aglasem.com
Home Schools Admission Career Mock Test PDF Docs Playground
ClassChoose class
StateSelect state

CBSE Class 12 Sample Paper 2026 for Hindi Core

Download CBSE Class 12 Sample Paper 2026 for Hindi Core. Here at aglasem.com get latest CBSE Model Papers with Answers to prepare better for your upcoming board exam 2026. CBSE Class 12 Hindi Core Sample Question Paper 2026 is given below. More Detail
CBSE Class 12 Sample Paper 2026 for Hindi Core - Page 1 of 12

Finished viewing? Save it for later —

Download CBSE Class 12 Sample Paper 2026 for Hindi Core (PDF · 12 pages)
Downloaded 49 times

About CBSE Class 12 Sample Paper 2026 for Hindi Core

CBSE Class 12 Sample Paper 2026 for Hindi Core is available here for free download. Published by CBSE for Class 12, this sample paper can be viewed online or downloaded as a PDF (12 pages). Candidates preparing for Class 12 can use CBSE Class 12 Sample Paper 2026 for Hindi Core to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download CBSE Class 12 Sample Paper 2026 for Hindi Core?

Open this page and click the Download button to save CBSE Class 12 Sample Paper 2026 for Hindi Core as a PDF. It is completely free on AglaSem Docs.

Is CBSE Class 12 Sample Paper 2026 for Hindi Core free to download?

Yes. CBSE Class 12 Sample Paper 2026 for Hindi Core can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does CBSE Class 12 Sample Paper 2026 for Hindi Core have?

CBSE Class 12 Sample Paper 2026 for Hindi Core contains 12 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 12 study material?

You can find more Class 12 question papers, sample papers, syllabus, and answer keys on AglaSem Docs.

CBSE Class 12 Sample Paper 2026 for Hindi Core – Text

Read the full text of this sample paper below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.

📄 View text version (12 pages)

Page 1

CBSE BOARD

SAMPLE
PAPER
2026

DOWNLOAD

Page 2

ह िंदी (आधार) हिषय कोड – (302)

प्रहिदर्श प्रश्न पत्र*
कक्षा – बार िी िं (2025-26)

हिधाशररि समय: 03 घिंटे अहधकिम अिंक : 80 अिंक

सामान्य हिदे र् :-
 णनम्नणिखिर् णनदे शोां को बहुर् सावधानी से पणिए और उनका पािन कीणजए :-
 यह प्रश्न-पत्र र्ीन िण्ोां में णवभाणजर् है ।
 िांड - क में अपणिर् बोध पर आधाररर् प्रश्न पूछे गए हैं । सभी प्रश्नोां के उत्तर दे ना अणनवायत है ।
 िांड - ि में पाठ्यपुस्तक अणभव्यखि और माध्यम से प्रश्न पूछे गए हैं । प्रश्नोां में आां र्ररक णवकल्प णदए
गए हैं ।
 िांड - ग में पाठ्यपुस्तक आरोह र्र्ा णवर्ान से प्रश्न पूछे गए हैं । प्रश्नोां में आां र्ररक णवकल्प णदए गए
हैं ।
 र्ीनोां िांडोां के प्रश्नोां के उत्तर दे ना अणनवायत है ।
 यर्ासांभव र्ीनोां िांडोां के प्रश्नोां के उत्तर क्रमशः णिखिए।

प्रश्न खिंड - क (अपहिि बोध) अिंक
सिंख्या (18)

1. हिम्नहिखखि गद्ािंर् पर आधाररि पूछे गए प्रश्नोिं के उत्तर दीहिए :- (10)

णमट्टी का जो अर्त पृथ्वी के णिए है , वही णशक्षकोां का समाज के णिए है । जैसे णमट्टी

पृथ्वी को बनार्ी है , णशक्षक वह आधार है , णजससे मानव पीिी-दर-पीिी हर प्रकार
से सहायर्ा पार्ा है र्र्ा ज्ञान अणजतर् कर काम करर्ा है । जैसे णमट्टी बीज को

सांरक्षि दे र्ी है और पौधे की जड़ोां की भौणर्क रूप से मदद करर्ी है णक वे उपजे
बिें , पूितर्ः णवकणसर् होकर बीज बनाएँ और जीवन चक्र पूरा करें , वैसे ही णशक्षक

युवा मन को र्ैयार करर्े हैं , मागतदशतन करर्े हैं णक वे सफि होां और णवकास का
केंद्र बनें। जैसे णमट्टी में सही अनुपार् में र्त्त्व उपिब्ध होर्े हैं और जो पौधे उसमें
उग रहे हैं , णमट्टी उन्हें पोषक र्त्त्व उपिब्ध करार्ी है , णशक्षक अपने अांदर

Page 3

परां पराओां को सांजोर्े हैं । णशक्षक णवद्याणर्तयोां के आवे ग को समेटर्े हैं और जो

नौजवान णवद्यार्ी शैर्ान होर्े हैं , उन्हें रास्ते पर िार्े हैं । णशक्षक सांस्कृणर् को
सँभािर्े है और उसे बेहर्र बनार्े हैं । अांर् में, जैसे णमट्टी मनुष्ोां के सार्-सार्

सभी जीवोां को, जो पृथ्वी के ऊपर और अांदर हैं , आधार उपिब्ध करार्ी है वैसे
ही णशक्षकोां पर ही ‘समाज’ की इमारर् िड़ी होर्ी है ।

पृथ्वी को वास्तणवकर्ा का प्रर्ीक माना जार्ा है । अपने वृ हद् रूप में 'वास्तणवकर्ा'
में सबकुछ सखिणिर् होर्ा है , जैसे णक वह दे िा या महसूस णकया जा सकर्ा है ,

उसे समझा जा सकर्ा है , वह वैज्ञाणनक- दाशतणनक या अन्य णकसी प्रणक्रया से
णवश्लेषि करने पर र्कत की कसौटी पर सही नहीां बैिर्ा।

(स्रोि - डॉ. ए.पी.िे. अब्दु ि किाम, पुस्तक-हिियी भि, से साभार)

(क) णशक्षक और समाज णकसके प्रर्ीक हैं :- 1

i. बीज और पौधे
ii. णमट्टी और धरर्ी
iii. णमट्टी और पोषक र्त्त्व
iv. धरर्ी और पौधोां के

(ि) णशक्षक णवद्याणर्तयोां के आवेग को समेटर्े हैं और जो नौजवान णवद्यार्ी शैर्ान होर्े 1
हैं , उन्हें रास्ते पर िार्े हैं । इस पांखि से हमें पर्ा चिर्ा है णक णशक्षकोां को:-

i. सारा ज्ञान प्राप्त है ।
ii. समाज की इमारर् िड़ी करनी है ।
iii. मानव पीिी की सहायर्ा करनी होर्ी है ।
iv. बाि मनोणवज्ञान की समझ होर्ी है ।

(ग) णनम्नणिखिर् कर्नोां पर णवचार कीणजए - 1
कर्न (I) : णशक्षक युवा मन को पहचानर्े हैं ।
कर्न (II) : णशक्षक णमट्टी की भाँ णर् सांरक्षक की भूणमका णनभार्े हैं ।
कर्न (III) : णशक्षक सांस्कृणर् के सांचार के वाहक होर्े हैं ।
कर्न (IV) : णशक्षक पृथ्वी जैसा भार ढोर्े हैं ।
गद्याां श के अनुसार कौन - सा/ से कर्न सही हैं ?
i. केवि कर्न (I) और (II) सही हैं ।

Page 4

ii. केवि कर्न (II) सही है ।
iii. केवि कर्न (I), (II) और (III) सही हैं ।
iv. केवि कर्न (III) और (IV) सही हैं ।

(घ) समाज की इमारर् से िेिक का क्या अणभप्राय है ? 1

(ङ) णशक्षक को समाज का आधार क्योां माना गया है ? 2

(च) णशक्षक सांरक्षक की भूणमका का णनवतहन कैसे करर्ा है ? 2

(छ) णमट्टी की पौधे के णिए क्या भूणमका है ? णशक्षक से इसे कैसे जोड़ा गया है ? 2

2. हदए गए पद्ािंर् पर आधाररि पूछे गए प्रश्नोिं के उत्तर दीहिए :- (08)

ऊँचे पहाड़ पर, पेड़ नहीां िगर्े ,
पौधे नहीां उगर्े , न घास ही जमर्ी है ।
ऐसी ऊँचाई,
णजसका परस, पानी को पत्थर कर दे ,
ऐसी ऊँचाई, णजसका दरस हीन भाव भर दे ,
अणभनांदन की अणधकारी है ,

आरोणहयोां के णिए आमांत्रि है ,
उस पर झांडे गाड़े जा सकर्े हैं ,
सच्चाई यह है णक
केवि ऊँचाई ही काफी नहीां होर्ी,
सबसे अिग-र्िग, पररवेश से पृर्क,
अपनोां से कटा-बँटा,
शून्य में अकेिा िड़ा होना,
पहाड़ की महानर्ा नहीां, मजबूरी है ।
जो णजर्ना ऊँचा, उर्ना एकाकी होर्ा है ,
हर भार को स्वयां ढोर्ा है , चेहरे पर मुस्कानें णचपका,
मन ही मन रोर्ा है ।
(स्रोि:- कहििा –ऊँचाई, कहि-अटि हब ारी िािपेयी)

Page 5

(क) कणवर्ा में पहाड़ शब्द णकसकी ओर सांकेर् कर रहा है ? 1
i. णवद्वान
ii. बड़े िोग
iii. नायक
iv. धनी
(ि) कणव के अनुसार पहाड़ की मजबूरी का णनणहर्ार्त क्या है ? 1

i. अत्यणधक ऊँचा होने से अकेिे रह जाना
ii. बड़े िोग अपने गुिोां के कारि अकेिे रह जार्े हैं
iii. ऊँचाई – णनचाई के अांर्र के कारि अकेिे न रह पाना
iv. अपनी पहचान बनाने की मज़बूरी में अकेिे रहना
(ग) णनम्नणिखिर् में से कणवर्ा का ममत क्या हो सकर्ा है ? 1

i. पहाड़ की महानर्ा स्र्ाणपर् करना
ii. पवतर्ोां के सौांदयत को उकेरना
iii. मानव के एकाकी होने के कारि का णवश्लेषि
iv. मनुष् के प्रकृणर् प्रे म की भावाणभव्यखि

(घ) कणव के अनुसार आरोणहयोां के णिए क्या आमांत्रि है ? 1

(ङ) पहाड़ अणभनांदन का अणधकारी क्योां है ? 2

(च) कणव के अनुसार – ‘णजसका दरस हीन भाव भर दे ’ से क्या र्ात्पयत है ? 2

प्रश्न खिंड – ख (अहभव्यखि और माध्यम पुस्तक पर आधाररि प्रश्न) अिंक
सिंख्या (22)
3. णनम्नणिखिर् णदए गए णवषयोां में से णकसी एक णवषय पर िगभग 120 शब्दोां में 01x06=06
रचनात्मक िेि णिखिए :-
 झरोिे से बाहर

 दीया और र्ू फान

 एक कामकाजी मणहिा की शाम
4. णनम्नणिखिर् प्रश्नोां को ध्यानपू वतक पिकर णकन्हीां चार प्रश्नोां के िगभग 40 शब्दोां में 04x02 =
उत्तर दीणजए :- 08

(क) डे डिाइन से क्या अणभप्राय है र्र्ा यह क्योां आवश्यक होर्ी है ? 2

Page 6

(ि) रे णडयो समाचार की भाषा के णवषय में अपने णवचार व्यि करें । 2

(ग) सांपादकीय िेिन से आप क्या समझर्े हैं ? 2

(घ) फीचर क्या है ? 2

(ङ) बीट णकसे कहर्े हैं ? स्पष्ट कीणजए। 2

5. णनम्नणिखिर् प्रश्नोां को ध्यानपूवतक पिकर णकन्हीां दो प्रश्नोां के िगभग 80 शब्दोां में 02x04 =
उत्तर दीणजए :- 08

(क) नाटक और कहानी में क्या अांर्र है ? कहानी की र्ुिना में नाटक को िांबे समय 4
र्क िोग क्योां याद रिर्े हैं ?

(ि) रे णडयो नाटक में सांवाद की क्या णवशेषर्ाएँ हैं ? 4

(ग) अप्रत्याणशर् णवषयोां को िेि का नाम क्योां णदया जार्ा है ? 4

प्रश्न खिंड - ग (पाठ्यपुस्तक आरो िथा हििाि पर आधाररि प्रश्न) अिंक
सिंख्या (40)
6. हिम्नहिखखि काव्यािंर् पर आधाररि पूछे गए प्रश्नोिं के सिाशहधक उपयुि 05x01=05
उत्तर िािे हिकल्प चुिकर हिखखए :-
छोटा मेरा िेर् चौकोना
कागज़ का एक पन्ना,
कोई अांधड़ कहीां से आया
क्षि का बीज वहाँ बोया गया ।
कल्पना के रसायनोां को पी
बीज गि गया णन:शेष;
शब्द के अांकुर फूटे ,
पल्लव-पुष्ोां से नणमर् हुआ णवशेष।
झूमने िगे फि,
रस अिौणकक,
अमृर् धाराएँ फुटर्ीां

Page 7

रोपाई क्षि की,
कटाई अनांर्र्ा की
िुटर्े रहने से ज़रा भी नहीां कम होर्ी।
रस का अक्षय पात्र सदा का
छोटा मेरा िेर् चौकोना
(क) कणव के अनुसार कागज़ का पन्ना णकसका प्रर्ीक है ? 1

i. बीज
ii. शब्द
iii. क्षि
iv. िेर्

(ि) कॉिम 1 को कॉिम 2 से सुमेणिर् कीणजए और सही णवकल्प चुनकर णिखिए। 1
कॉिम 1 कॉिम 2
I क्षि का बीज भावात्मक उद्वे ग
(1)
II अांधड़ असीणमर् रसास्वादन
(2)
III कटाई अनांर्र्ा की रचना णवचार और अणभव्यखि
(3)
i. I-(2), II-(1), III-(3)
ii. I-(1), II-(3), III-(2)
iii. I-(1), II-(2), III-(3)
iv. I-(3), II-(1), III-(2)

(ग) णनम्नणिखिर् में से कणवर्ा का ममत णकसे कहा जा सकर्ा है ? 1

i. िेर्ी की प्रणक्रया
ii. कणव कमत के चरि
iii. आँ धी और बीज का सां बांध
iv. कागज़ और िेर् की समानर्ा

(घ) णनम्नणिखिर् कर्न और कारि को ध्यानपूवतक पणिए और सही णवकल्प चुनकर 1
णिखिए।
कर्न: कणवर्ा की कटाई अनांर्र् है ।
कारि: कणवर्ा णििे जाने के बाद पिने पर सदा रस प्रदान करर्ी है ।
i. कर्न सही है , कारि गिर् है ।
ii. कर्न सही नहीां है , कारि सही है ।

Page 8

iii. कर्न र्र्ा कारि, दोनोां सही हैं , णकांर्ु कारि कर्न की सही व्याख्या नहीां
करर्ा।
iv. कर्न र्र्ा कारि, दोनोां सही हैं , कारि कर्न की सही व्याख्या करर्ा
है ।

(ङ) कणव के अनुसार उसका कागज़ का पन्ना - रस का अक्षय पात्र क्योां है ? 1

i. यह णचरकाि र्क आनांद दे र्ा है
ii. यह कभी नष्ट नहीां होर्ा
iii. इसमें अमृर् है
iv. यह अिौणकक है

7. हिम्नहिखखि प्रश्नोिं को ध्यािपूिशक पढ़कर हकन्ी िं दो प्रश्नोिं के िगभग 60 र्ब्दोिं 02x03 =
में उत्तर दीहिए :- 06

(क) आत्मपररचय कणवर्ा में कणव एक ओर जग-जीवन का भार णिए घूमने की बार् 3
करर्ा है और दू सरी ओर मैं कभी न जग का ध्यान णकया करर्ा हँ - णवपरीर् से
िगर्े इन कर्नोां पर आपका क्या मर् है ?

(ि) सावन और भादो के महीने बीर् जाने के बाद प्रकृणर् में जो पररवर्तन कणव ने पर्ांग 3
कणवर्ा में बर्ाए हैं , उनका वितन अपने शब्दोां में करें ।

(ग) कणवर्ा के बहाने पाि में कणव के अनुसार ‘णबना मुरझाए महकने के माने क्या 3
होर्े हैं ?

8. हिम्नहिखखि प्रश्नोिं को ध्यािपूिशक पढ़कर हकन्ी िं दो प्रश्नोिं के िगभग 40 र्ब्दोिं 02x02 =
में उत्तर दीहिए :- 04

(क) “हम समर्त शखिवान और हम एक दु बति को िाएँ गे ”- कणवर्ा- कैमरे में बांद 2
अपाणहज की प्रस्तुर् पांखि में कणव ने क्या व्यांग्य णकया है ?

(ि) उषा कणवर्ा के प्रस्तुर् काव्याां श का भाव-सौांदयत बर्ाइए- "बहुर् कािी णसि ज़रा 2
से िाि केसर से णक जैसे धुि गई हो।"

(ग) िक्ष्मि मूणछत र् र्े और सांपूित वार्ावरि में शोक छाया हुआ र्ा। र्ब हनुमान का 2
आना करुि रस में वीर रस के आने जैसा क्योां प्रर्ीर् होर्ा है ? िक्ष्मि-मूछात और
राम का णविाप कणवर्ा के आधार पर उत्तर दीणजए।

Page 9

9. हिम्नहिखखि गद्ािंर् पर आधाररि पूछे गए प्रश्नोिं के सिाशहधक उपयुि उत्तर 05x01=05
िािे हिकल्प चुिकर हिखखए :-
जाणर्-प्रर्ा के पोषक जीवन, शारीररक-सुरक्षा र्र्ा सांपणत्त के अणधकार की

स्वर्ांत्रर्ा को र्ो स्वीकार कर िेंगे, परां र्ु मनुष् के सक्षम एवां प्रभावशािी प्रयोग
की स्वर्ां त्रर्ा दे ने के णिए जल्दी र्ैयार नहीां होांगे, क्योांणक इस प्रकार की स्वर्ांत्रर्ा

का अर्त होगा अपना व्यवसाय चुनने की स्वर्ांत्रर्ा णकसी को नहीां है , र्ो उसका
अर्त उसे ‘दासर्ा’ में जकड़कर रिना होगा, क्योांणक ‘दासर्ा’ केवि कानूनी

पराधीनर्ा को नहीां कहा जा सकर्ा। ‘दासर्ा’ में वह खस्र्णर् भी सखिणिर् है
णजससे कुछ व्यखियोां को दू सरे िोगोां के द्वारा णनधात ररर् व्यवहार एवां कर्तव्योां का

पािन करने के णिए णववश होना पड़र्ा है । यह खस्र्णर् कानूनी पराधीनर्ा न होने
पर भी पाई जा सकर्ी है । उदाहरिार्त , जाणर्-प्रर्ा की र्रह ऐसे वगत होना सांभव

है , जहाँ कुछ िोगोां की अपनी इच्छा के णवरुद्ध पेशे अपनाने पड़र्े हैं ।

(क) िेिक के अनुसार जाणर्-प्रर्ा के समर्तक णकस अणधकार को दे ने के णिए राजी 1
नहीां होांगे?

i. जीवन जीने का अणधकार
ii. शारीररक सुरक्षा
iii. सांपणत्त का अणधकार
iv. व्यवसाय का चयन

(ि) दासर्ा में कौन-सी अवधारिा सणमखल्लर् नहीां है ? सही णवकल्प का चयन 1
कीणजए:-

i. स्वाधीनर्ा के सार् जीना
ii. कानूनी पराधीनर्ा का होना
iii. इच्छा के णवरुद्ध कायत करना
iv. दू सरोां द्वारा णनणिर् कायत करना

(ग) मनुष् के प्रभावशािी प्रयोग से िेिक का क्या र्ात्पयत है ? 1

i. दै णहक स्वर्ांत्रर्ा प्रदान करना
ii. शारीररक-सुरक्षा र्र्ा सांपणत्त का अणधकार
iii. अपनी इच्छा से कायत करने की स्वर्ां त्रर्ा

Page 10

iv. अपनी इच्छा से जाणर् के चयन का अणधकार

(घ) जीवन, शारीररक-सुरक्षा र्र्ा सांपणत्त के अणधकार की स्वर्ांत्रर्ा पर णकसी को कोई 1
आपणत्त क्योां नहीां है ?

i. इन अणधकारोां को दे ने के बाद भी दासर्ा की प्रणक्रया बनी रहर्ी है
ii. क्योांणक स्वर्ांत्रर्ा सभी को जाणर् णवरोधी नहीां िगर्ी है
iii. क्योांणक जाणर्-प्रर्ा के पोषकोां को स्वर्ांत्र और सुरणक्षर् रहना णप्रय है
iv. इसके पिार्् समाज में दासर्ा को कानूनी मान्यर्ा दी जा सकर्ी है

(ङ) जाणर्-प्रर्ा के पोषक से िेिक का क्या आशय है ? 1

i. जाणर् के चयन को बिावा दे ने वािे
ii. जाणर्गर् भेदभाव को बिावा दे ने वािे
iii. जाणर्गर् भेदभाव के व्यवहार को णर्िाां जणि दे ने वािे
iv. जाणर् को कानूनी मान्यर्ा दे ने वािे

10. हिम्नहिखखि प्रश्नोिं को ध्यािपूिशक पढ़कर हकन्ी िं दो प्रश्नोिं के िगभग 60 र्ब्दोिं 02x03 =
में उत्तर दीहिए :- 06

(क) जाणर्-प्रर्ा को श्रम-णवभाजन का आधार क्योां नहीां माना जा सकर्ा? पाि से 3
उदाहरि दे कर समझाइए।

(ि) आशय स्पष्ट कीणजए - "बाज़ार णकसी का णिांग, जाणर्, धमत या क्षेत्र नहीां दे िर्ा, वह 3
दे िर्ा है णसफत उसकी क्रय शखि को। इस र्रह वह एक प्रकार से सामाणजक
समर्ा की भी रचना कर रहा है ।"

(ग) ढोिक की आवाज़ का गाँ व के णनवाणसयोां पर क्या प्रभाव पड़र्ा र्ा? पहिवान की 3
ढोिक पाि के आधार पर स्पष्ट कीणजए।

11. हिम्नहिखखि प्रश्नोिं को ध्यािपूिशक पढ़कर हकन्ी िं दो प्रश्नोिं के िगभग 40 र्ब्दोिं 02x02 =
में उत्तर दीहिए :- 04

(क) जीजी ने इां दर सेना पर पानी फेंके जाने को णकस र्रह सही िहराया? कािे मेघा 2
पानी दे पाि के आधार पर स्पष्ट करें ।

(ि) महादे वी जी भखिन के आने जाने से अणधक दे हार्ी कैसे हो गईां? 2

Page 11

(ग) अवधूर् से क्या अणभप्राय है ? णशरीष के फूि पाि के आधार पर स्पष्ट करें णक 2
णशरीष कािजयी अवधूर् कैसे है ?

12. हिम्नहिखखि प्रश्नोिं को ध्यािपूिशक पढ़कर हकन्ी िं दो प्रश्नोिं के िगभग 100 02x05=10
र्ब्दोिं में उत्तर दीहिए :-
(क) समय के सार् यशोधर बाबू की पत्नी स्वयां को ढाि सकने में सफि होर्ी है िेणकन 5
यशोधर बाबू असफि रहर्े हैं । ऐसा क्योां हुआ होगा? कहानी णसल्वर वैणडां ग के
आधार पर र्ाणकतक णटप्पिी करें ।

(ि) जूझ कहानी के आधार पर र्कत सणहर् उत्तर दें णक पिाई-णििाई के सांबांध में 5
िेिक और दत्ता जी राव का रवैया सही र्ा या िेिक के णपर्ा का?

(ग) पुरार्त्व के णकन णचहनोां के आधार पर यह कहा जा सकर्ा है णक-“णसांधु-सभ्यर्ा 5
र्ाकर् से शाणसर् होने की अपेक्षा समझ से अनुशाणसर् सभ्यर्ा र्ी?” अर्ीर् में
दबे पाँ व पाि के अनुसार स्पष्ट करें ।

--x----x----x----x--

Page 12

Study Materials
Notes

Model Papers Class 6 Notes

Sample Papers Class 7 Notes
Half Yearly Sample Papers Class 8 Notes

Class 9 Notes
Important Resources
Class 10 Notes
Periodic Table
Class 11 Notes
Writing Skills / Formats

Maps of India / World Class 12 Notes

Books and Solutions

NCERT Books
NCERT Book Solutions
HC Verma Chapter Wise Solutions
RD Sharma Solutions
CGBSE Solutions

Document Details

Board / OrgCBSE
ExamClass 12
TypeSample Paper
Pages12
Updated24 Sep 2026