु उर्दाहरर् तवीिायि)
(ख) - - तल ु सीिृ त – तत्परुु र्ष समास ½+½
(ग) - - िृ ष्र् है जो मृग – िमिधारय समास ½+½
(घ) - - नवग्रह िे अिसु ार- बहुव्रीनह समास/नद्वगु समास/िमिधारय समास 1
(ङ) - - पीला/पीत है जो अबं र – िमिधारय समास या पीले/पीत हैं अबं र नजििे – बहुव्रीनह ½+½
समास

4/1/1, 4/1/2, 4/1/3 Page 5

Page 6

- (ि) - शरर्ागत – तत्परुु र्ष समास ½+½
- (ख) - मधु िी मक्खी/मधु िा सग्रं ह िरिे वाली मक्खी – तत्परुु र्ष समास ½+½
- (ग) - द्वद्वं समास में पवू ि और उत्तर र्दोिों पर्द प्रधाि, उर्दाहरर्- सख
ु -र्दख
ु , र्दधू -र्दही आनर्द । ½+½
(अन्य उपयि ु उर्दाहरर् तवीिायि)
- (घ) - बहुव्रीनह समास- अन्य पर्द प्रधाि/ िमिधारय समास – पवू ि पर्द नवशेर्षर् (िोई एि ½+½
उत्तर अपेनक्षत)
- (ङ) - िीला है जो िंठ – िमिधारय समास या िीला है िंठ नजसिा (नशव) – बहुव्रीनह ½+½
समास

- - (ि) मेखालािार- तत्परुु र्ष समास ½+½
- - (ख) िोध रूपी अनग्ि- िमिधारय समास ½+½
- - (ग) बहुव्रीनह समास - अन्य पर्द प्रधाि/ िमिधारय समास – पवू ि पर्द नवशेर्षर् (िोई एि ½+½
उत्तर अपेनक्षत)
- - (घ) श्वेत है जो अबं र- िमिधारय समास या श्वेत हैं अबं र नजििे - बहुव्रीनह समास ½+½
- - (ङ) द्वद्वं समास में पवू ि और उत्तर र्दोिों पर्द प्रधाि, उर्दाहरर्- सख
ु -र्दख
ु , र्दधू -र्दही आनर्द । ½+½
(अन्य उपयि ु उर्दाहरर् तवीिायि)
6 6 6 6 ‘िुहाविे’ पर आधाररत पााँि प्रश्नों में से निन्हीं चाि प्रश्नों िे उत्तर अपेनक्षत : (1x4
=4)
(ि) - - ‘मिं ि लगिा’ महु ावरा, उपयुि वाक्य प्रयोग ½+½
(ख) - - फूटी आाँख ि सहु ािा 1
(ग) - - उपयि ु वाक्य प्रयोग 1
(घ) - - पााँव जमीि पर ि पड़िा 1
(ङ) - - राई िा पहाड़ बिािा/बात िा बतंगड़ बिािा 1

- (ि) - छोटा महाँु बड़ी बात – महु ावरा, उनित वाक्य प्रयोग ½+½
- (ख) - र्दीवार खड़ी िरिा/ राह में रोड़े अटिािा/ टााँग अड़ािा 1
- (ग) - उनित वाक्य प्रयोग 1
- (घ) - ततू ी बोलती (ततू ी बोलिा) / धमू मििा 1
- (ङ) - राई िा पहाड़ बिािा/बात िा बतंगड़ बिािा 1

- - (ि) प्रार् सख
ू िा, उनित वाक्य प्रयोग ½+½
- - (ख) गााँठ बााँध लेिा 1
- - (ग) उनित वाक्य प्रयोग 1
- - (घ) राई िा पहाड़ बिािा/बात िा बतंगड़ बिािा 1
- - (ङ) खरी-खोटी सिु ािा 1

4/1/1, 4/1/2, 4/1/3 Page 6

Page 7

खंड – ग
(पाि्य-पुस्तक)

7 7 7 7 ‘पमित गद्ांश’ पर आधाररत बहुनविलपीय प्रश्नों िे उत्तर : 1x 5
(i) (i) (i) (A) छोटे भाई िो अनभमाि िे र्दष्ु पररर्ामों से अवगत िरािे िे नलए =5
(ii) (ii) (ii) (B) संपर्ू ि संसार पर अपिा आनधपत्य तथानपत िरिा
(iii) (iii) (iii) (B) िथि और िारर् र्दोिों सही हैं और िारर्, िथि िी सही व्याख्या
िरता है ।
(iv) (iv) (iv) (C) 1-II, 2-III, 3-I
(v) (v) (v) (C) I और II र्दोिों

8 8 8 8 ‘गद् खंड’ पर आधाररत निन्हीं तीन प्रश्नों िे उत्तर (लगभग 25-30 शब्र्दों में ) – (2 x 3
= 6)
(ि) - - 2
 सगं ठि में शनि
 अग्रं ेज सरिार िे िोनटस िे बावजर्दू िलित्तावानसयों (स्त्री और
परुु र्ष) द्वारा मोिमु टें पर झडं ा फहरािा और तवतंिता िी प्रनतज्ञा पढ़ा
जािा
 सभु ार्ष बाबू िे िेतत्ृ व में िलित्तावानसयों िा एिजटु होिा

(ख) - - भौगोनलि नतथनत - 1+1

 अर्दं माि द्वीपसमहू में पोटि ब्लेयर से लगभग सौ निलोमीटर र्दरू नतथत
नलनटल अर्दं माि द्वीप िे बार्द नििोबार द्वीपसमहू िी शृंखला आरंभ
 नलनटल अर्दं माि द्वीप से 96 निलोमीटर र्दरू नििोबार द्वीपसमहू िा
पहला द्वीप िार –नििोबार
पररवतिि -
 लोििथा िे अिसु ार पहले र्दोिों द्वीप जड़ु े हुए, ततााँरा िे िोध िे
िारर् र्दो भागों में नवभि

(ग) - -  लोिनप्रय निलमों िे प्रनतनष्ठत िलािार होिे िे बावजर्दू शि
ु र्देहाती 2
गाड़ीवाि हीरामि िे िररि िा प्रभावी अनभिय
 नसफि नर्दल िी जबु ाि समझिे वाले भोले गाड़ीवाि िे िररि में डूब
जािा

4/1/1, 4/1/2, 4/1/3 Page 7

Page 8

(घ) - - 1+1
रोिे िा िारर् -
 घायल िुत्ते द्वारा गलती िा बोध िरािे पर िहू िा पिाताप िरिा
िररि िी नवशेर्षता -
 संवर्दे िशील, र्दया और िरुर्ा िी भाविा से ओत-प्रोत

- (ि) - 2
 प्रशासि द्वारा िानं तिाररयों िे साथ निया गया व्यवहार निर्दं िीय,
तवतंिता िी वर्षिगााँठ मिािा अपराध िहीं
 तवतंिता प्रत्येि व्यनि िा जन्मनसि अनधिार है और इसिे नलए
प्रर्दशिि, नवरोध उनित
(अन्य उनित तिि भी तवीिायि)

- (ख) -  समाज िे नलए निया गया बनलर्दाि व्यथि िहीं 2
 ततााँरा-वामीरो िे बनलर्दाि से रूनढ़वार्दी परंपरा िा अतं और िई
परंपरा िा आरंभ
 समाज द्वारा उििे बनलर्दाि िो सर्दैव यार्द निया जािा

- (ग) -  राजिपरू द्वारा निलम िी संभानवत असफलता िे खतरों से आगाह 2
निए जािे िे बार्द भी निलम बिािा
 शिं र जयनिशि िे िहिे पर भी गीत िे बोल में पररवतिि िे नलए
तैयार ि होिा
 आत्मसंतनु ष्ट िे नलए निलम बिािा

- (घ) - 2
नियिं र् खोिे िा िारर् -
 बड़े-बड़े नबलडरों द्वारा समद्रु िी जमीि िा अनतिमर् िरिा
र्दष्ु पररर्ाम -
 समद्रु द्वारा अपिी लहरों पर र्दौड़िे वाले जहाज़ों िो तहस-िहस िर
र्देिा

4/1/1, 4/1/2, 4/1/3 Page 8

Page 9

- - (ि) पाठ में वनर्ित तरीिे – 2

 घर-घर जािर प्रिार िरिा और समझािा
वतिमाि तरीिे -
 नवज्ञाि और तििीि िे माध्यम से
 मनु द्रत और इलेक्रॉनिि माध्यमों (सोशल मीनडया) िे द्वारा

- - (ख) 2
(नवद्यानथियों िे व्यनिगत अिभु व पर आधाररत मि
ु उत्तर )

- - (ग)  निलम में िनवता जैसी सवं र्दे िा और भाव-प्रवर्ता 2
 पािों िा अनभिय जीवतं एवं सहज
 निलम िे गीत िनवता िी भााँनत मानमिि

- - (घ) (नवद्यानथियों िे व्यनिगत अिुभव पर आधाररत मि
ु उत्तर) 2

9 9 9 9 ‘पमित काव्यांश’ पर आधाररत बहुनविलपीय प्रश्नों िे उत्तर : 1x5
(i) (i) (i) (C) प्रिृ नत िा रूप-सौंर्दयि पल-पल िए रूप धारर् िर रहा है =5
(ii) (ii) (ii) (C) पष्ु पों िो
(iii) (iii) (iii) (C) पारर्दनशिता
(iv) (iv) (iv) (C) अपिा नवशाल आिार
(v) (v) (v) (A) वर्षाि ॠतु में पवितीय प्रर्देश िी अलौनिि सर्षु मा
10 10 10 10 ‘काव्य खडं ’ पर आधाररत निन्हीं तीन प्रश्नों िे उत्तर (लगभग 25-30 शब्र्दों में ) – (2x3
=6)
(ि) - -  निर्दं ि अपिी आलोििाओ ं से हमें हमारी िनमयों से अवगत िराता है । 2
 िनमयों िो र्दरू िर, तवभाव िो निमिल िरिे िा अवसर प्रर्दाि िरता है ।

(ख) - -
 श्रीिृ ष्र् िे साम्यि और परुु र्षाथि िो जि-सामान्य ति पहुिाँ ािा
2
 उििे भक्तवत्सल तवरूप िा उर्दाहरर् र्देते हुए लोगों िे साथ-साथ तवयं िी भी
पीड़ा हरिे िा निवेर्दि िरिा

4/1/1, 4/1/2, 4/1/3 Page 9

Page 10

(ग) - - प्रतीिात्मिता- 1+1
 तोप- सत्ता िी निरंिुशता िा प्रतीि
 निनड़या - जिता िा प्रतीि
संर्दश
े -
 अत्यािारी िे आति
ं िा अतं निनित है इसनलए शनि िा र्दरुु पयोग िहीं िरिा
िानहए ।
(घ) - - 2
 लक्ष्मर् िी भााँनत रावर् रूपी शिओ
ु ं िे समक्ष वीरता एवं बनलर्दाि िी तपष्ट
लिीर खींििा

- (ि) -  निंर्दिो िो अपिे पास रखिर 2
 उििे द्वारा िी जािे वाली आलोििा से तवयं में सधु ार

- (ख) -  श्रीिृ ष्र् िा सानन्िध्य प्राप्त िरिा 2

 र्दशिि, सनु मरि और भनक्त िा अवसर पािा
- (ग) - 2
 ऐनतहानसि धरोहर िे रूप में
 अतीत में हुई गलनतयों िो जाििर उन्हें ि र्दोहरािे िी सीख

- (घ) -  राम िी नविम्रता और सहिशीलता तथा लक्ष्मर् िी उग्रता, र्दोिों िी वीरता, 2
साहस, ित्तिव्यनिष्ठा आनर्द नवशेर्षताओ ं िो अपिािर रावर् रूपी शिु से सीता
रूपी भारत माता िी रक्षा िरिा
 राम-लक्ष्मर् िी भााँनत सीनमत संसाधिों िे साथ बलशाली शिु िा सामिा
िरिा

- - (ि) 2
 समाज में पररवतिि िे नलए तवयं में सधु ार िा उर्दाहरर् प्रतततु िरिा
 तवाथि भाव से मि
ु लोग ही सामानजि पररवतिि में सहभागी

- - (ख)  श्रीिृ ष्र् िा सानन्िध्य प्राप्त िरिा 2
 र्दशिि, सनु मरि और भनक्त िा अवसर पािा

4/1/1, 4/1/2, 4/1/3 Page 10

Page 11

- - (ग)  समय िे अतं राल से आतंि िा प्रतीि तोप िा भी प्रर्दशिि िी वतत,ु बच्िों एवं 2
निनड़या िे मिोरंजि िा साधि बििर रह जािा
 िोई भी सत्ता, शनक्त नितिी भी ताितवर क्यों ि हो उसिा अतं निनित

- - (घ) 2
 ‘सीता’ िे पनवि र्दामि िी तरह भारत िी अखडं ता एवं सप्रं भतु ा िो िोई
ििु ौती ि र्दे सिे
11 11 11 11 परू ि पाठ्य पतु ति पर आधाररत निन्हीं दो प्रश्नों िे उत्तर लगभग 40 – 50 शब्र्दों में (3x2
अपेनक्षत – =6)

(ि) (ि) (ि) 3
 हररहर िािा िा जीवि भी मझधार में फाँ सी िाव में सवार लोगों िी तरह
असहाय और बेसहारा हो जािा
 िाव पर सवार लोगों िी तरह जीवि िी जद्दोजहर्द से हारिर मौि धारर् िर
लेिा
 तवयं िो पररनतथनतयों िे भरोसे छोड़ र्देिा

(ख) (ख) (ख)  तििीि िे प्रयोग से वतिमाि समय में प्रिार-प्रसार िे तरीिों में भारी अतं र 3
 मनु द्रत और इलैक्रानिक्स माध्यमों िा उपयोग
 सोशल मीनडया िी मर्दर्द से भी प्रिार-प्रसार
(अन्य उपयि
ु उत्तर भी तवीिायि)

(ग) (ग) (ग) 3
 उनित एवं तिि पर्ू ि मि
ु उत्तर तवीिायि
खंड – घ
(िचनात्िक लेखन)

12 12 12 12 निसी एक नवर्षय पर संिेत-नबंर्दओ
ु ं िे आधार पर लगभग 120 शब्र्दों में अिच्ु छे र्द 5 x 1
लेखि : =5
● नवर्षय-वततु – 3 अि
ं
● भार्षा – 1 अि
ं
● प्रततनु त – 1 अि
ं

4/1/1, 4/1/2, 4/1/3 Page 11

Page 12

13 13 14 13 निसी एक नवर्षय पर लगभग 100 शब्र्दों में औपिाररि पि लेखि: 5x1
● आरंभ व अतं िी औपिाररिताएाँ – 1 अि
ं =5
● नवर्षय-वततु – 3 अि
ं
● भार्षा – 1 अि
ं
14 14 15 16 निसी एक नवर्षय पर लगभग 60 शब्र्दों में सिू िा लेखि: 4x1
● नवर्षय-वततु – 2 अि
ं =4
● प्रततनु त – 1 अि
ं
● भार्षा – 1 अि
ं
15 15 13 14 निसी एक नवर्षय पर लगभग 40 शब्र्दों में नवज्ञापि : 3x1
● नवर्षय-वततु – 1 अि
ं =3
● प्रततनु त – 1 अि
ं
● भार्षा – 1 अि
ं
16 16 16 15 ई-मेल लेखि अथवा लघि
ु था लेखि : 5x1
=5
ई-मेल लेखि (लगभग 80 शब्र्दों में ) -
● औपिाररिताएाँ – 1 अि
ं
● नवर्षय-वततु – 2 अि
ं
● प्रततनु त – 1 अि
ं
● भार्षा – 1 अि
ं
अथवा

लघि
ु था लेखि (लगभग 100 शब्र्दों में) –
● नवर्षय-वततु – 3 अि
ं
● भार्षा – 1 अि
ं
● प्रभाव – 1 अि
ं

4/1/1, 4/1/2, 4/1/3 Page 12

Document Details

Board / OrgCBSE
ExamClass 10
TypeSolution
Pages12
Updated24 Sep 2026