Page 1
2025
GOA BOARD
MODEL
PAPERS
Syllabus
Scheme of Question Paper
Prepare yourself for upcoming Goa
Board Exams
Page 2
GOA BOARD OF SECONDARY AND HIGHER SECONDARY EDUCATION, PORVORIM-GOA
STD: XII SUB: HINDI (LANG.-II) SUB CODE: H4424 PRESCRIBED SYLLABUS 2024 -2025
परीक्षा /अंक गद्य पाठ पद्य पाठ माध्यम और लेखन ( रचना ) अपठठत
गद्यांश/पद्यांश
1. ववभभन्न माध्यमों के भलए
1. मुंशी प्रेमचुंद - नमक का दारोगा 1.सुंत कबीरदास – कबीर के दोहे लेखन ( प्रमख जनसुंचार
2. भगवती चरण वमाा - प्रायश्चचत्त 2.सूयक
ा ाुंत त्रिपाठी ‘ननराला’- तोड़ती पत्थर अपठठत
FIRST माध्यम -वप्रुंट मीडिया ,रे डियो ,
FORMATIVE 3. हररशुंकर परसाई – सदाचार का तावीज 3.सभद्राकमारी चौहान – मेरा बचपन गद्यांश
टी.वी. , इुंटरनेट ,हहुंदी नेट
TEST
सुंसार ) अंक -3
2. फीचर लेखन अंक -4
20 5 5 7 3
1. ववनोद रस्तोगी - बहू की ववदा 1.गोस्वामी तलसीदास – रथ वणान 1. पिकारीय लेखन के ववभभन्न
SECOND
FORMATIVE 2. उषा वप्रयुंवदा - वापसी 2.रामधारी भसुंह ‘हदनकर’ – वीर कणा रूप और लेखन प्रक्रिया -
अपठठत
TEST 3. रववन्द्र केलेकर – िॉ0 राममनोहर लोहहया 3.सवेचवर दयाल सक्सेना -पस्टर और आदमी अंक -3
पद्यांश
2. अनच्छे द लेखन अंक -4
20 5 5 7 3
Page 3
GOA BOARD OF SECONDARY AND HIGHER SECONDARY EDUCATION, PORVORIM-GOA
STD: XII SUB: HINDI (LANG.-II) SUB CODE: H4424 PRESCRIBED SYLLABUS 2024-2025
परीक्षा गद्य पाठ पद्य पाठ माध्यम और लेखन ( रचना ) अपठठत गद्य / पद्य
/अंक
1. मुंशी प्रेमचुंद - नमक का दारोगा
1. सुंत कबीरदास – कबीर के दोहे 1.प्रमख जनसुंचार माध्यम –
2. भगवती चरण वमाा - प्रायश्चचत्त
1. अपठठत गद्यांश
2. सूयक
ा ाुंत त्रिपाठी ( वप्रुंट माध्यम ,रे डियो , टी.वी. ,
3. हररशुंकर परसाई – सदाचार का
- अंक-10
‘ननराला’- तोड़ती पत्थर और इुंटरनेट)
तावीज
(भाववाचक/ववशेषण/उपसगा
3. सभद्राकमारी चौहान – मेरा बचपन जनसुंचार के ववभभन्न माध्यमों की
4. ववनोद रस्तोगी - बहू की ववदा
ववरुद्धाथी /समानाथी शब्द,
खूत्रबयााँ और खाभमयााँ
5. उषा वप्रयुंवदा - वापसी
4. गोस्वामी तलसीदास – रथ वणान महावरे /काल पररवतान से
पिकारीय लेखन के ववभभन्न रूप
6. रववन्द्र केलेकर – िॉ0 राममनोहर
5. रामधारी भसुंह ‘हदनकर’ – वीर कणा सुंबुंचधत चार प्रचन अपहठत
और लेखन प्रक्रिया - अंक -5
लोहहया
6. सवेचवर दयाल गद्य में पछ
ू े जाए।)
2. फीचर लेखन अंक -5
वार्षिक 7. िॉ0 श्रीमती
सक्सेना -पस्टर और आदमी 3. अनच्छे द लेखन अंक –5
परीक्षा मद
ृ ला भसन्हा - चचट्ठी की छअन 2. अपठठत पद्यांश
7.त्रबहारी- त्रबहारी के दोहे 4 .प्रनतवेदन लेखन अंक -5
8. सूयब
ा ाला - दे श सेवा के अखाड़े में - अंक-05
8.ननलेश रघवुंशी -उदासी 5. आवेदन पि लेखन
र्वतान अंक-10 (अपहठत पद्याुंश कक्षा 8,
9.दष्युंत कमार- गजल अथवा
1.महात्मा गााँधी- 9,10 के पाठ्यपस्तक से
भशकायती पि लेखन अंक -5
मेरा जन्म और बचपन ही भलए जाएाँ )
2. िा ए.पी.जे.अब्दल कलम –
भावी नागररक
80 15+10=25 15 25 15
Page 4
प्रथम त्रैमासिक परीक्षा - गोवा बोर्ड पैटर्ड 2024-2025
सवषय : सिन्दी ( सवषय कोर् -4424 )
कक्षा बारिवी असिकतम अंक : 20
सर्िाडररत िमय : 1 घंटा कुल पृष्ठ िंख्या : 04
कुल प्रश्न िख्
ं या :15
सामान्य निर्देश:-
सभी प्रश्न अनिवायय हैं ।
प्रश्न क्रमाांक स्पष्ट रूप से निनिए ।
र्दायीं ओर र्दशाययी सांख्या प्रश्न के अांक र्दशायती है ।
________________________________________________________
निम्िनिनित अपसित गद्ाांश के आधार पर पछ ू े गए प्रश्नों के उत्तर निनिए ।
प्रसिद्ध िंत बसिणाबाई अपनी कुसिया के पाि पौधों की सिंचाई कर रिी थी, तभी उनके पाि चार
सिद्वान आए । सिद्वानोंने किा, िम लोग एक सिज्ञािा लेकर आपके पाि आए िैं । बसिणाबाई ने पछ ू ा, कै िी
सिज्ञािा ? सिद्वानों ने किा, “ िमने िेदों का अध्ययन सकया िै । सिसभन्न शास्त्रों िे भी ज्ञान असिित सकया
िै। िम देश के अलग-अलग क्षेत्रों में िाकर काम करना चािते िैं तासक राष्ट्र के चारों कोनों में िद्गणु ों के
प्रचार की आधारसशला पडे, पर यि िमझ निीं पा रिें िैं सक अपना लक्ष्य िासिल करने के सलए िम क्या
करें ? बसिणाबाई ने चारों सिद्वानों िे उनके लक्ष्यों के बारे में िानना चािा । पिले सिद्वान ने किा , “मैं देश
में िबको सशसक्षत और िभ्य देखना चािता िूँ ।“ दिू रे ने किा, “मैं िबको िख ु ी और िंपन्न बनाना चािता
िूँ । तीिरा िबको एकता के ित्रू में बाूँधना चािता था । चौथा बोला, “ मेरी आकांक्षा िै सक मेरा देश एक
शसिशाली राष्ट्र के रूप में सिकसित िो ।“ उन िब की राय िुनने के बाद बसिणाबाई ने उन चारों को
समलकर सशक्षा का प्रचार -प्रिार करने के सलए किा और उन्िें यि भी बताया सक सशक्षा िि माध्यम िै,
सिि पर िर व्यसि का लक्ष्य और सििेक सिका िै । िब लोग सशसक्षत िोते िैं तो उनमें उद्यसमता सिकसित
िोती िै । अलग-अलग पौधों में एक तरि िे सिंचाई की िाती िै लेसकन सिि तरि उनमें सिसभन्न रंग –
रूपिाले फ़ूल पैदा िोते िैं उिी तरि सशसक्षत िोकर लोगों में िभी गणु अपने आप िी आ िाते िैं ।
1. सिद्वान देश के अलग-अलग क्षेत्रों में िाकर सकि तरि का काम करना चािते थे ? 01
2.चौथे सिद्वान की क्या आकाक्ष
ं ा थी ? 01
3. बिीणाबाई ने पौधों की सिंचाई के माध्यम िे कौनिी बात िमझाई ? 01
निम्िनिनित पनित गद्ाांश के आधार पर अांत में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर निनिए :
रािा ने िाथ बढाया , “लाओ, मझु े बताओ, देखूँ,ू कै िा िोता िै ?”
सिशेषज्ञों ने किा, “िुिरू , िि िाथ की पकड में निीं आता । िि स्थलू निीं, िक्ष्ू म िै, अगोचर िै । पर
िि ििित्र व्याप्त िै । उिे देखा निीं िा िकता, अनभु ि सकया िा िकता िै ।“
Page 1|4
Page 5
रािा िोच में पड गए । बोले, “ सिशेषज्ञों, तमु किते िो सक िि िक्ष्ू म िै,अगोचर िै और िििव्यापी िै । ये
गणु तो ईश्वर के िैं । तो क्या भ्रष्टाचार ईश्वर िै ?”
सिशेषज्ञों ने किा , “ िाूँ मिाराि, अब भ्रष्टाचार ईश्वर बन गया िै ।“
सिशेषज्ञों ने ििाब सदया, “ िि ििित्र िै । िि इि भिन में िै । िि मिाराि के सिंिािन में िै ।“
“ सिंिािन में िै ?” किकर रािा िािब उछलकर दरू खडे िो गए ।
सिशेषज्ञों ने किा, “ िाूँ, िरकार, सिंिािन में िै । सपछले माि इि सिंिािन पर रंग करने के सिि सबल का
भगु तान सकया गया िै, िि सबल झठू ा िै । िि िास्ति िे दगु ने दाम का िै, आधा पैिा बीच िाले खा गए ।
आपके परू े शािन में भ्रष्टाचार िै और िि मख्ु यत: घिू के रूप में िै ।“
सिशेषज्ञों की बात िनु कर रािा सचंसतत िुए और दरबाररयों के कान खडे िुए ।
रािा ने किा, “ यि तो बडी सचंता की बात िै । िम भ्रष्टाचार सबलकुल समिाना चािते िैं । सिशेषज्ञों, तमु
बता िकते िो सक िि कै िे समि िकता िै ?”
4. सिशेषज्ञों के अनिु ार भ्रष्टाचार ईश्वर क्यों िै ? 01
5. र्दसू रे र्दरबारी िे सिशेषज्ञों की ररपोर्य को आग के हवािे कर र्देिे का सझु ाव क्यों नर्दया ? 01
6. ’कान खडे िोना’ मिु ािरे का अथि स्पष्ट कीसिए । 01
निम्िनिनित पनित पद्ाांश के आधार पर अांत में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर िगभग 15-20 शब्दों
में निनिए
चढ रही थी धपू
गनमययों के नर्दि
नर्दवा का तमतमाता रूप ।
उठी झि ु साती हुयी िू
रूई ज्यों जिती हुई भू
गर्दय नचिगीं छा गयी,
प्राय: हुई र्दपु हर:
वह तोडती पत्थर !
र्देिते र्देिा मझु े तो एक बार
उस भवि की ओर र्देिा, नछन्ि तार,
र्देिकर कोई िहीं,
र्देिा मझु े उस दृनष्ट से
जो मार िा रोयी िहीं,
सजा सहज नसतार,
सिु ी मैंिे वह िहीं जो थी सिु ी झांकार ।
7. उस नर्दि सूरज आग उगि रहा था , यह भाव नकस पांनि से पता चिता है ? 01
8. श्रनमक महीिा िे कनव की ओर सदनता िे क्यों र्देिा ? 01
9. कनव िे श्रनमक महीिा के र्दर्दय को महससू नकया ,यह कै से पता चिता है ? 01
Page 2|4
Page 6
अथवा
र्दार्दा िे चांर्दा नर्दििाया,
िेत्र िीर-यतु र्दमक उठे ।
धि ु ी हुई मस्ु काि र्देिकर,
सब के चेहरे चमक उठे ॥
आ जा बचपि! एक बार निर,
र्दे र्दे अपिी निमयि शाांती ।
व्याकुि व्यथा नमर्ािेवािी,
वह अपिी प्राकृ त नवश्राांनत ॥
मैं बचपि को बि ु ा रही थी,
बोि उठी नबनर्या मेरी ।
िांर्दिवि-सी िूि उठी,
वह छोर्ी-सी कुनर्या मेरी ॥
7. र्दार्दा िे चर्दां ा क्यों नर्दििाया ? 01
8. कवनयत्री के अिसु ार बचपि की क्या नवशेषताएँ हैं ? 01
9. किसयत्री क्यों किती िै सक उिकी कुसिया नंदनिन िी फ़ूल उठी ? 01
10. निम्िनिनित काव्ाांश का भाव सौंद्य स्पष्ट कीनिए । 02
ितगरू
ु िांचा िूररिाूँ , तातैं लोसिं लुिार ।
किणो दे कंचन सकया, ताइ सलया ततिार ॥
निम्िनिनित प्रश्न का उत्तर निनिए ( लगभग 30 - 40 शब्दों में ) 02
11. िश
ं ीधर के सपतािी मासिक िेतन को पणू िमािी का चाूँद क्यों किते िैं ?
अथवा
11. कबरी सबल्ली रामू की बि को सकि तरि तंग करती थी ?
निन्मनिनित ’सच
ां ार माध््म और िेिि पर’ आधाररत प्रश्नों के उत्तर
िगभग 10-20 शब्दों में निनिए ।
12. रे सडयो का आसिष्ट्कार सकिने सकया ? 01
13. मनष्ट्ु य ‘ इिं रनेि या नेििकि ’ का प्रयोग सकि सलए करता िै ? 01
Page 3|4
Page 7
14. नवश्व की सबसे पहिी निल्म कौिसी ? 01
अथवा
14. भारत में पहिी मकु निल्म बिािे का श्रेय नकसको जाता है ? 01
15. निनम्न्िनित में से नकसी एक नवष् पर फ़ीचर तै्ार कीनिए । ( िगभग 100 शब्दों में) ।
गोवा एक पयडटर् स्थल
अथवा
युवा पीढी का परदेशों में पलायर् 04
-------------------***********--------------
Page 4|4
Page 8
वार्षिक परीक्षा 2024-25 (गोवा बोर्ि पैटर्ि )
(र्वषय कोर् : 4424)
नर्र्ािररत समय : 3 घंटे र्वषय : ह द
ं ी अधर्कतम अंक : 80
कुल प्रश्र् संख्या : 42 कक्षा : बार व ं कुल पष्ृ ठ संख्या : 06
------------------------------------------------------------------------------------------------
सामान्य निर्दे श-
• सभी प्रश्ि अनिवायय हैं ।
• प्रश्ि क्रमाांक स्पष्ट रूप से लिखिए ।
• प्रश्ि पत्रिका तीि िण्डों में ववभाजित है – क,ि,ग ।
• र्दायीां ओर र्दशाययी हुई सांख्या प्रश्ि के अांक र्दशायती हैं ।
------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
खंर् - क (कुल अंक 15)
नर्म्र्ललखखत अपहठत गदयांश को ध्यार्पव
ू क
ि पढ़कर पछ
ू े गए प्रश्र्ों के उत्तर ललखखए ।
पड़ोस सामाजिक िीवि के तािे-बािे का महत्वपूर्य आधार है । र्दरअसि पड़ोस जितिा स्वाभाववक है,
हमारी सामाजिक सुरक्षा के लिए तथा सामाजिक िीवि की समस्त आिांर्दपूर्य गनतववधधयों के लिए वह
उतिा ही आवश्यक भी है । यह सच है कक पड़ोसी का चुिाव हमारे हाथ में िहीां होता, इसलिए पड़ोसी के
साथ कुछ ि कुछ सामांिस्य तो त्रबठािा ही पड़ता है । हमारा पड़ोसी अमीर हो या गरीब, उसके साथ
सांबांध रििा सर्दै व हमारे हहत में ही होता है। पड़ोसी से परहे ि करिा अथवा उससे कटे -कटे रहिे में
अपिी ही हानि है , क्योंकक ककसी भी आकजस्मक आपर्दा अथवा आवश्यकता के समय अपिे ररश्तेर्दारों
अथवा पररवार वािों को बुिािे में समय िगता है। यहर्द टे िीफोि की सुववधा भी है तो भी कोई निश्चय
िहीां कक उिसे समय पर सहायता लमि ही िाएगी। ऐसे में पड़ोसी ही सबसे अधधक ववश्वस्त सहायक हो
सकता है। पड़ोसी चाहे कैसा भी हो, उससे अच्छे सांबांध रििे ही चाहहए। पड़ोसी के साथ तब अवरोध
पैर्दा हो िाते हैं िब हम आवश्यकता से अधधक उससे अपेक्षा करिे िगते हैं। बात िमक चीिी के िेिे-
र्दे िे से आरां भ होती है तो स्कूटर और कार तक मााँगिे की गुस्तािी हम कर बैठते हैं। ध्याि रििा
चाहहए कक िब तक बहुत िरूरी ि हो, पड़ोसी से कोई चीि मााँगिे की िौबत ही ि आए। आपको
परे शािी में पड़ा र्दे ि पड़ोसी िुर्द ही आगे आ िाएगा। पड़ोलसयों से निवायह करिे के लिए सबसे महत्त्वपूर्य
यह है कक बच्चों को नियांिर् में रिें। आमतौर से बच्चों में िािे-अििािे छोटी-छोटी बातों पर झगड़े
होते हैं और बात बड़ों के बीच लसर फुटौवि तक िा पहुाँचती है । इसलिए पड़ोसी के बगीचे से फि-फूि
तोड़िे, उसके घर में ऊधम मचािे से बच्चों पर सख्ती से रोक िगाएाँ। भि
ू कर भी पड़ोसी के बच्चे पर
हाथ ि उठाएाँ, अन्यथा सांबांधों में कड़वाहट आते र्दे र ि िगेगी।
1.
1
Page 9
1) उपयक्
ुय त गदयाांश का एक उधचत शीर्यक र्दीजिए । 01
2) पड़ोसी महवपूर्य क्यों होता है? 01
3) ’िमक’ शब्र्द का ववशेर्र् रूप लिखिए । 01
4) ‘उधम मचािा’ मुहावरे का अथय लिखिए । 01
5) ‘घर’ शब्र्द का भाववाचक सांज्ञा लिखिए । 01
6) ‘अमीर’ का वविोमाथी शब्र्द क्या है? 01
7) पडोसी से परहे ि करिे से ककसकी हानि होती है और क्यों? 02
8) पड़ोसी से िटपट होिे के कोई र्दो कारर् लिखिए? 02
नर्म्र्ललखखत अपहठत कावयांश को ध्यार्पूवक
ि पढ़कर पूछे गए प्रश्र्ों के उत्तर ललखखए ।
मेरा ईश्वर
व्याप्त है िेतों में
धैयश
य ीि लमटटी की तरह
िुिे आकाश के िीचे –
खझिलमिाते हुए
उसके माथे की त्रबांहर्दया-रूप में ।
मेरा ईश्वर
बड़ा होता रहता है
प्रनतहर्दि स्िाि करते हुए
माांडवी के तीथय पर
हर्दशाओां िैसी बााँहों को िहराते हुए
र्दीि-र्दखु ियों को सांभािते हुए ।
9) कवव का ईश्वर कहााँ व्याप्त है ? 01
10) ईश्वर िेतों में ककस रूप में ववदयमाि है? 01
11) िि
ु े आसमाि के िीचे ईश्वर ककस तरह खझिलमिा रहा है ? 01
12) कवव का ईश्वर ककन्हें सांभािता है ? 01
13) माांडवी के तीथय पर कौि स्िाि करता हुआ हर्दिाई र्दे ता है ? 01
खंर् – ख (कुल अंक 40)
नर्म्र्ललखखत पहठत कावयांश के आर्ार पर पछ
ू े गए प्रश्र्ों के उत्तर ललखखए।
( सूचर्ा – प्राचीि और आधुनिक कववता से )
सााँच बराबर तप िहीां ,झूठ बराबर ताप ।
िाके हहरर्दय सााँच है , ताके ह्रर्दय आप ।।
2.
2
Page 10
14) उक्त पांजक्तयााँ ककस कववता से िी गई है ? 01
15) भजक्त साधिा के मागय में कबीर ककसका समथयि िहीां करते हैं ? 01
16) ईश्वर ककसके हृर्दय में वास करता है ? 01
17) ‘तप’ और ‘ताप’ का अथय स्पष्ट कीजिये 02
अथवा
कोई ि छायार्दार
पेड़ पर वह जिसके तिे बैठी हुई स्वीकार ,
श्याम ति,भर बाँधा यौवि,
ित ियि ,वप्रय कमय रत मि ।
14) उपयक्
ुय त काव्य पांजक्तयों के कवव कौि हैं ? 01
15) श्रलमक महहिा ककससे पत्थर तोड़ रही थी ? 01
16) श्रलमक महहिा कहााँ पत्थर तोड़ रही थी ? 01
17) श्रलमक महहिा का रां ग-रूप कैसा था ? 02
18) नर्म्र्ललखखत कावयांश का भाव-सौन्दयि स्पष्ट करते ु ए लशल्प संबंर् कोई दो र्वशेषता
ललखखए । ( लगभग 50 शब्दों में ) ( सूचर्ा - आधुनिक कववता से ) 04
“सांग्राम-वविय तू इसी तरह सांध्या तक आि करे गा क्या ?
मारे गा अररयों को कक उन्हें र्दे िीवि स्वयां मरे गा क्या ?
रर् का यह ववधचि िेि, मुझे तो समझ िहीां कुछ पड़ता है ,
कायर ! अवश्य कर यार्द पाथय की, तू मि-ही-मि डरता है ।“
अथवा
एक चार्दर सााँझ िे सारे िगर पर डाि र्दी,
यह अांधरे की सड़क उस भोर तक िाती तो है।
नर्म्र्ललखखत प्रश्र्ों के उत्तर ललखखए । (लगभग 40 शब्दों में ) 3X2=06
19) निम्िलिखित काव्य पांजक्तयों का आशय स्पष्ट कीजिये –
िाथ ि रथ िहहां ति पर्द िािा । केहह त्रबधध जितब बीर बिवािा ।।
सुिहु सिा कह कृपानिधािा । िेहहां िय होई सो स्यांर्दि आिा ।।
अथवा
19) निम्िलिखित काव्य पांजक्तयों का आशय स्पष्ट कीजिये –
समै समै सुन्र्दर सबै , रूपु कुरुपू ि कोई ।
मि की रुधच िेती जितै , नतत तेती रुधच होई ।।
3.
3
Page 11
20) बचपि कैसा होता है ?
अथवा
20) ‘पोस्टर और आर्दमी’ कववता के माध्यम से व्यांग्य को स्पष्ट कीजिए –
नर्म्र्ललखखत पहठत गदयांश के आर्ार पर पछ
ू े गए प्रश्र्ों के उत्तर ललखखए ।
( लगभग 10-20 शब्दों में )
पां० िवाहरिाि िेहरू से िोग प्रभाववत थे क्योंकक सत्ता उिके हाथ में थी और उससे िोगों का कुछ िाभ
भी हो सकता था । त्रबिोबािी से भी िोग प्रभाववत थे क्योंकक उिका व्यजक्तत्व अिौककक था। यहााँ पर
िोहहया के पास ििता को र्दे िे के लिए िैि और कष्ट के लसवा कुछ भी िहीां था। वे रास्ते में चाय-
पािी के लिए काययकतायओां से ही पााँच-र्दस रुपये मााँगकर चाय पीते थे कफर भी इस तांगी हाित में उि
पर अपिा प्रार् न्योछावर करिे वािे उिके हिारों अिुयायी थे। मैंिे महात्मा गाधी के अिावा इतिे
एकनिष्ठ अिुयानययों को िोड़िे वािा व्यजक्त िहीां र्दे िा। मेरे ववचार से िोहहया िे ही यह चमत्कार करके
हर्दिाया है। वे इतिे समवपयत, निष्ठावाि और सच्चे अिुपायी कैसे एकि कर पाते थे?
21) डा. िोहहया का स्वभाव कैसा था? 01
22) िेिक िे िोहहया की ववशेर्ता ककि शब्र्दों में बयाि की? 01
23) गाांधीिी िे िोहहया के बारे में सारी र्दनु िया को क्या बताया? 01
24) डॉ.िोहहया िेहरू से ककस तरह लभन्ि थे? 02
नर्म्र्ललखखत प्रश्र्ों के उत्तर ललखखए । (लगभग 80 शब्दों में) 10
25) ‘सर्दाचार का तावीि’ निबांध में र्दरबारी िे रािा को क्या सिाह हर्दया?
अथवा
25) ‘चिट्ठी की छु अन ‘ कहानी में हाथ से लििी धचट्ठी के बारे में कौि-सी ववशेर्ता बताई गई है?
26) रे िवे क्वाटय र का कमरा छोड़ते समय गिाधरबाबू क्यों र्दि
ु ी थे?
अथवा
26) ‘र्दे श सेवा के अिाड़े में’ ठे केर्दार िे बांगिे की कौि-कौि-सी उपिजब्धयों का जिक्र ककया?
नर्म्र्ललखखत पहठत गदयांश (र्वतार्) के आर्ार पर पूछे गए प्रश्र्ों के उत्तर ललखखए ।
(लगभग 10-20 शब्दों में )
कबा गाांधी मेरे वपतािी ये पोरबांर्दर की र्दीवािगोरी छोड़िे के बार्द वे रािस्थानिक कोटय के सर्दस्य थे।
बार्द में रािकोट में और कुछ समय के लिए बाांकािेर में र्दीवाि थे। मत्ृ यु के समय िे रािकोट र्दरबार
के पेंशिर थे। कबा गाांधी के भी चार वववाह हुए थे। पहिे र्दो से र्दो कन्याएाँ थीां, अांनतम पत्िी पुतिीबाई
से एक कन्या और तीि पुि थे। उिमें अांनतम मैं हूाँ। वपतािी की लशक्षा केवि अिुभव की थी। आिकि
जिसे हम गि
ु राती की पााँचवी ककताब का ज्ञाि कहते हैं, उतिी लशक्षा उन्हें लमिी होगी। उिका व्यावहाररक
ज्ञाि इतिे ऊाँचे र्दिे का था कक बारीक-से बारीक सवािों को सुिझािे में अथवा हिार आर्दलमयों से काम
4.
4
Page 12
िेिे में भी उन्हें कोई कहठिाई िहीां होती थी। माता व्यवहार कुशि थीां। राि र्दरबार की सब बातें वे
िािती थीां। रनिवास में उिकी बुदधध की अच्छी कर्दर होती थी। मैं बािक था। कभी-कभी मातािी मुझे
भी अपिे साथ र्दरबार गढ़ िे िाती थीां। 'बा मााँसाहब' के साथ होिे वािी बातों में से कुछ मझ
ु े अभी
तक यार्द हैं।
27) ‘मेरा िन्म और पचपि’ यह रचिा हहांर्दी साहहत्य की ककस ववधा में लििी हुई है ? 01
28) गाांधीिी के र्दार्दा से िेकर वपछिी तीि पीहढ़यााँ क्या काम करती रही? 01
29) करमचांर्द गााँधी िे ककि तीि र्दरबारों में र्दीवािधगरी का काम ककया? 01
30) गाांधीिी के वपतािी पोरबांर्दर से रािस्थानिक कोटय के सर्दस्य बिकर कहााँ गए थे? 01
31) करमचन्र्द गााँधी के व्यावहाररक ज्ञाि को ऊाँचे र्दिे का क्यों कहा गया है? 02
32) गाांधीिी की मााँ पत
ु िीबाई ककस तरह की महहिा थीां? 02
33) गाांधीिी का िन्म कब और कहााँ हुआ था? 02
खंर् - ग (कुल अंक 25 )
नर्म्र्ललखखत जर्संचार माध्यम और लेखर् पर आर्ाररत प्रश्र्ों के उत्तर ललखखए । 1x5 = 05
(लगभग 10-20 शब्दों में )
34) ििसांचार के प्रमुि माध्यमों का उल्िेि कीजिए ।
अथवा
34) मुहित माध्यमों के िेिि के लिए ककि बातों का ध्याि रििा चाहहए ? ( ककन्हीां र्दो )
35) ‘इांटरिेट’ पिकाररता से आप क्या समझते हैं ?
अथवा
35)हहांर्दी ‘वेब’ पिकाररता की समस्याओां को उल्िेि कीजिए ।
36) रे डडयो ककस प्रकार का माध्यम है ?
37) पिकारीय िेिि ककसे कहते हैं ?
अथवा
37) समाचार और फ़ीचर िेिि का कोई एक अांतर लिखिए ।
38) ‘एांकर-पैकेि’ से आप क्या तात्पयय है ?
39) नर्म्र्ललखखत ककस एक र्वषय पर अर्च्
ु छे द ललखखए । (लगभग 100 शब्दों में ) 05
* काश ! मैं उड़ पाता
* िहााँ ि पहुांचे रवव वहााँ पहुांचे कवव
40) नर्म्र्ललखखत ककस एक र्वषय पर फीचर तैयार कीजजए- (लगभग 100 शब्दों में) 05
* महािगर की ओर पिायि की समस्या
* स्वतांिता हर्दवस पर रां गारग काययक्रम
5.
5
Page 13
41) लशक्षा के साथ खेलकूद का म त्व’ इस र्वषय पर नर्लेश और प्र तेश इर् दो छात्रों के
ब च ु आ संवाद ललखखए- ( लगभग 15-20 वाक्यों में ) 05
42) सुबोर् / सुर्वर्ा जोश 15 - शांनतनर्केतर्, मांगोर ह ल, वास्को - गोवा से संचालक, भारत
गैस सेवा, मुख्य कायािलय ,वास्को-गोवा को अनर्यलमत गैस लसललंर्र सेवा की लशकायत
करते ु ए पत्र ललखता / ललखत ै । 05
अथवा
42) र्वजय / र्वजया दे साई, मकार् र्०. 555, शांनतर्गर, पोंर्ा - गोवा से र् चे हदए गए
‘र्वभारत टाइम्स’ के र्वज्ञापर् (ADVERTISEMENT) के आर्ार पर आवेदर् पत्र तैयार करता /
करत ै । 05
आवश्यकता – अध्यापक (TEACHER)
शैक्षखर्क योग्यता -बारहवीां उत्तीर्य, डी एड
सांगर्क का ज्ञाि, भार्ा-कोंकर्ी -मराठी और इांजग्िश
का ज्ञाि, अिुभव कम से कम एक साि
आहर्द परू ी िािकारी के साथ मख्
ु याध्यापक, केशव
स्मनृ त प्राइमरी स्कूल, दाबोललम, वास्को-गोवा को
संपकि करें ।
🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔🟔
6.
6
Page 15
STD: XII CWSN SUB: HINDI – II LANG DURATION: 3HRS
TOTAL NO. OF QUESTIONS: 53 MAX MARKS: 80
सूचनाएं: १. कुल ५३ प्रश्न है।
२. सभी प्रश्न अननवार्य है।
३. दार्ीं ओर दर्ायर्ी हुई संख्र्ा प्रश्न के अंक दर्ायती है ।
४. प्रश्न क्रमांक १४ छोड़कर सभी प्रश्न पर्ायर्वाची है।
५. प्रश्नपत्र पर ही उत्तर ललखना आवश्र्क है।
खंड - क
निम्िलिखखत विकल्पों में से उचित विकल्प चिन्हंककत (✓) कीजिए
१. हााँ, कम से कम इक्कीस तोले की बिल्ली िनवाकर _____________ (०१)
• घर में रखो
• दान करवा दो
• िेच दो
• खरीद दो
२. एक राज्र् में हल्ला मचा कक _________ िहुत फैल गर्ा है । (०१)
• भ्रष्टाचार
• ठे का
• पैसा
• दहे ज
‘अ’ विभहग में दिए गए पहठ के िहमों को ‘ब’ विभहग के उचित पहत्रों के सहथ लमिहकर ‘क’
विभहग के बक्से में उिके स्ी िर्ण लिखखए (०४)
अ ब क
३. िहु कक ववदा (क) दरिारी
४. नमक का दारोगा (ख)प्रमोद
५. सदाचार का तावीज़ (ग)कौर्ल्र्ा
६. चचट्ठी की छुअन (घ)पंडित अलोपीदीन
Page 16
निम्िलिखखत पदठत गद्य अितरर् को पढ़कर अंत में पूछे गए प्रश्िों के उत्तर लिखखए
“मााँ जी, बिल्ली की हत्र्ा और आदमी की हत्र्ा िरािर है। हम तो रसोई न िनाएाँगी, जि
तक िहु के लसर हत्र्ा रहे गी।”
७. उक्त अवतरण के पाठ और लेखक का नाम िताइए। (०२)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
८. र्ह वाक्र् ककसने ककससे कहा? (०२)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
९. बिल्ली के हत्र्ा के िरािर ककसकी हत्र्ा है ? (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
अथिह
“मैंने सोचा था कक िरसों तुम सिसे अलग रहने के िाद, अवकार् पाकर पररवार के साथ
रहूाँगा। खैर परसों जाना है । तुम नही चलोगी?”
७. उक्त अवतरण के पाठ और लेखक का नाम ललखखए। (०२)
-----------------------------------------------------------------------------------------------------
-----------------------------------------------------------------------------------------------------
८. र्ह वाक्र् ककसने ककससे कहा? (०२)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
९. कहानी के नार्क अवकार् पाकर ककसके साथ रहना चाहते थे? (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
Page 17
निम्िलिखखत प्रश्िों के उत्तर लिखखए।
१०. गजाधरिािू खुर् क्र्ों थे? (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
११. जीवनलाल ककतने रुपर्ों की मांग करते है? (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
१२. सदाचार के तावीज िनाने का ठे का ककसे ददर्ा गर्ा है? (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
१३. वंर्ीधर के द्वारा पुल पर रोकी गाडड़र्ों में क्र्ा था? (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
निम्िलिखखत पदठत गद्यहंश को पढ़कर अंत में पूछे गए प्रश्िों के उत्तर लिखखए
मुझे अपनी होलर्र्ारी का कोई गवय नहीं था। पुरस्कार र्ा छात्रववृ त्त लमलने पर मुझे आश्चर्य
होता था। पर अपने आचरण के ववषर् में िहुत सजग था। आचरण में दोष आने पर मुझे
रुलाई आ ही जाती थी। मुझे र्ाद है कक एक िार मुझे मार खानी पड़ी थी। मार का दुःु ख नहीं
था, पर मैं दं ि का पात्र माना गर्ा, इसका मझ
ु े िड़ा दुःु ख रहा। मैं खि
ू रोर्ा। र्ह प्रसंग पहली
र्ा दस
ू री कक्षा का है । दस
ू रा एक प्रसंग सातवीं कक्षा का है । उस समर् दोरािजी एदलजी गीमी
हे िमास्टर थे। वे ववद्र्ाथी प्रेमी थे, क्र्ोंकक वे ननर्मों का पालन करवाते, व्र्वस्स्थत रीनत से
काम करते और लेते तथा अच्छी तरह पढ़ाते थे। उन्होंने उच्च कक्षा के ववद्र्ाचथयर्ों के ललए
कसरत-कक्रकेट अननवार्य कर ददर्ा था। इनके अननवार्य िनाने से पहले मैं कभी कसरत व कक्रकेट
र्ा फुटिॉल में गर्ा ही न था। न जाने में मेरा र्रमीला स्वभाव ही एकमात्र कारण था। अि
मैं दे खता हूाँ कक वह अरुचच मेरी भूल थी। उस समर् मेरा र्ह खर्ाल िना हुआ था कक लर्क्षा
के साथ कसरत का कोई संिंध नहीं है।
१४. लेखक को ककसका गवय नहीं था? (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
Page 18
१५. ‘दोष’ र्ब्द में उपसगय लगाकर ललखखए। (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
१६. लेखक को ककसका दुःु ख था? (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
१७. उच्च लर्क्षा के ववद्र्ाचथयर्ों के ललए क्र्ा अननवार्य कर ददर्ा था? (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
१८. पाठ के लेखक औ पाठ का नाम क्र्ा है? (०२)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
१९. लेखक को क्र्ा लमलने पर आश्चर्य होता था? (०२)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
२०. उस समर् लेखक के ववद्र्ालर् के हे िमास्टर कौन थे? (०२)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
खंड – ख
ननम्नललखखत ववकल्पों में से उचचत ववकल्प चचन्हांककत (✓) कीस्जए
२१. िड़ा भर्ा तो का भर्ा, जैसे पेड़ _____ (०१)
• आम
• खजरू
• नाररर्ल
• कटहल
Page 19
२२. लाल, तुम्हारे ववरह की _________ अनूप, अपार। (०१)
• लमट्टी
• पानी
• हवा
• अचगनी
२३. िार िार आती है मझ
ु को मधरु र्ाद _________ तेरी। (०१)
• जवानी
• िढ़
ु ापा
• िचपन
• र्ुवावस्था
२४. आज के जमाने में आदमी से ज्र्ादा लोग _________ को पहचानते है। (०१)
• लोगों
• ककतािों
• पोस्टरों
• धन
२५. और कुछ हो र्ा न हो ________ सी छाती तो है । (०१)
• सागर
• पथ्
ृ वी
• आकार्
• धरती
२६. घुल जाने दे ना चादहए ______ के दानों की तरह (०१)
• लमचय
• नमक
• पानी
• र्क्कर
२७. दे खा उसे मैंने ________ के पथ पर वह तोड़ती पत्थर। (०१)
• ददल्ली
• गोवा
• इलाहािाद
• िंिई
Page 20
निम्िलिखखत प्रश्िों के उत्तर लिखखए
२८. र्ल्र् की कटु िातें सुनकर कौन हाँसता है ? (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
२९. उदासी को ककस तरह रगड़ दे ना चादहए? (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
३०. रोती िच्ची को दादा ने क्र्ा ददखलार्ा? (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
३१. अंधेरे के सड़क ककस ओर जाती है? (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
निम्िलिखखत पदठत पद्य अितरर् को पढ़कर अंत में पूछे गए प्रश्िों के उत्तर लिखखए
पार्ा मैंने िचपन कफर से,
िचपन िेटी िन आर्ा।
उसकी मंजुल-मुनतय दे खकर
मझ
ु में नवजीवन आर्ा।
३२. कववता का नाम और कवनर्त्री का नाम क्र्ा है ? (०२)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
३३. कवनर्त्री में नवजीवन कि आता है? (०२)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
अथिह
Page 21
पुराने पि गए कपड़ों की तरह
उदासी को िेचकर-
नए चमचमाते ितयन खरीद लेना चादहए।
अनार के दाने की तरह
चमकने दे ना चादहए उदासी को।
३२. उक्त अवतरण के रचना और रचनाकार का नाम ललखखए। (०२)
----------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------
३३. ककन उदाहरणों के माध्र्म से कवनर्त्री उदासी को िदलने की िात करती है? (०२)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
खंड ग
निम्िलिखखत शब्िों के विशेषर् रूप चिन्हंककत (✓) कीजिए :- (०२)
३४. धन
• ननधयन
• धनी
३५. चचंता
• चचंनतत
• चचंताग्रस्त
निम्िलिखखत शब्िों के समहिहथी शब्ि चिन्हंककत (✓) कीजिए :- (०२)
३६. जल
• पानी
• कीचड़
३७. पत्र
• कागज
• चचट्ठी
निम्िलिखखत िहक्य में से स्ी भहििहिक संज्ञह को अधोरे खखत करें :- (०१)
३८. कटोरा झनझनाहट की आवाज के साथ फर्य पर चगरा।
Page 22
निम्िलिखखत शब्ि कह वििोमहथी रूप लिखखए :- (०१)
३९. िहुत × -------------------
निम्िलिखखत शब्िों के रूप उपसगण िगहकर बिलिए :- (०२)
४०. भाव - --------------------
४१. मान - --------------------
निम्िलिखखत िहक्य कह स्ी कहि विकल्प चिन्हंककत (✓) कीजिए (०१)
४२. रामू की िहु पर खून सवार था।
• भत
ू काल
• वतयमानकाल
• भववष्र्काल
निम्िलिखखत मु्हिरे के अथण कह सहथणक विकल्प चिन्हंककत (✓) कीजिए (०१)
४३. फुला न समाना
• िहुत खर्
ु होना
• िहुत दख
ु ी होना
• नाराज होना
अपदठत पद्यहंश को पढ़कर िीिे दिए गए प्रश्िों के उत्तर लिखखए
तो ववनती है र्ही,
कभी मत उस दनु नर्ा को खोना
पेड़ों को मत कटने दे ना,
मत चचडड़र्ों को रोना
एक-एक पत्ती पर हम सि
के सपने सोते हैं
र्ाखें कटने पर वे भोले,
लर्र्ुओं सा रोते हैं।
पेड़ों के संग िढ़ना सीखो
पेड़ों के संग खखलना
Page 23
पेड़ों के संग-संग इतराना
पेड़ों के संग दहलना।
िच्चे और पेड़ दनु नर्ा को
हरा-भरा रखते हैं
नहीं समजते जो, दष्ु कमों
का वे फल चखते हैं।
४४. कवव क्र्ा बिनती करते है? (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
४५. सपने कहााँ सोते है? (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
४६. र्ाखें कटने पर पत्ते कैसे रोते है? (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
४७. दनु नर्ा को हरा-भरा ककसने ककर्ा? (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
४८. ‘रोना’ र्ब्द का ववलोमाथी रूप क्र्ा है? (०१)
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
Page 24
खंड घ
४९. निम्िलिखखत ििसंिहर महध्यमों के चित्रों को प्िहिकर उिके िहम लिखखए। (०५)
________________ ____________________
_____________ _______________ _____________
५०. निम्िलिखखत िहक्यों में से फीिर िेखि की पहाँि स्ी विशेषतहएं चिन्हंककत (✓)
कीजिए। (०५)
• फीचर मनोरं जनक होना चादहए।
• फीचर लेखन लंिा नर्ा हो।
• फीचर ऐसा होना चादहए स्जसे पढ़ने की रुचच पैदा हो।
• भाषा रोचक होनी चादहए।
• फीचर लेखन पत्रकाररता का भाग नहीं है।
• फीचर ज्ञानवधयक होना चादहए।
• फीचर लेखन में तकयरदहत िातें होती है।
५१. निम्िलिखखत विषयों में ककसी एक विषय पर िगभग ३०-४० शब्िों में अिुच्छे ि
लिखखए। (०५)
• मेरा पररवार
• हमारी पाठर्ाला
• मेरे वप्रर् लर्क्षक
Page 25
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
५२. ररक्त स्थहिों में उचित शब्िों को भरकर प्रनतिेिि के ढहंिे को परू ह कीजिए (०५)
‘प्रगनत उच्च माध्र्लमक ववद्र्ालर्’ में मनाए गए ‘लर्क्षक ददन’ पर प्रनतवेदन ललखखए।
____________________________________________________________
________________________________ ववद्र्ालर् में
_________________ ___________ को ववद्र्लर् के ____________ में सुिह
______________ लर्क्षक ददवस मनार्ा गर्ा। सारे छात्र, प्राचार्य, लर्क्षक तथा
लर्क्षकेत्तर कमयचारी ववद्र्ालर् के ______________ में उपस्स्थत थे। छात्रों ने
______________ ___________ गाकर सिका स्वागत ककर्ा। सभी अध्र्ापकों को
____________ प्रदान ककए गए।
ग्र्ारहवीं कक्षा के छात्रों ने सांस्कृनतक कार्यक्रम प्रस्तुत ककए। लर्क्षकों के ललए
कुछ ______________ का भी आर्ोजन ककर्ा गर्ा था। सभी लर्क्षकों ने अपने
____________ साझा ककए। कार्यक्रम का सूत्रसंचालन कुमारी प्रेरणा सावंत ने ककर्ा।
कला र्ाखा के छात्र कु. रहीम ने ________________ ___________ ककर्ा।
कार्यक्रम िड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
Page 26
५३. वििय/वििहयह पहटीि, घर क्रमहंक २१०, विद्यहिगर, िहस्को गोिह से मो्ल्िे में
बढ़िेिहिी िोरी की समस्यह की लशकहयत करते ्ुए अध्यक्ष, म्हिगरपहलिकह, िहस्को
गोिह को पत्र लिखतह/लिखती ्ैं। (०५)
श्री. ------------------------------------
-------------------------------------------,
-------------------------------------------,
-------------------------------------------।
ददनांक: -----------------------------------
सेवा में,
-------------------------------------------,
-------------------------------------------,
-------------------------------------------।
ववषर्: -------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------।
-----------------------------------------------,
मैं आपका ध्र्ान हमारे मोहल्ले ववद्र्ानगर, वास्को गोवा में िढ़नेवाली चोरी की
समस्र्ा की परे र्ाननर्ों पर आकवषयत करना चाहता/चाहती हूाँ। हमारे मोहल्ले वालसर्ों ने
िहुत िार आपसे लर्कार्त करने की कोलर्र् की है परं तु आपकी तरफ से अभी तक
इस ववषर् पर कुछ भी ननणयर् नहीं ललर्ा गर्ा है ।
कल परसों की ही िात है कक र्ादी वाले घर में ददन दहाड़े चोरी की गई स्जसमें
दल्
ु हन के सारे जेवर चुराकर चोर भाग गए। एक वपता की सारी कमाई लमनटों में खत्म
हो गई। उसी तरह कुछ ददनों पहले रात के समर् गुजरती एक गाड़ी को रोककर उनसे
सारे पैसे और जेवर लट
ू गए। चोरों की दहर्त इतनी िढ़ गई है कक अि रात को िाहर
ननकालने में भी मोहल्ले वाले िरते हैं।
आर्ा करता/करती हूाँ कक --------------------------------------------------------------
Page 27
----------------------------------------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------
--------------------------------------------------------------------------------------------------।
धन्र्वाद,
---------------------------------------
------------------------------------
--------------------------------------।
अथिह
श्रीरहम / श्रीयह कहर्ेकर, िंििबहग, िहस्को – गोिह से िीिे दिए गए विज्ञहपि के आधहरपर
आिेिि पत्र तैयहर करतह/ करती ्ैं। (०५)
आिश्यकतह
पि : कहरकूि
र्ैक्षखणक र्ोग्र्ताएाँ : िी. कॉम.
कोंकणी, दहंदी तथा अंग्रेजी भाषा का ज्ञान आवश्र्क।
संगणक का ज्ञान आवश्र्क।
अनुभव : २ साल
पूरी जानकारी के साथ आवेदन करें ।
संपकय : प्राचार्य
केंद्रीर् उच्च माध्र्लमक ववद्र्ालर्
मिंगाव गोवा।
Page 28
श्री. ---------------------------------------------------
---------------------------------------------------,
---------------------------------------------------,
---------------------------------------------------।
ददनांक: ---------------------------------------------------
सेवा में,
---------------------------------------------------
---------------------------------------------------,
---------------------------------------------------।
ववषर्: ----------------------------------------------------------------------------------------------------
-----------------------------------------------------------------------------------------------------------।
---------------------------------------------------,
आपके ववज्ञापन ‘नवभारत टाइम्स’ ददनांक १९ माचय २०२४ से मुझे ज्ञात हुआ है कक आपके
ववद्र्ालर् में कारकून का पद ररक्त है । इसके ललए मैं अपने आप को उपस्स्थत करता/करती
हूाँ। मेरी र्ैक्षक्षक र्ोग्र्ताएाँ एवं पररचर् इस प्रकार है ।
१. नाम: ---------------------------------------------------------------------------------
२. जन्म नतचथ तथा आर्ु: ------------------------------------------------------------
३. जन्म स्थल: ------------------------------------------------------------------------
४. ललंग: -------------------------------------------------------------------------------
५. पत्र व्र्वहार (पता): -------------------------------------------------------------
-------------------------------------------------------------
Page 29
--------------------------------------------------------------
६. र्ैक्षक्षक र्ोग्र्ताएाँ: १) -----------------------------------------------------------------------
(गोवा र्ालांत मंिल, प्रमाण पत्र संलग्न है।)
२) ----------------------------------------------------------------------
(गोवा र्ालांत मंिल, प्रमाण पत्र संलग्न है।)
३) ---------------------------------------------------
(गोवा ववश्वववद्र्ालर्, प्रमाण पत्र संलग्न है।)
४) ------------------------------------------------------------------------
-----------------------------------------------------------------------।
५) -----------------------------------------------------------------------।
(प्रमाण पत्र संलग्न है।)
अनुभव: -------------------------------------------------------------- ववद्र्ालर् में कारकून पद पर
२ साल का अनुभव है । (प्रमाण पत्र संलग्न है ।)
छं द/रुची: ------------------------------------------------------------------------------------------------।
संदभय के ललए: १. --------------------------------------------------------------------------------------।
२. ------------------------------------------------------------------------------------------।
Page 30
र्दद उक्त पद पर मेरी ननर्ुस्क्त की गर्ी तो ववश्वास ददलाता/ददलाती हूाँ कक मैं अपने पूणय
ननष्ठा और ववश्वास से कार्य करूाँगा/करूाँगी ।
---------------------------------------------------
---------------------------------------------------
(---------------------------------------------------)
समहप्त
Page 31
Sample Papers
CBSE Sample Papers
ICSE / ISC Board Sample Papers
AP Board Sample Papers
Assam Board Sample Papers
Bihar Board Sample Papers
Chhattisgarh Board Sample Papers
Goa Board Sample Papers
Gujarat Board Sample Papers
Haryana Board Sample Papers
HP Board Sample Papers
J&K State Board Sample Papers
Jharkhand Board Sample Papers
Karnataka Board Sample Papers
Kerala Board Sample Papers
Page 32
Sample Papers
MP Board Sample Papers
Maharashtra Board Sample Papers
Manipur Board Sample Papers
Mizoram Board Sample Papers
Orissa Board Sample Papers
Punjab Board Sample Papers
Rajasthan Board Sample Papers
Tamil Nadu Board Sample Papers
Telangana State Board Sample Papers
Tripura Board Sample Papers
UP Board Sample Papers
Uttarakhand Board Sample Papers
West Bengal Board Sample Papers