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Competency Based Questions Class 6 Hindi

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Competency Based Questions Class 6 Hindi - Page 1 of 24

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About Competency Based Questions Class 6 Hindi

Competency Based Questions Class 6 Hindi is available here for free download. Published by AglaSem for Class 6, this question bank can be viewed online or downloaded as a PDF (24 pages). Candidates preparing for Class 6 can use Competency Based Questions Class 6 Hindi to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download Competency Based Questions Class 6 Hindi?

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Is Competency Based Questions Class 6 Hindi free to download?

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Competency Based Questions Class 6 Hindi – Text

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Page 1

योग्यता आधारित अधधगम
COMPETENCY BASED LEARNING

कक्षा - छठिीं
CLASS- VI

विषय – हिन्द्दी
SUBJECT- HINDI

Page 2

‘िि धचड़िया जो’

प्रश्न-1 दिए गए शब्िों के बहुवचन रूप लिखो।
(क) मैं
(ख) पुस्तक
(ग) मछिी
(घ) लशक्षिका
(ङ) सेवक
प्रश्न-2 जाततवाचक संज्ञा को भाववाचक संज्ञा में बििा जा सकता है।

जाततवाचक संज्ञा - मनष्ु य भाववाचक संज्ञा - मनष्ु यता
(क) िड़का
(ख) लमत्र
(ग) स्त्री
(घ) पशु
(ङ) पंडित
प्रश्न-3 संज्ञा या सववनाम की ववशेषता बताने वािे शब्िों को ववशेषण कहते हैं। इन शब्िों से गुण, रं ग,
आकार, अवस्था, क्रम, संख्या एवं मात्रा की जानकारी प्राप्त होती है । दिए गए उिाहरणों में गुण, रं ग,
आकार, अवस्था, क्रम, संख्या बताओ।
उिाहरण ववशेषण ववशेषता
(क) उसके पास छोटा घोड़ा है ।
(ख) वहााँ िाि गुिाब थे।
(ग) तीसरा िड़का उधर जाए।
(घ) श्यामा भोिी िड़की है।
(ङ) मुझे तीन िजवन केिे चादहए।
प्रश्न-4 क्रक्रया की ववशेषता बताने वािे शब्िों को क्रक्रया-ववशेषण कहते हैं। दिए गए उिाहरणों में क्रक्रया-
ववशेषण शब्िों को अिग करके लिखो।
उिाहरण क्रक्रया-ववशेषण
(क) कुत्ता जोर से भौंका।
(ख) गमी अचानक बढ़ गई।
(ग) ववराट कि घर आएगा।
(घ) महामारी तेजी से फैिेगी।

(ङ) मुझे तीन िजवन केिे चादहए।
प्रश्न-5 दिग्गज, सज्जन। इसी तरह शब्ि के बीच में समान संयुक्त अिर वािे शब्ि लिखो।
(क)

Page 3

(ख)
(ग)
(घ)

(ङ)

‘बचपन’
प्रश्न-6 क्रक्रया शब्िों को संज्ञा शब्िों में बििा जा सकता है। नीचे दिए गए क्रक्रया शब्िों को संज्ञा शब्ि
में बििो।
क्रक्रया शब्ि संज्ञा शब्ि
(क) तैरना
(ख) रोना
(ग) लमिना
(घ) चढ़ना
(ङ) रोपना
प्रश्न-7 क्रक्रया-ववशेषण के चार भेि होते हैं- रीततवाचक, कािवाचक, स्थानवाचक और पररमाणवाचक।
तनम्नलिखखत उिाहरणों में क्रक्रया-ववशेषण के भेि बताओ।
उिाहरण क्रक्रया-ववशेषण
(क) तुम थोड़ा िौड़ो।
(ख) बच्चे वहााँ टहि रहे हैं।
(ग) बाररश अभी होगी।
(घ) हवा तेजी से आती थी।
(ङ) दहरण फुती से उछि पड़ा।
प्रश्न-8 नीचे दिए गए उिाहरणों में सही अथवा गित लिखो।
उिाहरण जवाब
(क) पीिा – ववशेषण
(ख) हमेशा – क्रक्रया ववशेषण
(ग) गुिाबी – संज्ञा
(घ) कूिना – अव्यय
(ङ) हमको – सववनाम
प्रश्न-9 चेहरा खाली-खाली िगने िगा। यहााँ खाली शब्ि का िो बार प्रयोग क्रकया गया है। इसी तरह
दिए गए शब्िों का िो बार प्रयोग करके चार वाक्य लिखो।
(क) बार-बार
(ख) पानी-पानी
(ग) घर-घर
(घ) फूि-फूि

Page 4

प्रश्न-10 किमिान ‘किम’ और ‘िान’ से बना है। इसी तरह दिए गए शब्िों में ‘िान’ जोड़कर अन्य
शब्ि बनाओ।
(क) फूि
(ख) कद्र
(ग) पाय
(घ) रक्त
(ङ) रोशन
प्रश्न-11 दिए गए उिव ू शब्िों के दहन्िी अथव बताओ।
(क) पोशाक
(ख) बारीक़
(ग) इिाज़
(घ) मिि
(ङ) दहम्मत

‘नादान दोस्त’
प्रश्न-12 संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होने वािे शब्िों को सववनाम कहते हैं। सववनाम के छह भेि हैं – (1)
पुरुषवाचक सववनाम, तनजवाचक सववनाम, तनश्चयवाचक सववनाम, अतनश्चयवाचक सववनाम, संबंधवाचक
सववनाम और प्रश्नवाचक सववनाम। दिए गए उिाहरणों में सववनाम के भेि बताओ।
उिाहरण सववनाम
(क) तुम ववद्यािय गए थे।

(ख) घर पर कोई आया है ।

(ग) मोहन कब आएगा?

(घ) वपताजी ने स्वयं भेजा है ।

(ङ) निी के उस पार मेरा घर है।
प्रश्न-13 संस्कृत के जजन शब्िों का रूप बबगड़कर दहन्िी में प्रयोग होने िगा उन्हें तद्भव शब्ि कहा
जाता है। जैसे- प्रस्तर (तत्सम) – पत्थर (तद्भव), िग्ु ध (तत्सम) – िध
ू (तद्भव)।
दिए गए तत्सम शब्िों के रूप लिखो।
तत्सम शब्ि तद्भव शब्ि
(क) ग्राम

(ख) धूम्र

(ग) धररत्री

(घ) यमन
ु ा
(ङ) पुष्प
प्रश्न-14 क्रकसी शब्ि के समान अथव बताने वािे शब्िों को समानाथी शब्ि कहते हैं। जैस–े आकाश के
समानाथी शब्ि हैं - नभ, व्योम, अंबर, शून्य। दिए गए शब्िों के िो-िो समानाथी शब्ि लिखो।

Page 5

िब्द समानाथी शब्ि
(क) बािि
(ख) घर
(ग) पिी
(घ) जंगि
(ङ) शरीर
प्रश्न-15 िी गई पंजक्त को ध्यान से पढ़ो और उचचत ववराम चचह्नों का प्रयोग करके उसे पुन: लिखो।

कहें गी क्रक तूने ही चढ़ाया था क्या करे गी िे खकर अब अंिे बड़े आराम से हैं जब बच्चे तनकिेंगे तो उनको पािेंगे

प्रश्न-16 रीततवाचक क्रक्रया-ववशेषण कायव होने के ढं ग को व्यक्त करता है। जैसे – केशव सकपकाकर
बोिा। दिए गए क्रक्रया-ववशेषण शब्िों का वाक्य-प्रयोग करो।
क्रक्रया-ववशेषण वाक्य-प्रयोग
(क) घबराकर
(ख) चगड़चगड़ाकर
(ग) हाँसकर
(घ) प्रेमपूवक
व
(ङ) शीघ्रता से

‘चााँद से थोिी-सी गप्पें ’
प्रश्न-17 संज्ञा शब्िों को ववशेषण शब्िों में सरिता से बििा जा सकता है। जैसे – गुिाब (संज्ञा) से
गुिाबी (ववशेषण), केन्द्र (संज्ञा) से केन्द्रीय (ववशेषण) दिए गए शब्िों को ववशेषण शब्िों में बििो।

संज्ञा ववशेषण
(क) शहर
(ख) सरकार
(ग) भारत
(घ) चााँि
(ङ) घर
प्रश्न-18 ‘गोि-मटोि’ ववशेष प्रकार का शब्ि-युग्म है । इसी तरह कोई अन्य चार शब्ि-युग्म लिखो।

(क)
(ख)
(ग)
(घ)
(ङ)

Page 6

प्रश्न-19 दहन्िी महीनों के नाम क्रम से िगाओ।
श्रावण, पौष, वैशाख, काततवक, आषाढ़, आजश्वन, चैत्र, मागवशीषव, फाल्गुन, ज्येष्ठ, भाद्रपि, माघ
(1) (7)
(2) (8)
(3) (9)
(4) (10)
(5) (11)
(6) (12)
प्रश्न-20 क्रक्रया के मूि रूप में ‘कर’ जोड़ने से पूवक
व ालिक क्रक्रया बनती है। दिए गए क्रक्रया शब्िों से
पूवक
व ालिक क्रक्रया बनाइए। जैसे : – पकड़ना (पकड़) - पकड़कर (पूवक
व ालिक क्रक्रया)
क्रक्रया पूवक
व ालिक क्रक्रया
(क) भागना
(ख) लिखना
(ग) िे खना
(घ) जीतना
(ङ) सुिगना

‘अक्षिों का मित्त्ि’
प्रश्न-21 क्रकसी शब्ि के मूि से पहिे जुड़कर उस शब्ि के अथव में पररवतवन िाने वािे शब्िांश को
उपसगव कहते हैं। जैसे –अ (उपसगव) + धमव (मूि शब्ि)] = अधमव (अथव में पररवतवन)
इसी तरह दिए गए मूि शब्ि में ‘अ’ उपसगव जोड़कर नए शब्ि बनाओ।
मूि शब्ि अथव में पररवतवन
(क) सत्य
(ख) दृश्य
(ग) पररचचत
(घ) सुर
(ङ) शांतत
प्रश्न-22 जजन वस्तुओं को चगना जा सकता है उनसे पहिे संख्या का प्रयोग करने से संख्यावाची
ववशेषण बनता है । िी गई संख्याओं को चगनी जा सकने वािी वस्तुओं के पहिे िगाओ।
(क) आठ
(ख) पााँच
(ग) सात
(घ) तीन
(ङ) बारह
प्रश्न-23 जजन वस्तओ
ु ं को मापा या तौिा जा सकता है उनसे पहिे संख्या का प्रयोग करने से पररमाण

Page 7

वाचक ववशेषण बनता है। दिए गए शब्िों के साथ संख्या सदहत माप-तौि वािे मात्रक िगाओ।
(क) शहि
(ख) चीनी
(ग) कपड़ा
(घ) घी
(ङ) चावि
प्रश्न-24 तनम्नलिखखत उिाहरणों में व्यजक्तवाचक संज्ञा पहचानो और लिखो।

उिाहरण व्यजक्तवाचक संज्ञा
(क) ब्रह्मपत्र
ु एक निी का नाम है ।
(ख) आगरा औद्योचगक नगर है।
(ग) िता मंगेशकर िोकवप्रय गातयका थीं।
(घ) रामायण धालमवक पुस्तक है ।
(ङ) हररयाणा बहुत समद्
ृ ध प्रिे श है ।
प्रश्न-25 िो वणों के मेि से जो ववकार (पररवतवन) उत्पन्न होता है उसे संचध कहते हैं। स्वर वणों के
मेि को स्वर संचध कहते हैं। ववद्या + आिय = ववद्यािय, रमा + ईश = रमेश
उिाहरण संचध
(क) मेघ + आिय
(ख) रवव + ईश
(ग) धन + अथी
(घ) कवव + इन्द्र
(ङ) िघु + उत्तर
प्रश्न-26 दिए गए शब्िों को संचध-ववच्छे ि (अिग-अिग) करके लिखो।
(क) महे श
(ख) नरे न्द्र
(ग) िे वेश
(घ) सुरेन्द्र
(ङ) राकेश

‘पाि नजि के’
प्रश्न-27 ‘घर पहुाँचते ही बबजिी चिी गई।’ इस वाक्य को ऐसे भी लिखा जा सकता है :- जैसे ही घर
पहुाँचा, बबजिी चिी गई। दिए गए वाक्यों को उिाहरण के अनुसार बििो।
वाक्य वाक्य पररवतवन
(क) सरू ज िूबते ही अाँधेरा हो गया।
(ख) बािि तघरते ही बरसात होने िगी।

Page 8

(ग) बााँसुरी बजते ही राधा नाचेगी।
(घ) गाड़ी रुकते ही िोग उतरने िगे।
(ङ) बारात आते ही ढोि बजने शुरू हो गए।
प्रश्न-28 संचध करके लिखो।

(क) उत्तर + अंचि
(ख) सूयव + अस्त
(ग) अल्प + आहार
(घ) महा + आत्मा
(ङ) सीमा + अंत
प्रश्न-29 मुहावरों के प्रयोग से वाक्य में ववशेष प्रभाव उत्पन्न होता है । जैसे- सोहन ने रुपये िे कर पीछा
छुड़ाया। तनम्नलिखखत वाक्यों में मुहावरों का उचचत प्रयोग करो।
नाम िुबो दिया, पासा पिट गया, कमर कस लिया, अंधा हो गया, नौ िो ग्यारह हो गए

(क) एक छक्का पड़ते ही मैच का .........................
(ख) गैर कानूनी काम करके दिनेश ने अपना ................
(ग) सोहन मोबाइि िेने के लिए ............................
(घ) कुश्ती का खेि िे खकर पहिवान ने .......................
(ङ) चोर सामान िेकर ......................
प्रश्न-30 दिए गए अशुद्ध शब्िों को शुद्ध करके लिखो।

अशद्
ु ध शब्ि शद्
ु ध शब्ि
(क) ववज्ञातनक
(ख) आंतररि
(ग) पमख
ुव
(घ) नीररिक
(ङ) कववतयत्री
प्रश्न-31 दिए गए शब्िों के िो-िो पयावयवाची शब्ि बताओ।
शब्ि पयावयवाची शब्ि
(क) पहाड़
(ख) धरती
(ग) िे व
(घ) अजग्न
(ङ) आाँख

‘साथी िाथ बढ़ाना’
प्रश्न-32 दिए गए सववनाम शब्िों का वाक्य-प्रयोग करो।

सववनाम शब्ि वाक्य-प्रयोग
(क) स्वयं

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(ख) अपने आप
(ग) खुि
(घ) अपने लिए
(ङ) अपने में
प्रश्न-33 िो पिों के बीच ‘और’ शब्ि का िोप होने पर द्वंद्व समास कहिाता है। जैसे :- भाई और
बहन (भाई-बहन) दिन और रात (दिन-रात)। द्वंद्व समास के अन्य कोई पााँच उिाहरण लिखो।
सामालसक पि समास-ववग्रह
(क)
(ख)
(ग)
(घ)
(ङ)
प्रश्न-34 ‘हाथ’ शरीर का एक महत्वपूणव अंग है । दहन्िी में हाथ से संबंचधत कई मुहावरे प्रचलित हैं।
जैसे- हाथ लमिाना = सहयोग करना, हाथ खींचना = सहयोग न करना। हाथ से संबंचधत अन्य चार
मुहावरे लिखो।
मुहावरे अथव
(क)
(ख)
(ग)
(घ)
प्रश्न-35 तनम्नलिखखत शब्िों के दहन्िी अथव बताओ।

शब्ि दहन्िी अथव
(क) खाततर
(ख) मंजजि
(ग) िररया
(घ) क्रकस्मत
(ङ) इरािा
प्रश्न-36 ‘सम्मान’ एवं ‘पत्तन’ शब्िों की तरह ही समान संयुक्त अिर वािे अन्य चार शब्ि लिखो।

(क)
(ख)
(ग)
(घ)
(ङ)
प्रश्न-37 अधरू ी पंजक्तयों को परू ी करो।

पंजक्तयााँ
(क) एक अकेिा थक जाएगा,
(ख) सागर ने रस्ता छोड़ा,

Page 10

(ग) अपना िख
ु भी एक है साथी,
(घ) एक से एक लमिे तो इंसााँ,

‘ऐसे-ऐसे’

प्रश्न-38 जजस वाक्य से क्रकसी कायव या बात के होने का बोध होता है, उसे ववचधवाचक या ववधान
वाचक वाक्य कहते हैं। जैस-े रमेश स्कूि गया है । जंगि में एक शेर था। मैं सरोवर िे खना चाहूाँगा।
कोई अन्य चार ववचधवाचक वाक्य लिखो।
ववचधवाचक वाक्य
(क)
(ख)
(ग)
(घ)
प्रश्न-39 जजस वाक्य से क्रकसी कायव या बात के न होने का बोध होता है, उसे तनषेधवाचक वाक्य कहते
हैं।जैसे- रमेश स्कूि नहीं गया है । जंगि में शेर नहीं था। मैं सरोवर िे खना नहीं चाहूाँगा।
कोई अन्य चार तनषेधवाचक वाक्य लिखो।
तनषेधवाचक वाक्य
(क)
(ख)
(ग)
(घ)
प्रश्न-40 जजस वाक्य से क्रकसी कायव या बात के पछ
ू ने का बोध होता है , उसे प्रश्नवाचक वाक्य कहते
हैं। जैसे- रमेश स्कूि कब गया? शेर कहााँ रहता है? मझ
ु े सरोवर कौन दिखाएगा?
कोई अन्य चार प्रश्नवाचक वाक्य लिखो।
प्रश्नवाचक वाक्य
(क)
(ख)
(ग)
(घ)
प्रश्न-41 जजस वाक्य में कोई कायव को करने के लिए क्रकसी को आिे श दिया जाता है, उसे आिे श या
आज्ञावाचक वाक्य कहते हैं। जैसे- तम
ु िरवाजा बंि करो। मोहन कपड़े अिमारी में रखो। इधर से जाना
मना है। कोई अन्य चार आज्ञावाचक वाक्य लिखो।
आज्ञावाचक वाक्य
(क)
(ख)
(ग)
(घ)
प्रश्न-42 क्रक्रया के जजस रूप से क्रकसी कायव के होने की पण
ू त
व ा या अपण
ू त
व ा का पता चिे उसे ‘काि’
कहते हैं। काि के मुख्यत: तीन प्रकार हैं- वतवमान काि, भूत काि, भववष्य काि।

Page 11

दिए गए वाक्यों में काि बताओ।
वाक्य काि
(क) मैं अपना कायव कर िाँ ग
ू ा।
(ख) पिी गगन में उड़ रहे हैं।
(ग) सीता ने सोने का दहरन िे खा।
(घ) मोर जंगि में नाचते हैं।
प्रश्न-43 कुछ शब्ि ऐसे होते हैं जजनके पहिे ‘अ’ उपसगव जोड़ने से उसका वविोम शब्ि बनता है । जैस-े
सफि में ‘अ’ जोड़ने से अ+सफि = असफि। दिए गए शब्िों के पहिे ‘अ’ जोड़कर शब्ि पुन: लिखो।
शब्ि वविोम शब्ि
(क) शांतत
(ख) कारण
(ग) दहंसा
(घ) सत्य
(ङ) वववेक

‘हिकि-अलबम’
प्रश्न-44 नीचे दिए गए अंकों को शब्िों में लिखो।

अंक शब्ि
(क) 11
(ख) 24
(ग) 53
(घ) 37
(ङ) 75
प्रश्न-45 दिए गए शब्िों के दहन्िी अथव लिखो।

शब्ि दहन्िी अथव
(क) तारीफ़
(ख) मशहूर
(ग) िफ़्तर
(घ) िफ़्तर
(ङ) मंजजि
प्रश्न-46 ‘उत्तर’ का एक अथव है ‘जवाब’ और िस
ू रा अथव है ‘एक दिशा’। ऐसे ही दिए गए शब्िों के िो
लभन्न अथव बनाओ।
शब्ि लभन्न अथव
(क) घन
(ख) पानी
(ग) िि
(घ) अंबर

Page 12

(ङ) हरर
प्रश्न-47 नीचे िी गई पंजक्त को पढ़कर उचचत ववराम चचह्न िगाओ।

(क) “ ” (ख) , (ग) । (घ) ?

पर मेरे पास जो दटकट है वह कहााँ है उसके पास राजप्पा ने क्रफर ििकारा

प्रश्न-48 ‘एक-एक’ का मतिब होता है- हर एक या प्रत्येक। इसी तरह दिए गए शब्ि के जोड़ों का अथव
बताओ।
शब्ि के जोड़े लभन्न अथव
(क) बार-बार
(ख) दिन-दिन
(ग) घर-घर
(घ) वषव-वषव
(ङ) गिी-गिी

‘झााँसी की िानी’
प्रश्न-49 वाक्य में जजस पि से क्रकसी व्यजक्त या वस्तु का संबंध िस
ू रे व्यजक्त या वस्तु से व्यक्त
होता है, उसे संबंध कारक कहते हैं। जैसे – मोहन का भाई, जंगि का राजा इत्यादि। इसी तरह संबध
ं
कारक िशावने वािे कोई चार उिाहरण लिखो।
(क)
(ख)
(ग)
(घ)
(ङ)
प्रश्न-50 शब्ि के मूि रूप में ‘आनी’ प्रत्यय जोड़कर नए शब्ि बनाए जा सकते हैं। जैसे ‘िे वर’ शब्ि में
‘आनी’ प्रत्यय जोड़ने पर नया शब्ि बनता है – िे वर + आनी = िे वरानी
दिए गए शब्िों में ‘आनी’ प्रत्यय जोड़कर नए शब्ि बनाओ।,
(क) नौकर
(ख) जेठ
(ग) लशव
(घ) मिव
(ङ) सेठ
प्रश्न-51 ‘बात’ शब्ि से ‘बततयाना’ शब्ि बनता है। ऐसे ही दिए गए शब्िों की मिि से नए शब्ि
बनाओ।
शब्ि नया शब्ि
(क) हाथ
(ख) साठ
(ग) गााँठ
(घ) माटी

Page 13

(ङ) िाठी
प्रश्न-52 ‘पंचानन’ शब्ि में पंच (पााँच) एक संख्या है। ऐसे ही संख्या वािे अन्य पााँच शब्ि लिखो।

संख्यावाची शब्ि संख्या
(क)
(ख)
(ग)
(घ)
(ङ)
प्रश्न-53 तनम्नलिखखत शब्िों को तद्भव में बििो।

तद्भव शब्ि तत्सम शब्ि
(क) आम
(ख) खेत
(ग) गााँव
(घ) सावन
(ङ) वधू
प्रश्न-54 ‘तिवार’ शब्ि के बहुवचन रूप हैं- तिवारें , तिवारों। इसी तरह दिए गए शब्िों के बहुवचन
रूप बताओ।
शब्ि बहुवचन शब्ि
(क) बुंिेिा
(ख) पुस्तक
(ग) िट्ठा
(घ) आाँख
(ङ) कुिाि
प्रश्न-55 दिए गए शब्िों को शुद्ध करके लिखो।

अशुद्ध शब्ि शुद्ध शब्ि
(क) झान्सी
(ख) क्रकरपान
(ग) आरध्य
(घ) व्यपारी
(ङ) मंिीर
‘जो दे खकि भी निीं’
दे खते’ ‘िार’ प्रत्यय जोड़ने से शब्िों का रूप और अथव िोनों बिि जाता है । जैसे- पहरा + िार =
प्रश्न-56
पहरे िार। नीचे दिए गए शब्िों में िार प्रत्यय जोड़कर पुन: लिखो।
शब्ि नया शब्ि
(क) समझ + िार
(ख) मजा + िार
(ग) मसािा + िार

Page 14

(घ) जोर + िार
(ङ) िक
ू ान + िार
प्रश्न-57 कुछ शब्ि सुनने और पढ़ने में एक जैसे िगते हैं, िेक्रकन उनके अथव एक जैसे नहीं होते। ऐसे
शब्िों को समश्रुत लभन्नाथवक शब्ि कहते हैं। ऐसे ही समश्रुत लभन्नाथवक शब्ि लिखो और उनके अथव को
समझो।
उिाहरण लभन्न अथव
(क) अनि - अतनि
(ख) अंश – अंस
(ग) इत्र – इतर
(घ) प्रसाि – प्रासाि
(ङ) पररणाम - पररमाण
प्रश्न-58 दिए गए शब्िों के वविोम शब्ि बताओ।
उिाहरण वविोम शब्ि
(क) लमत्र
(ख) प्रश्न
(ग) मधुर
(घ) उन्नतत
(ङ) बुद्चधमान
प्रश्न-59 क्रक्रया के मूि रूप में ‘कर’ जोड़ िे ने से पूवक
व ालिक क्रक्रया बनती है । उिाहरण के लिए जाग
(जागना) + कर = जागकर, भाग (भागना) + कर = भागकर। क्रक्रया के मूि रूप से पूवक
व ालिक क्रक्रया
बनाओ।
क्रक्रया पूवक
व ालिक क्रक्रया
(क) गाना
(ख) लिखना
(ग) िौड़ना
(घ) काटना
(ङ) पीना
प्रश्न-60 खेती-बाड़ी से जड़
ु े कायों को करने के लिए कुछ ववशेष प्रकार के औजारों की जरूरत होती है ।
खेती-बाड़ी से संबंचधत क्रकन्हीं पााँच औजारों की सूची बनाकर उसका प्रयोग बताओ।
(क)
(ख)
(ग)
(घ)
(ङ)

‘संसाि पुस्तक िै ’

प्रश्न-61
दे खते’ क्रक्रया के मूि रूप में ‘कर’ जोड़ िे ने से पूवक
व ालिक क्रक्रया बनती है । उिाहरण के लिए जाग
(जागना) + कर = जागकर, भाग (भागना) + कर = भागकर। क्रक्रया के मूि रूप से पूवक व ालिक क्रक्रया
बनाओ।

Page 15

क्रक्रया पूवक
व ालिक क्रक्रया
(क) गाना
(ख) लिखना
(ग) िौड़ना
(घ) काटना
(ङ) पीना
प्रश्न-62 ‘ईिा’ प्रत्यय जोड़कर संज्ञा शब्ि को ववशेषण में बििा जा सकता है। जैसे- पत्थर + ईिा =
पथरीिा। ‘ईिा’ प्रत्यय जोड़कर संज्ञा शब्िों को ववशेषण में बििो।
संज्ञा ववशेषण
(क) नशा
(ख) रं ग
(ग) रस
(घ) जहर
(ङ) बफव
प्रश्न-63 ववशेषण जजस व्यजक्त, वस्तु, स्थान या प्राणी की ववशेषता बताता है उसे ववशेष्य कहते हैं।
जैसे – ‘नीिा कुताव’ यहााँ ‘नीिा’ शब्ि ‘कुताव’ की ववशेषता बता रहा है अत: ‘कुताव’ ‘ववशेष्य’ है । नीचे दिए
गए शब्िों के लिए उचचत ववशेष्य सोचकर लिखो।
ववशेषण-ववशेष्य ववशेष्य
(क) वविे शी नागररक
(ख) सरकारी नौकर
(ग) जहरीिा सााँप
(घ) चचत्तीिार दहरण
(ङ) गुणवान बािक
प्रश्न-64 जजन शब्िों के रूप में लिंग, वचन, पुरुष, कारक अथवा काि के कारण कोई बििाव नहीं
होता है, उन शब्िों को अव्यय कहा जाता है। तनम्नलिखखत वाक्यों से अव्यय शब्ि अिग करके लिखो।
वाक्य अव्यय
(क) उसने पूछा इसलिए बताया।
(ख) उधर कोई रहता है।
(ग) राधा और कृष्ण दिखाई दिए।
(घ) बोिो क्रकन्तु आवाज न हो।
(ङ) लशिक ने बताया, कि परीिा होगी।
प्रश्न-65 दिए गए योजक शब्िों का उचचत प्रयोग करो। और, चाँ क्रू क, अभी, िेक्रकन, क्योंक्रक

(क) फ़सि अच्छी थी ............ बाररश ने चौपट कर दिया।
(ख) राम को चौिह वह का वनवास ........ भारत को राजगद्िी िी गई।
(ग) तोते आम खा गए .................. आम कच्चे थे।
(घ) ............... अाँधेरा हो गया था इसलिए कुछ दिखाई नहीं िे रहा था।
(ङ) सोहन ............ घर नहीं आया है।
प्रश्न-66 तनम्नलिखखत शब्िों को बहुवचन में बििो।

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शब्ि बहुवचन
(क) कथा
(ख) िता
(ग) ववद्वान
(घ) तारा
(ङ) घाटी

‘मैं सबसे छोिी िोऊाँ’

दे खते’ तनम्नलिखखत एक से िगते शब्िों में क्या अंतर है।
प्रश्न-67
शब्ि अथव
(क) तनधन, तनधवन
(ख) गह
ृ , ग्रह
(ग) अपेिा, उपेिा
(घ) शूर, सूर
(ङ) समान, सामान
प्रश्न-68 जब िो शब्ि जुड़कर एक नया अथव िे ते हैं तो ऐसे शब्ि यौचगक शब्ि कहिाते हैं। पाठ +
शािा = पाठशािा। तनम्नलिखखत शब्िों को जोड़कर यौचगक शब्ि बनाओ।
उिाहरण यौचगक शब्ि
(क) स्तंभ + िेख
(ख) िाक + खाना
(ग) भारत + वासी
(घ) जगत + गुरु
(ङ) वन + राज
प्रश्न-69 तनम्नलिखखत ववशेषण शब्िों को संज्ञा शब्ि में बििो।
ववशेषण शब्ि संज्ञा शब्ि
(क) चतुर
(ख) स्वतंत्र
(ग) मधुर
(घ) कुदटि
(ङ) ववनम्र
प्रश्न-70 नीचे दिए गए शब्िों के िो-िो समानाथी शब्ि बताओ।
शब्ि समानाथी शब्ि
(क) क्रकरण
(ख) शरीर
(ग) प्रेम
(घ) मााँ
(ङ) निी
प्रश्न-71 तनम्नलिखखत वाक्यों में ‘तुम’ के स्थान पर ‘मैं’ का प्रयोग करके वाक्य िोबारा लिखो।

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वाक्य समानाथी शब्ि
(क) तुम बहुत चतुर हो।
(ख) तुम घर में रहोगे।
(ग) तुमने अपनी किा दिखाई।
(घ) तुमसे कुछ नहीं होगा।
(ङ) तम्
ु हारे लिए सब कुछ क्रकया गया।

‘लोकगीत’
प्रश्न-72 ‘िोक’ शब्ि के बाि कोई भी उचचत शब्ि जोड़कर नए शब्ि बनाओ।
उिाहरण यौचगक शब्ि
(क) िोक + िोकनत्ृ य
(ख) िोक + िोकवप्रय
(ग) िोक + िोकगीत
(घ) िोक + िोकधुन
(ङ) िोक + िोकिशवन
प्रश्न-73 मुाँह बबचकाना, मुाँह फैिाना, मुाँह दिखाना, मुाँह बनाना– ये सभी सामान्य अथव न िे कर ववशेष
अथव का बोध कराते हैं। अत: इन्हें मुहावरा कहा जाता है । इसी तरह ‘हाथ’ शब्ि से जुड़े मुहावरे खोज
कर लिखो।
मुहावरा अथव
(क) हाथ
(ख) हाथ
(ग) हाथ
(घ) हाथ
(ङ) हाथ
प्रश्न-74 ‘भाई-बहन’ समास का ववग्रह करके ‘भाई और बहन’ लिखा जाता है। ऐसे ही द्वंद्व समास के
कोई पााँच उिाहरण बताओ।
समास समास-ववग्रह
(क) रात-दिन
(ख) माता-वपता
(ग) घर-द्वार
(घ) धनी-तनधवन
(ङ) राम-िक्ष्मण
प्रश्न-75 तनम्नलिखखत राज्यों के िोकनत्ृ य का नाम लिखो।

राज्य िोकनत्ृ य
(क) पंजाब
(ख) असम
(ग) राजस्थान
(घ) तलमिनािु

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(ङ) मखणपुर
प्रश्न-76 ववववध अवसरों एवं महीनों में गाए जाने वािे िोकगीतों के नाम बताओ।

राज्य िोकगीत
(क) सावन
(ख) होिी
(ग) जन्म
(घ) वववाह
(ङ) नवरात्र

‘नौकि’
प्रश्न-77 ‘गाना गाने वािा’ - शब्िों के इस समूह के लिए एक शब्ि है ‘गायक’। इसी तरह दिए गए
अनेक शब्िों के लिए एक शब्ि लिखखए।
शब्िों का समह
ू एक शब्ि
(क) रात में घम
ू ने वािा
(ख) चार भज
ु ाओं वािा
(ग) फि खाकर रहने वािा
(घ) साथ पढ़ने वािा
(ङ) रास्ता दिखाने वािा
प्रश्न-78 क्रक्रया के मूि रूप के अंत में ‘आवट’ प्रत्यय जोड़ने से संज्ञा शब्ि बनता है । जैस-े लिखना
क्रक्रया शब्ि है, इसका मूि रूप लिख है । इसमें ‘आवट’ जोड़ने से ‘लिखावट’ शब्ि बनता है । इसी तरह
दिए गए क्रक्रया शब्िों को संज्ञा शब्ि में बििो।
क्रक्रया शब्ि संज्ञा शब्ि
(क) सजना
(ख) बुनना
(ग) लमिना
(घ) बनना
(ङ) जमना
प्रश्न-79 तनम्नलिखखत शब्िों की वतवनी शुद्ध करके लिखो।
अशुद्ध शब्ि शुद्ध शब्ि
(क) अततथी
(ख) िोकावप्रय
(ग) नीमंबत्रत
(घ) लशवीर
(ङ) राजतनतीक
प्रश्न-80 लसिाई-कढ़ाई से संबंचधत कोई छह शब्ि बताओ।
शब्ि प्रयोग
(क)
(ख)

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(ग)
(घ)
(ङ)
(च)
प्रश्न-81 शब्ि के जजस रूप से पुरुष जातत की पहचान होती है उसे पुलिंग शब्ि कहते हैं।
जैसे- मोहन, हाथी, गण
ु वान इत्यादि।
शब्ि के जजस रूप से स्त्री जातत की पहचान होती है उसे स्त्रीलिंग कहते हैं।
जैसे- राधा, हचथनी, गण
ु वती।
तनम्नलिखखत शब्िों-समह
ू से पलु िंग और स्त्रीलिंग शब्िों को अिग करके लिखो।
नौकर, छात्रा, सब्जी, कैिी, बद्
ु चधमान, पानी, चगिास, श्रीमती, हंलसनी, सेठ
पलु िंग शब्ि स्त्रीलिंग शब्ि
(क)
(ख)
(ग)
(घ)
(ङ)

‘िन के मागग में ’
प्रश्न-82 संज्ञा या सववनाम के जजस रूप से वाक्य के अन्य शब्िों के साथ उसके संबंध का बोध होता है, उसे
‘कारक’ कहते हैं। कारक की कुि संख्या आठ है । 1- कताव कारक (ने), 2- कमव कारक (को), 3- करण कारक (के
द्वारा, से), 4- सम्प्रिान कारक (के लिए ), 5- अपािान कारक (से अिग, िरू ), 6- संबंध कारक (का, की, के,
ना, नी, ने, रा, री, रे ), 7- अचधकरण कारक (में . पर), 8- संबोधन कारक (हे , हो)
तनम्नलिखखत वाक्यों के रे खांक्रकत पिों में कारक पहचानो।
वाक्य कारक
(क) श्रीराम नगि से तनकिकर चि पड़े।
(ख) माथे पर पसीने की बाँदें छिक आईं।
(ग) िन में पणवकुटी बनाई गई।
(घ) िक्ष्मण जल लेने के शलए जंगि में गए।
(ङ) राम ने िाजमिल को छोड़ दिया।
(च) सीता ने श्रीराम की ओर िे खा
प्रश्न-83 कारक संबंधी अशुद्चध को िरू करके शुद्ध वाक्य लिखो।
अशुद्ध वाक्य शुद्ध वाक्य
(क) मुझको बहुत बि है ।
(ख) गंगा दहमािय में तनकिती है।
(ग) बंिर पेड़ में रहता था।
(घ) वह बस पर जाएगा।
(ङ) यह काम आपने करना है।
प्रश्न-84 तनम्नलिखखत शब्िों के पुलिंग रूप लिखो।

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स्त्रीलिंग शुद्ध वाक्य
(क) मािक्रकन
(ख) शेरनी
(ग) िे वरानी
(घ) राजकुमारी
(ङ) सम्राज्ञी
प्रश्न-85 दिए गए शब्िों के शद्
ु ध रूप बताओ।

स्त्रीलिंग शुद्ध वाक्य
(क) बधू
(ख) िखख
(ग) िररका
(घ) जातन कै
(ङ) तनकसीं
प्रश्न-86 तनम्नलिखखत वाक्यों का पिक्रम सही करके लिखो।

अशुद्ध पिक्रम शुद्ध पिक्रम
(1) चि पड़े अयोध्या से तनकिकर राम और िक्ष्मण।
(2) आतुरता िे खकर सीताजी की श्रीराम रुक गए।
(3) श्रीराम कााँटे तनकािने िगे िर तक।
(4) आाँखों में आाँसू आ गए सीताजी के।
(5) पानी िेने के लिए गए िक्ष्मण वन में।

‘सााँस-सााँस में बााँस’
प्रश्न-87 तनम्नलिखखत शब्िों के वविोम शब्ि बताओ।
शब्ि वविोम शब्ि
(1) जीत
(2) संतष्ु ट
(3) िघु
(4) कठोर
(5) उन्नतत
(6) सघन
प्रश्न-88 ‘िार’ प्रत्यय जोड़कर पााँच शब्ि बनाओ। जैस-े पहरे िार, मज़ेिार

शब्ि नया शब्ि
(1) घेर
(2) चमक
(3) िच्छा
(4) जािी
(5) कााँटा

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प्रश्न-89 दिए गए शब्िों को बहुवचन में बििो।

एकवचन बहुवचन
(1) टोकरी
(2) राज्य
(3) जंगि
(4) शाखा
(5) कााँटा
प्रश्न-90 वव + लभन्न = ववलभन्न इसी तरह ‘वव’ उपसगव से अन्य शब्ि बनाओ।

उपसगव नया शब्ि
(1) वव + मोहन
(2) वव + ज्ञान
(3) वव + िुप्त
(4) वव + नम्र
(5) वव + वाि
प्रश्न-91 जजन वणों के उच्चारण में मुख और नाक िोनों की सहायता िी जाती है उन वणों को
अनुनालसक या नालसक्य कहा जाता है । इसे वणव के ऊपर चन्द्र बबंि ु िगाकर दिखाया जाता है । यहााँ
दिए गए उिाहरण के अनुसार अनुनालसक वािे िस शब्ि लिखो। जैसे – िााँत, सााँप।
(1) (6)
(2) (7)
(3) (8)
(4) (9)
(5) (10)
प्रश्न-92 मनुष्य के हाथ की पााँचों अाँगुलियों के नाम तथा उन अाँगुलियों की कोई एक ववशेषता बताओ।
अाँगुलियों के नाम ववशेषता
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
प्रश्न-93 चहि-पहि, चमक-िमक। इसी तरह बबना मात्रा वािे शब्ि के जोड़े खोजकर लिखो।

(1) (6)
(2) (7)
(3) (8)
(4) (9)
(5) (10)

अततरिक्त प्रश्न

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प्रश्न-94 तनम्नलिखखत संख्याओं को क्रमसूचक संख्या में बििो।
(1) एक
(2) चार
(3) सात
(4) बारह
(5) बाइस
प्रश्न-95 जग्गा, तल्िी, िब्बू । इसी तरह शब्ि के मध्य में समान संयुक्त अिर वािे शब्ि बताओ।

(1) (6)
(2) (7)
(3) (8)
(4) (9)
(5) (10)
प्रश्न-96 बबकना में ‘आऊ’ प्रत्यय जोड़ने से ‘बबकाऊ’ शब्ि बनता है । इसी तरह क्रक्रया शब्िों में ‘आऊ’
प्रत्यय जोड़कर नए शब्ि बनाओ।
(1) चिना
(2) दटकना
(3) कमाना
(4) ऊबना
(5) जिना
प्रश्न-97 शब्ि के पहिे उपसगव जोड़कर नए शब्ि बनाए जाते हैं। जैसे- प्रतत + कर = प्रततकर, प्रतत +
मान = प्रततमान। ऐसे ही ‘प्रतत’ उपसगव जोड़कर नए शब्ि बनाओ।
उपसगव नया शब्ि
(1) प्रतत +
(2) प्रतत +
(3) प्रतत +
(4) प्रतत +
(5) प्रतत +
प्रश्न-98 ‘फुटबाि’ खेि का आाँखों िे खा हाि सुनना बहुत रोचक होता है । इस खेि से जुड़े आठ शब्ि
लिखखए।
(1) (6)
(2) (7)
(3) (8)
(4) (9)
(5) (10)
प्रश्न-99 तनम्नलिखखत शब्िों की वतवनी सही करके लिखो।
अशुद्ध वतवनी वािे शब्ि शुद्ध वतवनी वािे शब्ि
(1) ववषेश
(2) वपरथवी

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(3) मोहीत
(4) सैनीक
(5) औसर
प्रश्न-100 क्रक्रया शब्िों को संज्ञा शब्िों में बििा जा सकता है । जैस-े क्रक्रया : खेिना – संज्ञा : खेि
तनम्नलिखखत शब्िों को संज्ञा में बिलिए-
क्रक्रया शब्ि संज्ञा शब्ि
(1) जीतना
(2) िौड़ना
(3) हाँसना
(4) लिखना
(5) उड़ना
प्रश्न-101 आपकी किा के लिए तैयार क्रकया गया ििता आधाररत प्रश्नों का यह संग्रह बहुत उपयोगी
है। इस ववषय पर अपनी िािीजी या नानीजी को लिखकर बताओ।

प्रश्न-102 कोई ऐसी कववता अपनी कायव-पुजस्तका में लिखो जजसे सुनाना आपको बहुत पसंि है।

प्रश्न-103 कोई ऐसी प्रेरक बात (सजू क्त) लिखो जो आपके वपताजी हमेशा याि रखना चाहें ।

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प्रश्न-104 तनम्नलिखखत शब्िों को वणवमािा के क्रम में िगाओ।

जनक, बेचैन, कंठ, साहस, ितु नया, अाँधेरा, नयन, ववनीत, ताप, गणेश।
(1) (6)
(2) (7)
(3) (8)
(4) (9)
(5) (10)
प्रश्न-105 दिए गए शब्िों के अथव बताओ। जैसे : अंबर – आकाश।
शब्ि शब्िाथव
(1) तम
(2) कोष
(3) मोि
(4) वायु
(5) कवप
प्रश्न-106 आम और नीबू के बीच बातचीत की कल्पना करके अपनी कायव-पजु स्तका में लिखो।
आम-
नीबू-
आम-
नीबू-
आम-
नीबू-
आम-
नीबू-
आम-
नीबू-

द्िािा
सन्तोष कुमार कुशवाहा
प्रलशिण सहायक (दहन्िी)
के.वव.सं., लशिा एवं प्रलशिण का आंचलिक संस्थान, चंिीगढ़
.......................................x........................................................x.............................................

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Updated24 Sep 2026