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NCERT
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CLASS - 8TH
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Book : Vasant Ncert Solutions | Chapter - 13 Hindi
Class : 8th
Subject : वसंत
Chapter : 13
Chapter Name : जह ाँ पहहय हैं
Q1 ''उन जंजीर ं क त ड़ने क हजनमें वे जकड़े हुए हैं, क ई-न-क ई तरीक ल ग हनक ल ही लेते हैं...''
आपके हवच र से लेखक 'जंजीर 'ं द्व र हकन समस्य ओं की ओर इश र कर रह है ?
Answer. लेखक जंजीर द्व र महहल ओं के हलए चली आ रही रूहिव दी प्रथ ओं की ओर इश र कर रह हैं |
Page : 79, Block Name : जंजीरे
Q2 क्य आप लेखक की इस ब त से सहमत हैं ? अपने उत्तर क क रण भी बत इए।
Answer. जंजीर में बंध-कर क ई भी ज्य द हदन तक नहीं रह सकत | सभी क अपनी व्यक्तिगत आज दी च हहए
ह ती हैं |और इस आज दी क प ने के हलए इं स न क ई न क ई र स्त ख ज ही लेत हैं | ऐस ही कुछ पुडुक ट्टई की
महहल ओं ने हकय | वह ाँ की महहल ओं ने अपनी आज दी और आत्महनभभरत के हलए स इहकल चल न आरम्भ हकय |
Page : 80, Block Name : जंजीरे
Q1 ‘स इहकल आं द लन' से पुडुक ट्टई की महहल ओं के जीवन में कौन-कौन से बदल व आए हैं ?
Answer. स इहकल आं द लन ने पुडुक ट्टई की महहल ओं क बहुत आत्महवश्व स प्रद न हकय | महहल यें आत्महनभभर
बनी हजससे उनकी आहथभक क्तथथहत में भी सुध र हुआ| उन्हें एक नय कौशल सीखने क मौक हमल | वे अपने अहधक र ं
के प्रहत सजग हुई और उन्हें अपनी स्व धीनत क एहस स हुआ|
Page : 80, Block Name : पहहय
Q2 शुरूआत में पुरुष ं ने इस आं द लन क हवर ध हकय परं तु आर. स इहकल्स के म हलक ने इसक समथभन हकय ,
क्य ?
ं
Answer. शुरुआत में जह ं अन्य पुरुष ं ने इस आं द लन क हवर ध हकय वही आर. स इहकल्स के म हलक ने इसक
समथभन हकय | क्य हं क वह अकेले डीलर थे हजनके यह ं स ल-भर में ही लेडीज स इहकल की हबक्री में क फी वृक्ति हुई|
ये आं द लन उनके व्य प र के हलए फ यदे मंद थ |
Page : 80, Block Name : पहहय
Q3 प्र रं भ में इस आं द लन क चल ने में कौन-कौन सी ब ध आई?
Answer. प्र रं भ में इस आं द लन क चल ने में बहुत सी ब ध ये आयी| जब महहल यें स इहकल पर हनकलती त ल ग
उन पर फक्तिय ाँ कसते थे| उनकी हहम्मत क त ड़ने की क हशश करते थे पर महहल ओं ने ह र नहीं म नी| पय भ प्त
म त्र में लेडीज स इकल उपलब्ध न ह ने पर महहल ये जेंट्स स इहकल ही खरीदने लगी|
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Book : Vasant Ncert Solutions | Chapter - 13 Hindi
Page : 80, Block Name : पहहय
Q1 आपके हवच र से लेखक ने इस प ठ क न म 'जह ाँ पहहय है ' क्य ं रख ह ग ?
Answer. लेखक ने स इहकल आं द लन की वजह से इस प ठ न म 'जह ाँ पहहय है' रख ह ग |
Page : 80, Block Name : शीषभक की ब त
Q2 अपने मन से इस प ठ क क ई दू सर शीषभक सुझ इए। अपने हदए हुए शीषभक के पक्ष में तकभ दीहजए।
Answer. इस प ठ क शीषभक 'स इहकल अहभय न' भी ह सकत थ | महहल ओं के जीवन में स इहकल ने ही क्र ंहत
ल यी थी| इस स इहकल अहभय न की वजह से ही पुडुक ट्टई की महहल ये आत्महनभभर बनी और उन्हें अपनी आज दी
क एहस स हुआ|
Page : 80, Block Name : शीषभक की ब त
Q1 "ल ग ं के हलए यह समझन बड़ कहठन है हक ग्र मीण औरत ं के हलए यह हकतनी बड़ी चीज है | उनके हलए त
यह हव ई जह ज उड़ ने जैसी बड़ी उपलक्तब्ध है |"
स इहकल चल न ग्र मीण महहल ओं के हलए इतन महत्वपूणभ क्य ं है ? समूह बन कर चच भ कीहजए |
Answer. ग ाँ व में महहल ओं क घर से ब हर हनकलने की भी आज दी नहीं ह ती है | ऐसे में स इकल चल न उनके
हलए हव ई जह ज उड़ ने जैसी बड़ी उपलक्तब्ध है | ग्र मीण महहल ओं ने अपनी आज दी और आत्महनभभरत के हलए
स इहकल चल न आरम्भ हकय | महहल ये आत्महनभभर बनी और उन्हें अपनी आज दी क एहस स हुआ|
Page : 80, Block Name : समझने की ब त
Q2 “पुडुक ट्टई पहुाँ चने से पहले मैंने इस हवनम्र सव री के ब रे में इस तरह स च ही नहीं थ |"
स इहकल क हवनम्र सव री क्य ं कह गय हैं ?
Answer. खक ने कभी भी स इहकल क आज दी क प्रतीक नहीं समझ थ | लेहकन जब उसने पुडुक ट्टई की
महहल ओं से ब त की त उसे इसक एहस स हुआ|
Page : 80, Block Name : समझने की ब त
Q1 फ हतम ने कह ,”…मैं हकर ए पर स इहकल लेती हाँ त हक मैं आज दी और खुशह ली क अनुभव कर सकूाँ।”
स इहकल चल ने से फ हतम और पुडुक ट्टई की महहल ओं क ‘आज दी’ क अनुभव क्य ं ह त ह ग ?
Answer. हम रे सम ज में आज भी महहल ओं क पुरुष ं से कम ही समझ ज त हैं | महहल ओं क घर से ब हर
हनकलने की, क ई क म करने की मन ही ह ती हैं | ऐसे में स इहकल चल कर और आत्महनभभर ह कर पुडुक ट्टई की
महहल ओं क अपनी आज दी क अनुभव हुआ|
Page : 80, Block Name : स इहकल
Q1 पुडुक ट्टई में क ई महहल अगर चुन व लड़ती त अपन प टी - हचन्ह क्य बन ती और क्य ?
ं
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Book : Vasant Ncert Solutions | Chapter - 13 Hindi
Answer. पुडुक ट्टई में क ई महहल अगर चुन व लड़ती त अपन प टी - हचन्ह स इहकल ही बन ती क्य हं क इसी
स इहकल ने उनके जीवन में सुखद बदल व ल य थ |
Page : 81, Block Name : कल्पन से
Q2 अगर दु हनय के सभी पहहये हड़त ल कर दे त क्य ह ग ?
Answer. अगर दु हनय के सभी पहहये हड़त ल कर दे त आम जन जीवन बुरी तरह से प्रभ हवत ह ग | क्य हं क हबन
य त य त के स धन ं के क ई क म संभव नहीं ह प येग |
Page : 81, Block Name : कल्पन से
Q3 "1992 में अंतर भष्ट्रीय महहल हदवस के ब द अब यह हजल कभी भी पहले जैस नहीं ह सकत |"
इस कथन क अहभप्र य स्पष्ट् कीहजये|
Answer. 1992 में अंतर भष्ट्रीय महहल हदवस के अवसर पर 1500 महहल ओं ने स इकल पर सव र ह कर पुडुक ट्टई
में तूफ न ल हदय | पहले वह ं की महहल यें घर की च रदीव री में ही रहती थी लेहकन अब ऐस ह न न मुमहकन थ |
अब महहल ये घर से ब हर हनकलकर अपनी आज दी क जी रही थी|
Page : 81, Block Name : कल्पन से
Q5 अगले पृष्ठ पर दी गयी 'हपत के ब द' की कहवत पहिए। क्य कहवत में और फ हतम की ब त में क ई सम्बन्ध ह
सकत है ? अपने हवच र हलक्तखए।
Answer. कहवत के अनुस र एक हपत अपनी पुत्री क घर के हचर ग के रूप में दे ख रह है उसने हबन हकसी भेदभ व
के अपनी पुत्री क सभी लड़क ं सम न क यभ करने की अनुमहत दी है । स म हजक ध रण के अनुस र स ईहकल पुरुष
की सव री है परन्तु अब क्तिय ं क भी स म न रूप से अहधक र ह गय है अथ भ त वे अब आत्महनभभर ह चुकी है ।
Page : 81, Block Name : कल्पन से
Q6 उपसगों और प्रत्यय ं के ब रे में आप ज न चुके हैं । इस प ठ में आए उपसगभयुि शब् ं क छ ाँहटए। उनके मूल
शब् भी हलक्तखए। आपकी सह यत के हलए इस प ठ में प्रयुि कुछ ‘उपसगभ’ और ‘प्रत्यय’ इस प्रक र हैं -अहभ, प्र,
अनु, परर, हव(उपसगभ), इक, व ल , त , न ।
Answer.
अहभ – अहभम न
प्र – प्रहशक्षण
अनु – अनुम न
परर – पररवहन
हव – हवक स
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इक – स म हजक
व ल – चल नेव ल
त – गहतशीलत
न - घूमन
Page : 81, Block Name : भ ष की ब त
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