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NCERT Solutions for Class 10 Maths (गणित) Chapter 10 वृत

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NCERT Solutions for Class 10 Maths (गणित) Chapter 10 वृत - Page 1 of 18

About NCERT Solutions for Class 10 Maths (गणित) Chapter 10 वृत

NCERT Solutions for Class 10 Maths (गणित) Chapter 10 वृत is available here for free download. Published by NCERT for Class 10, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (18 pages). Candidates preparing for Class 10 can use NCERT Solutions for Class 10 Maths (गणित) Chapter 10 वृत to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

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NCERT Solutions for Class 10 Maths (गणित) Chapter 10 वृत – Text

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Page 2

Class : 10th
Subject : Mathematics
Chapter : 10
Chapter Name : वृ

प्र नावली 10.1

Q1 एक वृ की िकतनी पश रेखाएँ हो सकती है?

ु ं से एक पश रेखा खी ंची जा सकती है अतः वृ की अनिगनत पश रेखाएँ हो सकती है ।
Answer. चूिं क वृ की पिरिध पर अनिगनत िबंद ु होते है और सभी िबंदओ

Page : 231 , Block Name : प्र नावली 10.1

Q2 िर त थानों की पूित कीिजए:
(i) िकसी वृ की पश रेखा उसे ____ िबंदओ ु ं पर प्रित छे द करती है।
(ii) वृ को दो िबंदओ
ु ं पर प्रित छे द करने वाली रेखा को _____ कहते ह।
(iii) एक वृ की ____ समांतर पश रेखाएँ हो सकती है।
(iv) वृ तथा उसकी पश रेखा के उभयिन ठ िबंद ु को ____ कहते है।

(i) एक
(ii) ेदक रेखा
(iii) दो
(iv) पश िबंद ु

Page : 231 , Block Name : प्र नावली 10.1

Q3 5 सेमी ित्र या वाले एक वृ के िबंद ु P पर पश रेखा PO कद्र O से जाने वाली एक रेखा से िबंद ु Q पर इस प्रकार िमलती है िक OQ=12 सेमी। PQ की लंबाई है:
(a)12सेमी (b) 13सेमी (c) 8.5सेमी (d)√119सेमी

Page 3

चूिं क ित्र या पश रेखा पर ल ब होती है अतः△OP Q समकोण ित्रभुज है। OP ⊥ PQ , कोण P समकोण है।
अब , △OP Q म पाइथागोरस प्रमेय से,
2 2 2
OP + PQ = OQ
2 2 2
5 + PQ = 12
2
25 + P Q = 144
2
PQ = 144 − 25
2
PQ = 119

P Q = √119 सेमी
अतः िवक प (d) सही उ र है।

Page : 232 , Block Name : प्र नावली 10.1

Q4 एक वृ खी ंिचए और एक दी गई रेखा के समांतर दो ऐसी रेखाएँ खी ंिचए िक उनम से एक पश रेखा हो तथा दूसरी छे दक रेखा हो।

Page 4

सबसे पहले एक P के द्र का वृ बनाया।
अब मान िलया XY कोई रेखा है।
P को के द्र मानकर, रेखा XY पर शीषलंब खी ंचा, जो िक XY को िबंद ु S पर प्रित छे िदत करता है।
अब PS पर R और Q दो िबंद ु इस तरह लेते है िक िबंद ु R वृ पर तथा िबंद ु Q वृ के अंदर है।
R और Q से होकर जाने वाली तथा XY के समांतर दो रेखाएँ GH और NO आव यक रेखाएँ है। जहाँ GH पश रेखा तथा NO छे दक रेखा है।

Page : 232 , Block Name : प्र नावली 10.1

प्र नावली 10.2

Q1 एक िबंद ु Q से एक वृ पर पश रेखा की लंबाई 24cm तथा कद्र से दूरी 25cm है।
वृ की ित्र या हैः
(A)7cm (B)12cm (C)15cm (D)24.5cm

Page 5

Answer. माना वृ का के द्र L तथा वृ पर M पश िबंद ु है। अतः
MQ=24cm तथा LQ=25cm और LM वृ की ित्र या है।
चूिं क M पश िबंद ु तथा MQ पश रेखा है, इसिलये कोण M समकोण और △LM Q समकोण △ है।
अतः △LM Q म पाइथागोरस प्रमेय से,
2 2 2
LM + MQ = LQ
2
LM + 576 = 625
2
LM = 625 − 576

LM = √49

LM=7 cm
अतः िवक प (A) सही उ र है।

Page : 236 , Block Name : प्र नावली 10.2

Q2 यिद TP,TQ कद्र O वाले िकसी वृ पर दो पश रेखाएँ इस प्रकार ह िक ∠ = 110 , तो ∠P T Q बराबर हैः
o

(A)60 (B)70
o o

(C)80 (D)90
o o

Page 6

के द्र O वाले वृ की दो पश रेखाएँ TP तथा TQ है, अतः T P ⊥OP और T Q⊥OQ
o o
∠T P O = 90 और ∠T OQ = 90

अब चतुभज ु TPOQ म
o
∠T P O + ∠P OQ + ∠T QO + ∠QT P = 360
o o o o
90 + 110 + 90 + ∠P T Q = 360
o o
∠P T Q + 290 = 360
o o
∠P T Q = 360 − 290
o
∠P T Q = 70

अतः िवक प (B) सही उ र है।

Page : 236 , Block Name : प्र नावली 10.2

Q3 यिद एक िबंद ु P से Q के द्र वाले िकसी वृ पर PA , PB पश रेखाएँ पर पर 80 के कोण पर झुकी हों , तो ∠P OAबराबर हैः
o

(A)50 (B)60 (C)70 (D)80
o o o o

Page 8

के द्र O वाले वृ की दो पश रेखाएँ PA तथा PB ह , तथा OA और OB वृ की ित्रजाएँ होंगी। अतः P A⊥OA और P B⊥OB और ∠P AO = 90 तथा ∠P BO = 90
o o

अब चतुभज ु OAPB म
o
∠P AO + ∠AOB + ∠OBP + ∠BP A = 360
o o o
90 + ∠AOB + 90 = 360
o o
260 + ∠AOB = 360
o o
∠AOB = 360 − 260
o
∠AOB = 100

अब △OP B और △OP A म
(i)उभयिन ठ, OP=OP
(ii)वृ की ित्रजाएँ, OB=OA
(iii) पश रेखाएँ, BP=AP
∴ △OP B ≅ △OP A

इसिलए ∠P OB = ∠P OA
o
∴ ∠AOB = 100
o
∠AOP + ∠BOP = 100
o
2∠P OA = 100
o
∠P OA = 50

अतः िवक प (A) सही उ र है।

Page : 236 , Block Name : प्र नावली 10.2

Q4 िस कीिजए िक िकसी वृ के िकसी यास के िसरों पर खी ंची गई पश रेखाएँ समांतर होती है।

माना कद्र C वाले वृ का यास LM है तथा WX और YZ यास LM के िसरों पर खी ंची गई दो पश रेखाएँ है । हम जानत है िक LM यास है तथा C वृ का कद्र है ,इसिलए CL तथा CM वृ की
ित्रजाएँ हुई| ित्रजाएँ पश रेखाओं पर समल ब होती है, अथात CL⊥W X और CM ⊥Y Z .
∴ ∠CLW = 90 और∠CLX = 90 -(1)
o o

तथा ∠CM Y = 90 और∠CM Z = 90 -(2)o o

Page 9

पिरणाम (1) व (2) से ,
(एकांतर कोण)
o
∠CLW = ∠CM Z = 90

(एकांतर कोण)
o
∠CLX = ∠CM Y = 90

चूिं क उपरो त एकांतर कोण बराबर ह इसिलए WX और YZ समांतर रेखाएँ ह।

Page : 236 , Block Name : प्र नावली 10.2

Q5 िस कीिजए िक पश िबंद ु से पश रेखा पर खी ंचा गया लंब वृ के कद्र से होकर जाता है।

माना कद्र C वाले वृ िक पश रेखा XY तथा पश िबंद ु Z है। हमने माना िक िबंद ु Z से पश रेखा खी ंचा गया लंब वृ के कद्र C से होकर नही ं गुजरता तथा C’ िबंद ु से होकर गुजरता है। CZ तथा
C’Z को जोड़ा।
Z से पश रेखा XY पर खी ंचा गया लंब C’ से होकर गुजरता है।
इसिलए , ∠C ZY = 90 -(1)
′ o

चूिं क ित्र या पश रेखा पर लंब होती है, इसिलए
∠CZY = 90 -(2)
o

समीकरण (1) व (2) की तुलना करने पर ,
∠C ZY = ∠CZY -(3)
′

िचत्रानुसार यह प ट है िक ∠C ZY < ∠CZY -(4)
′

अतः समीकरण (3) संभव नही ं है। यह तभी संभव है जब C तथा C’ तथा CZ तथा C’Z संपाती रेखाएँ हो। इसिलए से पश रेखा पर खी ंचा गया लंब वृ के कद्र से होकर गुजरता है।

Page : 236 , Block Name : प्र नावली 10.2

Q6 एक िबंद ु A से , जो एक वृ के कद्र से 5cm दूरी पर है, वृ की पश रेखा की लंबाई 4cm है।वृ की ित्र या ात कीिजए।

Page 10

िचत्रानुसार कद्र C वाले वृ िक पश रेखा AX है जो X पर पश करती है। अतः CA=5cm , AX=4cm. CX वृ की ित्र या और AX पर लंब है। अतः ∠CXA = 90 ,
o

अब △CXA , म पाइथागोरस प्रमेय से,
2 2 2
AX + CX = AC
2 2 2
CX + 4 = 5
2
CX + 16 = 25
2
CX = 25 − 16

CX = √9

CX=3 सेमी
अतः वृ की ित्र या 3 सेमी है।

Page : 236 , Block Name : प्र नावली 10.2

Q7 दो संकद्रीय वृ ों की ित्र याएँ 5cm तथा 3cm है। बड़े वृ की उस जीवा की लंबाई ात कीिजए जो छोटे वृ को पश करती हो।

Page 11

िचत्रानुसार कद्र P वाले दो संकद्रीय वृ ों की ित्र याएँ PX=5cm तथा PZ=3cm है। XY बड़े वृ की जीवा है जो िक छोटे वृ को Z पर छू रही है। XY छोटे वृ की पश रेखा है। PZ छोटे वृ
की ित्र या है। अतः P Z⊥XY
△P XZ , म पाइथागोरस प्रमेय से,
2 2 2
PZ + XZ = PX
2 2 2
3 + XZ = 5
2
XZ = 25 − 9
2
XZ = 16

XZ = √16

XZ=4cm
∵ P Z⊥XY , इसिलए
∴XY=2XZ=2 × 4=8cm
अतः जीवा की लंबाई 8cm होगी।

Page : 236 , Block Name : प्र नावली 10.2

Q8 एक वृ के पिरगत एक चतुभज
ु ABCD खी ंचा गया है। िस कीिजए:
AB+CD=AD+BC

Page 12

िकसी वृ के एक बाहय िबंद ु से खी ंची गई पश रेखाएँ समान है।
इसिलए ,
DG=DH -(1)
CG=CF -(2)
BE=BF -(3)
AE=AH -(4)
समीकरण (1),(2),(3),(4) को जोड़ने पर,
(DG+CG)+(BE+AE)=(DH+AH)+(CF+BF)
CD+AB=AD+BC
AB+CD=AD+BC

Page : 236 , Block Name : प्र नावली 10.2

Q9 आकृित म XY तथा X’Y’ , O कद्र वाले िकसी वृ पर दो समांतर पश रेखाएँ है और पश िबंद ु C पर पश रेखा AB , XY को A तथा X’Y’ को पर प्रित छे द करती है। िस कीिजए िक
o
∠AOB = 90 है।

Page 13

Answer. △ OAC व △ OAL म
OC=OL (ित्र याएँ)
AC=AL ( पश रेखाएँ)
OA=OA (उभयिन ठ)
अतः △OAC ≅ △OAL[SSS सवासमता से]
∠COA = ∠LOA -(1)

इसी प्रकार △BOC ≅ △BOM
∠BOC = ∠BOM -(2)

∵ LOM वृ का यास है अतः एक सरल रेखा है।
o
∠LOA + ∠COA + ∠BOC + ∠BOM = 180

समीकरण (1) और (2) से,
o
2∠COA + 2∠COB = 180
o
∠COA + ∠COB = 90
o
∠AOB = 90

Page : 236 , Block Name : प्र नावली 10.2

Q10 िस कीिजए िक िकसी बा िबंद ु से िकसी वृ पर खी ंची गई पश रेखाओं के बीच का कोण पश िबंदओ
ु ं को िमलाने वाले रेखाखंड ारा कद्र पर अतंिरत कोण का संपरू क होता है।

Page 14

िचत्रानुसार कद्र C वाले वृ की पश रेखाएँ QP और QR है , जो वृ को P तथा R पश करती है।
CP तथा CR वृ की ित्र याएँ है। अतः CP ⊥P Q तथा CR⊥QR.
o o
∴ ∠CP Q = 90 और ∠CRQ = 90

चतुभजु CPQRम ,
o
∠CP Q + ∠P QR + ∠QRO + ∠RCP = 360
o o o
90 + ∠P QR + 90 + ∠RCP = 360
o o
∠P QR + ∠P CR = 360 − 180
o
∠P QR + ∠P CR = 180
o
∠P QR = 180 − ∠P CR

ु ं को जोड़ने वाली रेखा ारा कद्र पर बने कोण का संपरू क होता है।
अतः िकसी बा िबंद ु से वृ पर बनाई गई पश रेखाओं के बीच बना कोण पश िबंदओ

Page : 237 , Block Name : प्र नावली 10.2

Q11 िस कीिजए िक िकसी वृ के पिरगत समांतर चतुभज
ु समचतुभज
ु होता है।

Page 15

िचत्रानुसार MNOP िदया गया चतुभज ु है जो वृ के पिरगत है।
अतः MN=OP -(1)
और NO=MP -(2)
चूिं क एक ही बा िबंद ु से िकसी वृ पर बनाई गई पश रेखाएँ बराबर होती है, इसिलए
PZ=PW -(3)
MX=MW -(4)
XN=YN -(8)
OZ=OY -(6)
समीकरण (3),(4),(5) व (6) से,
(ZP+OZ)+(XM+XN)=(PW+MW)+(NY+ON)
OP+MN=MP+NO
समीकरण (1) व (2) से,
2MN=2ON
MN=ON -(7)
समीकरण (1) , (2) व (7) से,
MN=ON=OP=PM
अतः MNOP एक समचतुभज ु है।

Page : 237 , Block Name : प्र नावली 10.2

Q12 4cm ित्र या वाले एक वृ के पिरगत एक ित्रभुज ABC इस प्रकार खी ंचा गया है िक रेखाखंड BD और DC (िजनम पश िबंद ु D ारा BC िवभािजत है) की लंबाइयाँ क्रमशः 8cm और 6cm है
। भुजाएँ AB और AC ात कीिजए।

Page 16

Answer. िचत्रानुसार AB तथा AC ारा वृ के पश िबंद ु क्रमशः P तथा Q है।
माना AP=a cm
चूिं क एक ही बा िबंद ु से वृ पर बनाई गई पश रेखाएँ बराबर होती है,
CD=CQ=6 cm
DB=BP=8 cm
AP=AQ=a cm
AB=a+8
BC=6+8=14 cm
AC=a+6
△ABC म ,

2s=AB+BC+CA=a+814+6+a
2s=2a+28
s=a+14
△ABC का ेतर् फल
=√s(s − a)(s − b)(s − c)
= √(a + 14)[(a + 14 − 14)(a + 14 − 8 − a)(a + 14 − 6 − a)]

= √(a + 14)a × 6 × 8

= √48a(a + 14)
2
= 4√3a(a + 14)cm

Page 17

1 1
अब , △OBC का ेतर् फल= × OD × BC = × 4 × 14 = 28cm
2

2 2
1 1
△OCA का ेतर् फल= × OQ × AC = × 4(6 + a) = (12 + 2a)cm
2

2 2
1 1
△OAB का ेतर् फल= × OP × AB = × 4(8 + a) = 16 + 2acm △ABC
2
का ेतर् फल=4√3a(a + 14)cm 2

2 2

28 + 12 + 2a + 16 + 2a = 4√3a(a + 14)

56 + 4a = 4√3a(a + 14)

√3a(a + 14) = 14 + a
2
3a(a + 14) = 14 + a
2 2
3a + 42a = 196 + a + 28a
2
2a + +14a − 196 = 0
2
a + 7a − 98 = 0
2
a + 14a − 7a − 98 = 0

a(a+14)-7(a+14)=0
(a-7)(a+14)=0
a+14=0 या a-7=0
a=-14 या a=7
a ित्रभुज की भुजा है , अतः a=7 सेमी
इसिलए , AB=a+8=7+8=15 सेमी
और AC=6+a=6+7=13 सेमी

Page : 237 , Block Name : प्र नावली 10.2

Q13 िस कीिजए िक वृ के पिरगत बनी चतुभज
ु की आमने-सामने की भुजाएँ कद्र पर संपरू क कोण अतंिरत करती है।

िचत्रानुसार कद्र C वाले वृ के पिरगत चतुभज
ु WXYZ है। िजसके वृ पर पश िबंद ु क्रमशः D,E,F और G ह।
D,E,R तथा Fको कद्र G से जोड़ते ह।
अब △CW Gव△CW D म ,
CW=CW (उभयिन ठ)
CG=CD (ित्र याएँ)
WG=WD ( W से वृ पर खी ंची पश रेखाएँ)
△CW G ≅ △CW D [SSS सवासमता से]

∴ ∠GCW = ∠DCW अथात ∠1 = ∠8

अब ∠2 = ∠3
∠4 = ∠5

तथा ∠6 = ∠7
िबंद ु ‘C’ के कोणों का योग =360 o

o
∠1 + ∠2 + ∠3 + ∠4 + ∠5 + ∠6 + ∠7 + ∠8 = 360
o
(∠1 + ∠8) + (∠2 + ∠3) + (∠4 + ∠5) + (∠6 + ∠7) = 360
o
2∠1 + 2∠2 + 2∠5 + 2∠6 = 360
o
2(∠1 + ∠2) + 2(∠5 + ∠6) = 360
o
(∠1 + ∠2) + (∠5 + ∠6) = 180
o
∠W CX + ∠ZCY = 180
o
∠XCY + ∠ZCW = 180

ु की स मुख भुजाएँ कद्र पर संपरू क कोण बनाती है।
चतुभज

Page 18

Page : 237 , Block Name : प्र नावली 10.2

Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 10
TypeSolution
Pages18
Languagehindi
Updated22 Jul 2026