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SAMPLE PAPER
Karnataka
Board
Model Paper
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I. िन िल खत ो ं के िलए चार-चार िवक सु झाए गये ह, उनम से सवािधक उिचत िवक
चुनकर सं केता र सिहत पूण प से िल खए : 8x1=8
1. ’घटना’ श का िवलोम प है -
( A) बढ़ना (B) उ ित
(C) गित (D) िव ार
2. िन िल खत म से पु ंग श है-
(A) मिहला ( B) ी
(C) पु ष (D)नारी
3. ’पट् टी’ श का अ वचन प है –
(A) पट् टीयों (B) पट् टी
(C) पट् िटयों (D) पट् िटयाँ
4. ’ बैठना’ श का थम े रणाथक ि या प है -
(A) बैठ (B) बैठक
(C) िबठाना (D) बै ठो
5. ’अ ंत’ श इस संिध के िलए उदाहरण है –
(A) यणसंिध (B) गु णसंिध
(C) अयािदसं िध (D) वृ द सं िध
6. िन िल खत म ं समास के िलए उदाहरण है –
(A) जल पात (B) राजवंश
(C) राजमहल (D) माता-िपता
7. थोड़ी दे र बाद सुबह हो जाएगी | वा म यु िवराम िच है -
(A) अ िवराम (B) वाचक
(C) पूणिवराम (D) िव यािदबोधक
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8. आप साधारण रोबोट _______काम चला सकते ह |
र थान के िलए सही कारक है –
(A) को (B) से
(C) की (D) के
II. िन िल खत थम दो श ो ं के सूिचत संबंधो ं के अनु प तीसरे श का संबंिधत श
िल खए : 4x1=4
9. क ीरी सेब बेचनेवाला : बेईमान : : रे विडयाँ बे चनेवाला : ………………………….
10. थानीय ठे केदार : जलालु ीन : : उ रा वादी : ………………………………….
11. हाथी : जंगली जानवार : : भस :………………………………
12. तु लसीदास : रामभ शाखा : : सू रदास: ………………………………
III. िन िल खत ो ं के उ र एक- एक पूण वा म िल खए : 4x1=4
13. कनाटक की राजधानी कौन-सी है ?
14. िसंगफो आिदवासी कहाँ रहते थे ?
15. हंस का गुण कैसा होता है ?
16. आधु िनक मानव का यान कहाँ जा रहा है ?
IV. िन िल खत ो ं के उ र दो-तीन वा ो ं म िल खए : 8x2=16
17. दू कानदार ने लेखक से ा कहा ?
18. जैनुलाबदीन ने नमाज़ के बारे म ा कहा ?
19. लेखक परसाई जी ने मं ी जी को ा समझाया ?
20. बालश की टोली गाँव का उ ार कैसे करती है ?
21. बलराम कृ के माता-िपता के बारे म ा कहता है ?
22. किवता म मानव के सही प रचय को कैसे दशाया गया है ?
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23. सौरमंडल म शिन ह का थान ा है ?
अथवा
शिन का िनमाण िकस कार आ है ?
24. शा मस बोलने का तरीका कैसे समझाया गया है ?
अथवा
मीना मैडम ने अं त म ब ों को ा सं देश िदया ?
V. िन िल खत ों के उ र तीन-चार वा ों म िल खए : 9x3=27
25. िग ू और ले खका के बीच के ेह भाव का वणन कीिजए |
26. कनाटक की िश कला अनोखी है ? कीिजए |
27. सोशल नेटविकग साइटों के कारण समाज पर ा भाव पड़ रहा है ? समझाइए |
28. धीरज स ेना ने घर म रोबोट रखने का िनणय ों िलया ?
29. मिहला की साहस गाथा पाठ से हम ा सीख िमलती है ? कीिजए |
30. किव मातृभूिम किवता म ाकृितक समृ का वणन कैसे करते ह ?
31. समय अनमोल है | किवता के आधार पर कीिजए |
32. िन िल खत दोहे का भावाथ अपने श ों म िल खए :
दया धम का मूल है , पाप मूल अिभमान |
तुलसी दया न छाँ िड़ए,जब लग घट म ाण ||
33. ग ांश का अनु वाद क ड़ या अं जी म कीिजए :
स की मिहमा अपार है | स अ ंत श शाली है| अतः हम स बोलने का अ ास
करना चािहए |
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VI. िन िल खत ों के उ र पाँ च-छः वा ों म िल खए : 2x4=8
34. ’बसंत की ईमानदारी और ािभमान गु णों का प रचय दीिजए |
अथवा
पं. राजिकशोर परोपकार गुण के थे | कीिजए |
35. िन िल खत किवतांश पूण कीिजए |
असफलता……………………………………………………………….
……………………………………………………………………………..
…………………………………………………………………………….
……………………………………………………………….भागो तु म |
VII. ग ांश को ान पू वक पढ़कर िन िल खत ों के उ र िल खए : 1x4=4
36. ायः अिधकां श लोग दू सरों के जीवन का अनुसरण करते ह | इसी म उनको सुख िमलता है |
अपनी ताकतों को न पहचानकर दू सरों के पीछे िन े चलना केवल अंधानुसरण है | सड़क
के िकनारे पडे़ सूखे प े कमज़ोर और िनज व होने पर भी यं को सबके समान गितशील
समझते ह, दू सरों के बल पर जीने याने दू सरों की नीित को नकल करनेवाले कभी गित नही ं कर
सकते | वा िवक गित के िलए मनु को समय के साथ िनज-बल से आगे बढ़ना चािहए |
िनजबल ही सव परी है,जो मनु को जीवन की ऊँचाइयों तक प ँ चाता है |
(अ) दू सरों को सुख कब िमलता है ?
(आ) अं धानु करण से ा ता य है ?
(इ) सड़क के िकनारे पडे़ प े कैसे होते ह ?
(ई) मनु अपने जीवन म ऊँचाइयों तक कैसे प ँ च सकता है ?
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VIII. िदए गए सं केत िबंदुओं के आधार पर 12- 15 वा ों म िकसी एक िवषय के बारे म
िनबं ध िल खए : 1x4=4
37. (क) ी िश ा
* ावना
* अथ
* ी िश ा की आव कता
* उपसंहार
(ख) इं टरनेट
* ावना
* इं टरने ट का अथ
* इं टरनेट से लाभ
* उपसंहार
(ग) बे रोज़गारी की सम ा
* अथ
* बे रोज़गारी के कारण
* रोकने के उपाय
* उपसं हार
IX िन िल खत ि़वषय के बारे म प िलखीए : 1x5=5
38. कोई सकारण दे ते ए अपने मु अ ापक के नाम एक छु ी प िल खए |
अथवा
अपनी परी ा की तैयारी के बारे म बताते ए अपनी माताजी को एक प िल खए |
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Karnataka State Board
SSLC Examination
Model Answers 2026
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ಕರ್ನಾಟಕ ಶನಲನ ಪರೀಕ್ಷೆ ಮತ್ತು ಮೌಲ್ಯನಿರ್ಾಯ ಮಂಡಲಿ
ಮಲ್ಲೀಶ್ವರಂ, ಬಂಗಳೂರತ - 560003
KARNATAKA SCHOOL EXAMINATION AND ASSESSMENT BOARD
Malleshwaram, Bengaluru – 560003
ಎಸ್.ಎಸ್.ಎಲ್.ಸಿ. ಮನದರ ಉತ್ುರಗಳತ 2025-26
S.S.L.C. MODEL ANSWERS 2025-26
ವಿಷಯ : ತ್ೃತೀಯ ಭನಷೆ – ಹಂದಿ
Subject : Third Language Hindi
ಮನದರ ಉತ್ುರ ಪತಿಕೆ – 1
Model Key Answer Paper – 1
ವಿಷಯ ಸಂಕೆೀತ್ : 61H Subject Code : 61H
ಸಮಯ : 3 ಗಂಟೆ Time : 3 Hours
ಗರಷಠ ಅಂಕಗಳತ : 80 Max. Marks : 80
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I. ननम्नलऱखित प्रश्नों केलऱए चार-चार विकल्ऩ सझ
ु ाए गये हैं, उनमें से सािााधधक
उधचत विकल्ऩ सॊकेताऺर सहहत ऩर्
ू ा रूऩ से लऱखिए : 8 x 1 = 8
1. ‘घटना’ शब्द का विरोभ रूऩ है –
(A) फढ़ना (B) उन्नतत (C) प्रगतत (D) विस्ताय ।
उत्तय : (A) फढ़ना
2. तनम्नलरखितभें सेऩलु ्रॊगशब्दहै –
(A) भहहरा (B)स्री (C) ऩरु
ु ष (D)नायी ।
उत्तय : (C) ऩरु
ु ष
3. ‘ऩट्टी ’ शब्द का अन्मिचन रूऩ है –
(A) ऩट्टा (B) ऩट्टी (C) ऩहट्टमों (D) ऩहट्टमाॉ ।
उत्तय : (D) ऩहट्टमाॉ
4. ‘फैठना’ शब्द का प्रथभ प्रेयणाथथक क्रिमा रूऩ है –
(A) फैठ (B) फैठक (C) बफठाना (D) फैठो ।
उत्तय : (C) बफठाना
5. ‘अत्मॊत’ शब्द इस सॊधध के लरए उदाहयण है –
(A) मणसॊधध (B) गण
ु सॊधध (C) अमाहदसॊधध (D) िलृ ददसॊधध ।
उत्तय : (A) मणसॊधध
6. तनम्नलरखित भें द्िॊद्ि सभास के लरए उदाहयण है –
(A) जरप्रऩात (B) याजिॊश (C) याजभहर (D) भाता-वऩता ।
उत्तय : (D) भाता-वऩता
7. थोडी दे य फाद सफ
ु ह हो जाएगी ।
िाक्म भें प्रमक्
ु त वियाभ धचह्न है –
(A) अ्ऩवियाभ (B) प्रश्निाचक (C) ऩण
ू वथ ियाभ (D) विस्भमाहदफोधक ।
उत्तय : (C) ऩण
ू वथ ियाभ
8. आऩ साधायण योफोट ________ काभ चरा सकते हैं ।
िाक्म के लरए सही कायक है –
(A) को (B) से (C) की (D) के ।
उत्तय : (B) से
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II. ननम्नलऱखित प्रथम दो शब्दों के सधू चत सॊबॊधों के अनरू
ु ऩ तीसरे शब्द का सॊबॊधधत
शब्द लऱखिए : 4 x 1 = 4
9. कश्भीयी सेफ फेचनेिारा : फेईभान : : ये िडडमाॉ फेचनेिारा : __________
ईभानदाय
10. स्थानीम ठे केदाय : जरारद्द
ु ीन : : उग्र याष्ट्रिादी : _______________
एस.टी.आय.भातनकभ
11. हाथी : जॊगरी जानिाय : : बैंस : _______________
ऩारतू जानिय
12. तुरसीदास :याभबलक्तशािा : : सयू दास : ______________
कृष्ट्णबलक्तशािा
III. ननम्नलऱखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक ऩर्
ू ा िाक्य में लऱखिए : 4 x 1 = 4
13. कनाथटक की याजधानी कौन-सी है ?
उत्तय : कनाथटक की याजधानी फेंगररू
ु हैं ।
14. लसॊगपो आहदिासी कहाॉ यहते थे ?
उत्तय : लसॊगपो आहदिासी ऩि
ू ोत्तय बायत भें यहते थे ।
15. हॊ स का गण
ु कैसा होता है ?
उत्तय : दध
ू ऩी कय ऩानी को त्माग दे ता है ।
16. आधतु नक भानि का मान कहाॉ जा यहा है ?
उत्तय : आधतु नक भानि का मान गगन भें जा यहा है ।
IV. ननम्नलऱखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन िाक्यों में लऱखिए : 8 x 2 = 16
17. दक
ू ानदाय ने रेिक से क्मा कहा ?
उत्तय : “फाफज
ू ी फडे भजेदाय से आए हैं । िास कश्भीय से । आऩ रे जाएॉ, िाकय
तबफमत िुश हो जाएगी ।”
18. जैनर
ु ाफदीन ने नभाज़ के फाये भें क्मा कहा ?
उत्तय : जफ तुभ नभाज ऩढ़ते हो, तो तुभ अऩने शयीय से इतय ब्रह्भाॊड का हहस्सा
फन जाते हो । लजसभें आमु धन दौरत जाती धभथ ऩॊथ का कोई बेदबाि नहीॊ
होता।
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19. रेिक ऩयसाई जी ने भॊरी जी को क्मा सभझामा ?
उत्तय : ईभानदायों के सम्भेरन भें ऩलु रस ईभानदायों की तराशी कयें तो मह फडी
अशोबनीम फात होगी । इतने फडे सम्भेरन भें थोडी गडफडी होगी ही ।
20. फारशलक्त की टोरी गाॉि का उद्धाय कैसे कयती है ?
उत्तय : गाॉि के चायों तयप ऩेड ऩौधे रगाते हैं । गाॉि के गड्ढों को लभट्टी से ढाॊऩते
हैं । गाॉि का कचया एक तनलश्चत जगह भें डारते हैं । इस प्रकाय गाॉि को एक
नमा जीिन प्रदान कयते हैं ।
21. फरयाभ कृष्ट्ण के भाता-वऩता के फाये भें क्मा कहता है ?
उत्तय : भाता मशोदा ने कृष्ट्ण को जन्भ नहीॊ हदमा है । उसे भोर लरमा गमा है ।
नॊद औय मशोदा तो गोये हैं ऩय उसका शयीय क्मों कारा है ।
22. कविता भें भानि के सही ऩरयचम को कैसे दशाथमा गमा है ?
उत्तय : प्रकृतत ऩय विजम प्राप्त कयना भनष्ट्ु म की साधना है । भानि-भानि के
फीच स्नेह का फाॊध फाॊधना भानि की लसवद्ध है । जो भानि दस
ू ये भानि से प्रेभ का
रयश्ता जोडकय आऩस की दयू ी लभटाए िही भानि कहराने का अधधकायी होगा ।
23. सौयभॊडर भें शतन ग्रह का स्थान क्मा है ?
उत्तय : शतन सौयभॊडर का दस
ू या फडा ग्रह है । फह
ृ स्ऩतत के फाद शतन ग्रह की
कऺा है ।
अथिा
शतन का तनभाथण क्रकस प्रकाय हुआ है ?
उत्तय : शतन ग्रह का तनभाथण हाइड्रोजन, हीलरमभ, भीथेन औय अभोतनमा गैसों से
फना है ।
24. शास्र भें सत्म फोरने का तयीका कैसे सभझामा गमा है ?
उत्तय : सच फोरो जो दस
ू यों को वप्रम रगे । अवप्रम सत्म भत फोरो ।
अथिा
भीना भैडभ ने अॊत भें फच्चों को क्मा सॊदेश हदमा ?
उत्तय : आज के फच्चे कर के नागरयक है । फच्चों, आज से ही नहीॊ, नहीॊ, अबी
से नागरयक के कतथव्मों का ऩारन कयना शरू
ु कयो । इससे आऩका हहत होगा
औय दे श का बी ।
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V. ननम्नलऱखित प्रश्नों के उत्तर तीन-चार िाक्यों में लऱखिए : 9 x 3 = 27
25. धग्रू औय रेखिका के फीच के स्नेह बाि का िणथन कीलजए ।
उत्तय : भहादे िी िभाथ को ऩशु ऩक्षऺमों से प्रेभ था । इसलरए उन्होंने धगरहयी को
कौओॊ से फचामा, उसके लरए झर
ू ा तैमाय क्रकमा उसे फडे प्माय से थारी के ऩास
बफठाकय िाना लसिामा। भयते सभम उसे फचाने की ऩयू ी कोलशश की । सोनजह
ु ी
की रता के नीचे उसकी सभाधध फनामी ।
26. कनाथटक की लश्ऩकरा अनोिी है । स्ऩष्ट्ट कीलजए ।
उत्तय : कनाथटक की लश्ऩकरा अनोिी है . फादाभी , ऐहोरे, ऩट्टदक्रू के भॊहदय
फहुत सॊद
ु य है । फेरयू , हरेफीडू ,सोभनाथऩयु के भॊहदयों की भतू तथमाॉ सॊजीि रगती है ।
श्रिणफेरगोर के गोभटे श्िय की 57 पीट ऊॊची भतू तथ दतु नमा को त्माग औय शाॊतत
का सॊदेश दे ती है ।
27. सोशर नेटिक्रकिंग साइटों के कायण सभाज ऩय क्मा प्रबाि ऩड यहा है ?
सभझाइए ।
उत्तय : सोशर नेटिक्रकिंग एक िाॊततकायी िोज है । लजसने दतु नमा बय के रोगों को
एक जगह रा िडा क्रकमा है । इसके कई साइट्स है , पेसफक
ु ,ट्विटय ,लरॊक्डइन
आहद इन साईटों के कायण दे श-विदे श के रोगों के यहन-सहन, िान-ऩान , िेश-
बष
ू ा करा सॊस्कृततआहद का प्रबाि शीघ्राततशीघ्र हभाये सभाज ऩय ऩड यहा है ।
28. धीयज सक्सेना ने घय भें योफोट यिने का तनणथम क्मों लरमा ?
उत्तय : धीयज सक्सेना के ऩरयिाय भें साधोयाभ नाभ का एक नौकय था । एक
हदन िह चरती फस से धगय गमा । उसे ितयनाक चोट आई ।उसे अस्ऩतार भें
बयती कयना ऩडा । सक्सेना का ऩरयिाय फडा था । उसे अऩने ऩरयिाय िारों का
मह कष्ट्ट न दे िा गमा । इसलरए धीयज सक्सेना ने घय भें योफोट यिने का तनणथम
क्रकमा ।
29. भहहरा की साहस गाथा ऩाठ से हभें क्मा सीि लभरती है ? स्ऩष्ट्ट कीलजए ।
उत्तय : भहहरा की साहस गाथा ऩाठ से मह सीि लभरती है क्रक भहहराएॉ साहस
प्रदशथन भें ऩरु
ु षों से कभ नहीॊ है । इस ऩाठ से छार साहस , धैम,थ अथक ऩरयश्रभ,
भस
ु ीफतों का साभना कयना , दृढ़ तनश्चम आहद आदशथ गण
ु सीिते हैं । साथ ही
हहभारम के ऊॊची चोहटमों की जानकायी बी प्राप्त कयते हैं ।
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30. कवि भातब
ृ लू भ कविता भें प्राकृततक सभवृ द्ध का िणथन कैसे कयते हैं ?
उत्तय : भातब
ृ लू भ का प्रकृतत सौंदमथ अत्मॊत सॊद
ु य है । भातब
ृ लू भ के िेत हये -बये हैं।
भातब
ृ लू भ के िन उऩ-िन पर पूरों से बये हैं । भातब
ृ लू भ के अॊदय अऩाय ितनज
सॊऩदा है ।
31. ‘सभम अनभोर है’ कविता के आधाय ऩय स्ऩष्ट्ट कीलजए ।
उत्तय : सभम अत्मॊत अनभोर है । सभम का भहत्ि धन से बी अधधक है ।
फीता हुआ सभम कबी िाऩस नहीॊ आता । सॊसाय की कोई बी सॊऩलत्त इसकी
फयाफयी नहीॊ कय सकती ।
32. ननम्नलऱखित दोहे का भािाथा अऩने शब्दों में लऱखिए :
दमा धभथ भर
ू है , ऩाऩ भर
ू अलबभान ।
तर
ु सी दमा न छाॉडडए,जफ रग घट भें प्राण ।।
उत्तय : तुरसीदास जी कहते हैं दमा धभथ का भर
ू है औय ऩाऩ का भर
ू अलबभान
है जफ तक हभाये शयीय भें प्राण है तफ तक हभें दमारु फने यहना चाहहए ।
33. गदयाॊश का अनि
ु ाद कन्नड़ या अॊग्रजी में कीजजए :
सत्म की भहहभा अऩाय है । सत्म अत्मॊत शलक्तशारी है । अत् हभें सत्म
फोरने का अभ्मास कयना चाहहए ।
उत्तय : ಸತ್ಯದ ಮಹಮೆ ಅಪನರವನಗಿದೆ. ಸತ್ಯವು ಅತ್ಯಂತ್ ಶ್ಕ್ತುಶನಲಿಯನಗಿದೆ. ಆದದರಂದ ರ್ನವು
ಸತ್ಯವನ್ತು ಹೀಳತವ ಅಭನಯಸವನ್ತು ಮನಡಬೀಕತ.
The glory of truth is immense. Truth is very powerful. Therefore, we must
make it a habit to speak the truth.
VI. ननम्नलऱखित प्रश्नों के उत्तर ऩाॉच-छः िाक्यों में लऱखिए : 2 x 4 = 8
34. फसॊत की ईभानदायी औय स्िालबभान गुण का ऩरयचम दीलजए ।
उत्तय : फसॊत एक ईभानदाय फारक था । िह छरनी ,फटन, हदमासराई आहद
फेचकय अऩना जीिन चराता था । िह स्िालबभानी फारक था । क्रकसी से दमा की
बीि नहीॊ रेता था । भोटय दघ
ु ट
थ ना भें घामर होने के फािजद
ू उसने याजक्रकशोय के
ऩैसे अऩने बाई के हाथ भें दे कय िाऩस रौटामा । इस प्रकाय फसॊत एक ईभानदाय
औय स्िालबभानी फारक था ।
अथिा
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ऩॊ. याजक्रकशोय ऩयोऩकाय गुण के व्मलक्त थे । स्ऩष्ट्ट कीलजए ।
उत्तय : ऩॊडडत याज क्रकशोय भजदयू ों के नेता थे । िे भजदयू ों की फलस्तमों भें जाकय
उनकी दे िबार कयते थे । फाजाय भें लभरे फसॊत से प्रबावित हुए । उसे भदद कयने
की इच्छा से एक छरनी ियीद री । घामर फसॊत की इराज की ऩयू ी लजम्भेदायी री।
फसॊत को अस्ऩतार ऩहुॊचाने का प्रफॊध बी क्रकमा । इस प्रकाय ऩॊडडत याजक्रकशोय एक
ऩयोऩकायी व्मलक्त थे ।
35. ननम्नलऱखित कविताॊश ऩर्
ू ा कीजजए ।
असपरता______________________________________
____________________________________________
____________________________________________
____________________________________बागो तभ
ु ।
उत्तय : असपरता एक चन
ु ौती है , इसे स्िीकाय कयो,
क्मा कभी यह गई, दे िो औय सध
ु ाय कयो।
जफ तक न सपर हो, नीॊद चैन को त्मागो तुभ,
सॊघषथ का भैदान छोडकय, भत बागो तुभ ।
VII. गदयाॊश को ध्यान ऩि
ू क
ा ऩढ़कर ननम्नलऱखित प्रश्नों के उत्तर लऱखिए : 1 x 4 = 4
36. प्राम् अधधकाॊश रोग दस
ू यों के जीिन का अनस
ु यण कयते हैं । इसी भें उनको सि
ु
लभरता है । अऩनी ताकतों को न ऩहचानकय दस ू यों के ऩीछे तनरुददे श्म चरना
े़
केिर अॊधानस
ु यण है । सडक के क्रकनाये ऩडे सिू े ऩत्ते कभज़ोय औय तनजीि होने
ऩय बी स्िमॊ को सफके सभान गततशीर सभझते हैं, दस
ू यों के फर ऩय जीने माने
दस
ू यों की नीतत को नकर कयनेिारे कबी प्रगतत नहीॊ कय सकते। िास्तविक प्रगतत
के लरए भनष्ट्ु म को सभम के साथ तनज-फर से आगे फढ़ना चाहहए । तनजफर ही
सिोऩयी है ,जो भनष्ट्ु म को जीिन की ऊॉचाइमों तक ऩहुॉचाता है ।
(अ) दस
ू यों को सि
ु कफ लभरता है ?
उत्तय : दस
ू यों के जीिन का अनस
ु यण कयने से सि
ु लभरता है ।
(आ) अॊधानक
ु यण से क्मा तात्ऩमथ है ?
उत्तय : अऩनी ताकत को न ऩहचान कय दस ू यों के ऩीछे तनरुद्देश्म चरना अॊधानक
ु यण है ।
े़
(इ) सडक के क्रकनाये ऩडे ऩत्ते कैसे होते हैं ?
उत्तय : ऩत्ते कभजोय औय तनजीि थे ।
(ई) भनष्ट्ु म अऩने जीिन भें ऊॉचाइमों तक कैसे ऩहुॉच सकता है ?
उत्तय : तनज फर से
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VIII. हदए गए सॊकेत बबॊदओ
ु ॊ के आधार ऩर 12- 15 िाक्यों में ककसी एक विषय के
बारे में ननबॊध लऱखिए : 1 x 4 = 4
37. अ) स्त्री लशऺा
प्रस्त्तािना : लशऺा हभ सबी के जीिन के लरए फहुत जरूयी है । कहा जाता है
क्रक अगय आऩ एक रडके को ऩढ़ाते हैं, तो एक व्मलक्त को ऩढ़ाते हैं, रेक्रकन
अगय आऩ एक रडकी को ऩढ़ाते हैं , तो आऩ ऩयू े ऩरयिाय को ऩढ़ाते हैं ।
ऩयु ाने सभम भें रडक्रकमों को स्कूर नहीॊ बेजा जाता था , रेक्रकन आज के
सभम भें रडक्रकमों का ऩढ़ना फहुत जरूयी हो गमा है ।
अथा : एक ऩढ़ी-लरिी भहहरा अऩने ऩरयिाय की सेहत का अच्छे से दमान
यि सकती है । उसे ऩता होता है क्रक घय भें साप-सपाई कैसे यिनी है औय
फच्चों को ऩौलष्ट्टक िानाकैसे दे ना है । एक लशक्षऺत भाॉ अऩने फच्चों को
अच्छी आदतें लसिाती है औय उनकी ऩढ़ाई भें बी भदद कयती है । इससे
ऩयू ा ऩरयिाय स्िस्थ औय िुशहार यहता है ।
स्त्री लशऺा की आिश्यकता : लशऺा भहहराओॊ को अऩने ऩैयों ऩय िडा होना
लसिाती है । अगय रडक्रकमाॊ ऩढ़-लरि जाती हैं , तो िे अच्छी नौकयी कय
सकती हैं औय ऩैसे कभा सकती हैं । इससे िे अऩने घय का िचथ चराने भें
भदद कय सकती हैं । जफ भहहराएॊ ऩैसे कभाती हैं , तो उन्हें अऩनी जरूयतों
के लरए क्रकसी औय ऩय तनबथय नहीॊ यहना ऩडता ।
उऩसॊहार : अगय हभ चाहते हैं क्रक हभाया दे श बायत तयक्की कये , तो हभें
रडक्रकमों को बी रडकों के फयाफय लशऺा दे नी होगी । एक लशक्षऺत रडकी ही
आगे चरकय एक अच्छा सभाज फना सकती है । हभें 'फेटी फचाओ , फेटी
ऩढ़ाओ' के नाये को सच कयना होगा औय हय रडकी को स्कूर बेजना होगा।
आ) इॊटरनेट
प्रस्त्तािना :
आज कर हभ हय जगह एक नमा शब्द सन
ु ते हैं, िह है इॊटयनेट । इॊटयनेट
एक फहुत फडा जार है जो दतु नमा बय के कयोडों कॊप्मट
ू यों औय भोफाइर
पोन को आऩस भें जोडता है । मह एक जाद ू की तयह है ! आऩ घय फैठे-फैठे
दतु नमा की कोई बी जानकायी एक सेकॊड भें ऩा सकते हैं । इॊटयनेट ने हभायी
दतु नमा को एक छोटा गाॉि फना हदमा है ।
8
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ऱाभ :
ऩढ़ाई भें भदद : अगय आऩको कोई सिार सभझ नहीॊ आ यहा , तो
आऩ इॊटयनेट ऩय उसका जिाफ ढूॉढ सकते हैं । आऩ िीडडमो दे िकय
बी फहुत कुछ सीि सकते हैं ।
िफयें औय जानकायी : इॊटयनेट से हभें दे श-दतु नमा की नई िफयें तुयॊत
लभर जाती हैं । हभें भौसभ, िेर, मा क्रकसी बी विषम की जानकायी
आसानी से लभर जाती है ।
भनोयॊ जन : आऩ इॊटयनेट ऩय अऩने ऩसॊद के गाने सन
ु सकते हैं ,
क्ऱि्भें दे ि सकते हैं औय गेभ िेर सकते हैं ।
फातचीत : इॊटयनेट से हभ अऩने दोस्तों औय ऩरयिाय के रोगों से, बरे
ही िे फहुत दयू हों , िीडडमो कॉर मा भैसेज (सॊदेश) से तुयॊत फात कय
सकते हैं ।
ियीददायी : अफ हभ घय फैठे-फैठे कऩडे, क्रकताफें, औय ज़रूयत की चीज़ें
बी ियीद सकते हैं ।
उऩयोग :
ऻान प्राप्त कयना : स्कूर प्रोजेक्ट्स (ऩरयमोजनाओॊ) के लरए नई-नई
चीजें सीिना ।
सॊदेश बेजना : ई भेर मा चैट ऐऩ से अऩने दोस्तों को भैसेज बेजना ।
ऑनराइन क्रास : लशऺक से िीडडमो भीहटॊग के ज़रयए ऩढ़ना ।
हटकट फक
ु कयना : रे न मा फस के हटकट घय फैठे फक
ु कयना ।
ऩैसे बेजना : फैंक के काभ औय ऩैसे का रेन दे न कयना ।
उऩसॊहार :
इॊटयनेट एक शलक्तशारी उऩकयण है । मह हभाये जीिन को सयर औय तेज़
फनाता है । हभें इसका इस्तेभार हभेशा अच्छे औय ज़रूयी काभों के लरए
कयना चाहहए । लजस तयह अच्छी चीज़ों के लरए तनमभ होते हैं , िैसे ही
इॊटयनेट इस्तेभार कयने के बी कुछ सयु ऺा तनमभ होते हैं , लजनका ऩारन
हभें हभेशा कयना चाहहए । इॊटयनेट से हभें फहुत कुछ सीिने औय जानने
को लभरता है, इसलरए मह हभाये लरए फहुत भहत्िऩण
ू थ है ।
9
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इ) बेरोजगारी की समस्त्या
प्रस्त्तािना : फेयोजगायी का भतरफ है जफ क्रकसी काभ कयने िारे व्मलक्त को
काभ नहीॊ लभर ऩाता है । हभाये महाॉ मि
ु ा रोग फहुत हैं । जफ रोगों को
काभ नहीॊ लभरता, तो िे गयीफ यह जाते हैं औय उन्हें फहुत तनयाशा होती है ।
मह सभस्मा हभाये दे श की तयक्की भें बी रुकािट डारती है ।
बेरोजगारी का अथा : फेयोजगायी उस हार को कहते हैं जफ कोई आदभी मा
औयत काभ कयना चाहता है , काभ कयने रामक है , रेक्रकन उसे कोई नौकयी
मा काभ नहीॊ लभरता ।
बेरोजगारी के मख्
ु य कारर् : हभाये दे श की जनसॊख्मा फहुत तेजी से फढ़ यही
है । हय सार फहुत साये नए रोग फडे हो जाते हैं औय काभ ढूॉढ़ने रगते हैं ,
रेक्रकन उनके लरए उतनी नई नौकरयमाॉ ऩैदा नहीॊ हो ऩातीॊ । हभायी ऩढ़ाई
ऐसी है क्रक हभें लसपथ क्रकताफी ऻान लभरता है , काभ कयने का असरी हुनय
नहीॊ लसिामा जाता । इसलरए कॉरेज की डडग्री होने ऩय बी फच्चों को
नौकयी नहीॊ लभरती । आजकर फडी-फडी भशीनें औय कॊप्मट
ू य आ गए हैं ।
मे भशीनें िह काभ बी कय रेती हैं , जो ऩहरे 10 आदभी लभरकय कयते थे।
आज बी फहुत साये रोग िेती कयते हैं , रेक्रकन िेती ऩयू े सार काभ नहीॊ दे
ऩाती ।
बेरोजगारी को रोकने के उऩाय : सयकाय को स्कूरों औय कॉरेजों भें ऐसी
चीजें लसिानी चाहहए, लजनसे फच्चों को असरी काभ कयने का हुनय लभरे ।
सयकाय को दे श के हय हहस्से भें फडे कायिाने औय नए-नए उद्मोग रगाने
के लरए औय ऩैसे िचथ कयने चाहहए , ताक्रक िूफ सायी नई नौकरयमाॉ फनें।
िेती के साथ-साथ गाॉिों भें पर-सब्जी ऩैक कयने के छोटे कायिाने मा दध
ू
से फने साभान फनाने के काभ शरू
ु होने चाहहए , ताक्रक रोगों को ऩयू े सार
काभ लभर सके ।
उऩसॊहार : फेयोजगायी की सभस्मा को ित्भ कयना फहुत जरूयी है । अगय
हभाये दे श का हय जिान औय काबफर व्मलक्त काभ कये गा , तो हभाया दे श
फहुत तेजी से आगे फढ़े गा । हभ सफको लभरकय, ऩढ़ाई ऩय दमान दे कय औय
नए हुनय सीिकय , इस सभस्मा को हयाना होगा , तबी हभाया बायत एक
भजफत
ू औय िुशहार याष्ट्र फन ऩाएगा ।
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IX. ननम्नलऱखित विषय के बारे में ऩर लऱिीए : 1 x 5 = 5
38. कोई सकारर् दे ते हुए अऩने मख्
ु य अध्याऩक के नाम एक छुट्टी ऩर लऱखिए ।
प्रेषक, हदनाॊक : 25-09-2025
अ. फ. क.
10 िीॊ कऺा,
आदशथ विद्मारम,
भैसरू
ू ।
सेिा भें ,
प्रधान अदमाऩक जी ,
आदशथ विद्मारम,
भैसरू
ू ।
आदयणीम भहोदम,
विषम :- दो हदन की छुट्टी भाॉगते हुए ।
उऩमक्
ुथ त विषम के अनस
ु ाय आऩसे सविनम तनिेदन है क्रक भैं फीभाय हूॉ । हभ
इराज कयिाने के लरए फेंगररू
ू जा यहे हैं । भैं दो हदन स्कूर नहीॊ आ सकता।
इसलरए आऩ भझ
ु े हदनाॊक : 26-09-2025 से 27-09-2025 तक तीन हदन की
छुट्टी दे ने की कृऩा कयें ।
धन्मिाद सहहत ।
स्थान : भैसरू
ू आऩका आऻाकायी छार,
अ. फ. क.
अलबबािक के हस्ताऺय,
अथिा
11
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अऩनी ऩरीऺा की तैयारी के बारे में बताते हुए अऩनी माताजी को एक ऩर लऱखिए ।
से,
अ. फ. क
10 िीॊ कऺा,
आदशथ विद्मारम,
भैसरू
ू
हदनाॊक : 25-09-2025
ऩज्
ू म भाताजी,
सादय चयण स्ऩशथ ।
भैं महाॉ ठीक हूॉ औय आशा कयता हूॉ क्रक आऩ बी कुशर होंगी। भझ
ु े
आऩका ऩर लभरा औय मह जानकय फहुत िश
ु ी हुई क्रक घय भें सफ ठीक है ।
भैं आऩको अऩनी ऩढ़ाई के फाये भें फताना चाहता हूॉ। भेयी ऩढ़ाई महाॉ फहुत
अच्छी चर यही है । भैंने इस भाह के सबी भहत्िऩण
ू थ विषमों को गॊबीयता
से रेना शरू
ु कय हदमा है । सफ
ु ह औय शाभ भैं अऩनी सभम सायणी के
अनस
ु ाय तनमलभत रूऩ से अदममन कयता हूॉ ।
भेया रक्ष्म इस फाय अधधक अॊक राना है, औय भैं इसके लरए ऩयू ी
रगन से भेहनत कय यहा हूॉ । आऩ बफ्कुर धचॊता न कयें , भैं अऩने िाने-
ऩीने औय स्िास््म का बी ऩयू ा दमान यिता हूॉ ।
वऩता को प्रणाभ औय छोटे को आशीिाथद ।
तुम्हाया वप्रम ऩर
ु ,
अ. फ. क.
सेिा भें,
रता के. ऩी.
मश तनरम ,
याज नगय,
भैसरू
ू ।
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Class 11 Notes
Writing Skills / Formats
Maps of India / World Class 12 Notes
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